काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे थे कुछ लोग, मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप; सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने शहर में चलाया सघन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान
रांची। राजधानी रांची में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने से चतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण करने का प्रयास करने की सूचना पुलिस को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस तत्काल हरकत में आ गई और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया।
पुलिस को 7 सितंबर 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति काले रंग की स्कॉर्पियो से एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने विधायक के बेटे सौरभ के साथ मारपीट की और इसके बाद उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गए।
सूचना मिलते ही शहर में शुरू हुई नाकेबंदी
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बिना समय गंवाए शहर के विभिन्न हिस्सों में एंटी क्राइम चेकिंग शुरू कर दी। प्रमुख मार्गों और संभावित रास्तों पर पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गईं। विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ स्थानीय विधानसभा थाना की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सकुशल बरामद हुए सौरभ
रांची पुलिस के अनुसार, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अत्यल्प समय में विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया।
सौरभ के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, उन्हें किन लोगों ने जबरन गाड़ी में बैठाया, घटना के पीछे क्या कारण था और मारपीट क्यों की गई—इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आरोपियों की तलाश और पूछताछ पर नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले संभावित सुरागों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सौरभ को कहां ले जाया गया था और इस पूरी घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
त्वरित पुलिस कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
राजधानी में विधायक के बेटे को कथित रूप से जबरन ले जाने की सूचना ने पुलिस महकमे में भी तत्काल सक्रियता बढ़ा दी। सूचना मिलते ही शहर में चेकिंग अभियान शुरू करना और बेहद कम समय में सौरभ को सकुशल बरामद कर लेना रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह घटना वास्तव में अपहरण थी या इसके पीछे कोई अन्य विवाद अथवा कारण था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और विधि-सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।