रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
- पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
- किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा जैसे हथियार लेकर चलना।
- किसी प्रकार की सभा, बैठक या आमसभा का आयोजन।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री ने 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली गोड्डा की उभरती मुक्केबाज से अपने रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने शिक्षा कुमारी को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि शिक्षा कुमारी ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह गोड्डा सहित पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शिक्षा कुमारी की सफलता उन सभी युवतियों के लिए प्रेरणादायक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
मुलाकात के दौरान शिक्षा कुमारी ने मंत्री को अपनी तैयारियों, प्रतियोगिता के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि शिक्षा आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।
गौरतलब है कि झारखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन एवं सरायकेला-खरसावां जिला बॉक्सिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 40-43 किलोग्राम भार वर्ग में शिक्षा कुमारी ने पश्चिम सिंहभूम की खिलाड़ी सिली को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करें।
शिक्षा कुमारी की इस उपलब्धि से गोड्डा जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। उनकी सफलता को झारखंड में महिला खेल प्रतिभाओं के उभरते हुए भविष्य का प्रतीक माना जा रहा है।
हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।
JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री से सरायकेला-खरसावाँ के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली को लेकर समाज में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी पहल करने की मांग की। साथ ही ग्राम प्रधानों के चयन से संबंधित अपनी मांगों और शंकाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सभी न्यायसंगत मांगों, सुझावों और शंकाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का मुख्य उद्देश्य झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार प्रदान करना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और ग्राम स्वशासन की परंपरा से है। राज्य सरकार इन परंपराओं को संरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को केवल अधिकार संपन्न बनाना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा ग्राम प्रधानों की भूमिका और अधिकारों को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की राय लेकर ऐसा वातावरण तैयार करेगी जिससे किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे और पेसा नियमावली का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर श्यामल पांडे, अरूप सिंह, वासुदेव महतो, लक्ष्मण गोप, महादेव सिंह, पद्मलोचन गोप, प्रेमचंद महतो, ज्ञानचंद महतो, कार्तिक चंद्र महतो, रामापति महतो, बी. गोराई, प्रभात रंजन महतो सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बरहरवा। महाविद्यालय बरहरवा में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष थॉमस रॉबर्ट की उपस्थिति एवं कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर की नेतृत्व में चार सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को ज्ञापन सोपा गया। जिसमें यूजी के नए सत्र की नामांकन, परीक्षा प्रपत्र की तिथि विस्तृत एवं परीक्षा परिणाम में हो रही देरी की माँग शामिल है। ज्ञापन में बताया गया कि
1. यूजी सत्र 2026-30 की नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्दी शुरू किया जाए।
2. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि विलंब शुल्क रहित विस्तृत किया जाए। केवल 5 दिन में परीक्षा प्रपत्र भरना संभव नहीं है।
3. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा Memo No.- SKMU/Exam/ 182/26 के अनुसार दिनांक 24 जून 2026 से प्रारंभ हो रही है परंतु इतने कम समय में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना संभव नहीं है, जिससे छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कृपया पाठ्यक्रम में कटौती की जाए अर्थात कोई विकल्पिक सुविधा छात्रों को दिया जाए ।
4. यूजी सेमेस्टर- 1 सत्र 2025-29 एवं यूजी सेमेस्टर- 4 सत्र 2023-27 की परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी किया जाए सत्र अधिक विलंब से चल रही है।
कुलपति महोदय से एनएसयूआई ने अनुरोध किया कि उपरोक्त बिंदु पर अभिलंब ध्यान दें एवं त्वरित संज्ञान में लिया जाए।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने बताया कि परीक्षा परिणाम में राज्यपाल के आदेशों घोर उल्लंघन किया जा रहा एवं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर जारी करने का आदेश है, परंतु महीने दो महीने कभी-कभी 3 महीने भी बीत जाते हैं तब परीक्षा परिणाम आता है। जब छात्रा द्वारा मांग क्या जाता है तभी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद खुलती है एवं वह अपनी कदम उठाती है। अन्यथा सोई हुई रहती है। परीक्षा प्रपत्र भरने में मात्र 5 दिन का समय दिया गया है जो संभव नहीं है क्योंकि यह ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्र है ज्ञात आर्थिक कमजोरी भी है एवं इतने कम समय में छात्रों द्वारा परीक्षा शुल्क एकत्रित करना संभव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी का या खराब मानसिकता परीक्षा की तैयारी में मात्र 22 दिन का समय मिल रहा है। छात्रों पर मानसिक तनाव एवं प्रताड़ना है। जब छात्रा द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा निकलती है तो उन्हें झूठी आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अपने हक और लापरवाह विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लड़ रही है। सोयेब अख्तर ने अनुरोध किया कि हमारे संथाल परगना के जितने भी जनप्रतिनिधि है ऐसे शैक्षिक समस्याओं को त्वरित संज्ञान में ले एवं इसकी समाधान तथा आलोचना अपने स्तर से अवश्य करें।
मौके पर नगर अध्यक्ष सत्यम यादव, एनएसयूआई सदस्य जसीम अख्तर , शिवम भगत, रेबल इस्लाम, मो मुसलेद्दीन, आशु साह अक्षय भगत, सुरज ठाकुर, रौशन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
ब्यूरो। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बैनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां उनके सामने लोगों ने "चोर-चोर" के नारे लगाए। घटना के दौरान धक्का-मुक्की के साथ किसी चीज से हमला कर दिया गया जिसके बाद सांसद कल्याण बैनर्जी जमीन पर गिर गए और हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर पत्थर, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं तथा यह हमला पूर्व नियोजित था।
सूत्रों के अनुसार, हुगली में कल्याण बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। "चोर-चोर" के नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
लगातार दो दिनों में TMC के शीर्ष नेताओं के साथ हुई इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और चुनाव बाद तनाव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। TMC इन घटनाओं को विपक्षी दलों की साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष आरोपों को खारिज कर रहा है।
रांची । झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू को मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 मे क्षेत्रीय भाषाओं में मगही अंगिका भोजपुरी को शामिल किए जाने संबंधी विस्तृत लिखित सुझाव सौंपा गया। इस दौरान मांग की गई कि राज्य की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को परीक्षा में उचित स्थान दिया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन JTET 2026 की वर्तमान अधिसूचना में इन भाषाओं को स्थान नहीं दिया गया है। इसके अलावा मैथिली जैसी महत्वपूर्ण भाषा को भी परीक्षा से बाहर रखा गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पहचान को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं को पढ़ने, लिखने और बोलने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में इन भाषाओं के विकल्पों का विस्तार आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जनजातीय भाषाओं की सूची में असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी महत्वपूर्ण जनजातीय भाषाओं को शामिल नहीं किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही संथाल परगना क्षेत्र के किसी भी जिले में कुरमाली भाषा को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लाखों में है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए सभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी भाषा की उपेक्षा राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विरासत के साथ अन्याय है।
ज्ञापन के माध्यम से मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने आग्रह किया गया कि JTET 2026 की अधिसूचना पर पुनर्विचार करते हुए अंगिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली, कुरमाली, असुर, बिरहोर, माल्तो सहित अन्य जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को परीक्षा में शामिल किया जाए, ताकि राज्य के सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और झारखंड की भाषाई विविधता को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो।
ब्यूरो। तेल कंपनी द्वारा हफ़्ते से भी कम समय में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद रांची, लखनऊ और पटना के लोगों ने बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे महंगाई और बढ़ेगी।
सोमवार को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, झारखंड में पेट्रोल की औसत कीमत 103.28 रु प्रति लीटर और डीज़ल 98.23 रु प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 99.20 रु और डीज़ल 92.56 रु प्रति लीटर तथा बिहार में पेट्रोल 112.18 रु और डीज़ल 98.24 रु प्रति लीटर दर्ज किया गया।
लोगों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हालिया बदलाव से न सिर्फ़ आना-जाना महंगा होगा, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने से सब्ज़ियों, अनाज और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।
रांची में आने-जाने वाले लोगों ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों का असर घर के हर खर्च पर पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इसका असर बहुत ज़्यादा है। सब कुछ महंगा हो गया है। अगर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर आने-जाने और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ता है। टमाटर की कीमतें पहले से ही ज़्यादा हैं। जब ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो आलू और प्याज़ जैसी सब्ज़ियों से लेकर आटा और चावल तक सब कुछ महंगा हो जाता है। आम लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।”
कुछ लोगों ने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नाराज़गी भी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
रांची। झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा । ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी । इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है । हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी । ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है ।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली । मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है । समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है । ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है । विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए । दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है । समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा । सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए । उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए , उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है । उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो , माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए । शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए । उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया ।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है । इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा । हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है । समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है , बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है । इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है । राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया । अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है । समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां SHG से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो । राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है । जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई । उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ - साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है । मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई की वी बी ग्राम जी योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा ।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए । इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा , ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके । सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है । समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें ।
शेखपुरा।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पशु व पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को जिले के जिला पदाधिकारी शेखर आनन्द, पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी,अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डाँ.राकेश कुमार,शेखपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व अन्य को आवेदन देकर असमाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे गौ तस्करी,गौ वध व आगामी बकरीद पर्व पर संभावित गौ वध पर सख्ती के साथ रोक लगाने व ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ़ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.अरशद ने कहा कि बिहार सरकार ने पशु संरक्षण व सुधार अधिनियम -1955 के तहत पुरे राज्य मे गौ वध पर पुर्ण रूप से प्रतिबन्ध लागू करते हुए इसे संज्ञेय अपराध के श्रेणी में रखा है.अरशद ने बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए व कानून रोक के चलते तथा देश के सभी मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं व इरादे की अपील व फतवे के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय से आगामी बकरीद पर्व पर गाय की कुर्बानी से अलग रहने का आह्वान करते हुए आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाएं रखनें की अपील की है तथा आगे भी गौ वध से बचने की सलाह दी है. अरशद के इस पहल से गौ तस्करों में हड़कंप व खलबली मच गया है तो दूसरी तरफ़ गौ भक्तों व पशु प्रेमियों ने अरशद के इस कदम की सरहाना की है.अब देखने की बात होगी की जिला पुलिस-प्रशासन अरशद के आवेदन पर गौ वध के रोक थाम के लिए किया कदम उठाती है.विदित हो कि अरशद ने इससे पुर्व भी गौ वध व तस्करी पर रोक को लेकर अभियान चलाया था।