रांची, 31 जुलाई: पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक मुद्दों पर हल्ला-गुल्ला करने के बजाय झारखंड के छात्रों और युवाओं के हितों की भी आवाज उठाएं।
बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों से केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की बड़ी राशि जारी नहीं की है। इसके कारण राज्य सरकार लाखों छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद परिसर में जेपीएससी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि छात्रवृत्ति जैसी गंभीर समस्या पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। तिर्की ने दावा किया कि जेपीएससी अनियमितता मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बंधु तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्री को कई बार पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इसका असर झारखंड के करीब 32 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़े भी जारी करते हुए कहा कि:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जबकि केंद्र से केवल ₹3.95 करोड़ मिले।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25): ₹353.21 करोड़ की मांग के बदले ₹33.57 करोड़ जारी हुए।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): ₹370.87 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल ₹58.22 करोड़ स्वीकृत हुए।
आगे बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा सांसदों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर झारखंड के छात्रों के हित में केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इन सभी तथ्यों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
रांची । सरना भवन, नगड़ाटोली, राँची में प्रस्तावित उलगुलान पदयात्रा को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम सभा प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उलगुलान पदयात्रा दिनांक 05 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी) से प्रारंभ होगी तथा 08 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल, कोकर (राँची) में संपन्न होगी।
यह पदयात्रा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, संवैधानिक अधिकारों, पाँचवीं अनुसूची, PESA Act, CNT/SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
बैठक में राँची के नगड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 निर्माण से संबंधित मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य के संबंध में उनकी आपत्तियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों, विशेषकर सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रभावित परिवारों की सुनवाई, उचित मुआवज़ा एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आदिवासी भूमि के हस्तांतरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि RIMS-2 परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भूमि हस्तांतरण की राज्यव्यापी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जब तक सभी विवादों का न्यायसंगत एवं विधिसम्मत समाधान नहीं हो जाता तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बैठक में यह भी मांग की गई कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी शिकायतों का न्यायपूर्ण एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में झारखंड के सभी ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से उलगुलान पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने तथा जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस जनआंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों में निरंजना टोप्पो, अजय उराँव, पूरन चन्द्र मुंडा (तमाड़), आशुतोष सिंह चेरो (पलामू), प्रदीप टोप्पो (सिमडेगा), बुद्धिजीवी श्री पी. सी. मुर्मू, राजेश लिंडा, राकेश बड़ाईक, बहा लिंडा, सविता कच्छप, मनोज केरकेट्टा, मंगला कुल्लू, शीला टोप्पो तथा आनंद टोप्पो उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए।
पदयात्रा कार्यक्रम
- प्रारंभ: 05 अगस्त 2026
- प्रारंभ स्थल: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी)
- समापन: 08 अगस्त 2026
- समापन स्थल: भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल, कोकर (राँची)
रांची । विद्यार्थियों को वैश्विक औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट द्वारा प्रतिष्ठित पार्ले-जी फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। "क्लासरूम से इंडस्ट्री तक, ज्ञान से अनुभव तक" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिस्किट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन अध्ययन किया। कच्चे माल की गुणवत्ता जांच, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक बेकिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। फैक्ट्री के विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठित ब्रांड की सफलता के पीछे गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और ग्राहक विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इस अवसर पर पार्ले-जी प्लांट के निदेशक जगन्नाथ झा ने कहा कि उद्योगों को ऐसे युवा प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक कार्य दृष्टिकोण हो। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश, स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट की प्रमुख पूजा गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, स्मिता सिन्हा, अनिमा एवं स्मृति सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उद्योगों में उपलब्ध करियर अवसरों एवं व्यावसायिक अपेक्षाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) ही भविष्य की आवश्यकता है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त सक्षम प्रोफेशनल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और प्लेसमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकें।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश ने कहा कि "Learning Beyond Classrooms, Experience Beyond Books" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का आधार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ और भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस औद्योगिक भ्रमण को अपने शैक्षणिक जीवन का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पुस्तकों में पढ़े गए प्रबंधन सिद्धांतों और वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके भीतर उद्योग जगत में करियर बनाने के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसे व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय उद्योग–अकादमिक सहयोग को निरंतर मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
रांची : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार ने छात्रों और युवाओं की ताकत को कम आंकने की गंभीर भूल की।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जब देशभर के युवा निराशा और हताशा का सामना कर रहे थे, तब केंद्र सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय मामले को झुठलाने में लगी रही। लेकिन छात्रों और नौजवानों की एकजुटता ने आखिरकार सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी जनआंदोलन को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठी और गोली का सामना करने वाले युवाओं को उन्होंने सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हित में भी संघर्ष किया है।
मंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को दिशा और मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इसे तानाशाही के खिलाफ एक छोटी जीत बताते हुए कहा कि आगे लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी लड़ाई बाकी है। उन्होंने सभी लोगों से इस संघर्ष के लिए एकजुट होकर तैयार रहने की अपील की।
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई सांसद और नेता भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र उच्च सुरक्षा वाला इलाका है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों पर भी घमासान देखने को मिल सकता है।
रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।
रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में रविवार को श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित "मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीहरि वनवासी विकास समिति के मंत्री श्री शिवेंद्र लाल माणिक द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों के अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।स्वागत संबोधन में श्री शिवेंद्र लाल माणिक ने समिति की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों के 46 प्रखंडों एवं लगभग 2,000 गांवों के लगभग 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा की अलख जगा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं टॉपर्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत पल्लव ने अपने संबोधन में श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी प्रयास करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा संस्था द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को दिया। उनके प्रेरणादायी अनुभवों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है तथा झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव अपने द्वार खुले रखेगा।
मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्था के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संस्था से निकले अनेक विद्यार्थी इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं कई छात्र पूर्वोत्तर भारत के विकास एवं सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थी विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति कप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। समिति के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में ओम कुमार ने 98.4% अंक लाकर राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में श्रीहरि वनवासी विकास समिति के महामंत्री श्री धनंजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
रांची। आगामी 16 जुलाई 2026 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा मेला महोत्सव को सफल, व्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने को लेकर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा रांची की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। समिति की तैयारी बैठक संपन्न हुई, जिसमें मेला व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी समिति के 300 से अधिक महिला एवं पुरुष स्वयंसेवक और कार्यकर्ता निर्धारित ड्रेस कोड, हरी पट्टी एवं पहचान पत्र (आई कार्ड) के साथ सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
उन्होंने स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रथ यात्रा मेला को ऐतिहासिक और सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य सामाजिक संगठनों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुंदर, स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में मेला संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से कार्य करना होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई 2026 (नेत्रदान दिवस) की सुबह मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं 16 जुलाई 2026 को सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक स्वयंसेवक सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
मेला व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति की ओर से संचालन समिति, टीम लीडर एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो पूरे आयोजन के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
बैठक में मुख्य रूप से रिंकू महली, विनोद उरांव, रामा उरांव, रंजन कुमार, सूरज कुमार, बबलू उरांव, रोशन कुमार, संदीप कुमार, डॉ. बुटन महली, डोली कुमारी, पूजा, रितिका मिंज, नितेश, रवि, संतोष, कुमुदिनी लकड़ा, बिरसा भगत, मुन्नी देवी, मीना उरांव, पूजा देवी, रोपनी मिंज, रूपेश बाखला, राजू उरांव, अजीत उरांव, पंकज भगत, संजय कुमार, निखिल कुमार सोनी, विजय कुमार, लाल मुनी, सुशीला उरांव, सुमित कुमार, जय मंत्री उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।