सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रांची। RKDF University, Ranchi में कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन के अवसर पर सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने जन्मदिन समारोह को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति सेवा एवं सहयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख कड़ी के रूप में RIMS, Ranchi के तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा बताया गया तथा लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा में हिस्सा लिया और भगवान विश्वकर्मा से विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं सफलता की कामना की। पूजा के माध्यम से ज्ञान, कौशल, तकनीक, श्रम एवं सृजन के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
जन्मदिन समारोह को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए गौशाला एवं मूक-बधिर विद्यालय में भी विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने वहां पहुंचकर सेवा, सहयोग और संवेदना का परिचय दिया। इन पहलों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जन्मदिन का उत्सव उस समय अधिक सार्थक हो जाता है, जब अपनी खुशियों को समाज के साथ साझा किया जाए और किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाए। रक्तदान के माध्यम से जीवन रक्षा, गौसेवा के माध्यम से करुणा और मूक-बधिर बच्चों के साथ समय बिताने जैसी पहलें इसी मानवीय सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।
RKDF University, Ranchi शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा भावना और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में आयोजित ये कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आए।
कार्यक्रम के समापन पर RKDF University, Ranchi परिवार की ओर से कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
रांची। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए 28 सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन में पंडाल निर्माण, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आवाजाही, CCTV निगरानी, स्वयंसेवकों की नियुक्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सोशल मीडिया, फूड स्टॉल और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षित स्थान पर ही बनेगा पंडाल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए अलग रास्ता रखने का निर्देश दिया गया है। पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित अभियंता से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
पंडाल में सुरक्षित वायरिंग और उचित अर्थिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चर की अर्थिंग सुनिश्चित करनी होगी। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने को कहा गया है, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार ही कनेक्शन लेने और विद्युत सजावट करने का निर्देश है। अस्थायी विद्युत वायरिंग के लिए संबंधित विद्युत अभियंता से सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। पंडाल से सुरक्षित दूरी पर पर्याप्त क्षमता वाला जेनरेटर रखने को भी कहा गया है।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
प्रशासन ने पंडाल के अंदर अथवा आसपास ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक सामग्री रखने को कहा गया है। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही पंडाल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय के आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र जारी करने तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फूड स्टॉल और दुकानों को लेकर भी निर्देश
फूड स्टॉल एवं मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रांची नगर निगम के कर्मियों को सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। पूजा पंडाल तक पहुंचने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने देने की जिम्मेदारी समितियों को दी गई है।
प्रशासन ने पूजा समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। भीड़ में छिनतई या पॉकेटमारी करते किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया पर संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करने तथा ऐसी अफवाहों को प्रोत्साहित नहीं करने का निर्देश दिया है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी तत्काल निकटतम प्रशासनिक या पुलिस पदाधिकारी अथवा थाना प्रभारी को देने को कहा गया है।
निर्धारित मार्ग और घाट से ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल या घाट का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके अलावा त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षित विद्युत आपूर्ति को लेकर न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी SOP का पालन करने का निर्देश दिया गया है। बसों एवं बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने पर रोक रहेगी तथा वाहनों पर ऐसी ऊंची सामग्री या झंडा नहीं लगाया जा सकेगा जिससे वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) से अधिक हो।
जिला प्रशासन ने अंत में पूजा समितियों से अपील की है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करें और प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
रांची। राजधानी रांची के हटिया स्थित मौजा कल्याणपुर सरना स्थल, सोलंकी चौक में उलगुलान परिवर्तन यात्रा एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्थानीय नीति और सम्मान से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार, प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन के 78 वर्ष बाद भी आदिवासी-मूलवासी समाज के कई मूल सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। जिस एकजुटता और संघर्ष की भावना से झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को मजबूती मिली थी, उसी एकता और संघर्ष की भावना को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उलगुलान का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि संवैधानिक, लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित संघर्ष है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक बनी विभिन्न सरकारों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि राज्य निर्माण के जिन मूल उद्देश्यों और अधिकारों के लिए संघर्ष किया गया था, वे आज भी अधूरे क्यों हैं।
चुनाव के समय ही जनता की याद क्यों?
उलगुलान परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राजनीतिक दलों से सवाल करते हुए कहा गया कि क्या आदिवासी-मूलवासी समाज को केवल चुनाव के समय ही याद किया जाएगा? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही क्यों सुनिश्चित नहीं होनी चाहिए।
वक्ताओं ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारें अस्थायी होती हैं, लेकिन सरकारी विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था स्थायी होती है। ऐसे में जनता के कार्यों और अधिकारों के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं है, बल्कि जनता के संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हित में जवाबदेही की मांग करना है।
भूमि और राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
सभा में झारखंड भूमि संरक्षण एवं राजस्व जवाबदेही आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों के अनुसार आयोग को भूमि संबंधी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रभावी शक्ति दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्ति की कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्ती की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय की मांग
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय अथवा विशेष न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी की गई। इसमें अवैध कब्जा, फर्जी जमाबंदी, फर्जी म्यूटेशन, भूमि अभिलेखों में हेराफेरी, आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण तथा भूमि रिकॉर्ड में अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
विस्थापितों के लिए आयोग और पुनर्वास की मांग
कार्यक्रम में राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने कहा कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और मूलवासी परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए आयोग को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाना चाहिए।
प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को मिले स्थान
सभा में प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को उचित एवं प्रभावी स्थान देने की मांग की गई। कक्षा एक से पांच तक बच्चों को उनकी स्थानीय अथवा मातृ जनजातीय भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार स्थानीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी गई।
इसके अलावा स्थानीय नीति, नियोजन नीति, विस्थापन एवं पुनर्वास नीति, रोजगार नीति, शिक्षा नीति, कृषि नीति तथा जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर व्यापक जनसंवाद और ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
कार्यक्रम में नीरजंना हरेंज, अजय टोप्पो, पूर्ण चंद्र मुंडा, आशुतोष चेरो, मनोज केरकेटाह, तेजस, निर्मल खाखा, मदन मुंडा, उज्जवल टोप्पो, छोटू मुंडा सहित वार्ड पार्षद सुनीता तिग्गा समेत अन्य लोगों ने जनता को अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति, अधिकारी या राजनीतिक दल के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है। यह भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रशासनिक लापरवाही और जनता के अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष है।
PMNRF से विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग, प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और तिरपाल उपलब्ध कराने पर जोर
रांची/साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न गंभीर बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्व विधायक एवं झारखंड विधानसभा जामा विधानसभा से पूर्व विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय सहायता की मांग की है।
12 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में सीता मुर्मू सोरेन ने कहा है कि साहिबगंज जिला इस समय गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण भयावह बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के कारण जिले के दर्जनों गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों और पशुधन को भी भारी नुकसान
पत्र में उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन आपदा की भयावहता को देखते हुए उपलब्ध संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित लोगों की विकट स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तत्काल विशेष राहत पैकेज एवं वित्तीय सहायता जारी की जाए।
भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने कहा कि राहत राशि से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से इस आपदा का सामना कर सकेंगे।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से संवेदनशीलता के साथ मामले में त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की सहायता से साहिबगंज की जनता को इस गंभीर आपदा से उबरने में बड़ी मदद मिलेगी।
साहिबगंज। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश की ओर से विभिन्न प्रकोष्ठों के नए प्रदेश संयोजकों की घोषणा की गई है। इसी क्रम में साहिबगंज जिले के नगर क्षेत्र के पुरानी साहेबगंज निवासी राजीव चौधरी को भाजपा मत्स्य पालक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा जारी कर दी गई है।
प्रदेश संयोजक बनाए जाने के बाद राजीव चौधरी ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें मत्स्य पालक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का दायित्व सौंपा है। इसके लिए वे प्रदेश नेतृत्व के आभारी हैं।
राजीव चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मत्स्य पालक प्रकोष्ठ को मजबूत करना, मत्स्य पालकों की समस्याओं को संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना और भाजपा के संगठन को और मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रदेश नेतृत्व के सहयोग से वे अपने दायित्व का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे। साथ ही राज्य में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
वहीं, राजीव चौधरी के प्रदेश संयोजक बनने के बाद साहिबगंज जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुईं। उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ इस्कॉन हेहल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी सहभागिता की।
मोरहाबादी मैदान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर एवं राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दही हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी समारोह के दौरान आयोजित दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रतियोगिता में बालकों के साथ-साथ बालिकाओं की टीमों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने साहस और शानदार प्रदर्शन करते हुए दही हांडी फोड़ने के लिए जोरदार प्रयास किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बालक एवं बालिका टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनका आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने प्रतियोगिता में सफल रही विजेता टीमों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस्कॉन हेहल में भी पहुंचीं मंत्री
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह इसके बाद इस्कॉन हेहल, रांची द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी शामिल हुईं। यहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, करुणा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
गीता का संदेश जीवन को देता है सही दिशा
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को समझना जीवन को सही दिशा देने में सहायक है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है,आगे उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव, आस्था, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देने वाला अवसर भी है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
रांची/साहिबगंज। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक JMM बैठक में सरकारी अधिकारियों की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मामले को सामने लाते हुए मुख्य सचिव से इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मरांडी के अनुसार, बरहेट विधानसभा क्षेत्र में BDO-सह-CO और CDPO अंशु कुमार पांडेय की JMM की बैठक में मौजूदगी का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी का राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
'सरकारी सेवा में रहते राजनीतिक गतिविधियों से दूरी जरूरी'
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकारी अधिकारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक गतिविधियों में खुलकर शामिल होता है और राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करता है, तो यह सरकारी सेवा की मर्यादा के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में रुचि है तो उन्हें सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर औपचारिक रूप से राजनीति में शामिल होना चाहिए। मरांडी ने सत्ता के प्रभावशाली लोगों की कथित चापलूसी करने वाले अधिकारियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जनता के हित में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकते।
मुख्य सचिव से की कार्रवाई की मांग
मरांडी ने मुख्य सचिव से मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, यहां तक कि सेवा से बर्खास्तगी पर भी विचार किया जाना चाहिए।
राजनीतिक कार्यक्रम में अधिकारियों की मौजूदगी बना मुद्दा
बरहेट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित JMM कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी की कथित मौजूदगी को लेकर बाबूलाल मरांडी के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मालूम हो कि जेएमएम के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ,जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कु सहित सहित अन्य JMM ने नेता बरहेट में कार्यकर्ता के साथ बैठक कर रहे थे इसी बैठक में BDO अंशु कुमार पांडे मौजूद थे इसी को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है क्या जिला में पदाधिकारी जेएमएम के कार्यकर्ता बन गए है?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) द्वारा आज 04 सितंबर,2026 को सतर्कता विभाग के तत्वावधान में ‘आईटी एवं साइबर सुरक्षा तथा साइबर हाइजीन’ विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सतर्कता जागरूकता अभियान (VAC) 2026-27 प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री पंकज कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल, श्री एम.एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी) एवं श्रीमती विभा उरांव, महाप्रबंधक (सिस्टम) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में श्री सुरेश बेहरा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम), सीसीएल एवं श्री मोहित जैन, वरिष्ठ प्रबंधक (सिस्टम), सतर्कता विभाग ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा की मूलभूत अवधारणाओं, आधुनिक साइबर खतरों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा सुरक्षा, साइबर हाइजीन, सीआईएल की IT एवं Cyber Security Policy, साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, क्लाउड सिक्योरिटी गवर्नेंस तथा कानूनी एवं नियामकीय अनुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों के लिए अत्यंत संवादात्मक एवं व्यावहारिक बनाया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक कार्यस्थलीय चुनौतियों पर चर्चा की तथा विशेष रूप से अनुबंधों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से कुल 43 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना तथा कार्यस्थल पर प्रभावी साइबर सुरक्षा एवं साइबर हाइजीन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।