रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुईं। उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ इस्कॉन हेहल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी सहभागिता की।
मोरहाबादी मैदान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर एवं राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दही हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी समारोह के दौरान आयोजित दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रतियोगिता में बालकों के साथ-साथ बालिकाओं की टीमों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने साहस और शानदार प्रदर्शन करते हुए दही हांडी फोड़ने के लिए जोरदार प्रयास किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बालक एवं बालिका टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनका आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने प्रतियोगिता में सफल रही विजेता टीमों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस्कॉन हेहल में भी पहुंचीं मंत्री
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह इसके बाद इस्कॉन हेहल, रांची द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी शामिल हुईं। यहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, करुणा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
गीता का संदेश जीवन को देता है सही दिशा
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को समझना जीवन को सही दिशा देने में सहायक है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है,आगे उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव, आस्था, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देने वाला अवसर भी है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।