रांची। झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू और प्रदेश कांग्रेस के को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई इरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया था। समिति ने मामले की सुनवाई करने के बाद अपना निर्णय प्रदेश नेतृत्व को सौंपा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से दोनों नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
29 अगस्त को जारी हुआ निलंबन आदेश
प्रदेश कांग्रेस के संगठन एवं प्रशिक्षण के महासचिव सुनीत शर्मा की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी पत्र में दोनों नेताओं के निलंबन की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।
पार्टी के इस फैसले के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास तौर पर प्रदेश स्तर के दो पदाधिकारियों पर एक साथ हुई कार्रवाई को पार्टी नेतृत्व के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि इरबा सड़क जाम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई। वीडियो के सामने आने के बाद दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई के बाद अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर निलंबन का आदेश जारी किया गया।
कांग्रेस के इस कदम से यह संदेश भी गया है कि पार्टी सार्वजनिक गतिविधियों में अनुशासन और संगठन की छवि को लेकर किसी तरह की लापरवाही को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
दोनों नेताओं की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण
अभिलाष साहू को हाल ही में झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अमरेंद्र सिंह प्रदेश कांग्रेस में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे थे।
ऐसे में दोनों नेताओं के निलंबन को प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि पार्टी आगे इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने या निलंबन समाप्त कराने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल कांग्रेस ने दोनों को अगले आदेश तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। निलंबन के बाद पार्टी के अंदर इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।