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खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ झामुमो ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया , राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
September 19, 2026 | 174 Views
खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ झामुमो ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया , राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

सिल्ली मूरी । खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा सिल्ली प्रखंड की ओर से प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन सिल्ली प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को सौंपा गया।ज्ञापन के माध्यम से झामुमो ने झारखंड के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की। पार्टी ने खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में राज्यों के अधिकारों को महत्व देने तथा खनिज उत्पादक राज्यों के साथ सार्थक एवं संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने का आग्रह किया।इस अवसर पर सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और यहां के लोगों का जीवन प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए खनिज नीति से संबंधित प्रावधानों में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखना आवश्यक है।सिल्ली जिला परिषद पूर्वी सदस्य लक्ष्मी कुमारी ने आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन स्थानीय समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित अन्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक संसाधनों एवं स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। खान एवं खनिज अधिनियम में जोड़ी गई धारा 9-डी के संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार करने का भी आग्रह किया गया।इसके अलावा झारखंड के करीब एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने की मांग रखी गई। साथ ही 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिज-युक्त भूमि से जुड़े कराधान अधिकारों पर विचार करने की मांग की गई।ज्ञापन झामुमो सिल्ली प्रखंड अध्यक्ष बलराम महतो उर्फ राधिका महतो की ओर से सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।


September 19, 2026 | 175 Views
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