बरहरवा (साहिबगंज), 3 अगस्त। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा इकाई ने सोमवार को कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के परीक्षा नियंत्रक एवं डीएसडब्ल्यू (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन तथा यूजी सत्र 2026–30 के लिए पुनः आवेदन (री-एप्लिकेशन) पोर्टल खोलने की मांग की।
एनएसयूआई ने परीक्षा नियंत्रक को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की विभिन्न यूजी (एनईपी) सेमेस्टर परीक्षाएं समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसर और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023–27) की परीक्षा 9 मई से 26 मई 2026 तक हुई थी, लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। वहीं यूजी सेमेस्टर-6 (सत्र 2022–26) की परीक्षा 24 जून से 8 जुलाई तक संपन्न हुई, जिसका परिणाम भी अब तक लंबित है। इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024–28) की प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम प्रकाशित करने की मांग की गई।
डीएसडब्ल्यू को दिए गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने यूजी सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में छात्रहित से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि जिन विषयों में अब भी सीटें रिक्त हैं, उनके लिए री-एप्लिकेशन पोर्टल खोला जाए। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें नामांकन शुल्क जमा करने का एक और अवसर दिया जाए।
एनएसयूआई का कहना है कि बी.एस.के. महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण कई छात्र-छात्राएं सूचना के अभाव, इंटरनेट एवं तकनीकी समस्याओं तथा इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। यदि उन्हें पुनः अवसर नहीं मिला तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा समाप्त होने के दो से तीन महीने बाद परिणाम जारी किए जाते हैं और तुरंत अगली परीक्षा आयोजित कर दी जाती है, जिससे छात्रों पर शैक्षणिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा लंबित परिणामों को जल्द जारी करने की मांग की।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, अक्षय भगत, राजा यादव, पंकज कुमार, सरफराज अहमद, रबीउल इस्लाम सहित अन्य छात्र मौजूद थे।