साहिबगंज। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उपायुक्त के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। इन अकाउंटों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ झूठी सूचनाएं फैलाने और प्रलोभन देकर ठगी करने की आशंका जताई गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, ओटीपी या धनराशि साझा न करें और किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में न आएं।
प्रशासन ने कहा कि उपायुक्त अथवा जिला प्रशासन की सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अधिकृत प्लेटफॉर्म से अवश्य जांच लें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उपायुक्त के नाम से संचालित कोई संदिग्ध या फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद साहिबगंज जिला द्वारा परिषद के अस्थायी जिला कार्यालय में JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिला संयोजक कविंद्र पासवान, प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार एवं साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला संयोजक कविंद्र पासवान ने कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं ने झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। परिषद की मांग है कि दोनों विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराई जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के परिणाम अथवा चयन प्रक्रिया में कथित रूप से हेरफेर हुई है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर किसी भी दोषी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने का हर प्रयास युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।
जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः पारदर्शी, डिजिटल ऑडिट युक्त एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार अभाविप की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करे, अन्यथा परिषद लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने सभी छात्र-युवाओं से इस न्याय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्याय की स्थापना के लिए है। परिषद ने चेतावनी दी कि जब तक सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
बरहरवा (साहिबगंज), 3 अगस्त। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा इकाई ने सोमवार को कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के परीक्षा नियंत्रक एवं डीएसडब्ल्यू (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन तथा यूजी सत्र 2026–30 के लिए पुनः आवेदन (री-एप्लिकेशन) पोर्टल खोलने की मांग की।
एनएसयूआई ने परीक्षा नियंत्रक को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की विभिन्न यूजी (एनईपी) सेमेस्टर परीक्षाएं समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसर और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023–27) की परीक्षा 9 मई से 26 मई 2026 तक हुई थी, लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। वहीं यूजी सेमेस्टर-6 (सत्र 2022–26) की परीक्षा 24 जून से 8 जुलाई तक संपन्न हुई, जिसका परिणाम भी अब तक लंबित है। इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024–28) की प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम प्रकाशित करने की मांग की गई।
डीएसडब्ल्यू को दिए गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने यूजी सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में छात्रहित से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि जिन विषयों में अब भी सीटें रिक्त हैं, उनके लिए री-एप्लिकेशन पोर्टल खोला जाए। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें नामांकन शुल्क जमा करने का एक और अवसर दिया जाए।
एनएसयूआई का कहना है कि बी.एस.के. महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण कई छात्र-छात्राएं सूचना के अभाव, इंटरनेट एवं तकनीकी समस्याओं तथा इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। यदि उन्हें पुनः अवसर नहीं मिला तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा समाप्त होने के दो से तीन महीने बाद परिणाम जारी किए जाते हैं और तुरंत अगली परीक्षा आयोजित कर दी जाती है, जिससे छात्रों पर शैक्षणिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा लंबित परिणामों को जल्द जारी करने की मांग की।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, अक्षय भगत, राजा यादव, पंकज कुमार, सरफराज अहमद, रबीउल इस्लाम सहित अन्य छात्र मौजूद थे।
रांची:। अखिल भारतीय सर्व कुम्हार राजनीतिक भागीदारी संघर्ष मोर्चा (राष्ट्रीय समिति) की ओर से संगठन को मजबूत बनाने और समाज की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में संगठन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 2 अगस्त 2026 से नई कार्यकारिणी प्रभावी होगी। इसमें राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के विभिन्न पदों पर कुल 21 पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संगठन की ओर से जारी सूची में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, संगठन सचिव, सह संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष तथा अन्य प्रमुख पदों पर अलग-अलग जिलों के सक्रिय सदस्यों को मनोनीत किया गया है। नई समिति में रांची, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, बोकारो सहित कई जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे संगठन को राज्यभर में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी का मुख्य उद्देश्य सर्व कुम्हार समाज को संगठित करना, समाज के लोगों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट कर संगठन का विस्तार पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने समाज के सभी लोगों से संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि नई टीम के गठन से सर्व कुम्हार समाज की आवाज को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा समाज के अधिकारों और हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई के तत्वावधान में शनिवार को साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ जाएं तो यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।
सभा को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा, “JPSC एवं JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ा है। सरकार को तुरंत पूरे मामले की CBI जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और अंतिम छात्र तक न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
वहीं प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह ने कहा, “झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। ABVP की स्पष्ट मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी करती है, तो विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।”
कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश मंडल, नगर सह मंत्री राजा वर्मा, रितेश कुमार, छोटू कुमार, ऋतुराज, शिवनाथ, नीरज, समीर, अविनाश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि JPSC-JSSC पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
रांची, 31 जुलाई: पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक मुद्दों पर हल्ला-गुल्ला करने के बजाय झारखंड के छात्रों और युवाओं के हितों की भी आवाज उठाएं।
बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों से केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की बड़ी राशि जारी नहीं की है। इसके कारण राज्य सरकार लाखों छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद परिसर में जेपीएससी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि छात्रवृत्ति जैसी गंभीर समस्या पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। तिर्की ने दावा किया कि जेपीएससी अनियमितता मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बंधु तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्री को कई बार पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इसका असर झारखंड के करीब 32 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़े भी जारी करते हुए कहा कि:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जबकि केंद्र से केवल ₹3.95 करोड़ मिले।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25): ₹353.21 करोड़ की मांग के बदले ₹33.57 करोड़ जारी हुए।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): ₹370.87 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल ₹58.22 करोड़ स्वीकृत हुए।
आगे बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा सांसदों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर झारखंड के छात्रों के हित में केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इन सभी तथ्यों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
रांची । सरना भवन, नगड़ाटोली, राँची में प्रस्तावित उलगुलान पदयात्रा को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम सभा प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उलगुलान पदयात्रा दिनांक 05 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी) से प्रारंभ होगी तथा 08 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल, कोकर (राँची) में संपन्न होगी।
यह पदयात्रा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, संवैधानिक अधिकारों, पाँचवीं अनुसूची, PESA Act, CNT/SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
बैठक में राँची के नगड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 निर्माण से संबंधित मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य के संबंध में उनकी आपत्तियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों, विशेषकर सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रभावित परिवारों की सुनवाई, उचित मुआवज़ा एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आदिवासी भूमि के हस्तांतरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि RIMS-2 परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भूमि हस्तांतरण की राज्यव्यापी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जब तक सभी विवादों का न्यायसंगत एवं विधिसम्मत समाधान नहीं हो जाता तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बैठक में यह भी मांग की गई कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी शिकायतों का न्यायपूर्ण एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में झारखंड के सभी ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से उलगुलान पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने तथा जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस जनआंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों में निरंजना टोप्पो, अजय उराँव, पूरन चन्द्र मुंडा (तमाड़), आशुतोष सिंह चेरो (पलामू), प्रदीप टोप्पो (सिमडेगा), बुद्धिजीवी श्री पी. सी. मुर्मू, राजेश लिंडा, राकेश बड़ाईक, बहा लिंडा, सविता कच्छप, मनोज केरकेट्टा, मंगला कुल्लू, शीला टोप्पो तथा आनंद टोप्पो उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए।
पदयात्रा कार्यक्रम
- प्रारंभ: 05 अगस्त 2026
- प्रारंभ स्थल: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी)
- समापन: 08 अगस्त 2026
- समापन स्थल: भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल, कोकर (राँची)
रांची । विद्यार्थियों को वैश्विक औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट द्वारा प्रतिष्ठित पार्ले-जी फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। "क्लासरूम से इंडस्ट्री तक, ज्ञान से अनुभव तक" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिस्किट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन अध्ययन किया। कच्चे माल की गुणवत्ता जांच, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक बेकिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। फैक्ट्री के विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठित ब्रांड की सफलता के पीछे गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और ग्राहक विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इस अवसर पर पार्ले-जी प्लांट के निदेशक जगन्नाथ झा ने कहा कि उद्योगों को ऐसे युवा प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक कार्य दृष्टिकोण हो। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश, स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट की प्रमुख पूजा गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, स्मिता सिन्हा, अनिमा एवं स्मृति सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उद्योगों में उपलब्ध करियर अवसरों एवं व्यावसायिक अपेक्षाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) ही भविष्य की आवश्यकता है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त सक्षम प्रोफेशनल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और प्लेसमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकें।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश ने कहा कि "Learning Beyond Classrooms, Experience Beyond Books" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का आधार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ और भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस औद्योगिक भ्रमण को अपने शैक्षणिक जीवन का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पुस्तकों में पढ़े गए प्रबंधन सिद्धांतों और वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके भीतर उद्योग जगत में करियर बनाने के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसे व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय उद्योग–अकादमिक सहयोग को निरंतर मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।