साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।