पटना: बिहार के नए मुख्यमंत्री बनेंगे सम्राट चौधरी इसकी पुष्टि हो चुकी है, 14 अप्रैल को पटना में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित हुई जहां केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा नाम पेश किया गया इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से फैसले पर मोहर लगा दी। मालूम के नीतीश कुमार लगभग 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद उन्होंने 14 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया । वही सम्राट चौधरी के विधायक दल के नेता बनने के बाद 15 अप्रैल को शपथ लेने की बात सामने आ रही है।
चाईबासा। झारखंड में मुखिया सम्मेलन की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज चाईबासा में आयोजित कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में बाल हितैषी, स्वस्थ, महिला हितैषी, स्वच्छ एवं हरित तथा सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायतों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों से लंबित पेसा नियमावली को लागू कर झारखंड सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है। इससे न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती मिली है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को जनभागीदारी के माध्यम से पुनर्स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पेसा नियमावली के तहत महिलाओं को ग्राम सभा के सचिव पद पर नियुक्ति का प्रावधान राज्य में लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनेगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर दिख रहे सकारात्मक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं कि विकास अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतों को प्रशासनिक इकाई से आगे बढ़ाकर विकास, सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित है।
रांची । झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची की बैठक सेक्टर 3 ए टाइप धुमकुड़िया प्रांगण में समिति की मासिक बैठक के साथ सामूहिक विवाह एवं आगामी 24 मई 2026 को सांस्कृतिक समागम नई दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले अर्थात डीलिस्टिंग महारैली में शामिल होने के लिए विचार मंथन किया गया है।
मेघा उरांव ने बताया कि संगठन की ओर से झारखंड से रांची, टाटानगर और दुमका से रिजर्व ट्रेन बुक हो रही है जिसमें झारखंड से हजारों लोग प्रस्थान करेंगे इसी तरह प्रत्येक राज्य से ट्रेन बुक हो रही है हजारों जनजाति समाज का समागम होगा और केंद्र सरकार का आंख खोलने का काम किया जाएगा अब बहुत हो गया जितना जल्दी हो सके धर्म परिवर्तित लोगों का आरक्षण और सूची से बाहर करने के लिए जिस तरह 341 में प्रावधान है उसी प्रकार 342 में भी प्रावधान हो ।
जनजातीय सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा है कि अभी तक रिपोर्ट है कि पूरे देश भर में लगभग दो लाख पंजीयन दिल्ली जाने के लिए हो चुका है। इसके लिए अब प्रचार प्रसार दीवार लेखन पोस्टर बैनर बाइक रैली इत्यादि के साथ-साथ एक साथ अपने देवी देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे !
इस बैठक में मेघा उरांव लुथुरू उरांव, चंदा कच्छप, बिरसा भगत, जय मंत्री उरांव, राजु उरांव, कंचन होरो, महेश उरांव, वृंदावन उरांव , कुमुदिनी लकड़ा, सोनवा देवी,अंजली खलखो, रोपनी मिंज, मोनी तिर्की, लालमुनी देवी, सुशीला उरांव, तारक रजक, कावेरी देवी, एवं अन्य लोग उपस्थित थे।
रांची। 7 अप्रैल की संध्या समय करीब शाम 6.45 बजे ग़स्ती दल के द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि हरिहर सिंह रोड स्थित प्रीति ज्वेलर्स में लूटपाट की घटना हुयी है। अविलम्ब इसकी सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची को दी गयी। प्राप्त सूचना पर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची घटना के उदभेदन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये पुलिस अधीक्षक नगर, रॉची के निर्देशन में छापामारी टीम का गठन किया गया एवं छापामारी प्रारंभ की गयी। छापामारी के कम में पुलिस उपाधीक्षक, सदर के नेतृत्व में थाना प्रभारी बरियातु एवं सदर तथा अन्य पदाधिकारी एवं तकनिकी शाखा प्रभारी के संयुक्त प्रयास से घटना में संलिप्त तीनों अपराधियों को लूट के सारे सामान, घटना में प्रयोग किये गये दोनो बाईक एवं घटना में प्रयुक्त हथियार गोली को बरामद किया गया। इस सबंध में बरियातु थाना कांड सं0-66/26 दिनांक-07.04.2026 धारा-309(4) BNS दर्ज किया गया है।
बरामदगीः
1. TVS राईडर मोटरसाईकिल सं०-JH10CM 2392
2. पल्सर 125 सी.सी मोटरसाईकिल सं०-BR46T 7371
3. मोबाईल फोन-05 पीस
4. सोना दुकान से लूटा हुआ सारा सोना/चाँदी,
5. एक देशी पिस्टल, दो मैग्जीन, चार जिन्दा कारतुस,
गिरफतार व्यक्तियों की सूची-
1. आशुतोष कुमार उम्र-26 वर्ष पिता बहादुर वर्णवाल पता ग्राम सिहोडी पोस्ट-सिरसिया
थाना-मुफसिल जिला-गिरीडीह
2. महेश कुमार वर्मा उम्र-22 वर्ष पिता ठाकुर महतो पता ग्राम-चचधरा पोस्ट जेरूवाडीह
थाना-जामुआ जिला-गिरीडीह
3. मो० सिराज अंसारी उर्फ शेरू उम्र 30 वर्ष पिता जहाँगीर अंसारी पता तितरिया टोला
पहाडपुरा थाना-झाझा जिला-जमुई बिहार
आपराधिक इतिहास- (
a). अभियुक्त अभिषेक कुमार वर्णवाल के उपर इस कांड के अतिरिक्त निम्न कांड दर्ज
1. गिरीडीह शहर थाना कांड सं0-07/25
2. गिरीडीह थाना कांड सं0-23/25
3. पचंबा थाना गिरीडीह थाना कांड सं0-21/25 4. पचंबा थाना गिरीडीह थाना कांड सं0-23/25
(b). मो० सिराज अंसारी उर्फ शेरू पूर्व में गिरीडीह से वर्ष 2023 में जेल गया था जिसमें 60 दिनों तक जेल में रहा था।
(c). महेश कुमार वर्मा गिरीडीह जमुआ थाना से 2021 में चोरी के केस में जेल गया था जिसमें कुल 06 महिना जेल में रहा था।
छापामारी दल के सदस्य
1. पुलिस उपाधीक्षक सदर रॉची श्री संजीव कुमार बेसरा
2. पुलिस उपाधीक्षक सह थाना प्रभारी बरियातु थाना श्री मनोज कुमार
3. पु०नि० सह थाना प्रभारी सदर श्री कुलदीप कुमार
4. पु०अ०नि० भानु कुमार भारती, बरियातु थाना राँची।
5. पु०अ०नि० अक्षय कुमार, बरियातु थाना।
6 पु०अ०नि० शिव नारायण तिवारी, बरियातु थाना।
7. पु०अ०नि० विश्वजीत कुमार बरियातु थाना।
8. पु०अ०नि० दिवाकर मिश्रा बरियातु थाना।
9. पु०अ०नि० प्रिंस कमार मिश्रा बरियातु थाना।
8. पु०अ०नि० जमील अंसारी सदर थाना राँची।
9. बरियातु थाना के सशस्त्र बल।
डूमडूमा (असम)। झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में डूमडूमा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान एवं सभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की राजनीति अब केवल चुनावी दौरों, भाषणों और फोटोशूट तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी स्तर पर चाय बागान के मजदूरों, युवाओं और आम जनता की समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बार-बार बड़े वादे किए, लेकिन न तो रोजगार के अवसर बढ़े और न ही गरीब एवं मेहनतकश वर्ग को उनका हक मिला। हिंदी भाषी समाज के साथ भी दोहरा व्यवहार किया गया है तथा ज़मीन के पट्टों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब तक अधूरे हैं। जनता अब इस सच्चाई को समझ चुकी है कि भाजपा की राजनीति में वादे अधिक और काम कम है।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में भ्रष्टाचार चरम पर है। जमीन घोटालों, सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण निर्णयों ने सरकार की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता, विशेषकर चाय बागान के मजदूर और युवा, स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस की गारंटियों का उल्लेख करते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि पार्टी एक स्पष्ट और जवाबदेह रोडमैप के साथ जनता के बीच है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 10 लाख एकसोनिया पट्टा को मियादी पट्टा में परिवर्तित करने, महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा प्रत्येक नागरिक को ₹25 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। यह दिखावे की नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने की राजनीति है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता बदलाव के लिए तैयार है और कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस परिवर्तन का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा बदलने का अवसर है।
रांची। विगत दिनों रांची कोकर के भाभा नगर में आदिवासी महिलाओं से कथित रूप से कालिख पोत कर पूरे मोहल्ले में घूमाने दुर्व्यवहार पर जनजाति सुरक्षा मंच ने कड़ा विरोध किया मामले को लेकर मंच के प्रदेश मिडिया प्रभारी सोमा उरांव ने कहा कि इस मामले की जितनी भी निंदा की जाए कम है मानवता को शर्मसार करने वाला यह हरकत है , कानून को हाथ में लेने के लिए किसी को भी खुली छूट नही मिलन चाहिए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी हो और कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो , सभी आरोपितों का सामाजिक बहिष्कार हो तब जाकर समझ में आएगा कि इस तरीका का हरकत लोग ना करें सन्नी टोप्पो ने कहा की यह मामला के सामने आने से पूरे आदिवासी समाज को शर्मिंदगी महसूस कराने वाली स्थिति पैदा की गई है हेमंत सोरेन के राज में लगातार आदिवासियों के साथ शोषण अत्याचार बढ़ रहा है ,सरकारी तंत्र फेल है ।
रांची। हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी चैत पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 को महाराजा मदरा मुंडा सेवा संस्थान न्यास ट्रस्ट की ओर से सुतियांबे गढ़ पिठोरिया( परगना)में महाराजा मदरा मुंडा के जन्म जयंती के शुभ अवसर पर प्रदीप पहान के नेतृत्व में विधि विधान बाजे गाजे के साथ कंपार्ट में भेड़ा ,मुड़हर पहाड़ मरांगबुरू में बकरा एवं नव मुर्गे की बली जिसमें से एक रंगीली मुर्गी का बली लूटकुम हड़ाम, लूटकूम बुढ़ही/ पिलचु हड़ाम,पिलचु बुढ़ही में दिया । और सभी पूजा स्थलों पर विधि-विधान से पूजा की जाएगी। गढ़बारी मैं स्थापित महाराजा मदरा मुंडा की प्रतिमा पर बाजे गाजे के साथ प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। साथी साथ मुड़हर पहाड़ के नीचे स्थापित भगवान बिरसा मुंडा , महाराजा मदरा मुंडा,रिसा मुंडा एवं सुतिया मुंडा की प्रतिमाओं पर पूजा एवं माला अर्पण की गई। इस कार्यक्रम में अगल-बगल गांव के अलावा दूर-दराज से भी समाज की अगुवागण सभी जनजाति एवं मूलवासी शामिल हुए एवं प्रसाद ग्रहण कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस शुभ अवसर पर समाज के कई गन्य मान्य एवं बुद्धिजीवी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष वीणा मुंडा, सर्रक्षक पहलवान मुंडा, सोमा उरांव, महेश्वर पहान, रवि पहान, विमल पहान, प्रेम पहान, मोहित पहान, सुनील पहान, रोहित पहान, विश्वकर्मा पहान,परना उराँव, शेखर पहान, झालो मुंडा, बीना देवी, रुक्मिणी देवी, व अन्य गन्य मान्य उपस्थित थे।
रांची। वित्तीय वर्ष 2025-26 का समापन हो गया है. इस वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने से करीब 3,616 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि पूरे मार्च महीने में करीब 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए.
हालांकि सरकार के विभाग राजस्व वसूली में लक्ष्य से काफी पीछे रहे. जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार अपने कुल बजट का सिर्फ 80 प्रतिशत ही खर्च कर सकी, जिसके चलते करीब 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े. हालांकि खर्च और राजस्व संग्रह का विभागवार आकलन किया जा रहा है, जो जल्द ही वित्त विभाग द्वारा जारी किया जाएगा.
मंत्री राधाकृष्ण किशोर और बीजेपी प्रवक्ता का बयान
योजना मद की करीब 80 प्रतिशत राशि खर्च
इन सबके बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि योजना मद की करीब 80 प्रतिशत राशि खर्च हुई है और यदि केंद्र सरकार सहयोग करती तो हम बजट के अनुरूप खर्च कर लेते. उन्होंने कहा कि बजट में राजस्व संग्रह अनुमान आधारित होते हैं, जिसमें केंद्रांश और राज्य मद शामिल है. हमें करीब 13,000 करोड़ अनुदान और टैक्स में राज्य का हिस्सा मद में नहीं प्राप्त हुआ है.
बीजेपी ने उठाए सवाल
इधर, बजट के अनुरूप राशि खर्च नहीं होने पर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि भारी-भरकम बजट बनाकर जनता को भ्रमित करने का काम यह सरकार करती रही है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि बजट बनाने से पहले सरकार को सोचना चाहिए कि राजस्व कहां से आएगा और कितना हम खर्च कर पाएंगे. केंद्र से मिली राशि को भी राज्य सरकार खर्च नहीं कर पा रही है, इस वजह से राज्य में विकास का काम ठप पड़ा हुआ है, जिसका सीधा असर जनता पर पड़ रहा है.
सेस की वजह से खान विभाग में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्व वसूली में राज्य सरकार के कुछ विभागों ने बेहतरीन काम किया है. माइंस एरिया में सेस और कोयले की कमर्शियल दर पर रॉयल्टी से खान विभाग ने 2025-26 में रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये की वसूली की है, जो संयुक्त बिहार और झारखंड गठन से लेकर अब तक का सर्वाधिक राजस्व है. अकेले राज्य सरकार को सेस से 7,454.30 करोड़ रुपये मिले हैं, वहीं खनिजों पर रॉयल्टी से 11,054.27 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
शराब से भी भरपूर कमाई
खान विभाग के बाद राज्य सरकार को शराब से भी भरपूर कमाई हुई है. जानकारी के मुताबिक उत्पाद विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में 1,310 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी की है. इसके तहत विभाग को 30 मार्च तक 4,020 करोड़ रुपये राजस्व मिला है, जो लक्ष्य से 135 करोड़ अधिक है.
बात यदि परिवहन विभाग की करें तो इस विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये राजस्व वसूली की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 से 282 करोड़ अधिक है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जिसमें महिला एवं बाल विकास पर सबसे अधिक 22 हजार 23 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मैया सम्मान योजना के लिए 13 हजार 363 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.
साहिबगंज (तीनपहाड़): विकास के दावों की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर तेतुलिया गांव से सामने आई है। किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई तेतुलिया पुलिया महज एक वर्ष के भीतर ही जर्जर होकर ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है। घटिया निर्माण सामग्री और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पुलिया अब बड़े हादसे को निमंत्रण देती दिख रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भ्रष्टाचार की दरारें और गायब सुरक्षा
करीब एक वर्ष पहले बनी यह पुलिया क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जा रही थी, लेकिन अब इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
- पुलिया में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं।
- सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के बैरियर (पाइप) रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं।
- ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी वित्तीय अनियमितता हुई है और प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।
ग्रामीणों की तीखी प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है:
- अनंत साह: “यह साफ तौर पर घोटाला है, उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
- बाबूराम सोरेन: “सरकारी संपत्ति की चोरी हो रही है, पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
- किशन साह (किसान): “एक साल में पुलिया का जर्जर होना हमारे जीवन के साथ मजाक है, खेती के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।”
मुआवजे का विवाद भी बना मुद्दा
मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है।
- स्थानीय निवासी बबलू सोरेन का दावा है कि पुलिया उनकी निजी जमीन पर बनाई गई।
- निर्माण के बावजूद अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला, जिससे विवाद और गहरा गया है।
- प्रशासन से ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। उनकी मांगें:
- पुलिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
- क्षतिग्रस्त पुलिया की तुरंत मरम्मत
- चोरी हुए लोहे के पाइप की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी
- प्रभावित जमीन का उचित मुआवजा भुगतान
रांची। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, झारखंड (रांची) के आह्वान पर आज 1 अप्रैल 2026 को रांची में मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ “काला दिवस” कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन भी प्राप्त था।
आज शाम 5 बजे अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने एकत्र होकर केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने काले बैज और काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा नारेबाजी और सभा के माध्यम से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि ये श्रम संहिताएँ श्रमिकों के वर्षों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के माध्यम से कार्य समय को बढ़ाने, यूनियन बनाने के अधिकार को सीमित करने, हड़ताल के अधिकार को समाप्त करने, परमानेंट काम में ठेका आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने एवं वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इन संहिताओं को लागू करने की जल्दबाजी कॉरपोरेट के हित में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और श्रमिक हितों की अनदेखी को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लिया जाए और श्रमिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए।
इसके साथ ही वक्ताओं ने किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि ये कानून किसानों को कॉरपोरेट कंपनियों पर निर्भर बनाने और कृषि पर उनका नियंत्रण कमजोर करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। साथ ही उन्होंने मनरेगा (MGNREGS) में काम की गारंटी को कमजोर करने और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में कटौती पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिससे खेत मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉमरेड शुभेंदु सेन ने की। सभा को एटक के पंकज कुमार और सरिता देवी, एआईसीसीटीयू के भीम साहू, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के गोपाल शरण सिंह, आईसा से त्रिलोकी नाथ, बेफ के एम एल सिंह, किसान सभा के मदुआ कच्छप, खेत मजदूर यूनियन के बीरेंद्र कुमार तथा सीटू के प्रतीक मिश्रा, हरेंद्र यादव और भवन सिंह ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कई दिनों की हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।