रांची। भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के अंतर्गत राँची जिला में प्रथम चरण – मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना – से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राँची समाहरणालय, ब्लॉक-बी, कमरा संख्या 505 में दिनांक 12 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक किया गया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आज अपराह्न में सफल समापन हुआ।
यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय, राँची से आए विशेष प्रशिक्षकों श्री केश्या नायक आर., उप निदेशक तथा श्री संजीव कुमार मांझी, जिला नोडल (जनगणना) द्वारा संचालित किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों, वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। साथ ही, स्व-जनगणना (Self-Enumeration) की सुविधा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, जो इस जनगणना की एक प्रमुख विशेषता है।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों (जैसे House Listing Operation Mobile App) के उपयोग तथा CMMS Web Portal पर डाटा प्रबंधन, रीयल-टाइम अपलोड, सत्यापन एवं सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें टैबलेट/मोबाइल आधारित ऐप के जरिए डेटा संग्रहण किया जाएगा, ताकि सटीकता, गति और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में रामनारायण सिंह, अपर समाहर्ता, राँची, सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्ता (नक्सल), कुमार रजत, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर राँची, श्री किस्टो कुमार बेसरा, अनुमंडल पदाधिकारी, बुण्डू, संजय भगत, परियोजना निदेशक, आई०टी०डी०ए०, शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, श्रीमती मनीषा तिर्की, कार्यपालक दण्डाधिकारी, रविशंकर मिश्रा, सहायक निदेशक-सह-मास्टर ट्रेनर, तथा सभी संबंधित सांख्यिकी कर्मी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (राँची) एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के समापन पर शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, राँची द्वारा सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं उपस्थित अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर जनगणना की तैयारियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण कदम है।
जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी:
- प्रथम चरण: मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (House Listing and Housing Census) – अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच (राज्यों द्वारा निर्धारित 30-दिवसीय अवधि में)
- द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना (Population Enumeration) – फरवरी 2027 में (संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027)
यह जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी अब अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड कार्य के लिए तैयार हैं, जो आगामी अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले प्रथम चरण को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
जिला प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से अपील की है कि वे प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाएं, ताकि देश के विकास योजनाओं के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
जानकारी हो की कार्यक्रम का प्रारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास के लिए योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण करने के लिए अति महत्वपूर्ण है।