सोनाहातु: प्रखंड क्षेत्र में आगामी सरहुल, रामनवमी और ईद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप के द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न समुदायों के लोग उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारा बनाए रखना और त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति या विवाद की स्थिति उत्पन्न न होने देना था। थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप ने सभी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरहुल, रामनवमी और ईद जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। इन त्योहारों को मिलजुल कर, शांतिपूर्ण और सद्भाव के साथ मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार के झगड़ा-झंझट, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद भी सतर्क रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।
थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विशेष रूप से इस पर भी जोर दिया कि कोई भी व्यक्ति बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार की भ्रामक या झूठी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करे। उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहें और फर्जी पोस्ट समाज में तनाव पैदा कर देती हैं, जिससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। ऐसे मामलों में साइबर निगरानी भी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित पंचायत समिति सदस्य रूप कुमार साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि रामनवमी, सरहुल और ईद जैसे पर्व हमारे समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति पूजा का पर्व है, जो हमें पर्यावरण और प्रकृति के प्रति सम्मान सिखाता है। वहीं रामनवमी भगवान राम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है और ईद का त्योहार आपसी प्रेम, दया और भाईचारे का प्रतीक है।