पटना : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अनुमंडलवार एवं विभागवार तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आसूचना तंत्र मजबूत रखने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मुहर्रम समितियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जुलूस मार्गों का सत्यापन कर लें तथा यह सुनिश्चित करें कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस नहीं निकले।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से जुलूसों की निगरानी करने का फैसला किया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) से भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस बल की एस्कॉर्ट टीम तैनात रहेगी।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने का निर्देश देते हुए कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाए। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के अवसर पर डीजे के प्रयोग पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध रहेगा। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
क्यूआरटी और स्ट्राइकिंग फोर्स रहेगी तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में स्ट्राइकिंग फोर्स तैनात रहेगी, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर डायल-112 सेवा का भी प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य, बिजली और अग्निशमन विभाग को भी निर्देश
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों, पारा मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल मुहर्रम के दौरान पूरी तरह तैयार रहेंगे।
वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जुलूसों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। नगर निकायों को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा अग्निशमन विभाग को आवश्यक फायर दस्ते तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
शांति और भाईचारे का पर्व है मुहर्रम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुहर्रम शांति, अनुशासन और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो तथा उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुचारू यातायात और मजबूत विधि-व्यवस्था के साथ लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय और जिम्मेदार बने रहने का निर्देश दिया गया है।