ब्यूरो। तेल कंपनी द्वारा हफ़्ते से भी कम समय में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद रांची, लखनऊ और पटना के लोगों ने बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे महंगाई और बढ़ेगी।
सोमवार को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, झारखंड में पेट्रोल की औसत कीमत 103.28 रु प्रति लीटर और डीज़ल 98.23 रु प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 99.20 रु और डीज़ल 92.56 रु प्रति लीटर तथा बिहार में पेट्रोल 112.18 रु और डीज़ल 98.24 रु प्रति लीटर दर्ज किया गया।
लोगों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हालिया बदलाव से न सिर्फ़ आना-जाना महंगा होगा, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने से सब्ज़ियों, अनाज और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।
रांची में आने-जाने वाले लोगों ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों का असर घर के हर खर्च पर पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इसका असर बहुत ज़्यादा है। सब कुछ महंगा हो गया है। अगर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर आने-जाने और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ता है। टमाटर की कीमतें पहले से ही ज़्यादा हैं। जब ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो आलू और प्याज़ जैसी सब्ज़ियों से लेकर आटा और चावल तक सब कुछ महंगा हो जाता है। आम लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।”
कुछ लोगों ने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नाराज़गी भी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।