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पश्चिम बंगाल के मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation के “सिल्क कॉरिडोर” विज़न का किया समर्थन
June 15, 2026 | 329 Views
पश्चिम बंगाल के मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation के “सिल्क कॉरिडोर” विज़न का किया समर्थन

हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।

JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।

चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।

JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।

कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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