सोनाहातू। जम्मूदाग गांव में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायत समिति सदस्य रूप कुमार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही।
इस अवसर पर CHO शिवानी तिर्की, ANM रेडसिन केरकेट्टा, सहिया सुषमा कुमारी, साविका बुबुल गुंजू सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को MDA कार्यक्रम के महत्व और इसके माध्यम से होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।
पंचायत समिति सदस्य रूप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि MDA कार्यक्रम से गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है और ग्रामीणों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर उत्साह दिखाया।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तैराक इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उज्जवल भविष्य की कामना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें 5 लाख रुपए का चेक, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि रांची के इशांक सिंह ने विगत 30 अप्रैल 2026 के दिन लगातार 9 घंटे 50 मिनट तैरकर भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट (palk Strait, 29 किलोमीटर) को पार करते हुए अपने नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए इशांक सिंह को कई विभिन्न खिताबों से सम्मानित किया गया है।
इशांक सिंह ने अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक ईशान सिंह ने पाक स्ट्रेट पार कर देश और दुनिया में झारखंड प्रदेश का नाम रोशन कर दिखाया है। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि तैराकी के क्षेत्र में इनकी सफलता पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। झारखंड में हमारी सरकार ने एक बेहतर खेल नीति बनाई है, जिसका लाभ यहां के खिलाड़ियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा झारखंड के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने विश्वास व्यक्त किया कि सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का मान बढ़ाएंगे।
प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक इशांक सिंह कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। इनकी सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर इशांक सिंह जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा खेल के क्षेत्र में झारखंड प्रदेश निरंतर विकास कर रहा है। यहां के खेल प्रतिभाओं ने कई मौकों पर पूरे विश्व अपना लोहा मनवाया है। झारखंड के खिलाड़ी अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं। राज्य के युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को और ऊर्जावान बनाएगी।
मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि आने वाले दिनों में तैराकी प्रशिक्षण सहित सभी सुविधाओं के विस्तार हेतु कार्य योजना बनाते हुए राज्य सरकार आगे बढ़ेगी तथा राज्य में तैराकी प्रतिभावों को आधुनिक सुविधा प्रदान करेगी। मौके पर मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में तैराकी से संबंधित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी उपस्थित खेल विभाग के अधिकारियों से ली। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह की माता, पिता तथा कोच को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्य के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार, निदेशक खेल आसिफ इकराम, उप निदेशक राजेश कुमार, तैराकी संघ से शैलेंद्र तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सोनाहातु/पताराहातु: प्रखंड क्षेत्र के पताराहातु में झारखंड आंदोलन के इतिहास को सहेजने की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। समाजसेवी हिमांशु कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय अनिल महतो एवं स्वर्गीय लक्ष्मी सिंह मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य झारखंड आंदोलन के योगदानकर्ताओं को सम्मान देना और नई पीढ़ी को उनके संघर्षों से परिचित कराना है। प्रतिमा स्थापना के माध्यम से स्थानीय लोगों में इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आंदोलन से जुड़े महान व्यक्तित्वों की स्मृति को जीवंत रखा जा सकेगा।
हिमांशु कुमार ने सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पुराने एवं वर्तमान साथियों से अपील की है कि वे इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने इसे केवल प्रतिमा स्थापना नहीं, बल्कि झारखंड के गौरवशाली इतिहास को संजोने का एक सामूहिक प्रयास बताया।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से सामाजिक एकता को बल मिलेगा और आने वाली पीढ़ियां अपने क्षेत्र के नायकों से प्रेरणा ले सकेंगी।
प्रतिमा स्थापना को लेकर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस कार्य को सफल बनाने के लिए सभी वर्गों के लोगों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।
साहिबगंज। दिनांक 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को विद्या भारती विद्यालय, जमुनादास केदारनाथ चौधरी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, साहिबगंज के वंदना कक्ष में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील पंडित एवं समस्त आचार्य बंधु-भगिनी द्वारा वीर कुंअर सिंह के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुनील पंडित ने अपने संबोधन में कहा कि वीर कुंअर सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। उन्होंने वर्ष 1857 की क्रांति में 80 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के विरुद्ध अद्भुत साहस और नेतृत्व का परिचय दिया। बिहार के जगदीशपुर से उन्होंने स्वतंत्रता की अलख जगाई और अंतिम सांस तक संघर्षरत रहे। उनका जीवन त्याग, वीरता और देशभक्ति का अमर प्रतीक है।
आचार्य अमित कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कुंवर सिंह का संबंध राजा विक्रमादित्य और राजा भोज के वंश से माना जाता है। उन्होंने अपने निजी स्वार्थों का त्याग कर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्हें "बिहार केसरी" के नाम से भी जाना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा पंचम की छात्राएं अंबिका, दीपिका एवं कृतिका, कक्षा षष्ठ की सृष्टि, अनुष्का एवं अनोखी, कक्षा सप्तम की तुलसी तथा कक्षा अष्टम की खुशबू एवं छात्र अमन ने वीर कुंअर सिंह के जीवन पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस जयंती समारोह में विद्यालय के सभी आचार्य बंधु-भगिनी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
साहेबगंज। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृत पूर्ण एवं अपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में कार्यकारी एजेंसियों द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की अधिकांश योजनाएं प्रगति पर हैं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ योजनाओं में प्रगति रिपोर्ट में कार्य पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि वास्तविकता में कार्य अधूरा है। इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे सभी मामलों का अद्यतन प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यात्मक एवं पारदर्शी होनी चाहिए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग फील्ड स्तर पर की जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ शीघ्र एवं प्रभावी रूप से प्राप्त हो सके।
बैठक में कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP), ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, भवन प्रमंडल, असैनिक शल्य चिकित्सा विभाग, नगर परिषद एवं समेकित जनजातीय विकास अभिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में जिन प्रमुख परियोजनाओं पर विशेष चर्चा की गई, उनमें साहिबगंज स्थित शकुंतला घाट पर स्थायी सीढ़ी घाट निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य, सदर अस्पताल जाने वाले मार्ग के चारदीवारी एवं उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) कार्य, मंडरो प्रखंड के पंचायत सिमङा अंतर्गत वार्ड संख्या-06 में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, बरहेट प्रखंड के ग्राम लबरी में पीडी सड़क से विद्यालय तक पीसीसी सड़क निर्माण, मंडरो प्रखंड के एचएससी सिरसा में चारदीवारी एवं अन्य निर्माण कार्य, बरहेट प्रखंड के मध्य विद्यालय बरहेट में अतिरिक्त कक्ष एवं शौचालय निर्माण, पतना प्रखंड के ग्राम तलबङिया में फुटबॉल मैदान की गैलरी निर्माण, सकङोगढ़ स्थित तालाब के किनारे रिटेनिंग वॉल निर्माण, शिवगादी धाम के समीप 20 इकाई शौचालय-सह-स्नानघर निर्माण तथा बड़हरवा प्रखंड के ग्राम प्लासबोना में कब्रिस्तान के समीप सीढ़ी घाट निर्माण शामिल हैं।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम भगत, सिविल सर्जन डॉ. राम देव पासवान, जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
पूर्वी सिंहभूम (घाटशिला):झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपोड़ा गांव में मिले तीसरे जिंदा बम को भी भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया है। इस ऑपरेशन के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले कई दिनों से दहशत के माहौल में जी रहे थे।बताया जा रहा है कि स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक के बाद एक तीन अमेरिकी निर्मित बम बरामद हुए थे। इन बमों पर AN-M64 अंकित है, जिसका उपयोग अमेरिका की वायुसेना और नौसेना द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध और कोरिया युद्ध के दौरान किया जाता था।
कैसे मिला बम?
पहला बम 17 मार्च 2026 को अवैध बालू खनन के दौरान मिला
दूसरा बम 24 मार्च को एक ग्रामीण के घर से बरामद हुआ
तीसरा बम 17 अप्रैल को नदी में मछली पकड़ने के दौरान दिखागर्मी के कारण नदी का जलस्तर कम होने से ये बम बाहर दिखाई देने लगे।
सेना और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई:
बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेष टीम कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली।करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया था। ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया और मौके पर फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस की तैनाती की गई।
नियंत्रित विस्फोट से किया डिफ्यूज
सेना ने सुरक्षित तकनीक अपनाते हुए नदी किनारे गड्ढा खोदकर बम को जमीन में दबाया और नियंत्रित तरीके से विस्फोट कर उसे निष्क्रिय किया। विस्फोट के बाद जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा गया, लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लगातार तीन बम मिलने से इलाके में भय का माहौल था, जो अब खत्म हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ सोमवार को दीनदयाल नगर, बूटी रोड स्थित आईएएस क्लब पहुंचे।
यहां मुख्यमंत्री ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के उपायुक्त राजीव रंजन की सुपुत्री ऋचा के वैवाहिक समारोह में शिरकत की।
नवदंपति को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दाम्पत्य जीवन की कामना की। साथ ही उन्होंने उपायुक्त राजीव रंजन एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई दी और अपनी खुशी जाहिर की।
आत्मीय माहौल में हुई मुलाकात
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने परिवारजनों एवं अन्य उपस्थित लोगों से आत्मीयता के साथ बातचीत की और खुशी के इस अवसर को साझा किया।
रांची । बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर रांची जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त ने आदेश जारी करते हुए बताया कि अब सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं निजी विद्यालयों में नई समय सारणी लागू होगी।
नई समय सारणी इस प्रकार होगी:
- ???? KG से कक्षा 8 तक: सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक
- ???? कक्षा 9 से 12 तक: सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
शिक्षकों के लिए भी निर्देश
सभी सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहकर गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा।
गर्मी से राहत के लिए कदम
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा यह निर्णय बढ़ती गर्मी और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि छात्रों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके।
चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में पुलिस ने आरोपी लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश के बाद की गई।
बताया जाता है कि 17 अक्टूबर 2025 को सदर अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों को रक्त चढ़ाया गया था। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि यह रक्त एचआईवी संक्रमित था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद सदर थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। लंबे समय तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रक्त जांच और स्क्रीनिंग की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह गंभीर चूक हुई। इस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ गया है, वहीं राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची। नवाचार और उद्यमिता की दिशा में JSLPS ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है । अब उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता की बारीकियों को झारखंड सखी मंडल से जुड़ी महिलाएं IIMCIP कोलकाता की मदद से समझेंगी . झारखंड के ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में महिला उद्यमियों को दक्षता प्रदान करने के उद्देश्य से JSLPS ने IIMCIP कोलकाता के साथ MOU किया है । ये एक त्रिवर्षीय योजना के तहत काम करेगा । इस MOU के माध्यम से IIMCIP कोलकाता के द्वारा इनक्यूबेटर की भूमिका निभाते हुए राज्य के सभी 24 जिलों के 264 प्रखण्डों में सखी मंडल से जुड़ी उद्यमी महिलाएं प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अपने उद्यम को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने की जानकारी हासिल करेंगी । योजना के पहले चरण में लगभग 50 हजार ग्रामीण महिला उद्यमियों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा । इनमे से सर्वश्रेष्ठ 500 महिला उद्यमियों का चयन कर समग्र उद्यम एवं व्यापार प्रबन्धन के गुर सिखाए जायेंगे । इसके साथ ही महिला उद्यमियों का सालाना टर्न ओवर कैसे करोड़ रुपए का हो , इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी प्रबन्धन विधा से प्रशिक्षित किया जायेगा । योजना के अंतर्गत सुयोग्य 150 ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन तकनीक के द्वारा एक करोड़ वार्षिक टर्न ओवर वाले उद्यम बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । इसके लिए JSLPS के पदाधिकारियों तथा नॉन फार्म के सामुदायिक कैडर CRP-EP को इनक्यूबेटर स्किल में दक्ष किया जायेगा । योजना अवधि पूर्ण होने के बाद भी राज्य की ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन इकोसिस्टम की सेवा मिलती रहे, इसके लिए IIMCIP के द्वारा राज्य के प्रत्येक प्रमंडलों में एक स्थानीय इनक्यूबेटर को विकसित किया जायेगा । ये सेवा महिलाओं को बिल्कुल निः शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी । योजना के अंतर्गत उद्यमी दिदियों के लिए इक्विटी फंड, चैलेंज फंड, सॉफ्ट लोन के मद में 5 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। ये MOU JSLPS के सी ओ ओ विष्णु परिदा और IIMCIP कोलकाता के CEO डा. विवेक कुमार रॉय के बीच हस्ताक्षर से पूर्ण हुआ । मौके पर डॉ गौरव कपूर , नितिश कुमार सिन्हा, तुमुल् तरण, धीरज पांडेय एवं निशांत देव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे ।
तीनपहाड़ (राजमहल, साहिबगंज): साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी में बीती देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में दर्जनों दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में दुकानदारों को लाखों रुपये की क्षति हुई है।
रात 3 बजे भड़की आग, मच गया हड़कंप
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना रात करीब 3 बजे की है। जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तभी अचानक मंडी की एक दुकान से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरा बाजार धू-धू कर जलने लगा।
दमकल पहुंची, लेकिन तब तक हो चुका था भारी नुकसान
घटना की सूचना मिलते ही तीनपहाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटीं, लेकिन तब तक अधिकांश दुकानें और उनमें रखा सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
दुकानदारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने कई छोटे और गरीब दुकानदारों को बर्बाद कर दिया है। अपनी जीवन भर की पूंजी को राख होते देख दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक पीड़ित दुकानदार ने कहा, "हमारी सारी कमाई इन दुकानों में लगी थी। अब परिवार चलाने का कोई साधन नहीं बचा है। सरकार से मुआवजे की मांग करते हैं।"
प्रशासन से मुआवजे की मांग
प्रभावित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
जांच में जुटी पुलिस, कारण अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी की जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।