रांची: बुण्डू थाना क्षेत्र में 19 जून 2026 को मिले अधजले और सिरकटे अज्ञात शव की गुत्थी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त हथियार, ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के ग्राम सुमानडीह स्थित महादेवटांड़ जंगल से एक अधजला और सिरविहीन शव बरामद हुआ था। शव के दाहिने हाथ की कलाई पर "Sanjoy Raj @ Pal" गोदना बना हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया और सिर अलग कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोली निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रमन कुमार सेठ और सुबोधनी देवी के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था। इस संबंध की जानकारी संजय लोहरा को हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को पैसे देकर पति की हत्या कराने की साजिश रची।
18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति से कहा कि उसे सोनाहातु थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में जाना है। दोनों मोटरसाइकिल से निकले। रास्ते में आड़िया सतिया नदी के पास पत्नी ने शौच जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई और नदी की ओर चली गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो साथियों के साथ ऑल्टो कार से वहां पहुंचा और लाठी से पीट-पीटकर संजय लोहरा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को ऑल्टो कार में डालकर बुण्डू थाना क्षेत्र के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से धड़ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जबकि कटा हुआ सिर तमाड़ थाना क्षेत्र के सुंदरडीह के समीप रानी वन जंगल में गाड़ दिया गया। इसके बाद मृतक की मोटरसाइकिल को तमाड़ थाना क्षेत्र के बबईकुढ़ी के पास छोड़ दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रानी वन जंगल से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया। दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चापड़, ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा एसआईटी ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार किए गए अनुसंधान के आधार पर किया, जिससे करीब 20 दिनों में इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली।