रांची। झारखंड निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची जिला पुलिस पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर,पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट,रांची एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर के नेतृत्व में रांची के लालपुर,कोतवाली, लोअर बाजार सहीत अन्य थाना क्षेत्रो में फ्लैग मार्च निकाला गया l
फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना,आमजन में विश्वास उत्पन्न करना और आकस्मिकता की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारी करना है। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों, पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति और सुरक्षा की स्थिति की सूक्ष्मतापूर्वक समीक्षा की गई तथा प्रतिनियुक्त बलो को ब्रीफ किया गया।
आमजन से अपील है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि एवं असामाजिक तत्वों की तुरंत सूचना पुलिस तक पहुंचायें और परस्पर चुनाव में मतदान करे।
साहिबगंज। होली और रमजान के पावन में शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक , वरीय पदाधिकारी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी ‘तीसरी आंख’ की नजर
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जाएगी।
दंडाधिकारियों की तैनाती और फ्लैग मार्च
जिले के प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने तथा स्थानीय शांति समितियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया।
अश्लील गाने और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
होली के दौरान डीजे बजाने तथा अश्लील व भड़काऊ गीतों पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उपकरण जब्त किए जाएंगे।
अवैध शराब पर सख्ती
उपायुक्त ने उत्पाद विभाग और पुलिस को अवैध शराब के अड्डों पर सघन छापेमारी के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के दौरान अवैध बिक्री एवं भंडारण पर ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति लागू रहेगी।
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या विद्वेष फैलाने वाली सामग्री डालने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को संबंधित धाराओं के तहत जेल भेजा जाएगा।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपायुक्त ने कहा कि साहिबगंज की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब से रही है। होली और रमजान का संयोग आपसी भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। प्रशासन द्वारा बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम भगत, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द (साहिबगंज), अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो (राजमहल), वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पलामू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), प्रमंडलीय कार्यालय पलामू की टीम ने 20 फरवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिलदागा पंचायत के रोजगार सेवक सुनील कुमार को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आवेदक ने एसीबी को लिखित शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी एवं भाभी के नाम से विशेष ग्राम सभा में दीदी बाड़ी योजना स्वीकृत कराने के एवज में रोजगार सेवक सुनील कुमार द्वारा 6,000 रुपये की मांग की जा रही है। आवेदक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू से की।
शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाया गया। इसके बाद एसीबी थाना कांड संख्या-04/2026 दिनांक 18.02.2026, धारा 7(a) पी.सी. (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया।
20 फरवरी 2026 को दंडाधिकारी एवं दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी रोजगार सेवक को आवेदक से 6,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत मांगने की सूचना तुरंत एसीबी को दें।
मालदा । प्रतिदिन लाखों यात्री अपने सपनों, जिम्मेदारियों और उम्मीदों के साथ रेल यात्रा करते हैं। कोई अपने घर लौट रहा होता है, कोई रोजगार के लिए शहर की ओर अग्रसर होता है, तो कोई शिक्षा, उपचार अथवा जीवन के नए अवसरों की तलाश में सफर करता है। *रेल केवल पटरियों पर दौड़ती एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि हमारे परिवारों, पड़ोसियों, मित्रों और समाज को जोड़ने वाली जीवनरेखा है।
हर डिब्बे में बैठा यात्री किसी का बेटा, बेटी, माता, पिता या मित्र होता है। स्टेशन की भीड़ में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी घर की आशा और प्रतीक्षा का केंद्र होता है। ऐसे में उसकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना केवल रेलवे प्रशासन का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सजग नागरिक का भी सामूहिक दायित्व है। सुरक्षा, अनुशासन और जागरूकता ही रेल यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाते हैं; एक क्षण की असावधानी जहाँ गंभीर परिणाम ला सकती है, वहीं नियमों का पालन और सतर्क व्यवहार हजारों जीवनों की रक्षा सुनिश्चित करता है।
इसी उद्देश्य से, मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त असीम कुमार कुल्लू के सतत पर्यवेक्षण में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रेल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया।*
मंडल के विभिन्न स्टेशनों, ट्रैक से सटे गांवों, विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं बाजार क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित यात्रा हेतु सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।* अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (RPF), वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से नुक्कड़ सभाएं, माइक्रोफोन उद्घोषणाएं, पंपलेट वितरण तथा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय प्रशासन का सक्रिय सहयोग भी प्राप्त हुआ।
अभियान के दौरान यात्रियों, छात्रों एवं स्थानीय नागरिकों को रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम, अनधिकृत रूप से पटरियों पर चलने के खतरे तथा चलती ट्रेन के समीप जाने से होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं (ह्यूमन रन ओवर) के बारे में जागरूक किया गया। यह भी बताया गया कि ट्रैक के किनारे मवेशियों को चराना अथवा उन्हें खुले रूप से छोड़ देना “कैटल रन ओवर” जैसी घटनाओं को जन्म देता है, जिससे न केवल पशुहानि होती है बल्कि रेल संचालन बाधित होता है और यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। साथ ही चलती ट्रेन के समीप सेल्फी लेने के खतरे, फुटबोर्ड पर यात्रा की असुरक्षा, अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की दंडनीयता, पत्थरबाजी की गंभीरता, सिग्नल उपकरणों से छेड़छाड़ के दुष्परिणाम, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तथा यात्रा के दौरान सामान की चोरी, नशाखुरानी या अन्य प्रकार के अपराध से बचाव हेतु सावधानियों के महत्व के संबंध में भी विस्तार से अवगत कराया गया।*
यह स्पष्ट किया गया कि रेलवे ट्रैक सड़क नहीं है तथा एक क्षण की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। रेलवे अधिनियम के अंतर्गत ट्रैक पर अतिक्रमण, अलार्म चेन पुलिंग, पत्थरबाजी अथवा रेलवे संपत्ति को क्षति पहुंचाना दंडनीय अपराध है। विशेष रूप से युवाओं एवं छात्रों को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया गया कि चलती ट्रेन के समीप स्टंट करना या सेल्फी लेना साहस नहीं, बल्कि असावधानी है। सुरक्षित व्यवहार ही जिम्मेदार नागरिक होने का वास्तविक परिचायक है।
मानव तस्करी की रोकथाम के संबंध में भी नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा अकेले एवं भयभीत अवस्था में दिखाई देने वाले बच्चे या महिला की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें।
अभियान की अवधि में मालदा मंडल द्वारा प्रमुख उपलब्धियाँ (01 अप्रैल 2025 – 31 जनवरी 2026)
आयोजित कुल जागरूकता कार्यक्रम: 432
जागरूक किए गए नागरिक/यात्री (लगभग): 10,000
कवर किए गए विद्यालय/संस्थान: 12
ट्रैक किनारे गांव/क्षेत्र: 80
अलार्म चेन पुलिंग (ACP) के विरुद्ध कार्रवाई: 1269 व्यक्ति
अन्य रेलवे अधिनियम उल्लंघन के मामले: 10110 व्यक्ति गिरफ्ता
कुल वसूला गया जुर्माना: ₹ 20,96,500/-
एक पल की लापरवाही जीवन भर का पश्चाताप बन सकती है। अतः रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, केवल निर्धारित एवं अधिकृत स्थानों से ही आवागमन करना तथा सभी नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मालदा मंडल द्वारा यह अभियान एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंडल ने यात्रियों एवं आमजन से अपील की है कि वे रेल परिसर में नियमों का पालन करें, अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें तथा सुरक्षा मानकों के प्रति सदैव सजग एवं उत्तरदायी बने रहें।
तालझारी (राजमहल): राजमहल काली घाट गंगानदी तट पर मंगलवार सुबह एक मृत गंगा डॉल्फिन मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार डॉल्फिन वॉचर गंगा तट पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तट पर मछली के जाल में फंसी एक डॉल्फिन दिखाई दी। पास जाकर जांच करने पर डॉल्फिन मृत पाई गई।
घटना की सूचना तत्काल वन क्षेत्र पदाधिकारी को दी गई। सूचना मिलते ही वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे, वनरक्षी पप्पू यादव, इंद्रजीत कुमार दार, वॉचर राजेश ठाकुर एवं श्याम कुमार रविदास टीम के साथ मौके पर पहुंचे। छानबीन के बाद मृत डॉल्फिन को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए तालझारी वन कार्यालय लाया गया।
डिविजनल डीएफओ प्रवल गर्ग, सीओ सह बीडीओ राम सुमन प्रसाद तथा वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे की उपस्थिति में पशु चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार और उधवा के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने डॉल्फिन का पोस्टमार्टम किया।
डीएफओ प्रवल गर्ग ने बताया कि मृत डॉल्फिन के शव का विसरा फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। सैंपल जांच के लिए रांची भेजा जाएगा। मृत डॉल्फिन की लंबाई लगभग 4 फीट और वजन करीब 35 किलोग्राम बताया गया है।
पोस्टमार्टम के उपरांत वन परिसर में ही डॉल्फिन का विधिवत दाह संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वॉचर राजेश ठाकुर, श्याम कुमार रविदास एवं रमेश तुरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
रांची। झारखण्ड जगुआर (एसटीएफ) अपने गठन का 18वां स्थापना दिवस दिनांक 19 फरवरी 2026 को गौरवपूर्वक मनाने जा रहा है। राज्य में उग्रवाद उन्मूलन के क्षेत्र में सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए झारखण्ड जगुआर ने विगत 18 वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस गौरवपूर्ण यात्रा के दौरान नक्सल विरोधी अभियानों में 24 वीर जवानों एवं पदाधिकारियों ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए राष्ट्रहित में सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय और प्रेरणास्रोत रहेगा।
स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीद जवानों के परिजनों को उनके गृह जिलों में जाकर सम्मानित किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों में निवासरत शहीदों के परिजनों को सम्मान स्वरूप शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पुलिस पदाधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा यह विश्वास दिलाया कि झारखण्ड जगुआर (एसटीएफ) शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखेगी और उनके परिवारों के साथ हर संभव सहयोग एवं संवेदनात्मक समर्थन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
झारखण्ड जगुआर (एसटीएफ) अपने शहीद वीर जवानों के अदम्य साहस, अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन करती है।
रांची। सीसीएल के केन्द्रीय अस्पताल, गांधीनगर, काँके रोड, राँची में शुक्रवार, दिनांक 20.02.2026 को प्रात: 9 बजे से नि:शुल्क हृदय रोग संबंधी चिकित्सीय शिविर (कार्डियक क्लिनिक) का आयोजन किया जा रहा है। इस चिकित्सीय शिविर में यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. कश्यप व्यास (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट) हृदय रोग से ग्रसित मरीजों का जाँच करेंगे एवं चिकित्सीय सलाह देंगे।
हृदय रोग से ग्रसित सभी मरीज इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठा सकते हैं। मरीज के पास यदि पुराने ईलाज की रिर्पोट/जाँच के पेपर हों तो उसे अवश्य अपने साथ लाये।
सीसीएल द्वारा नियमित तौर पर देश के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों को आमंत्रित कर विभिन्न बीमारियों से संबंधित स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर का उद्देश्य है कि जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारी के अत्याधुनिक ईलाज की सुविधा उनके घर के निकट ही प्राप्त हो सके तथा इससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके।
उपायुक्त की अध्यक्षता में सदर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ीकरण को लेकर समीक्षा बैठक
डॉक्टरों की उपस्थिति, रोस्टर अनुपालन व इमरजेंसी प्रबंधन पर कड़े निर्देश
साहेबगंज। उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में सदर अस्पताल, साहेबगंज के सभागार में चिकित्सा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर सभी चिकित्सकों एवं पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य अस्पताल में समन्वित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना था।
समीक्षा के क्रम में चिकित्सकों एवं पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने O.P.D./I.P.D. रोस्टर के कड़ाई से अनुपालन, आपातकालीन एवं प्रसव कक्ष में ड्यूटी के दौरान अनिवार्य Hand Over/Take Over, इमरजेंसी चिकित्सकों द्वारा नियमित सुबह-शाम राउंड तथा रोस्टर के समय निजी प्रैक्टिस पूर्णतः निषिद्ध रखने के निर्देश दिए।
प्रसव एवं आपातकालीन मरीजों के BHI पर विस्तृत रेफरल विवरण अंकित करने, सभी सर्जिकल मरीजों का संबंधित सर्जन द्वारा नियमित फॉलोअप तथा सभी चिकित्सकों द्वारा बायोमैट्रिक (IN/OUT) उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। O.P.D. में दवाओं को Capital Letter में स्पष्ट रूप से लिखने एवं रजिस्टर के सभी कॉलम भरने के निर्देश भी दिए गए।
मेडिको-लीगल मामलों (Post-mortem, Injury, Rape Case, Age Estimation) के समयबद्ध निष्पादन, ऑन-ड्यूटी इमरजेंसी चिकित्सक द्वारा विशेषज्ञों को सूचना देने एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। अवकाश आवेदन में प्रयोजन एवं प्रकार (CL, EL, CPL, SPL) स्पष्ट अंकित करने तथा सहमति देने वाले चिकित्सकों द्वारा अतिरिक्त दायित्व निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।
ड्रेस कोड एवं परिचय पत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थित रहने, मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा मृत मरीजों के परिजनों हेतु मोक्ष वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन करने का निर्देश दिया, जो इन निर्देशों के पूर्ण अनुपालन की सतत निगरानी करेगी।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान, अस्पताल प्रबंधक दिवेश कुमार एवं सदर अस्पताल के सभी चिकित्सक उपस्थित थे।
साहेबगंज। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती ने नगर पालिका आम चुनाव 2026 के अंतर्गत पंचायती राज परिसर में चल रहे मतदाता सूची विखंडीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से विखंडीकरण की प्रगति, निर्धारित समयसीमा तथा त्रुटिरहित सूची तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मतदाता सूची का विखंडीकरण पूरी पारदर्शिता एवं सावधानीपूर्वक किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं तथा अपात्र नामों को नियमानुसार हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित कर्मियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने तथा अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण करने के निर्देश दिए गए।
मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी अनिल कुमार एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी सुनीता किस्कु उपस्थित थे। उन्होंने भी चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
सोनाहातु :-थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटाब गांव में 12 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले को लेकर प्रशासनिक सतर्कता की मांग तेज हो गई है। मेले के दौरान जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपील की गई है।इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक, बुंडू (रांची) को एक लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में मेले के दौरान संभावित असामाजिक गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। बताया गया है कि कोटाब गांव का यह मेला क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें छऊ नृत्य एवं पारंपरिक मुर्गा लड़ाई जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं।असामाजिक तत्वों की सक्रियता की आशंका आवेदन में पूर्व अनुभवों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आशंका जताई गई है कि मेले की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व जुआ, ताश, सट्टा एवं अवैध शराब की बिक्री व सेवन जैसी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। इससे शांति व्यवस्था भंग होने के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं और सामाजिक वातावरण के दूषित होने की संभावना बनी रहती है।
पुलिस प्रशासन से प्रमुख मांगें
जनहित एवं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवेदन में पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की गई है