FOLLOW US ON
Breaking News झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी में भ्रष्टाचार को लेकर प्रदर्शन तेज | बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जबरदस्त जीत | संसद का मानसून सत्र शुरू, केंद्र सरकार के द्वारा कई बिल पेश होने की संभावना | जेपीएससी एवं जेएसएससी में भ्रष्टाचार को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का प्रदर्शन जारी | बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव में जन सुराज प्रशांत किशोर की जीत के बाद बिहार में बदल रहे हैं राजनीतिक समीकरण | राम मंदिर से चंदा चोरी का मामला देश भर में राजनीति गर्म | झारखंड,महिला सुपरवाइजर बहाली में भी गड़बड़ी की आशंका विभाग ने दिए जांच के आदेश | झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू |
कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मान, पेसा नियमावली से ग्राम स्वशासन को मिली नई दिशा: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
April 13, 2026 | 234 Views
कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मान, पेसा नियमावली से ग्राम स्वशासन को मिली नई दिशा: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

चाईबासा। झारखंड में मुखिया सम्मेलन की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज चाईबासा में आयोजित कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में बाल हितैषी, स्वस्थ, महिला हितैषी, स्वच्छ एवं हरित तथा सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायतों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों से लंबित पेसा नियमावली को लागू कर झारखंड सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है। इससे न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती मिली है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को जनभागीदारी के माध्यम से पुनर्स्थापित किया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि पेसा नियमावली के तहत महिलाओं को ग्राम सभा के सचिव पद पर नियुक्ति का प्रावधान राज्य में लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनेगी।

मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर दिख रहे सकारात्मक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं कि विकास अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतों को प्रशासनिक इकाई से आगे बढ़ाकर विकास, सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित है।


April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views
April 13, 2026 | 235 Views