डूमडूमा (असम)। झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में डूमडूमा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान एवं सभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की राजनीति अब केवल चुनावी दौरों, भाषणों और फोटोशूट तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी स्तर पर चाय बागान के मजदूरों, युवाओं और आम जनता की समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बार-बार बड़े वादे किए, लेकिन न तो रोजगार के अवसर बढ़े और न ही गरीब एवं मेहनतकश वर्ग को उनका हक मिला। हिंदी भाषी समाज के साथ भी दोहरा व्यवहार किया गया है तथा ज़मीन के पट्टों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब तक अधूरे हैं। जनता अब इस सच्चाई को समझ चुकी है कि भाजपा की राजनीति में वादे अधिक और काम कम है।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में भ्रष्टाचार चरम पर है। जमीन घोटालों, सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण निर्णयों ने सरकार की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता, विशेषकर चाय बागान के मजदूर और युवा, स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस की गारंटियों का उल्लेख करते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि पार्टी एक स्पष्ट और जवाबदेह रोडमैप के साथ जनता के बीच है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 10 लाख एकसोनिया पट्टा को मियादी पट्टा में परिवर्तित करने, महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा प्रत्येक नागरिक को ₹25 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। यह दिखावे की नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने की राजनीति है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता बदलाव के लिए तैयार है और कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस परिवर्तन का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा बदलने का अवसर है।