रांची । जिले के सिल्ली प्रखंड अंतर्गत कोकालागाम गांव से एक बेहद मार्मिक और सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोकालगम गांव निवासी रंजीत मुंडा की सड़क दुर्घटना में मौत के लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी उनके परिवार को अब तक किसी प्रकार की मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल 2024 को सिल्ली में हुए एक सड़क हादसे में रंजीत मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए रांची स्थित RIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 अप्रैल 2024 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद से परिजन लगातार न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
मृतक के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। रंजीत मुंडा के दो छोटे बच्चे हैं, जिनका पालन-पोषण उनकी पत्नी सविता देवी किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी कर कर रही हैं। परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना में शामिल बोलेरो (नंबर JH05CB8989) पूर्व विधायक Sudesh Kumar Mahto की बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने समय बाद भी न तो उन्होंने और न ही किसी अन्य जनप्रतिनिधि ने परिवार से मुलाकात की है।
इस मामले में क्षेत्र के सांसद Sanjay Seth और वर्तमान विधायक Amit Mahto पर भी परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि किसी ने न तो आर्थिक मदद दी और न ही हालचाल जानने की कोशिश की।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि 8 अप्रैल 2024 को जब वे न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब सिल्ली पुलिस द्वारा उन पर लाठीचार्ज किया गया। इसके बावजूद अब तक न तो किसी पर ठोस कार्रवाई हुई और न ही परिवार को न्याय मिला।
गांव के लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नेता केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन मुश्किल की घड़ी में जनता को अकेला छोड़ देते हैं।
मृतक रंजीत मुंडा की धर्मपत्नी सविता देवी ने भावुक होकर कहा, “अगर यही घटना किसी मंत्री या नेता के परिवार के साथ होती, तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाता? हम सिर्फ न्याय और अपने बच्चों के भविष्य के लिए मदद मांग रहे हैं।”
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या आम जनता को न्याय के लिए यूं ही दर-दर भटकना पड़ेगा, या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मामले में कोई ठोस पहल करेंगे?