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चार श्रम संहिताओं के खिलाफ रांची में काला दिवस सफलतापूर्वक संपन्न
April 1, 2026 | 209 Views
चार श्रम संहिताओं के खिलाफ रांची में काला दिवस सफलतापूर्वक संपन्न

रांची। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, झारखंड (रांची) के आह्वान पर आज 1 अप्रैल 2026 को रांची में मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ “काला दिवस” कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन भी प्राप्त था।

आज शाम 5 बजे अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने एकत्र होकर केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने काले बैज और काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा नारेबाजी और सभा के माध्यम से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग उठाई।

सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि ये श्रम संहिताएँ श्रमिकों के वर्षों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के माध्यम से कार्य समय को बढ़ाने, यूनियन बनाने के अधिकार को सीमित करने, हड़ताल के अधिकार को समाप्त करने, परमानेंट काम में ठेका आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने एवं वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इन संहिताओं को लागू करने की जल्दबाजी कॉरपोरेट के हित में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और श्रमिक हितों की अनदेखी को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लिया जाए और श्रमिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए।

इसके साथ ही वक्ताओं ने किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि ये कानून किसानों को कॉरपोरेट कंपनियों पर निर्भर बनाने और कृषि पर उनका नियंत्रण कमजोर करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। साथ ही उन्होंने मनरेगा (MGNREGS) में काम की गारंटी को कमजोर करने और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में कटौती पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिससे खेत मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉमरेड शुभेंदु सेन ने की। सभा को एटक के पंकज कुमार और सरिता देवी, एआईसीसीटीयू के भीम साहू, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के गोपाल शरण सिंह, आईसा से त्रिलोकी नाथ, बेफ के एम एल सिंह, किसान सभा के मदुआ कच्छप, खेत मजदूर यूनियन के बीरेंद्र कुमार तथा सीटू के प्रतीक मिश्रा, हरेंद्र यादव और भवन सिंह ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कई दिनों की हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।


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