तेतुलिया पुलिया की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
साहिबगंज (तीनपहाड़): विकास के दावों की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर तेतुलिया गांव से सामने आई है। किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई तेतुलिया पुलिया महज एक वर्ष के भीतर ही जर्जर होकर ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है। घटिया निर्माण सामग्री और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पुलिया अब बड़े हादसे को निमंत्रण देती दिख रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भ्रष्टाचार की दरारें और गायब सुरक्षा
करीब एक वर्ष पहले बनी यह पुलिया क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जा रही थी, लेकिन अब इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
- पुलिया में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं।
- सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के बैरियर (पाइप) रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं।
- ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी वित्तीय अनियमितता हुई है और प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।
ग्रामीणों की तीखी प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है:
- अनंत साह: “यह साफ तौर पर घोटाला है, उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
- बाबूराम सोरेन: “सरकारी संपत्ति की चोरी हो रही है, पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
- किशन साह (किसान): “एक साल में पुलिया का जर्जर होना हमारे जीवन के साथ मजाक है, खेती के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।”
मुआवजे का विवाद भी बना मुद्दा
मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है।
- स्थानीय निवासी बबलू सोरेन का दावा है कि पुलिया उनकी निजी जमीन पर बनाई गई।
- निर्माण के बावजूद अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला, जिससे विवाद और गहरा गया है।
- प्रशासन से ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। उनकी मांगें:
- पुलिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
- क्षतिग्रस्त पुलिया की तुरंत मरम्मत
- चोरी हुए लोहे के पाइप की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी
- प्रभावित जमीन का उचित मुआवजा भुगतान