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झारखंड की आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर सुरक्षित रखने का प्रयास,मंत्री सुदिव्य कुमार ने की प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ बैठक
January 21, 2026 | 253 Views
झारखंड की आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर सुरक्षित रखने का प्रयास,मंत्री सुदिव्य कुमार ने की  प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ बैठक

यूके/रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ आयोजित बैठक में शामिल हुआ। आयोजित सभी बैठकों का मूल विषय झारखंड की प्राचीन मेगालिथ, मोनोलिथ विरासत का संरक्षण, पुनर्स्थापन (Conservation & Restoration), वैज्ञानिक प्रबंधन तथा वैश्विक मान्यता पर रहा।

ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास

बैठक में मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण, संरचनात्मक संरक्षण, परिदृश्य प्रबंधन, समुदाय की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप दीर्घकालिक संरक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आदिवासी समुदायों से जीवंत रूप से जुड़ी इन ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए एक ठोस और विश्वसनीय प्रस्तुति कैसे तैयार की जाए।
इन संवादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व, विरासत संरक्षण, इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाने तथा संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में संभावित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। राज्य सरकार इन विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे झारखंड की मेगालिथिक विरासत का संरक्षण संरचनात्मक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक तीनों स्तरों पर सुदृढ़ हो सके।

आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके

इस मौके पर मंत्री  सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य की अमूल्य मेगालिथिक/मोनोलिथिक विरासत के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं सतत प्रबंधन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विरासत को केवल एक पुरातात्विक धरोहर नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों की जीवंत सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखती है और इसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, सामुदायिक सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएंगे।

प्रमुख बैठकें

Museum of London Archaeology (MOLA)
एंड्रयू हेंडरसन-श्वार्ट्ज़; डॉ. सारा पेरी (University College London), Wardell Armstrong / SLR Consulting डॉ. रोड्री गार्डनर, डॉ. लिंडसे लॉयड स्मिथ, जॉन ट्रेही, Simpson & Brown, सू व्हिटल, जॉन सैंडर्स, टॉम ऐडमैन, AECOM, नील मैकनैब, Wessex Archaeology, डॉ. स्टू ईव, मैट लीवर्स, Arup, ऑटिली थॉर्नहिल, सीनियर कंसल्टेंट। 
 


January 21, 2026 | 254 Views
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