सोनाहातू (झारखंड):झारखंड–पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित ऐतिहासिक सती घाट मेला इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित हुआ। मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए। सती घाट में लोगों की आस्था और मेले का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां झारखंड और बंगाल के दूर-दराज़ इलाकों से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मेले में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही मेले में तरह-तरह की दुकानों की सजावट आकर्षण का केंद्र रही। यहां घरेलू उपयोग की वस्तुओं के अलावा पारंपरिक लोहे के अस्त्र-शस्त्र जैसे भाले, नगाड़े, तलवारें, कुल्हाड़ियां आदि भी उपलब्ध थे, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं।
यह मेला वर्षों से लगातार लगता आ रहा है और इसे एक ऐतिहासिक मेला माना जाता है। सती घाट से लोगों की गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शिल्ली विधानसभा के विधायक अमित कुमार महतो उपस्थित रहे। वहीं, अंचल की अमीन जी डोमन अहीर ने गीतों के माध्यम से सती घाट मेले के महत्व को बताया। उनकी मधुर और प्रसिद्ध धुनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेले के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संपूर्ण व्यवस्था का नेतृत्व सोनाहातू थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप द्वारा किया गया, जिनके निर्देशन में मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।