रांची: कांके थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला कांके थाना कांड संख्या 84/26, दिनांक 11 अप्रैल 2026 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जब जांच शुरू की गई, तो मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी के बयान से घटना की पूरी सच्चाई उजागर हुई।
बताया गया कि वर्ष 2022 में सुषमा कुमारी एक बच्ची को उसके परिजनों से यह कहकर अपने साथ ले आई थी कि वह उसकी देखरेख और भरण-पोषण करेगी। समय बीतने के साथ बच्ची के परिजनों और महिला के बीच आर्थिक व अन्य कारणों से विवाद उत्पन्न हो गया।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि महिला और उसके सहयोगी (भाई) द्वारा बच्ची को घर में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ लगातार अमानवीय व्यवहार किया गया।
10-11 अप्रैल 2026 की रात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए उसकी निर्मम हत्या कर दी।
घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने और मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की। इसके लिए शव को विभिन्न अस्पतालों में ले जाकर भ्रामक स्थिति बनाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों:
- सुषमा कुमारी
- प्रदीप बारला
- संतोष कुमार दास
को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बरामदगी:
- सफेद रंग की मारुति Swift Dzire कार
- एमआई कंपनी का काला मोबाइल
- वीवो कंपनी का आसमानी टच स्क्रीन मोबाइल
- नोकिया का की-पैड मोबाइल
- हत्या में प्रयुक्त कैंची, प्लास, लाठी, रस्सी एवं एडहेसिव टेप
छापामारी दल:
इस कार्रवाई में साक्षी जमुवार सहायक पुलिस अधीक्षक सह थाना प्रभारी कांके के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम शामिल रही, जिसमें अमर कुमार पाण्डेय, कुणाल कुमार, नवीन शर्मा, मो. कफिल अहमद, सतीश कुमार, गंगाधर सिंह, रौशन कुमार सिंह, अरविन्द कुमार, भीम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।