गोड्डा। गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकानों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के चांदी के आभूषण, तीन मोबाइल फोन तथा वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महागामा के नेतृत्व में महागामा थाना कांड संख्या 33/26 की जांच के दौरान मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले छोटू कुमार (निवासी सन्हौला, भागलपुर) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
छोटू कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मो. मोकर्रम, जिया उर्फ जियाउर्रहमान और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने महागामा कांड के अलावा हनवारा थाना क्षेत्र की दो ज्वेलरी दुकानों में चोरी की वारदात में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक चांदी का ब्रेसलेट, एक चांदी की गले की चेन, तीन मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में महागामा एवं हनवारा थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी की अन्य घटनाओं में भी आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
रांची, 28 जुलाई। रांची पुलिस ने जुलाई माह में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना के उद्भेदन में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने चोरी के मामले में गिरफ्तार सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान की निशानदेही पर बिहार के मुजफ्फरपुर से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद इस कांड में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी और आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी निशित केसरी एवं अखिलेश पांडेय के घरों में चोरी की बड़ी घटना हुई थी। मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 172/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तत्काल एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर अपराधियों की पहचान की दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले घटना में प्रयुक्त जगुआर कार (UP78EM0101) को जब्त किया। साथ ही चोरी की गई ₹17,36,200 नकद राशि और कई सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। इसके बाद जांच की कड़ी आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित आरोपी की ससुराल बिजय स्टोर गली, वार्ड संख्या-40, नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। वहां से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, अब तक इस चोरी कांड में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर खान उर्फ कबीर खान, पिता स्वर्गीय अब्दुल्लाह खान, निवासी शुक्ला रोड, रमना, नगर थाना, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) निखिल राय और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) नीरज कुमार ने किया। छापेमारी दल में अरगोड़ा, डेली मार्केट, नामकुम, पुंदाग, तुपुदाना, गोंदा, बुंडू, लोअर बाजार, कोतवाली, बरियातु और जगन्नाथपुर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
रांची पुलिस ने कहा है कि अनुसंधान अभी जारी है। चोरी के नेटवर्क, बरामद आभूषणों के स्रोत तथा इस अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती है।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि करीब 20 लाख रुपये की बीमा राशि पाने और प्रेमी के साथ रहने के लिए पति को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या को सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे रची गई साजिश?
पुलिस जांच के मुताबिक, पति के सो जाने के बाद उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर जहरीले सांप को उसके बिस्तर में छोड़ा गया। इसके बाद महिला अपने बच्चे के साथ दूसरे कमरे में चली गई, ताकि किसी को उस पर शक न हो। शुरुआत में मौत को सामान्य सांप के काटने की घटना माना गया, लेकिन जांच और पोस्टमार्टम के बाद पूरा मामला पलट गया।
पोस्टमार्टम से खुला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आया कि मामला संदिग्ध था। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और पूछताछ में कथित साजिश का खुलासा हुआ। जांच के बाद महिला, उसके प्रेमी और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यह हत्या पहले से सुनियोजित थी और आर्थिक लाभ तथा प्रेम संबंध इस कथित अपराध की प्रमुख वजह बताए जा रहे हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
रांची। रांची पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने बिहार के गया से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्ची के अपहरण के बाद तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं मिलने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पीड़ित परिवार से पांच-पांच हजार रुपये की दो किश्तों में कुल 10 हजार रुपये भी वसूल लिए थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना कांड संख्या 120/26, दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। सूचना मिली थी कि दलादली टीओपी क्षेत्र के सपारोम से पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने बिहार के गया में स्थानीय पुलिस के सहयोग से 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। घटना की सूचना मिलने के मात्र 12 घंटे के भीतर गया जंक्शन के समीप एक होटल से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ ही इस पूरे षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
किरायेदार ने रची अपहरण की साजिश
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह पीड़िता के घर के पास किराये के मकान में रहता था। पैसों की लालच में उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ बिहार के गया ले गया और परिजनों से तीन लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। उसने धमकी दी कि यदि फिरौती नहीं दी गई तो बच्ची की हत्या कर दी जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के दो सहयोगी सचिन कुमार और मोनु कुमार ने बच्ची को छिपाने तथा फिरौती की रकम हासिल करने में उसकी मदद की। आरोपियों ने परिजनों को डरा-धमकाकर ऑनलाइन माध्यम से कुल 10 हजार रुपये अपने खातों में मंगवा लिए।
मां से मिलते ही खिल उठी बच्ची की मुस्कान
पुलिस ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। बरामदगी के बाद जब उसे उसकी मां को सौंपा गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची सकुशल अपने घर लौट सकी।
गिरफ्तार आरोपी
- रमेश कुमार मिश्रा (20 वर्ष), निवासी दिग्गी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- सचिन कुमार (19 वर्ष), निवासी खजुरी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- मोनु कुमार (19 वर्ष), निवासी मखदुमपुर, जिला जहानाबाद (बिहार)
बरामद सामान
- घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी
इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन ने किया। टीम में दलादली टीओपी प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय, पु.अ.नि. संदीप राज, स.अ.नि. शिवलाल मुर्मु, महिला आरक्षी मेरी जयंती तिर्की, आरक्षी पंकज कुमार चौधरी के अलावा तकनीकी शाखा रांची के जुनुल सुरीन, विरेन्द्र सिंह, समसोन संगा, क्रिस्टेफर डुंगडुंग, सूरज तिग्गा तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सहायता के कारण बच्ची को 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया।
साहिबगंज । जिले के बरहेट थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि एक 22 वर्षीय मुस्लिम युवक ने शिवगादी मंदिर में एक नाबालिग हिंदू किशोरी से विवाह कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन समिति ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ को थाना ले गई । वही किशोरी की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवक और किशोरी दोनों को अपने संरक्षण में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बरहेट के मोमिन टोला निवासी 22 वर्षीय मनोवर अंसारी पर आरोप है कि उसने बुधवार को प्रसिद्ध शिवगादी मंदिर में एक नाबालिग हिंदू किशोरी से विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि किशोरी रांगा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और बरहेट में अपने रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी वर्ष उसने 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। बुधवार सुबह दोनों शिवगादी मंदिर पहुंचे, जहां युवक ने मंदिर में रखे सिंदूर से किशोरी की मांग भर दी। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और कर्मचारियों ने जब यह दृश्य देखा तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद तुरंत मंदिर प्रबंधन समिति को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में दोनों के मंदिर में मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद बरहेट थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद किशोरी की मां ने पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें बेटी के नाबालिग होने का उल्लेख करते हुए युवक पर गंभीर आरोप लगाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरहेट थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने किशोरी को सुरक्षा के मद्देनजर अपने संरक्षण में रखा है। उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा मेडिकल और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगा।
बरहेट के शिवगादी मंदिर में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी है। किशोरी की उम्र, दोनों के संबंधों की प्रकृति और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
रांची : राजधानी रांची में पुलिस जांच से बचने के लिए तेज रफ्तार से भाग रही एक संदिग्ध काली थार को पुलिस ने जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को दिन के लगभग 11:30 बजे मोराबादी प्राइम पार्क के पास पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीम को एक काली थार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। वाहन के सभी शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी थी, विंडशील्ड टूटी हुई थी तथा पीछे का नंबर प्लेट मिट्टी से ढका हुआ था, जिससे वाहन संदिग्ध प्रतीत हुआ।
जब पेट्रोलिंग टीम ने वाहन को रोककर जांच करने का प्रयास किया, तो चालक ने गाड़ी को तेज गति से भगाने की कोशिश की। इस दौरान उसने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए पेट्रोलिंग वाहन के चालक को टक्कर मार दी, जिससे पुलिसकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई। घायल पुलिसकर्मी के सिर पर पांच टांके (स्टिच) लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
घटना के बाद पुलिस ने वाहन का नंबर ट्रेस कर प्राथमिकी दर्ज की और छापेमारी कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने थार वाहन को भी जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
- नाम: विश्राम उरांव (Vishram Oraon)
- उम्र: 38 वर्ष
- निवासी: बरियातू, रांची
रांची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पुलिस जांच के दौरान वाहन रोककर सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि नियमित जांच अभियान आम जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से चलाया जाता है। पुलिस जांच से बचने या भागने का प्रयास करना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
चतरा : पुलिस ने कोयला क्षेत्र में दहशत फैलाने और लेवी वसूली के लिए फायरिंग एवं आगजनी की योजना को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी राहुल दुबे गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को वरीय अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि टंडवा और पिपरवार थाना क्षेत्र के कोयला साइडिंग एवं माइंस इलाके में राहुल दुबे के इशारे पर उसके गैंग के सदस्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। अपराधी कोयला क्षेत्रों की रेकी कर फायरिंग और आगजनी की योजना बना रहे थे।
सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा के नेतृत्व में छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को बताया कि वे रामगढ़ के बरकाकाना, कुज्जू, हजारीबाग के केरेडारी, चरही, चतरा के आम्रपाली, पिपरवार के अशोका माइंस एवं राजधर साइडिंग तथा रांची के खलारी क्षेत्र में रेकी कर फायरिंग और आगजनी की योजना बना रहे थे।
इस मामले में पिपरवार थाना कांड संख्या-30/26, दिनांक 14.07.2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बरामद सामान:
- देशी पिस्टल – 1
- देशी कट्टा – 1
- जिंदा गोली – 6
- मोबाइल – 3
- मोटरसाइकिल – JH 08H 3055
गिरफ्तार आरोपी:
- संजय मूर्ति, गोमिया, बोकारो
- आलोक कुमार सिंह, बोकारो स्टील सिटी
- अजय करमाली, केरेडारी, हजारीबाग
छापेमारी टीम में शामिल:
एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरबार, टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा, पु0अ0नि0 अभिमन्यु कुमार सहित चतरा पुलिस की तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
रांची/बुढ़मू। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची की टीम ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में पदस्थापित भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
मामला जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, परिवादी सुबोध कुमार, पिता नन्दकिशोर प्रसाद, ग्राम-आब्रे, थाना मांडर, जिला रांची ने एसीबी रांची में लिखित शिकायत देकर बताया था कि बुढ़मू अंचल क्षेत्र में स्थित जमीन के म्यूटेशन कार्य के लिए उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत में बताया गया कि परिवादी की पत्नी पिंकी देवी एवं साली जया कुमारी और संगीता गुप्ता के नाम से जमीन की रजिस्ट्री की गई थी। म्यूटेशन के लिए आवेदन और डीड की छायाप्रति जमा करने के बावजूद काम लंबित रखा गया था। जब परिवादी ने अंचल कार्यालय जाकर म्यूटेशन कराने की बात की तो उन्हें भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार से मिलने को कहा गया।आरोप है कि भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार ने म्यूटेशन के लिए करीब 80 से 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान कम राशि देने पर सहमति बनी और पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए बुढ़मू अंचल कार्यालय में जाल बिछाया।
कार्रवाई के दौरान भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले में एसीबी थाना रांची में कांड संख्या 13/26, दिनांक 07 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-2018 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले में सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।ल
रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने संरक्षित वन भूमि की खरीद-बिक्री और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
CID थाना कांड संख्या-04/2025, दिनांक 09 जनवरी 2025 के तहत दर्ज मामले में आरोपी शैलेश कुमार सिंह (59 वर्ष), पिता विक्रमादित्य सिंह, निवासी इंद्रपुरी, पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी वर्तमान पता नंदनपुरी कॉलोनी हाउस नंबर-22, थाना राजीव नगर, पटना से की गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 406, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 तथा वन अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
CID के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी द्वारा अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर 'संरक्षित वन भूमि' की खरीद-बिक्री करने के साक्ष्य मिले हैं।
रांची: बुण्डू थाना क्षेत्र में 19 जून 2026 को मिले अधजले और सिरकटे अज्ञात शव की गुत्थी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त हथियार, ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के ग्राम सुमानडीह स्थित महादेवटांड़ जंगल से एक अधजला और सिरविहीन शव बरामद हुआ था। शव के दाहिने हाथ की कलाई पर "Sanjoy Raj @ Pal" गोदना बना हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया और सिर अलग कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोली निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रमन कुमार सेठ और सुबोधनी देवी के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था। इस संबंध की जानकारी संजय लोहरा को हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को पैसे देकर पति की हत्या कराने की साजिश रची।
18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति से कहा कि उसे सोनाहातु थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में जाना है। दोनों मोटरसाइकिल से निकले। रास्ते में आड़िया सतिया नदी के पास पत्नी ने शौच जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई और नदी की ओर चली गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो साथियों के साथ ऑल्टो कार से वहां पहुंचा और लाठी से पीट-पीटकर संजय लोहरा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को ऑल्टो कार में डालकर बुण्डू थाना क्षेत्र के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से धड़ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जबकि कटा हुआ सिर तमाड़ थाना क्षेत्र के सुंदरडीह के समीप रानी वन जंगल में गाड़ दिया गया। इसके बाद मृतक की मोटरसाइकिल को तमाड़ थाना क्षेत्र के बबईकुढ़ी के पास छोड़ दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रानी वन जंगल से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया। दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चापड़, ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा एसआईटी ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार किए गए अनुसंधान के आधार पर किया, जिससे करीब 20 दिनों में इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली।