रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने संरक्षित वन भूमि की खरीद-बिक्री और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
CID थाना कांड संख्या-04/2025, दिनांक 09 जनवरी 2025 के तहत दर्ज मामले में आरोपी शैलेश कुमार सिंह (59 वर्ष), पिता विक्रमादित्य सिंह, निवासी इंद्रपुरी, पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी वर्तमान पता नंदनपुरी कॉलोनी हाउस नंबर-22, थाना राजीव नगर, पटना से की गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 406, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 तथा वन अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
CID के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी द्वारा अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर 'संरक्षित वन भूमि' की खरीद-बिक्री करने के साक्ष्य मिले हैं।
रांची: बुण्डू थाना क्षेत्र में 19 जून 2026 को मिले अधजले और सिरकटे अज्ञात शव की गुत्थी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त हथियार, ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के ग्राम सुमानडीह स्थित महादेवटांड़ जंगल से एक अधजला और सिरविहीन शव बरामद हुआ था। शव के दाहिने हाथ की कलाई पर "Sanjoy Raj @ Pal" गोदना बना हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया और सिर अलग कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोली निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रमन कुमार सेठ और सुबोधनी देवी के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था। इस संबंध की जानकारी संजय लोहरा को हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को पैसे देकर पति की हत्या कराने की साजिश रची।
18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति से कहा कि उसे सोनाहातु थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में जाना है। दोनों मोटरसाइकिल से निकले। रास्ते में आड़िया सतिया नदी के पास पत्नी ने शौच जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई और नदी की ओर चली गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो साथियों के साथ ऑल्टो कार से वहां पहुंचा और लाठी से पीट-पीटकर संजय लोहरा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को ऑल्टो कार में डालकर बुण्डू थाना क्षेत्र के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से धड़ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जबकि कटा हुआ सिर तमाड़ थाना क्षेत्र के सुंदरडीह के समीप रानी वन जंगल में गाड़ दिया गया। इसके बाद मृतक की मोटरसाइकिल को तमाड़ थाना क्षेत्र के बबईकुढ़ी के पास छोड़ दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रानी वन जंगल से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया। दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चापड़, ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा एसआईटी ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार किए गए अनुसंधान के आधार पर किया, जिससे करीब 20 दिनों में इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली।
रांची: दशमफॉल थाना क्षेत्र में 23 जून 2026 को मिली अज्ञात युवती के शव मामले का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में 18 वर्षीय चेतन मुंडा को गिरफ्तार किया है। मामले में दशमफॉल थाना कांड संख्या 06/2026 के तहत धारा 103(1), 238 एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बुण्डू के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक अनुसंधान, गुप्त सूचना और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
अनुसंधान के दौरान मृतका की पहचान हिस्सी कुमारी (18 वर्ष), ग्राम बरिगड़ा, थाना अड़की, जिला खूंटी के रूप में हुई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर चेतन मुंडा (18 वर्ष), ग्राम चापुदडीह, थाना अड़की, जिला खूंटी को 4 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह प्रेम प्रसंग में उत्पन्न ईर्ष्या थी। आरोपी ने युवती को किसी अन्य युवक के साथ देखने के बाद दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने मृतका का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था, जिसे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
बरामद सामान:
- मृतका का जियो सिम लगा मोबाइल फोन।
- आरोपी चेतन मुंडा का मोबाइल फोन।
साहिबगंज। नगर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला स्थित तिलकधारी कुआं के समीप बुधवार देर शाम अज्ञात अपराधियों ने एक युवक को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान तिलकधारी कुआं निवासी 24 वर्षीय आदर्श कुमार, पिता सुनील कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आदर्श कुमार को बाएं सीने में गोली लगी थी, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर स्थिति हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना इंस्पेक्टर अमित गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस के द्वारा हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुटिया थाना क्षेत्र स्थित RSS कार्यालय पर आधी रात के बाद दो अज्ञात युवकों ने पेट्रोल बम फेंके। पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 12:38 बजे दो युवक कार्यालय के पास पहुंचे। CCTV फुटेज में देखा गया कि एक युवक बैग से बोतल निकालकर उसमें आग लगाता है, जबकि दूसरा युवक घटना का वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसके बाद जलती हुई बोतल परिसर की ओर फेंकी जाती है और दोनों आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।
गनीमत रही कि इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस, एफएसएल टीम और तकनीकी सेल मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि संघ कार्यालय पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक संगठनों की सुरक्षा के लिए खतरे का संकेत है। कुछ नेताओं ने इसे "बड़ी साजिश" करार दिया है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वही अन्य जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले आरएसएस कार्यालय के स्वयंसेवक और पास में चल रहे होटल के कर्मचारियों के बीच गंदगी को लेकर बहस हुई थी इसी को लेकर जोड़ा जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और राज्यसभा चुनाव को लेकर भी माहौल गरम है। घटना के बाद RSS कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।
वही पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल RSS कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बरहरवा (मालदा)रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में अपराधों की रोकथाम तथा रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), मालदा मंडल को ऑपरेशन सतर्क के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक, मालदा मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त/प्रभारी, आरपीएफ, मालदा बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में की गई।
दिनांक 11.06.2026 को प्राप्त विशेष सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट बरहरवा एवं सीपीडीएस टीम द्वारा ट्रेन संख्या 13403 वनांचल एक्सप्रेस में संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान सत्यापन हेतु दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया, जो दोनों कालियाचक, मालदा (पश्चिम बंगाल) के निवासी हैं।
तलाशी के दौरान उनके सामान से विभिन्न ब्रांडों के कुल 174 पुराने एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनके चोरी के होने की आशंका है। इनमें से एक व्यक्ति के पास से 85 तथा दूसरे व्यक्ति के पास से 89 मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइल फोनों का कुल अनुमानित मूल्य 58,95,878 रुपये है।
पकड़े गए व्यक्ति बरामद मोबाइल फोनों के स्वामित्व संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके तथा न ही उनके कब्जे के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दे सके। फलस्वरूप, सभी बरामद मोबाइल फोनों को गवाहों की उपस्थिति में विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त कर लिया गया तथा पकड़े गए व्यक्तियों को जब्त संपत्ति सहित आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु जीआरपीएस/बरहरवा को सुपुर्द कर दिया गया।
रांची: राजधानी रांची पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे कुख्यात अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है, जो झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। गिरफ्तार आरोपी संतोष कुमार राठौड़ (37 वर्ष) उर्फ "राठौड़" कई बार जेल जा चुका है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुंदाग में हुई चोरी के बाद हरकत में आई पुलिस
मामला 6-7 जून 2026 की रात का है, जब पुंदाग ओपी क्षेत्र के लाजपत नगर मंदिर के समीप स्थित एक बंद घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी की चोरी कर ली गई थी। गृहस्वामी की शिकायत पर पुंदाग थाना कांड संख्या 135/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानव स्रोतों की मदद से जांच शुरू की।
सीसीटीवी से मिला सुराग, रात में चलाया गया विशेष वाहन चेकिंग अभियान
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी रात 2 बजे से 4 बजे के बीच चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। वह काले कपड़े और काला हेलमेट पहनकर चोरी करने निकलता था तथा वारदात के बाद तुरंत फरार हो जाता था।
इसके बाद पुंदाग ओपी क्षेत्र में कई दिनों तक रातभर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। 9-10 जून की रात करीब 2:30 बजे पुलिस को एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस की चेकिंग देखकर वह भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में खुला बड़ा राज
गिरफ्तार युवक ने अपना नाम संतोष कुमार राठौड़, पिता स्वर्गीय राजकुमार राठौड़, निवासी आदित्यनगर, मुंगेर (बिहार) बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी में प्रयुक्त औजार और अन्य सामान बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बंद घरों को निशाना बनाकर ताला तोड़ता था और सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चुरा लेता था। उसने पुंदाग चोरी कांड में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
किराये के कमरे से बरामद हुए चोरी के जेवरात
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके किराये के कमरे में छापेमारी की, जहां से चोरी गए कीमती जेवरात और नकदी बरामद की गई।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- सोने का मंगलसूत्र – लगभग 40 ग्राम
- सोने का ब्रेसलेट – लगभग 10 ग्राम
- सोने की चेन – लगभग 15 ग्राम
- सोने का मांगटीका – लगभग 10 ग्राम
- सोने के लॉकेट, अंगूठियां और अन्य आभूषण
- कुल लगभग 90 ग्राम सोने के आभूषण
- लगभग 450 ग्राम चांदी के सामान
- 5,770 रुपये नकद
- चोरी में प्रयुक्त एक बाइक
हजारीबाग से चोरी की गई थी बाइक
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिस बाइक का उपयोग कर रहा था, वह भी चोरी की थी। उसने 30 मई 2026 को हजारीबाग के बरही बाजार क्षेत्र से बाइक चोरी की थी और उसी बाइक का इस्तेमाल रांची में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए कर रहा था।
कई राज्यों में फैला है आपराधिक नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ अरगोड़ा, बरही और पुंदाग थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी:
- 8 बार राउरकेला जेल जा चुका है।
- 2 बार रायपुर जेल में बंद रह चुका है।
- 2 बार हटिया जेल जा चुका है।
- 1 बार बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) जेल में भी बंद रहा है।
रांची में कई बड़ी चोरी की वारदातों की बना रहा था योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी रांची शहर के कई पॉश इलाकों और बड़े मकानों की रेकी कर रहा था। वह आने वाले दिनों में बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उसकी योजना धरी की धरी रह गई।
पुलिस कर रही अन्य मामलों की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में की गई अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। आशंका है कि उसके खुलासे से कई पुराने चोरी कांडों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
रांची पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से विभिन्न राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था।
छापामारी दल में विशेष रूप से
हटिया डीएसपी नीरज कुमार, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी नितिन कुमार सिंह,पुंदाग ओपी प्रभारी संजीव कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मी ने मुख्य भूमिका निभाई।
रांची: पिठौरिया थाना क्षेत्र में 2 जून 2026 को हुई फायरिंग की घटना का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा घटना में प्रयुक्त हथियार, जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की है।
घटना में मामले में ग्रामीण एसपी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 2 जून की शाम करीब 6 बजे मदनपुर कोकदोरो निवासी फिरोज अंसारी पर जानलेवा हमला किया गया था। बाइक पर सवार अफसर अंसारी और शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी ने फिरोज अंसारी को निशाना बनाकर गोली चलाई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस संबंध में पिठौरिया थाना कांड संख्या 63/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर गठित विशेष छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शोएब अंसारी को गिरफ्तार किया। वहीं मुख्य आरोपी अफसर अंसारी ने पुलिस दबिश के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 7.65 एमएम पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (JH01EJ-0872) बरामद की गई।
पुरानी रंजिश बनी फायरिंग की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में फिरोज अंसारी के भतीजे की हत्या के मामले में अफसर अंसारी आरोपी था। वह फिलहाल जमानत पर बाहर था, जबकि उसका पिता न्यायिक हिरासत में है। पुलिस के मुताबिक अफसर अंसारी लगातार फिरोज अंसारी पर हत्या मामले में गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी रंजिश के चलते फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। साथ ही पिठौरिया और कांके थाना क्षेत्रों में हुई कई गृहभेदन (चोरी) की घटनाओं में भी अपनी भूमिका कबूल की है। इन मामलों में आगे की जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- अफसर अंसारी (22 वर्ष), निवासी कोकदोरो, पिठौरिया
- शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी (23 वर्ष), निवासी कोकदोरो, पिठौरिया
बरामद सामान
- 7.65 एमएम का एक पिस्तौल
- एक जिंदा कारतूस
- बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (JH01EJ-0872)
ब्यूरो। शिवपुरी में सोशल मीडिया पर सोना, नकदी और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रदर्शन करना एक महिला इन्फ्लुएंसर को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इन्फ्लुएंसर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सोने के आभूषण, नकदी और आलीशान जीवनशैली से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए थे। इसके बाद चोरों ने उनके घर को निशाना बना लिया।
बताया जा रहा है कि चोरों ने देर रात के समय घर की दीवार पर लगे सुरक्षा तार काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने अलमारी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर महंगी वस्तुओं, नकदी और निजी जानकारी का अत्यधिक प्रदर्शन अपराधियों को मौका दे सकता है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
रांची: मांडर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम कर्रो की एक महिला के लिखित आवेदन के आधार पर मांडर थाना कांड संख्या 58/2026 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक, खलारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने मांडर, चान्हो एवं बेड़ो थाना क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इसके परिणामस्वरूप घटना में संलिप्त 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय जांच एवं उपचार के लिए रांची सदर अस्पताल भेजा। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया जाएगा।
गिरफ्तार अभियुक्त
- आयुष उरांव (22 वर्ष)
- पापड़ मुंडा उर्फ प्रकाश मुंडा (19 वर्ष)
- रामलुस कुजूर (23 वर्ष)
- रंजीत उरांव (24 वर्ष)
- उमेश भगत (23 वर्ष)
- दीपक उरांव (19 वर्ष)
- राम उरांव (19 वर्ष)
- विकास उरांव (23 वर्ष)
इसके अलावा एक 15 वर्षीय विधि-विरुद्ध किशोर को भी निरुद्ध किया गया है।