भागलपुर: मालदा मंडल ने रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में भागलपुर रेलवे स्टेशन के शंटिंग नेक के समीप नई स्टेबलिंग लाइन का सफलतापूर्वक विकास किया गया है।
इस नई स्टेबलिंग लाइन की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए आज सफलतापूर्वक लाइट इंजन ट्रायल भी सम्पन्न किया गया। इसके शुरू होने से स्टेशन क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाया जा सकेगा।
रेल अधिकारियों के अनुसार यह नई सुविधा कोचिंग रेकों के बेहतर स्टेबलिंग एवं प्रबंधन में सहायक होगी। साथ ही इससे परिचालन संबंधी भीड़भाड़ कम होगी और भागलपुर स्टेशन पर समग्र ट्रेन परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को मालदा मंडल के इंजीनियरिंग, परिचालन, सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) सहित विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। यह कार्य मंडल की आधुनिकीकरण, परिचालन सुधार और यात्री सेवाओं के सतत उन्नयन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंडल रेल प्रबंधक ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित विभागों की सराहना करते हुए कहा कि मालदा मंडल सुरक्षित, सुगम और अधिक दक्ष रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से रेल अवसंरचना विकास कार्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।
भागलपुर(मालदा) यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता निभाते हुए मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ऑपरेशन अमानत के तहत एक यात्री को उसका खोया हुआ बैग वापस दिलाकर सराहनीय कार्य किया है। बैग में करीब 50 हजार रुपये मूल्य का लैपटॉप और अन्य सामान मौजूद था।
यह कार्रवाई 13 मई 2026 को उस समय शुरू हुई जब रेल मदद के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई कि एक यात्री ट्रेन संख्या 13071 अप हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस के बी-2 कोच में अपना बैग भूल गया है। यात्री भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उतर चुका था।
मामले की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज आरपीएफ पोस्ट की टीम तुरंत सक्रिय हुई। ट्रेन के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पहुंचते ही ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों ने संबंधित कोच की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान लावारिस बैग बरामद कर उसे सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
इसके बाद आवश्यक सत्यापन और पहचान की प्रक्रिया पूरी कर बैग उसके असली मालिक को सौंप दिया गया। बैग में रखा लैपटॉप समेत अन्य जरूरी सामान सुरक्षित मिलने पर यात्री ने आरपीएफ का आभार जताया।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और आरपीएफ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीम कुमार कुल्लू की निगरानी में यह कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों की खोई वस्तुओं को जल्द से जल्द खोजकर उन्हें वापस लौटाने का अभियान लगातार जारी है, जिससे यात्रियों का रेलवे पर भरोसा और मजबूत हो रहा है।
रांची : झारखंड में ऊर्जा ट्रांजिशन और हरित विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत राज्य सरकार एवं सस्टेनेबल स्टार्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स की ओर से ‘ग्रीन गोल्ड : अनलॉकिंग ग्रेफिन इन झारखंड’ रिपोर्ट का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर ग्रेफिन की संभावनाओं और उससे जुड़े औद्योगिक नवाचारों को लेकर तैयार की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेफिन एक उन्नत कार्बन मैटेरियल है, जिसका उपयोग स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी स्टोरेज, हेल्थ टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। झारखंड में इसके प्रमुख स्रोतों के रूप में अग्रेड, कोल्डेड मेथन और लाख आधारित प्राकृतिक संसाधनों की पहचान की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड भविष्य में करीब 5,500 टन ग्रेफिन उत्पादन क्षमता विकसित कर सकता है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लाख आधारित ‘ग्रीन ग्रेफिन’ उत्पादन से ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी समुदायों के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार क्षमता है और ग्रेफिन जैसे नवाचार राज्य को हरित औद्योगिक विकास की दिशा में आगे ले जा सकते हैं।
वहीं प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि लाख और अन्य जैव-आधारित संसाधनों के माध्यम से ग्रेफिन उत्पादन सामुदायिक उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
तकनीकी सत्र में शामिल विशेषज्ञों ने कहा कि झारखंड में रिसर्च, इंडस्ट्री और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी बनाकर ग्रेफिन इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है। इसके लिए नीति समर्थन, निवेश आकर्षण और कौशल विकास पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है।
इस मौके पर विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ और सामुदायिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में झारखंड को ग्रीन ग्रेफिन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
सोनाहातु:- प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। गुरुवार शाम हुई भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवा के कारण सोनाहातु थाना क्षेत्र स्थित सोनाहातु अस्पताल के समीप एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर पड़ा, जिससे मुख्य सड़क पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा।पेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग बारिश के बीच घंटों सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल पहल की और सामूहिक प्रयास से सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद आवागमन फिर से सामान्य हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे जर्जर और कमजोर पेड़ों की पहचान कर समय रहते उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।बारिश और तूफान के कारण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कोलकाता। 85 वर्षीय ललिता घोष (नाम बदला हुआ) के लिए ट्रेन यात्रा कभी सहनशक्ति की परीक्षा हुआ करती थी। हर हफ्ते, वह अपने चिकित्सीय जाँच के लिए 50 किलोमीटर की यात्रा करती हैं, लेकिन जैसे ही बंगाल की गर्मी शुरू होती, उन्हें अक्सर चिंता सताने लगती थी। पहले, चिलचिलाती गर्मी, पर्याप्त प्रतीक्षा क्षेत्रों की कमी और पर्याप्त पंखे या ठंडे पानी की अनुपलब्धता उन्हें अपनी उम्र का एहसास कराती थी। "मैं गर्मी के कारण यात्रा करने से डरती थी," वह याद करती हैं। "पर्याप्त छाया या बैठने की जगह नहीं होती थी, और मुझे लंबे इंतजार की चिंता सताती थी।" लेकिन अब पूर्व रेलवे में स्थिति पूरी तरह बदल गई है और पिछले अप्रैल में यह उपलब्धि और भी बड़ी हो गई। हाल ही में जब ललिता देवी ने प्लेटफार्म पर कदम रखा, तो उनका स्वागत ताजगी भरी हवा और स्नेहपूर्ण व्यवहार से हुआ, जिससे वे बेहद प्रसन्न हुईं। उन्होंने गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके जैसे यात्रियों के लिए यात्रा आसान और आरामदायक हो गई है। यह परिवर्तन कोई संयोग नहीं है; यह पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के दूरदर्शी नेतृत्व में चलाए गए एक माह लंबे व्यापक अभियान का परिणाम है।
बढ़ते तापमान से निपटने के लिए पूर्व रेलवे ने अप्रैल माह में पूरे क्षेत्र में 78 नए वाटर कूलर लगाए गए। इनमें 6 सियालदह मंडल, 6 मालदा मंडल और 66 आसनसोल मंडल में लगाए गए। मालदा मंडल के राजमहल स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा हेतु प्लेटफॉर्म पर चार नए एयर-सर्कुलेटिंग पंखे लगाए गए, जबकि जंगीपुर रोड स्टेशन के एबीएसएस भवन में पाँच स्प्लिट एसी यूनिट स्थापित किए गए। पीने के पानी की विश्वसनीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुंगेर स्टेशन पर नया 2 एचपी सबमर्सिबल पंप लगाया गया। रात्रिकालीन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सियालदह और मालदा मंडल के अधिक दैनिक यात्री आवागमन वाले 10 स्टेशनों पर प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। इसके अलावा, उखड़ा यार्ड और न्यू स्टॉक साइडिंग यार्ड में सात हाई-मास्ट टावर चालू किए गए।
पूर्व रेलवे की सुरक्षा और दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के कल्याण तक भी विस्तारित है। इस माह सियालदह, आसनसोल, हावड़ा, मालदा, जमालपुर, लिलुआ और कांचरापाड़ा क्षेत्रों में 2,461 ऊर्जा-संरक्षण करने वाले बीएलडीसी सीलिंग फैन वितरित किए गए। तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने के लिए मालदा में 2 टन क्षमता वाले 24 स्प्लिट एसी तथा सियालदह में नौ स्टार-रेटेड एसी लगाए गए। बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। तलझारी, धरहरा और मुंगेर स्टेशनों पर नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए, जबकि आसनसोल के कोचिंग कॉम्प्लेक्स में तीन नए एलटी पैनल स्थापित किए गए। निवासियों और भवनों की सुरक्षा के लिए मालदा में 405 रखरखाव-मुक्त अर्थिंग पॉइंट स्थापित किए गए तथा रेलवे क्वार्टरों में 96 स्मार्ट प्री-पेड ऊर्जा मीटर लगाए गए। दूरदराज के स्टेशनों तक विकास पहुँचाते हुए जगदीशपुर, बेला हॉल्ट और तेलिया स्टेशनों का विद्युतीकरण पूरा किया गया, जबकि बरहरवा, तिलडांगा और मोनिग्राम स्टेशनों पर आपातकालीन इन्वर्टर उपलब्ध कराए गए।
इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि उनका मिशन केवल ट्रेनों को चलाना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ना और हर यात्री को घर जैसा अनुभव देना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंखा, वाटर कूलर और प्रकाश व्यवस्था आम आदमी के लिए सुरक्षित, आरामदायक और भावनात्मक रूप से सुखद यात्रा अनुभव की दिशा में एक कदम है। आज जब ललिता देवी आराम से बैठकर अपनी ट्रेन की प्रतीक्षा करती हैं, तो वह उन लाखों यात्रियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनके लिए पूर्व रेलवे ने कठिन यात्रा को सहज और सम्मानजनक अनुभव में बदल दिया है।
जमालपुर (मालदा) । पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत लोको शेड, जमालपुर में शनिवार को गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) कृष्ण कुमार दास के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरुदेव को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद गीत, कविता-पाठ, नृत्य और संगीत सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर भगवान प्रसाद जेना, सहायक विद्युत अभियंता/ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन, डॉ. गौरी शंकर दास, रेलवे मुख्य चिकित्सालय (कारखाना), तथा श्री मृणाल कुमार, AWM/जमालपुर वर्कशॉप सहित कई गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ लोको शेड के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन हेतु उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं और योगदानकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन मालदा मंडल की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रीय महापुरुषों के सम्मान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना।
रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देशवासियों को पेट्रोल बचाने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्राएँ रोकने, विदेशी सामान छोड़ने और घर से काम करने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय संकट आज बताया जा रहा है, उसकी शुरुआत आज नहीं हुई है। युद्ध और वैश्विक तनाव की स्थिति पहले दिन से बनी हुई थी। तब प्रधानमंत्री ने देश से त्याग और कटौती की अपील क्यों नहीं की?
देश की जनता यह अच्छी तरह समझ रही थी कि उस समय पांच राज्यों के चुनाव सामने थे, इसलिए सरकार सच्चाई छिपा रही थी। चुनाव खत्म होते ही अब जनता को “कम खर्च करो, कम घूमो, कम खरीदो” का ज्ञान दिया जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को छिपाया।
आज प्रधानमंत्री की बातों और सरकार की नीतियों से स्पष्ट हो गया है कि भारत की विदेश नीति हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जिन देशों को कभी भारत का सबसे भरोसेमंद “मित्र” बताया जाता था, वही देश आज भारत से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। सरकार अमेरिका के दबाव के आगे झुकती नजर आ रही है और उसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है।
मोदी सरकार ने “विश्वगुरु”, “न्यू इंडिया” और “5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी” जैसे बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन हकीकत यह है कि आज आम आदमी की कमर टूट चुकी है। महँगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोज़गारी रिकॉर्ड स्तर पर है, रुपये की कीमत कमजोर हो रही है और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाकर जनता को निचोड़ा जा रहा है। आर्थिक नीति पहले ही आम लोगों को तोड़ चुकी थी, अब सरकार खुलकर जनता से त्याग मांग रही है।
विडंबना यह है कि एक तरफ जनता को विदेश यात्राएँ और डेस्टिनेशन वेडिंग रोकने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री खुद यूरोप दौरों पर निकल जाते हैं। अगर वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग इतनी जरूरी और प्रभावी हैं, तो क्या सरकार खुद उसका पालन नहीं कर सकती?
देश की जनता से कभी थाली बजवाई गई, कभी मोमबत्ती जलवाई गई, कभी प्याज-टमाटर छोड़ने की सलाह दी गई और अब कहा जा रहा है कि कम चलो, कम खरीदो और कम जियो। आखिर 12 वर्षों की सरकार के बाद अगर समाधान सिर्फ जनता के त्याग में ही बचा है, तो फिर विकास हुआ कहाँ?
झारखंड मुक्ति मार्च मानता है कि देश को भाषण नहीं, जवाब चाहिए। जनता टैक्स भी दे, महँगाई भी सहे, बेरोज़गारी भी झेले और अंत में उपदेश भी सुने, यह लोकतंत्र नहीं, जनता के साथ अन्याय है।
महागामा। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मेहरमा प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा सीमानपुर पंचायत के खिरौंधी में BLA-2 (बूथ लेवल एजेंट) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न बूथों से बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट, पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी बूथ स्तर तक पहुंचाना तथा मतदाता सूची में संभावित अनियमितताओं के प्रति संगठन को सजग और सशक्त बनाना था। इस दौरान कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, त्रुटियों के संशोधन और पात्र मतदाताओं के नाम कटने से रोकने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अपनी अहमियत है और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान संगठन की सजगता ही यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करें तथा यदि किसी नागरिक को नाम जोड़ने या संशोधन कराने में कठिनाई हो, तो कांग्रेस संगठन पूरी तत्परता से सहायता प्रदान करे।
मंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों में मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की शिकायतें सामने आई हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में झारखंड में विशेष सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस जनता की सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य में विभाजनकारी राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर गोड्डा जिला कांग्रेस अध्यक्ष यह्या सिद्दीकी, मेहरमा प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष मनिंदर सिंह, SIR प्रशिक्षक मुद्दसर खान सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे बूथ स्तर पर पूरी सक्रियता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे। कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और जनाधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।
रांची: आगामी 24 मई 2026, रविवार को लाल किला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक समागम सह गर्जना महारैली को लेकर शनिवार, 9 मई 2026 को सरहुल पूजा स्थल, सेक्टर-3 एन टाइप धूमकुड़िया भवन प्रांगण, धुर्वा में विभिन्न सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मेघा उरांव ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए मेघा उरांव ने बताया कि “दिल्ली चलो” अभियान के तहत प्रत्येक प्रखंड में बाइक रैली, दीवार लेखन एवं प्रत्येक मौजा में देव पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 16 मई 2026, शनिवार को रांची के बिरसा चौक से बाइक रैली निकाली जाएगी, जिसका समापन मोराबादी स्थित बापू वाटिका में होगा।
उन्होंने आगे बताया कि अपनी मांगों की पूर्ति एवं कार्यक्रम की सफलता के लिए 19, 20 और 21 मई को सभी मौजा, गांव एवं प्रखंड स्तर पर एक साथ देव पूजा का आयोजन किया जाएगा।
क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि जनजातियों के अस्तित्व, अस्मिता, हक-अधिकार एवं धर्म की रक्षा के उद्देश्य से रांची से दो विशेष ट्रेनें रिजर्व की गई हैं। उन्होंने बताया कि पूरे देशभर से भी ट्रेनों की बुकिंग की जा रही है और अब तक लगभग 75 हजार लोगों के दिल्ली जाने का टिकट बुक हो चुका है। इसके अलावा निजी वाहन, बसों एवं अन्य साधनों से भी हजारों लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
बैठक में अंजलि लकड़ा, पिंकी खोया, बबलू मुंडा (केंद्रीय सरना समिति), महासचिव अशोक मुंडा, सोमा उरांव, डॉ. बिरसा उरांव, जय मंत्री उरांव, शनि उरांव, साजन मुंडा, विकास उरांव, रिंकू महली, राजन, पूजा महली, विश्वकर्मा पहान, राजू उरांव, बबलू उरांव, कामेश्वर, दीनबंधु, संदीप, डोली, रवि महली समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तैराक इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उज्जवल भविष्य की कामना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें 5 लाख रुपए का चेक, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि रांची के इशांक सिंह ने विगत 30 अप्रैल 2026 के दिन लगातार 9 घंटे 50 मिनट तैरकर भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट (palk Strait, 29 किलोमीटर) को पार करते हुए अपने नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए इशांक सिंह को कई विभिन्न खिताबों से सम्मानित किया गया है।
इशांक सिंह ने अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक ईशान सिंह ने पाक स्ट्रेट पार कर देश और दुनिया में झारखंड प्रदेश का नाम रोशन कर दिखाया है। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि तैराकी के क्षेत्र में इनकी सफलता पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। झारखंड में हमारी सरकार ने एक बेहतर खेल नीति बनाई है, जिसका लाभ यहां के खिलाड़ियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा झारखंड के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने विश्वास व्यक्त किया कि सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का मान बढ़ाएंगे।
प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक इशांक सिंह कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। इनकी सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर इशांक सिंह जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा खेल के क्षेत्र में झारखंड प्रदेश निरंतर विकास कर रहा है। यहां के खेल प्रतिभाओं ने कई मौकों पर पूरे विश्व अपना लोहा मनवाया है। झारखंड के खिलाड़ी अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं। राज्य के युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को और ऊर्जावान बनाएगी।
मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि आने वाले दिनों में तैराकी प्रशिक्षण सहित सभी सुविधाओं के विस्तार हेतु कार्य योजना बनाते हुए राज्य सरकार आगे बढ़ेगी तथा राज्य में तैराकी प्रतिभावों को आधुनिक सुविधा प्रदान करेगी। मौके पर मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में तैराकी से संबंधित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी उपस्थित खेल विभाग के अधिकारियों से ली। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह की माता, पिता तथा कोच को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्य के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार, निदेशक खेल आसिफ इकराम, उप निदेशक राजेश कुमार, तैराकी संघ से शैलेंद्र तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।