सिल्ली -मुरी(संवाददाता)। सावन माह के अंतिम दिन सिल्ली -मुरी एवं आसपास के गांवों में मां मनसा की पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। नागों की अधिष्ठात्री देवी मानी जाने वाली मां मनसा की आराधना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई पूरी होने के बाद मां मनसा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। किसान अच्छी फसल, परिवार की सुख-समृद्धि तथा सर्पदंश से रक्षा की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर परंपरा के अनुसार बकरे एवं बतख की बलि भी अर्पित की गई।पूजा के दौरान मक्का की खील, मिठाई, फूल, दूध, दही, मधु सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से मां मनसा का विधिवत पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम के समय सामूहिक रूप से तालाब में स्नान किया और पवित्र जल से भरा घट लेकर मंदिर एवं पूजा स्थल पहुंचे।सिल्ली -मुरी के अधिकांश घरों में तुलसी मंच के नीचे मां मनसा की पूजा की गई। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की। देर शाम तक पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।