रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में RMZ Infrastructure के President दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। बैठक में झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, Global Capability Centre (GCC) तथा तकनीकी और औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75 हजार रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रस्तावित IT Park के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर और हाईकोर्ट परिसर के आसपास उपलब्ध करीब 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। यहां आधुनिक कार्यालय, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है।
बैठक में IT, Artificial Intelligence (AI), Semiconductor, Manufacturing, Nuclear Energy और Digital Infrastructure जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही Global Capability Centre के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं और अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़कर मजबूत IT एवं तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-कौशल आधारित रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा कर वहां के IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम और GCC मॉडल का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल और झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक माधवी मिश्रा भी मौजूद थीं।
रांची । राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत 28 सितंबर 2026 को सीसीएल मानव संसाधन विकास विभाग के प्रकाश सभागार में स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से विविध विषयों, भावनाओं और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रांची के प्रख्यात कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री कुमार बृजेन्द्र तथा निर्मला महाविद्यालय, रांची की विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु सिन्हा शामिल थीं। श्री कुमार बृजेन्द्र देश के विभिन्न राष्ट्रीय कवि मंचों पर सक्रिय रूप से उपस्थित रहे हैं तथा आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी जुड़े रहे हैं। कविता एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव तथा डॉ. रेणु सिन्हा की साहित्यिक समझ का लाभ प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में मिला।
प्रतियोगिता में ढोरी क्षेत्र के सहायक प्रबंधक (खनन) श्री उज्ज्वल पाठक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने द्वितीय, बीएनके क्षेत्र के प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री आर. पी. यादव ने तृतीय, वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सुष्मिता सहाय ने चतुर्थ तथा सीएसआर विभाग की उप प्रबंधक सुश्री पूजा प्रसाद ने पंचम स्थान प्राप्त किया।
सीसीएल की ओर से श्री कुमार बृजेन्द्र का स्वागत महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) श्री फ़ैयाजुल हक़ ने तथा डॉ. रेणु सिन्हा का स्वागत महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने किया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजभाषा विभाग की सुश्री पूजा सिंह एवं श्री रामाधार पांडेय ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिविक दिवेश ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत अब तक टिप्पण-आलेखन, प्रश्नोत्तरी, हिंदी निबंध, हिंदी टंकण एवं स्वरचित कविता पाठ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों में मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही है।
राजभाषा माह के अंतर्गत अब ‘राजभाषोत्थान’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है। राजभाषा संवर्ग के कार्मिकों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित ज्ञान, अनुभव और प्रतिभा को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से सीसीएल में हिंदी के प्रति उत्साह और रचनात्मक सहभागिता को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के कार्मिकों की निरंतर भागीदारी ने राजभाषा माह को व्यापक और जीवंत स्वरूप प्रदान किया है।
मुरी। हिंडाल्को में श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। 28 सितंबर की रात 12 बजे से सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो अपने समर्थकों के साथ हिंडाल्को के चारों प्रमुख गेट पर पहुंच गए। गेट जाम किए जाने के बाद श्रमिकों का प्लांट के अंदर प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया।आंदोलनकारियों का कहना है कि कई श्रमिकों के गेट पास रोके जाने, वेतन कटौती और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। इसी के विरोध में श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं।आंदोलनकारियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने समेत कई मांगें प्रबंधन के समक्ष रखी हैं।समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू नहीं हुई थी। विधायक अमित कुमार महतो आंदोलन स्थल पर मौजूद रहकर श्रमिकों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिल्ली क्षेत्र के पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को अवसर देने के बाद ही दूसरे जिलों या राज्यों के लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए।गेट पास और वेतन कटौती बना प्रमुख मुद्दा श्रमिकों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के गेट पास रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वेतन कटौती को लेकर भी कामगारों में नाराजगी है। श्रमिकों ने रोके गए गेट पास तत्काल बहाल करने और काटे गए वेतन का भुगतान करने की मांग की है।आंदोलनकारियों ने ठेका प्रथा, रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।पुलिस ने संभाला मोर्चा हिंडाल्को के चारों गेट पर आंदोलन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मुरी ओपी और सिल्ली थाना पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा आंदोलन स्थल पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।फिलहाल प्लांट के चारों गेट पर आंदोलन जारी है। प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता नहीं होने से गतिरोध बरकरार है। आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है, यह वार्ता और प्रबंधन की अगली पहल पर निर्भर करेगा।
रांची। झारखंड भर के 24 जिलों के सक्रिय एवं स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों एवं रक्तवीरों सहित रक्त विकार रोगियों/परिजनों एवं सामाजिक चिंतकों संग आज एकदिवसीय झारखंड राज्यस्तरीय आत्मचिंतन बैठक एवं प्रेस वार्ता रांची के मेन रोड़ स्थित होटल केन में
झारखंड भर के 24 जिलों के 150 स्वैच्छिक सक्रिय रक्तदान आयोजकों/संगठनों का समन्वय संगठन "झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी" के नेतृत्व में आयोजित है।
जिसकी अध्यक्षता राज्य संयोजक एवं संस्थापक लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के रक्तवीर नदीम खान ने की वहीं संचालन कोल्हान प्रभारी एवं कुरमी संस्कृति विकास समिति पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष रक्तवीर सपन कुमार महतो,विषय प्रवेश बोकारो ब्लड डोनर एसोसिएशन के महासचिव रक्तवीर शब्बीर अंसारी,प्रस्ताव पारित रामगढ़ के मुस्कुराहटे संस्था के अध्यक्ष रक्तवीर विवेकानंद वर्मा,धन्यवाद ज्ञापन सिमड़ेगा अलफलाह सोसाईटी के अध्यक्ष खुबैद शाहिद ने किया।
कार्यक्रम में रक्तदान आयोजकों, रक्तवीर, संगठनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में रक्त विकार रोगी एवं परिजनों समेत सामाजिक चिंतक उपस्थित थे जिसमें सर्वसम्मति से आत्मचिंतन हॉल से 09 सूत्री प्रस्ताव पारित हुए।
1.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था, बुनियादी मानवीय व्यवस्था को सुदृढ़-व्यवस्थित-सुसज्जित-वातानुकूलित कर मजबूती से राज्यहित में व्यवस्थित किया जाए।
जिसमें राज्य के 24 जिलों में 21 जिलों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाया जाए।
(जहां केवल हॉल ब्लड मिलता है)
हमलोगों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग को स्मार-पत्र दिया गया है।
2.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,जांच,शिविर,वितरण व्यवस्था का निजीकरण नही किया जाए। इन्हीं सभी कार्यों हेतु अभी झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एम.ए. साइंस कंपनी के साथ एमओयू किया है,जिससे अविलंब रद्द किया जाए और झारखंड सरकार की जैसेक्स(झारखंड राज्य ऐड्स कंट्रोल सोसाईटी) को व्यवहारिक रूप से पोषित किया जाए।
3.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित,प्रोत्साहित-उत्साहित-सम्मानित,जागरुक करें।
जिसपर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग का दो-दो आदेश है जो 2018 का है एवं एक घोषणा थी दिनांक 09 दिसंबर 2025 एवं 06 मार्च सहित 20 मार्च 2025 में जो झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में हुई थी इन्हीं आदेश/घोषणा को सख़्ती से लागू कर दिया जाए तो राज्यहित समेत रक्तदान में बहुआयामी सुधार हो जाएगा।
(झारखंड स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न दिनांक में प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्मार-पत्र दिया गया है)
4.झारखंड सरकार राज्य भर के निजी- सामुदायिक ब्लड बैंक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी के प्रोसेसिंग चार्ज को हाफ सब्सिडी युक्त करें एवं ब्लड बैग से 18 प्रतिशत जीएसटी मुक्त करें।
5.झारखंड सरकार राज्य भर के प्रतिष्ठित संस्था-संगठनों एवं सामुदायिक संस्थाओं सहित सामुदायिक हॉस्पिटलों में प्रोत्साहित कर सब्सिडी युक्त ब्लड बैंक खुलवाएं।
6.झारखंड भर के रक्त विकार रोग/असाध्य रोग थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया के पीड़ितों की बहुआयामी पीड़ा-समस्या पर दिनांक 09 दिसंबर 2025 को झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में घोषणा/आश्वासन को सख़्ती से लागू किया जाए। जो अभी तक धरातल पर लागू ही नही हुआ है।
(झारखंड सरकार को प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में स्मार-पत्र दिया गया है)
7.झारखंड भर के रक्त विकार रोगियों एवं असाध्य रोगियों हेतु थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया-हीमोफीलिया-अप्लाटिक एनीमिया-कैंसर-दिव्यांगों को झारखंड सरकार पोषित आहार दें एवं सभी को राशनकार्ड लालकार्ड/पीला कार्ड देना सुनिश्चित करें।
(दिव्यांगता कोटे के 2.5प्रतिशत राशनकार्ड देना सुनिश्चित हो,जो धरातल पर अधिक्तर नदारत है)
8.झारखंड सरकार राज्य भर के 24 जिलों के सक्रिय स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों/रक्तवीर/रक्त विकार पीड़ित/परिजनों संग अविलंब बैठक उनकी समस्याओं/समाधान/राज्यहित में आयोजित की जाए।जो आज तक आयोजित नही हुई है।
9.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित-प्रोत्साहित-उत्साहित-जागरूक करने हेतु झारखंड रक्तदान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाए।
कार्यक्रम में झारखंड में ब्लड बैंक नेटवर्क के संस्थापक/रक्तमित्र ए. के.झा,रक्तमित्र एवं सामाजिक चिंतक नांदिता भट्टाचार्य,रक्तवीर मो बब्बर,गुरुनानक सेवक जत्था रांची के रक्तवीर सूरज झंडाई, रक्तवीर करण अरोड़ा,रक्तमित्र एज़ाज़ अंसारी धनबाद,सरायकेला-खरसावां के दिलीप कुमार महतो,अनूप कुमार महतो,रामगढ़ के रक्तवीर पॉवेल कुमार,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज अब्बास,रक्तमित्र असफ़र खान,क़ाबिल हुसैन एवं रक्त विकार पीड़ितों के परिजनों में संजय टोप्पो,संजय महतो,देवकी देवी,फ़रिहाया बिलकिस, सीमा देवी,सुजाता कुमारी,नीलू टोप्पो,माजिदन खातून,पुनिया उरांव,तेज़लाल महतो,मन्नू सिंह एवं पीड़ितों में साक्षी सिंह,निशा कुमारी गुप्ता,अनीश टोप्पो,एलेक्स टोप्पो,सानिया प्रवीण समेत कई शामिल थे।
कार्यक्रम में रांची,रामगढ़,धनबाद,पूर्वी सिंहभूम,चाईबासा ,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,लातेहार एवं सभी जिलों ने अपनी फोन से सहमति दी।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली नगर कमिटी की ओर से विभिन्न जनसमस्याओं एवं संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिल्ली के राजा साहब पुष्पेंद्र नाथ सिंह देव ने की। संचालन भरत देव साईं ने किया।बैठक में केंद्रीय कमेटी के सचिव संजय सिद्धार्थ एवं सुनील कुमार सिंह, नगर प्रभारी सह केंद्रीय सचिव गौतम कृष्णा साहू, पंचायत प्रभारी सुरेश मुंडा समेत संजीत सिंह देव, निर्मल मंडल, दीपक सेन गुप्ता, भानु प्रताप सिंह, रवि सिंह, असित नाग, विपुल राय, प्रसनजीत दुबे, सुभाष मुंडा, आनंद कालिंदी और मनोज साव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक के दौरान सिल्ली-मुरी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने तथा संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।वक्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम लोगों से निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का आह्वान किया गया।यदि चाहें तो मैं इसका और ज्यादा दमदार फ्रंट-पेज शैली का संस्करण भी तैयार कर सकता हूं।
रांची। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने को लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), नामकुम स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, योजनाओं के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य, बजट खर्च, मानव संसाधन तथा आम लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विभागीय कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सहियाओं के भुगतान में देरी नहीं
समीक्षा बैठक में सहियाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सहियाओं को उनकी प्रोत्साहन राशि समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भविष्य में राज्य सरकार की ओर से सहियाओं को दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि को राज्य मुख्यालय स्तर से सीधे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है, ताकि सहियाओं को उनके कार्य का पारिश्रमिक समय पर मिल सके। सहियाओं के कार्य को तकनीकी रूप से आसान बनाने के लिए उन्हें जल्द टैब उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
संविदाकर्मियों के मानदेय भुगतान में सुधार
बैठक में संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि संविदाकर्मियों के मानदेय का भुगतान HIRS के माध्यम से राज्य मुख्यालय स्तर से करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलंब को कम करना है।
मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े भुगतान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और समय पर मानदेय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने को लेकर भी मंत्री ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा।
मंत्री के अनुसार मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
डॉक्टरों के रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता जरूरी है, ताकि आम लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके।
उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द भरने की दिशा में कार्रवाई तेज करने को कहा। स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की उपलब्धता को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जोड़ते हुए मंत्री ने इस दिशा में गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया।
मलेरिया मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने का निर्देश
राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मलेरिया प्रभावित मरीजों की सुरक्षा और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने मलेरिया से ग्रसित मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम से संबंधित गतिविधियों की जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी करने और क्षेत्र की स्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कम खर्च वाले कार्यक्रमों पर रहेगी विशेष नजर
समीक्षा के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली गई। जिन योजनाओं और कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वित्तीय व्यय कम पाया गया, उन पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश मंत्री ने दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध बजट का निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समुचित उपयोग हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
क्षेत्रीय फीडबैक के आधार पर योजनाओं में सुधार
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्षेत्र भ्रमण और जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक को योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। इसके साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचे। इसके लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय करने और नियमित समीक्षा की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक वित्त सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल पदाधिकारी एवं परामर्शी मौजूद रहे।
रांची । ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली और SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पुतला दहन कर प्रतिवाद सभा किया गया। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा केन्द्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेन्द्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के साथ अन्य सदस्यों के समर्थन नारे भी लगाए गये। साथ ही रिहाई की मांग की गई।
आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि जब भारत के चुनाव आयोग में खुद ही लोकतंत्र स्थापित नहीं है,तो देश में जो चुनाव हो रहे हैं, उनकी निष्पक्षता की क्या गारंटी है? तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं है, फिर भी असंवैधानिक तरीके से काम किया गया है। आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों की बातें क्यों नहीं मानीं? जब सहमति नहीं बनी और दोनों की आपत्तियां थीं, तो उन्हें क्यों नहीं माना गया? ये लोग किनके निजी हित साधने के लिए काम कर रहे हैं?
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। गोवा की घटना में स्थायी अधिकारियों ने जांच कर लोगों को योग्य पाया, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़े नहीं गए। यह बिल्कुल लोकतंत्र विरोधी है। आज जहां ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करना चाहिए था उसके विपरीत जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद आमलोगों के मतदान के अधिकार में पक्ष रखने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
आइसा एक्टिविस्ट सुहानी मेहता ने कहा कि कहा कि हजारों शहादत के बाद देश के आमलोगों को वोट देने का संवैधानिक अधिकार मिला है और अब उसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। पेपर चोर, नोट चोर और भ्रष्टाचार करने वाले ही भारत के नागरिकों के वोट की चोरी कर रहे हैं और पेपर चोरी तथा पेपर लीक करा रहे हैं।
आइसा के पूर्व झारखंड राज्य अध्यक्ष सुहानी मेहता ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और वे इस्तीफा दें। SIR के बाद हुए चुनाव को रद्द किया जाए और SIR रद्द किया जाए।
प्रदर्शन में सुफियान, सोनाली केवट, नौरीन अख्तर, कबीर, प्रतिभा चौधरी, निखिल राज, सुदामा खलखो, भीम साहू, आकाश रंजन, स्वेत कमल, शाहिद, राकेश बड़ाइक, सृष्टि, आशीष प्रजापति के साथ दर्जनों आइसा, भाकपा माले के कार्यकर्ताओं के साथ छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सिल्ली। झारखंड आंदोलन के पुरोधा एवं समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो की जयंती बुधवार को सिल्ली स्टेडियम परिसर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने स्व. बिनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।इस अवसर पर सुदेश कुमार महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को परिवर्तन का माध्यम बनाया। उन्होंने झारखंड के हक, अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया। उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू जिस झारखंड की कल्पना करते थे, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार प्रमुख थे। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।सुदेश महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और प्रश्नपत्र लीक जैसी शिकायतों से युवाओं में चिंता पैदा होती है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू के विचारों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर देना होगा।कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा देवी, संजय सिद्धार्थ, सुनील कुमार सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, लक्ष्मण महतो, लक्ष्मी महतो, मनोज साव, सुरेश मुंडा सहित कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्व. बिनोद बिहारी महतो के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ‘‘बिनोद बाबू अमर रहें’’ के नारे भी लगाए गए।
साहिबगंज: साहिबगंज रेलवे कॉलोनी स्थित पीर दरगाह रोड पर महीनों से नाले का गंदा पानी सड़क पर जमा था। विश्वकर्मा पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई थी। इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों आम नागरिकों, रेलवे कॉलोनीवासियों, महिलाओं और बच्चों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा था।
रुका हुआ नाले का पानी न केवल दुर्गंध का कारण बना हुआ था, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंता का विषय भी बन गया था।
जनसमस्या को देखते हुए शहर के युवा एवं सामाजिक रूप से जागरूक शिवम शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से मालदा मंडल के डीआरएम एवं ईस्टर्न रेलवे मुख्यालय तक मामले की जानकारी पहुंचाई। उन्होंने जनहित में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए समस्या का समाधान कराने तथा आम नागरिकों को राहत देने की मांग की।
मामले पर मालदा डीआरएम की ओर से जवाब दिया गया कि उक्त रास्ता अनऑथराइज्ड है और सड़क पर जमा पानी नगरपालिका के नाले के जाम होने के कारण है।
डीआरएम के इस जवाब पर शिवम शर्मा ने असहमति जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जीएम गीतिका पांडे, साहिबगंज उपायुक्त एवं पूर्व विधायक अनंत ओझा को टैग करते हुए कहा कि मुद्दा रास्ते के अधिकृत या अनधिकृत होने का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानी का है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के आवागमन में उपयोग होता है और लोगों को लंबे समय से गंदे एवं रुके हुए पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
श्री शर्मा ने यह भी कहा कि यदि रेलवे का ड्रेनेज आउटफॉल नगरपालिका के नाले से जुड़ा है और नगरपालिका का नाला जाम है, तो रेलवे, नगरपालिका, PWD और NHAI सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। साथ ही, स्थायी समाधान होने तक तत्काल अस्थायी व्यवस्था कर रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्राधिकार चाहे किसी भी विभाग का हो, उसका खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए।
मामला सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए फिलहाल रास्ते पर डस्ट की मोटी परत बिछाकर उसे आवागमन योग्य बना दिया है। इससे स्थानीय लोगों को तत्काल राहत मिली है।
शिवम शर्मा ने बताया कि मालदा डीआरएम की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया है कि जल्द ही संबंधित विभागों के साथ इंटर-डिपार्टमेंटल बैठक आयोजित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के लिए यह पहल इस बात का उदाहरण है कि किसी जनसमस्या को उचित माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उसके समाधान के लिए लगातार पहल करने से तात्कालिक राहत का रास्ता खुल सकता है।
सोनाहातु :- रांची पूर्वी जिला सभा का बैठक संपन्न किया गया वही 1अक्टूबर को राज्यस्तरीय भूमी कन्वेंशन,8 अक्टूबर को महिला किसान कन्वेंशन तथा 26 नवंबर को बड़े किसान आन्दोलन का निर्णय झारखंड राज्य किसान सभा का रांची पूर्वी जिला किसान कोंसिल बैठक प्रेम चंद पातर की अध्यक्षता में सोनाहातु में सम्पन्न हुई दिशा-निर्देश के लिए उपस्थित झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा किसान विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता,बीज और बिजली विधेयक, खनिज विधेयक,एम्,एस,पी, में कटौती, बढ़ती किसान आत्महत्याएं,जल, जंगल, खनिज संपदा पर कारपोरेट कब्जा मोदी सरकार का अन्नदाता किसानों पर सबसे बड़ा हमला है। बैठक में 27 सितंबर को शहीद भगतसिंह जयंती के अवसर पर किसान संकल्प दिवस,1 अक्टूबर को रांची में राज्यस्तरीय भूमी कन्वेंशन को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक ढावले, संयुक्त सचिव अवधेश कुमार संबोधित करेंगे की व्यापक तैयारी करने,8 अक्टूबर को रांची में महिला किसान कन्वेंशन करने, 3 से 6 अक्टूबर को हर गांवों में किसान पंचायत करने,15 नवंबर को शहीद बिरसा मुंडा जयंती मनाने,26 नवम्बर को बड़ा किसान आन्दोलन के लिए गांवों में पदयात्रा, साईकिल जुलूस, नुक्कड़ सभा, सभा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला सचिव रतन महतो, उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह मुंडा, प्रेम चंद पातर, शिवेशवर अहिर, रीता स्वासी, लक्ष्मी मुंडा,बसंत मुंडा,घुरन पातर, उमेश महतो, जयपाल सिंह मुंडा,पांडराम मुंडा आदि उपस्थित थे।