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SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा की मांग को लेकर पुतला दहन एवं प्रतिवाद सभा
September 25, 2026 | 119 Views
SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा की मांग को लेकर पुतला दहन एवं प्रतिवाद सभा

रांची । ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर  चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली और SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार  पुतला दहन कर प्रतिवाद सभा किया गया। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा केन्द्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेन्द्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के साथ अन्य सदस्यों के समर्थन नारे भी लगाए गये। साथ ही रिहाई की मांग की गई।

आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि जब भारत के चुनाव आयोग में खुद ही लोकतंत्र स्थापित नहीं है,तो देश में जो चुनाव हो रहे हैं, उनकी निष्पक्षता की क्या गारंटी है? तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं है, फिर भी असंवैधानिक तरीके से काम किया गया है। आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों की बातें क्यों नहीं मानीं? जब सहमति नहीं बनी और दोनों की आपत्तियां थीं, तो उन्हें क्यों नहीं माना गया? ये लोग किनके निजी हित साधने के लिए काम कर रहे हैं?

आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। गोवा की घटना में स्थायी अधिकारियों ने जांच कर लोगों को योग्य पाया, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़े नहीं गए। यह बिल्कुल लोकतंत्र विरोधी है। आज जहां ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करना चाहिए था उसके विपरीत जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद आमलोगों के मतदान के अधिकार में पक्ष रखने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया गया।

आइसा एक्टिविस्ट सुहानी मेहता ने कहा कि कहा कि हजारों शहादत के बाद देश के आमलोगों को वोट देने का संवैधानिक अधिकार मिला है और अब उसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। पेपर चोर, नोट चोर और भ्रष्टाचार करने वाले ही भारत के नागरिकों के वोट की चोरी कर रहे हैं और पेपर चोरी तथा पेपर लीक करा रहे हैं।

आइसा के पूर्व झारखंड राज्य अध्यक्ष सुहानी मेहता ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और वे इस्तीफा दें। SIR के बाद हुए चुनाव को रद्द किया जाए और SIR रद्द किया जाए।

प्रदर्शन में सुफियान, सोनाली केवट, नौरीन अख्तर, कबीर,  प्रतिभा चौधरी, निखिल राज, सुदामा खलखो, भीम साहू, आकाश रंजन, स्वेत कमल, शाहिद, राकेश बड़ाइक, सृष्टि, आशीष प्रजापति के साथ दर्जनों आइसा, भाकपा माले के कार्यकर्ताओं के साथ छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

 


September 25, 2026 | 120 Views
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