FOLLOW US ON
Breaking News 21 जून को फिर से आयोजित होगी नीट पेपर का एग्जाम | झारखंड में राज्यसभा चुनाव में फिर उलट फेर बागियों ने किया खेल निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजय | झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से राज्यसभा सदस्य के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम घोषित | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन | 18 जून को राज्यसभा चुनाव को लेकर jmm किसको बनाएगी प्रत्याशी तीन नाम चर्चा में | टीएमसी नेता जागीर खान को बंगाल पुलिस ने किया नेपाल बॉर्डर के पास गिरफ्तार | पीएम मोदी द्वारा पेट्रोल डीजल कम खर्च और वर्क फॉर होम कहने पर राजनीतिक बवाल | दिल्ली के होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद बिहार एवं झारखंड में फायर सेफ्टी को लेकर सभी होटल एवं अन्य भवन की जांच जारी | झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तेज कांग्रेस और झामुमो के बीच सुलह का प्रयास |
झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा का चार सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदर्शन
March 17, 2026 | 199 Views
झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा का चार सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदर्शन

रांची।   झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले झारखंड विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा ,जैक द्वारा बार-बार जांच के नाम पर स्कूल कॉलेजों को परेशान करने करने के विरोध में अप्रैल माह के द्वितीय सप्ताह में जैक कार्यालय का हजारों शिक्षकों के साथ घेराव करेगा ।यह निर्णय आज विधान सभा के सामने महा धरना स्थल पर उपस्थित हजारों शिक्षकों के बीच सर्व सम्मति से लिया गया ।मोर्चा के नेताओं का कहना था कि जैक बार-बार स्कूल कॉलेजो को जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेज देता है ।और जिला शिक्षा पदाधिकारी स्कूल कॉलेजों को परेशान करते हैं।

 जैक स्वत शासी संस्था है । जांच करने का अधिकार उसके पास स्वयं है,तो फिर जिला शिक्षा पदाधिकारी क्यों ?

महा धरना पर शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक 75% अनुदान में वृद्धि, कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश शाह के पत्र पर कार्रवाई नहीं होती है ,सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना की राशि इन संस्थानों में अध्यनरत छात्राओं को नहीं मिलेगा तब तक मोर्चा का आंदोलन आत्मक कार्यक्रम जारी रहेगा।

 महा धरना स्थल पर भारी संख्या में महिलाएं आई थी । संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र पहने हुए थे । और मदरसा शिक्षक सर पर उजली टोपी पहने हुए थे ।

धरना स्थल पर अरविंद सिंह ,देवनाथ सिंह ,अनिल तिवारी , मनीष कुमार, गणेश महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चा के लिए यह चार सूत्री मांग जीवन मरण के लिए है।

 शिक्षक इस महंगाई में इतना कम अनुदान राशि मिलने से काफी आर्थिक दबाव में है।

 महा धरना को फजलुल कदीर अहमद ,संजय कुमार, देवराज मिश्र के साथ एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने संबोधित किया ।

महा धरना पर माननीय मांडू विधायक निर्मल महतो आए और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा की आपकी मांगों को लेकर मैं विधानसभा में संघर्ष कर रहा हूं ।

पहले भी आपके मांगों के संबंध में विधानसभा में प्रश्न दिया था ।और आज भी आपकी समस्याओं से संबंधित प्रश्न था। मैं सदन के बाहर और भीतर आपकी मांगों को लेकर लड़ता रहूंगा।

 अगर आप मुख्यमंत्री आवास का घेराव का निर्णय लेंगे तो मैं घेराव में आपके साथ रहूंगा।

 आप विगत 25_ 30 वर्षों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इस राज्य के चार लाख से ज्यादा बच्चों को पढ़ा रहे हैं । यह स्कूल कॉलेज अधिकांश  देहाती क्षेत्र में है । जहां पर कोई सरकारी विद्यालय नहीं है ।

इन संस्थाओं के परीक्षा फल भी बहुत अच्छे होते हैं। मेरा जब भी आपको आवश्यकता हो आप मुझे बुला सकते हैं। और मैं आपके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर लडूंगा । और उसमें आगे रहूंगा ।

उन्होंने कहा अभी 2 दिन सत्र है ।मैं आपको आश्वासन देता हूं कि आपकी समस्या को विधानसभा में शून्य काल हो या दूसरे माध्यमों से निश्चित रूप से उठाऊंगा । 

निर्णय : 

1.आज महा धरना स्थल पर उपस्थित शिक्षकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में झारखंड अधिविध परिषद कार्यालय का मांगों को लेकर घेराव किया जाएगा।

 2. सर्व समिति से तय किया गया कि जैक  घेराव बाद राज्य भर के हजारों बीत रहीत शिक्षक कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे ।

3.बैठक में यह भी तय किया गया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में राजभवन के सामने मोर्चा महा धरना देगा और महामहिम को ज्ञापन देगा।

 अगर विभाग स्कूल कॉलेज के बिना कारण अनुदान को रोका गया तो मोर्चा जोरदार आंदोलन करेगा ।

बैठक में यह भी तय किया गया कि  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पोर्टल में बहुत से गड़बड़ी थी ।और जब भी कोई कागजात लोड किया जाता था तो उड़ जाता था ।इससे मोर्चा को संभावना है कि बहुत से स्कूल कॉलेज के कागजात लोड करने के बाद भी पोर्टल की गड़बड़ी से उड़ गया होगा।

 बैठक में कहा गया कि जैक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी स्कूल कॉलेज के हार्ड कॉपी विभाग को भेज दिए हैं । अगर विभाग को कोई कमी दिखाई पड़े तो हार्ड कॉपी से मिलान कर सकता है।

 जब जियो टैग द्वारा जांच कराया गया है और जिला शिक्षा पदाधिकारी सारे कागजात को लोड करके भेजे हैं तो फिर कागजात का बहाना बनाकर अनुदान रोकने का क्या औचित्य होगा ?

बैठक में तय किया गया कि अगर 23 मार्च तक अनुदान संस्थाओं के खाते में नहीं गया तो मोर्चा के सभी स्कूल कॉलेज अनुदान राशि लेने से इनकार कर देगा क्योंकि राशि लैंप्स होने की बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी ।

मोर्चा के मुख्य मांगे _

1.  75% अनुदान जो मंत्री परिषद में लंबित है उसे अभिलंब मंत्री परिषद की सहमति ली जाए ।

2.कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश शाह के पत्र पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अभिलंब कार्रवाई करें ।

3.सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना के राशि अभिलंब स्कूल कॉलेज में भेजी जाए ।

4. 21 विद्यालयों जिसकी अनुदान की राशि 2024-25 के अभी तक विभाग में लंबित है उसे अभिलंब संस्थाओं को भेजी जाए।

 परिवाद के नाम पर स्कूल कॉलेज के अनुदान रोकने की प्रवृत्ति को अभिलंब खत्म किया जाए। महा धरना की अध्यक्षता सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। और संचालन गणेश महतो ने किया।

 महाधरना के अंत में रघुनाथ सिंह ने कहा कि जब तक इन मांगों पर निर्णय नहीं होगा । मोर्चा का संघर्ष जारी रहेगा। तथा शिक्षक धरना प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे ।महा धरना में प्रवक्ता मनीष कुमार सहित हजारों शिक्षक उपस्थित थे ।


March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views
March 17, 2026 | 200 Views