रांची: बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रशासनिक और पुलिस सेवा में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई, जहां अधिकारियों ने अपने नए दायित्वों को लेकर मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुलाकात करने वाले अधिकारियों में उपायुक्त चतरा रवि आनंद, उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज, उपायुक्त गढ़वा अनन्य मित्तल, उपायुक्त पाकुड़ मेघा भारद्वाज, उपायुक्त गोड्डा लोकेश मिश्रा, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत तथा पुलिस अधीक्षक गढ़वा आशुतोष शेखर शामिल थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य में बेहतर प्रशासन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का निर्देश दिया।
सिल्ली मूरी । सिल्ली स्टेडियम में शनिवार को करम अखाड़ा समिति के तत्वावधान में विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मांदर और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पारंपरिक गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, लोक कलाकार बुटन देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष चित्तरंजन महतो, प्रमुख जितेंद्र नाथ बड़ाइक, अंतरराष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी दिनेश महतो सहित कई अतिथि उपस्थित रहे।मांदर की थाप शुरू होते ही ग्रामीणों के साथ अतिथियों ने भी करम नृत्य में हिस्सा लिया। सुदेश कुमार महतो करमा नृत्य दल के साथ मंच पर नृत्य करते नजर आए। इसके बाद उन्होंने मैदान में सामूहिक करम नृत्य में भी भाग लिया। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, जयपाल सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य गौतम कृष्ण साहु और ब्रजेश प्रसाद समेत अन्य अतिथियों ने भी ग्रामीणों के साथ नृत्य कर महोत्सव का उत्साह बढ़ाया।सुदेश कुमार महतो ने कहा कि करम पर्व प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। आखड़ाय करम महोत्सव झारखंड की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति, लोकगीत और परंपराओं से जुड़ती है। उन्होंने आयोजन समिति और क्षेत्र के लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।आयोजन समिति के जयपाल सिंह ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक करम संस्कृति, लोकगीत और नृत्य को संरक्षित करना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।महोत्सव के सफल आयोजन में चारु बाला देवी, लता महतो, सविता रानी, बबीता देवी, दीपा बड़ाइक, कल्याणी कुमारी, लक्ष्मण महतो और विकास महतो सहित समिति के सदस्यों एवं क्षेत्रवासियों का योगदान रहा।
सिल्ली मूरी । खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा सिल्ली प्रखंड की ओर से प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन सिल्ली प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को सौंपा गया।ज्ञापन के माध्यम से झामुमो ने झारखंड के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की। पार्टी ने खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में राज्यों के अधिकारों को महत्व देने तथा खनिज उत्पादक राज्यों के साथ सार्थक एवं संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने का आग्रह किया।इस अवसर पर सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और यहां के लोगों का जीवन प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए खनिज नीति से संबंधित प्रावधानों में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखना आवश्यक है।सिल्ली जिला परिषद पूर्वी सदस्य लक्ष्मी कुमारी ने आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन स्थानीय समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित अन्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक संसाधनों एवं स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। खान एवं खनिज अधिनियम में जोड़ी गई धारा 9-डी के संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार करने का भी आग्रह किया गया।इसके अलावा झारखंड के करीब एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने की मांग रखी गई। साथ ही 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिज-युक्त भूमि से जुड़े कराधान अधिकारों पर विचार करने की मांग की गई।ज्ञापन झामुमो सिल्ली प्रखंड अध्यक्ष बलराम महतो उर्फ राधिका महतो की ओर से सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।
सिल्ली मूरी। सिल्ली स्टेडियम में शनिवार, 19 सितंबर को आयोजित होने वाले विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करम अखाड़ा समिति सिल्ली के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की तैयारी है।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जयपाल सिंह ने बताया कि महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव और घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया गया है।
आयोजकों के अनुसार करम महोत्सव में लोग सामूहिक रूप से पारंपरिक गीत गाते हैं और लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए प्रकृति से अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए इस बार महोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुरी/सिल्ली। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर शुक्रवार को सिल्ली-मुरी एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा। विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, रेलवे विभागों, दुकानों, गैरेजों और कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।मुरी स्थित हिंदाल्को प्लांट, रेलवे क्षेत्र, बड़ा मुरी, झारखंड मोड़ सिल्ली सहित कई स्थानों पर पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर सुख-समृद्धि, कार्यक्षेत्र में सफलता और सुरक्षा की कामना की। मुरी रेलवे क्षेत्र के सिग्नल विभाग, आईडब्ल्यू (I.W.) विभाग, इंजीनियरिंग विभाग, बिजली विभाग और टीआरडी विभाग समेत विभिन्न स्थानों पर पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान मशीनरी, तकनीकी उपकरण, औजार और वाहनों की भी पूजा की गई। वहीं घरों, दुकानों और गैरेजों में भी लोगों ने अपने छोटे-बड़े वाहनों एवं कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की।पूजा स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार माना जाता है। निर्माण, शिल्प, उद्योग, तकनीक और मशीनरी से जुड़े कार्यों में उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के दौरान पूरे सिल्ली-मुरी क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय और उत्सवी वातावरण बना रहा।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रांची। RKDF University, Ranchi में कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन के अवसर पर सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने जन्मदिन समारोह को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति सेवा एवं सहयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख कड़ी के रूप में RIMS, Ranchi के तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा बताया गया तथा लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा में हिस्सा लिया और भगवान विश्वकर्मा से विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं सफलता की कामना की। पूजा के माध्यम से ज्ञान, कौशल, तकनीक, श्रम एवं सृजन के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
जन्मदिन समारोह को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए गौशाला एवं मूक-बधिर विद्यालय में भी विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने वहां पहुंचकर सेवा, सहयोग और संवेदना का परिचय दिया। इन पहलों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जन्मदिन का उत्सव उस समय अधिक सार्थक हो जाता है, जब अपनी खुशियों को समाज के साथ साझा किया जाए और किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाए। रक्तदान के माध्यम से जीवन रक्षा, गौसेवा के माध्यम से करुणा और मूक-बधिर बच्चों के साथ समय बिताने जैसी पहलें इसी मानवीय सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।
RKDF University, Ranchi शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा भावना और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में आयोजित ये कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आए।
कार्यक्रम के समापन पर RKDF University, Ranchi परिवार की ओर से कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
रांची। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए 28 सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन में पंडाल निर्माण, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आवाजाही, CCTV निगरानी, स्वयंसेवकों की नियुक्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सोशल मीडिया, फूड स्टॉल और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षित स्थान पर ही बनेगा पंडाल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए अलग रास्ता रखने का निर्देश दिया गया है। पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित अभियंता से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
पंडाल में सुरक्षित वायरिंग और उचित अर्थिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चर की अर्थिंग सुनिश्चित करनी होगी। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने को कहा गया है, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार ही कनेक्शन लेने और विद्युत सजावट करने का निर्देश है। अस्थायी विद्युत वायरिंग के लिए संबंधित विद्युत अभियंता से सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। पंडाल से सुरक्षित दूरी पर पर्याप्त क्षमता वाला जेनरेटर रखने को भी कहा गया है।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
प्रशासन ने पंडाल के अंदर अथवा आसपास ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक सामग्री रखने को कहा गया है। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही पंडाल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय के आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र जारी करने तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फूड स्टॉल और दुकानों को लेकर भी निर्देश
फूड स्टॉल एवं मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रांची नगर निगम के कर्मियों को सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। पूजा पंडाल तक पहुंचने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने देने की जिम्मेदारी समितियों को दी गई है।
प्रशासन ने पूजा समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। भीड़ में छिनतई या पॉकेटमारी करते किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया पर संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करने तथा ऐसी अफवाहों को प्रोत्साहित नहीं करने का निर्देश दिया है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी तत्काल निकटतम प्रशासनिक या पुलिस पदाधिकारी अथवा थाना प्रभारी को देने को कहा गया है।
निर्धारित मार्ग और घाट से ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल या घाट का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके अलावा त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षित विद्युत आपूर्ति को लेकर न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी SOP का पालन करने का निर्देश दिया गया है। बसों एवं बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने पर रोक रहेगी तथा वाहनों पर ऐसी ऊंची सामग्री या झंडा नहीं लगाया जा सकेगा जिससे वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) से अधिक हो।
जिला प्रशासन ने अंत में पूजा समितियों से अपील की है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करें और प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
रांची। राजधानी रांची के हटिया स्थित मौजा कल्याणपुर सरना स्थल, सोलंकी चौक में उलगुलान परिवर्तन यात्रा एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्थानीय नीति और सम्मान से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार, प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन के 78 वर्ष बाद भी आदिवासी-मूलवासी समाज के कई मूल सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। जिस एकजुटता और संघर्ष की भावना से झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को मजबूती मिली थी, उसी एकता और संघर्ष की भावना को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उलगुलान का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि संवैधानिक, लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित संघर्ष है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक बनी विभिन्न सरकारों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि राज्य निर्माण के जिन मूल उद्देश्यों और अधिकारों के लिए संघर्ष किया गया था, वे आज भी अधूरे क्यों हैं।
चुनाव के समय ही जनता की याद क्यों?
उलगुलान परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राजनीतिक दलों से सवाल करते हुए कहा गया कि क्या आदिवासी-मूलवासी समाज को केवल चुनाव के समय ही याद किया जाएगा? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही क्यों सुनिश्चित नहीं होनी चाहिए।
वक्ताओं ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारें अस्थायी होती हैं, लेकिन सरकारी विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था स्थायी होती है। ऐसे में जनता के कार्यों और अधिकारों के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं है, बल्कि जनता के संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हित में जवाबदेही की मांग करना है।
भूमि और राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
सभा में झारखंड भूमि संरक्षण एवं राजस्व जवाबदेही आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों के अनुसार आयोग को भूमि संबंधी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रभावी शक्ति दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्ति की कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्ती की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय की मांग
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय अथवा विशेष न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी की गई। इसमें अवैध कब्जा, फर्जी जमाबंदी, फर्जी म्यूटेशन, भूमि अभिलेखों में हेराफेरी, आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण तथा भूमि रिकॉर्ड में अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
विस्थापितों के लिए आयोग और पुनर्वास की मांग
कार्यक्रम में राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने कहा कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और मूलवासी परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए आयोग को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाना चाहिए।
प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को मिले स्थान
सभा में प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को उचित एवं प्रभावी स्थान देने की मांग की गई। कक्षा एक से पांच तक बच्चों को उनकी स्थानीय अथवा मातृ जनजातीय भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार स्थानीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी गई।
इसके अलावा स्थानीय नीति, नियोजन नीति, विस्थापन एवं पुनर्वास नीति, रोजगार नीति, शिक्षा नीति, कृषि नीति तथा जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर व्यापक जनसंवाद और ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
कार्यक्रम में नीरजंना हरेंज, अजय टोप्पो, पूर्ण चंद्र मुंडा, आशुतोष चेरो, मनोज केरकेटाह, तेजस, निर्मल खाखा, मदन मुंडा, उज्जवल टोप्पो, छोटू मुंडा सहित वार्ड पार्षद सुनीता तिग्गा समेत अन्य लोगों ने जनता को अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति, अधिकारी या राजनीतिक दल के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है। यह भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रशासनिक लापरवाही और जनता के अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष है।
PMNRF से विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग, प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और तिरपाल उपलब्ध कराने पर जोर
रांची/साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न गंभीर बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्व विधायक एवं झारखंड विधानसभा जामा विधानसभा से पूर्व विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय सहायता की मांग की है।
12 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में सीता मुर्मू सोरेन ने कहा है कि साहिबगंज जिला इस समय गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण भयावह बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के कारण जिले के दर्जनों गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों और पशुधन को भी भारी नुकसान
पत्र में उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन आपदा की भयावहता को देखते हुए उपलब्ध संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित लोगों की विकट स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तत्काल विशेष राहत पैकेज एवं वित्तीय सहायता जारी की जाए।
भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने कहा कि राहत राशि से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से इस आपदा का सामना कर सकेंगे।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से संवेदनशीलता के साथ मामले में त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की सहायता से साहिबगंज की जनता को इस गंभीर आपदा से उबरने में बड़ी मदद मिलेगी।