मालदा /सुल्तानगंज । श्रावणी मेला-2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने सुल्तानगंज सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षित एवं सुगम रेल सेवाएं सुनिश्चित कीं। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चले मेला अवधि में सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर करीब 17.35 लाख तीर्थयात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 2.5 लाख अधिक है।
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं निगरानी में रेलवे ने यात्री सुरक्षा, ट्रेन संचालन, चिकित्सा सुविधा, टिकटिंग, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे।
950 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित
बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए मालदा मंडल ने 950 जोड़ी ट्रेन सेवाएं संचालित कीं। इनमें 549 मेल/एक्सप्रेस स्पेशल, 225 TOD स्पेशल और 176 पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें शामिल थीं। सुल्तानगंज स्टेशन पर नामित ट्रेनों के ठहराव की अवधि में भी 5 मिनट की वृद्धि की गई। इसके अलावा चुनिंदा नियमित ट्रेनों में जनरल सेकेंड क्लास कोचों की संख्या बढ़ाई गई।
हंसडीहा और नोनीहाट में भी भारी भीड़
बाबा बैद्यनाथ धाम के साथ बासुकीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई। हंसडीहा स्टेशन पर 75 हजार से अधिक, जबकि नोनीहाट भतुड़िया स्टेशन पर 60 हजार से अधिक कांवरियों एवं तीर्थयात्रियों की आवाजाही हुई।
स्काउट्स एंड गाइड्स ने संभाली जिम्मेदारी
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मालदा मंडल की स्काउट्स एंड गाइड्स टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने पेयजल उपलब्ध कराने, यात्रियों को मार्गदर्शन देने, बुजुर्गों एवं महिलाओं की सहायता करने और भीड़ को व्यवस्थित करने में सहयोग किया। रेलवे सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर भी यात्रियों को जागरूक किया गया।
मारवाड़ी युवा मंच, सुल्तानगंज के स्वयंसेवकों ने भी रेलवे के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को पेयजल और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
6.1 टन कचरे का प्रबंधन
सुल्तानगंज, हंसडीहा और नोनीहाट भतुड़िया स्टेशनों पर यात्री सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई। सुल्तानगंज स्टेशन पर 133 ट्विन-बिन डस्टबिन लगाए गए और मेला अवधि में लगभग 6.1 टन कचरे का संग्रह एवं प्रबंधन किया गया। नियमित सफाई, कचरे के पृथक्करण और उचित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया।
20 हजार कांवरियों को मिली चिकित्सा सहायता
मेला अवधि के दौरान करीब 20 हजार कांवरियों को चिकित्सा उपचार एवं सहायता प्रदान की गई। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए एटीवीएम के साथ अतिरिक्त एम-यूटीएस सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे अनारक्षित टिकट लेने में यात्रियों को सहूलियत मिली।
रेलवे के अनुसार, श्रावणी मेला-2026 का सफल संचालन मालदा मंडल के विभिन्न विभागों, अग्रिम पंक्ति के रेलकर्मियों, सुरक्षा एवं चिकित्सा दलों, स्काउट्स एंड गाइड्स, एनजीओ स्वयंसेवकों और अन्य संबंधित एजेंसियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा। मंडल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है।