स्ट्रोक बीमारी में,मैकेनिकल थ्रोमबेकटोमी उपचार लेकर ऑर्किड अस्पताल डॉक्टरों ने की प्रेस वार्ता
रांची। दुनिया भर में लगातार स्ट्रोक बीमारी एक खतरनाक के रूप में देखी जा रही है जहां पहले कहा जाता था कि स्ट्रोक, बुजुर्गों में एक बीमारी के रूप में देखी जाती थी लेकिन इन दिनों लगातार युवा भी स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं कई सेलिब्रिटी से लेकर कई बड़े हस्ती जो है इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं यहां तक कि युवा भी हार्ट स्ट्रोक और ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी से प्रभावित होकर मौत की गाल में समा रहे और इसी मामले को लेकर ऑर्किड अस्पताल के डॉक्टरों ने की प्रेस वार्ता की। मामले में जानकारी देते हुए डॉक्टर ने बताया कि स्ट्रोक एक ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क तक उसके भीतर जाने वाली धमनियों को प्रभावित करती है स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को ले जाने वाली रक्त वाहिका या तो एक थक्का के द्वारा अवरुद्ध हो जाता है या फट जाता है। जब ऐसा होता है तब मस्तिष्क के एक हिस्से को रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है जिसके परिणाम स्वरूप मस्तिष्क की कोशिकाएं जो है मर जाती है और व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। स्ट्रोक मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है और दुनिया में मृत्यु और अक्षमता तीसरा प्रमुख कारण।आगे डॉक्टरो ने बताया कि हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हाल ही में आर्किड मेडिकल सेंटर में एक ऐसा स्ट्रोक पीड़ित का इलाज किया गया। जिसका परिणाम काफी संतोषजनक रहा जहां 82 वर्षीय महिला को सुबह-सुबह एजेंसी में लाया गया था वह अपने दाहिने हिस्से को हिलाने में असमर्थ थी और बोलने में भी असमर्थ थी ऐसे मामले में इलाज का ना होने से विकलांगता हो सकती थी आगे एमआरआई जांच में यह पता चला कि मस्तिष्क के बाएं आधे हिस्से में रक्त की आपूर्ति करने वाली महत्वपूर्ण धमनी में से एक रक्त का थक्का बन गया है और उसे तुरंत दवाई दी गई और मैकेनिकल थ्रोमबेकटोमी के लिए लाया गया और सर्जरी के बाद एमआरआई में रक्त वाहिका के खुलने का पता चला और महिला की काफी सुधार हुई और महिला अपना दाहिना हाथ पैर हिलाना शुरू कर दी और चलना भी शुरू कर दी। प्रेस वार्ता में अस्पताल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर डॉ पी के गुप्ता,मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ अंजनी कुमार, सीनियर न्यूरो सर्जन डॉक्टर साईं सुदर्शन, न्यूरो सर्जन डॉक्टर विक्रम सिंह ,न्यूरो फिजिशियन डॉक्टर गोविंद माधव ने प्रेस को संबोधित किया। इस अवसर पर कई अस्पताल कर्मी उपस्थित थे।