FOLLOW US ON
Breaking News 21 जून को फिर से आयोजित होगी नीट पेपर का एग्जाम | झारखंड में राज्यसभा चुनाव में फिर उलट फेर बागियों ने किया खेल निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजय | झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से राज्यसभा सदस्य के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम घोषित | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन | 18 जून को राज्यसभा चुनाव को लेकर jmm किसको बनाएगी प्रत्याशी तीन नाम चर्चा में | टीएमसी नेता जागीर खान को बंगाल पुलिस ने किया नेपाल बॉर्डर के पास गिरफ्तार | पीएम मोदी द्वारा पेट्रोल डीजल कम खर्च और वर्क फॉर होम कहने पर राजनीतिक बवाल | दिल्ली के होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद बिहार एवं झारखंड में फायर सेफ्टी को लेकर सभी होटल एवं अन्य भवन की जांच जारी | झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तेज कांग्रेस और झामुमो के बीच सुलह का प्रयास |
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार दे सर्वोच्च सम्मान - मो बारीक
January 10, 2026 | 200 Views
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार दे सर्वोच्च सम्मान - मो बारीक

रांची।  देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की।मामले में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के  सचिव सह प्रवक्ता मो बारीक  ने कहा कि राज्य के निर्माता झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राज्य सरकार से मांग की है कि जाति, पार्टी ,धर्म की भावनाओं से ऊपर उठकर 
 उनके जयंती 11 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन कर झारखंड आंदोलनकारी का सर्वोच्च सम्मान देकर आंदोलनकारियों को गौरवान्वित करें.झारखंड राज्य के सरकार के लिए यह उत्कृष्ट व सर्वोच्च सम्मान देने का कार्य है, प्राथमिकता के साथ गुरु जी के राज्य सरकार गजट नोटिफिकेशन कर सम्मान देने का काम करें गुरुजी के सम्मान देने के पश्चात थी उनकी जन्म जयंती मनाई जाने से एक अच्छा मिसाल एवं देश और दुनिया के समक्ष एक बेहतर संदेश जाएगा. मो बारीक आज एक प्रेस बयान जारी करते हुए अबुआ सरकार से उक्त मांगे की है. 
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन देश और दुनिया के अंदर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है. झारखंड के एक-एक झारखंड आंदोलनकारी झारखंडी जनमानस के दिलों में राज करते हैं. वर्ष 1973 एवं उससे भी पूर्व उनके संघर्ष का इतिहास महाजनी प्रथा के खिलाफ से लेकर झारखंड अलग राज्य के आंदोलन तक एक दस्तावेजी प्रमाण हैं. देश और दुनिया के में सम्मान पाने के बावजूद अगर किसी को अपने ही घर में सम्मान नहीं मिलता है तो पीड़ा होती है.  देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भी झारखंड की अबुआ सरकार गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत गजट नोटिफिकेशन कर पूर्ण सम्मान दे, तदपश्चात ही 11 जनवरी 2026 को उनकी जयंती श्रद्धापूर्वक धूमधाम से मनाई जाए. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान से ही संपूर्ण झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान है.


January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views
January 10, 2026 | 201 Views