साहेबगंज। समाहरणालय सभागार में राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद सह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) के अध्यक्ष विजय कुमार हांसदा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान करना तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।
बैठक में जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर राजमहल विधायक मो0 ताजुद्दीन, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, पाकुड़ विधायक निसार आलम, जिला परिषद अध्यक्षा मोनिका किस्कु, जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम भगत सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, DISHA समिति के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा गया तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक सुझाव दिए गए। राजमहल विधायक द्वारा अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सक के अभाव में आमजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर माननीय सांसद द्वारा DMFT मद से चिकित्सक की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया।
वहीं बरहेट विधायक प्रतिनिधि द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि जिले में नियुक्त चिकित्सक कुछ ही महीनों में त्यागपत्र देकर चले जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। इस पर सुझाव दिया गया कि चिकित्सकों की नियुक्ति में कम से कम दो वर्षों का अनिवार्य सेवा अनुबंध (एग्रीमेंट) लागू किया जाए, ताकि स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजमहल अनुमंडल अस्पताल में आगामी 20 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से अल्ट्रासाउंड सेवा एवं बेड साइड ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पाकुड़ विधायक द्वारा अपने क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड एवं महिला चिकित्सकों की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से महिला मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर माननीय सांसद ने राज्य स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत सोलर पंपों की मरम्मत को लेकर भी चर्चा की गई। माननीय सांसद ने बताया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के अनुपालन में जिले में तीन मरम्मती केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकल, बोरिंग एवं जलमीनार का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि उनकी शीघ्र मरम्मत कराई जा सके और पेयजल आपूर्ति सुचारू हो सके।
जरेडा (JREDA) द्वारा स्थापित सोलर लाइटों के खराब होने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। राजमहल विधायक ने जानकारी दी कि जिले में बड़ी संख्या में सोलर लाइट खराब पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहता है। इस पर संबंधित विभाग को सभी खराब सोलर लाइटों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया।
पाकुड़ विधायक द्वारा कोटालपोखर क्षेत्र के श्रीकुंड में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया गया। इस पर प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि सार्वजनिक भूमि का उपयोग जनहित में किया जा सके।
वहीं बरहेट विधायक प्रतिनिधि द्वारा शहर में बढ़ती यातायात जाम की समस्या को देखते हुए ग्रीन होटल से बांटा रोड तक स्थित स्ट्रीट वेंडरों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया। इस पर प्रशासन को समुचित योजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
बैठक के दौरान सांसद ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
अंत में सांसद ने सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जिले के समग्र विकास को गति दी जा सके।
मौके पर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।