सोनाहातु : प्रखंड क्षेत्र में SIR (मतदाता सूची विशेष सत्यापन) कार्य में लगी एक आंगनबाड़ी सेविका की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो जाने से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बकाया मानदेय भुगतान, मृतक के परिवार को मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मृतका की पहचान पांडाडीह पंचायत के रूगड़ी गांव निवासी 55 वर्षीय वृंदा देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वृंदा देवी माहील बूथ संख्या-254 पर SIR कार्य में तैनात थीं। बुधवार को वह अन्य कर्मियों के साथ मतदाता सूची सत्यापन के कार्य में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
काम के दबाव और आर्थिक संकट से परेशान थीं सेविका: पति
मृतका के पति अयोध्या पुराण ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले कई दिनों से लगातार काम के दबाव में थीं। उन्होंने कहा कि सुबह बिना नाश्ता-पानी किए ही वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गई थीं। काम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
पति ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का सहारा बना रहे।
7 महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप
घटना के बाद बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं सामने आईं और उन्होंने अपनी समस्याएं रखीं। सेविकाओं का आरोप है कि उन्हें पिछले सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उनसे SIR कार्य, पोषण ट्रैकर, सर्वे और अन्य सरकारी कार्य लगातार कराए जा रहे हैं।
एक आंगनबाड़ी सेविका ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन उनकी आर्थिक परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण सेविकाएं मानसिक तनाव में हैं।
अतिरिक्त कार्यभार को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से विभागीय कार्यों के अलावा चुनाव और अन्य सर्वे कार्य भी कराए जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेविकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर ध्यान दे।
फिलहाल वृंदा देवी की मौत के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है। सेविकाओं ने सरकार से तत्काल बकाया मानदेय जारी करने, मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं इस घटना ने SIR ड्यूटी में लगे कर्मियों की सुविधाओं और कार्य दबाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।