रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पदों के परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिक गई है। (भाजपा और जेएमएम) इन पदों पर अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गई है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने बताया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को अन्य दलों की तुलना में बेहतर सफलता मिली है। उनके अनुसार राज्य के नौ नगर निगमों में से पांच जगहों पर भाजपा समर्थित महापौर चुने गए हैं। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि जहां महापौर भाजपा समर्थित हैं, वहां डिप्टी मेयर भी उसी विचारधारा का हो। वहीं जहां महापौर अन्य दलों के हैं, वहां भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को उपाध्यक्ष पद पर जीत दिलाने की रणनीति बनाई जा रही है।
हालांकि नगर निकाय चुनाव में भाजपा को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। राज्य के 48 शहरी निकायों में महापौर या अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित करीब 16 उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सके। नगर परिषद की 20 सीटों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को तीन, कांग्रेस समर्थित को दो, (झामुमो) समर्थित को चार और 11 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत रही। यहां छह सीटों पर भाजपा समर्थित, चार पर झामुमो समर्थित और आठ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए। वहीं धनवार नगर पंचायत में समर्थित उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए।
राजधानी में महापौर पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वहीं और नगर निगम की सीटें झामुमो के खाते में चली गईं। में भाजपा समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा, जहां ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की।
डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव में निर्वाचित पार्षदों की भूमिका अहम होती है। उदाहरण के तौर पर रांची नगर निगम में 53 वार्ड पार्षद चुने गए हैं, जो डिप्टी मेयर के चुनाव में मतदान करेंगे। जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक मत मिलेंगे, उसे विजयी घोषित किया जाएगा।
के अनुसार सभी 48 नगर निकायों में डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया 10 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
- रांची नगर निगम – 19 मार्च
- धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
- मानगो नगर निगम – 17 मार्च
- मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता है। इसमें आम मतदाता हिस्सा नहीं लेते, बल्कि केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद ही मतदान करते हैं। महापौर या अध्यक्ष इस चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। निर्वाचित पार्षदों में से कोई भी सदस्य इन पदों के लिए नामांकन दाखिल कर सकता है।