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रांची : झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवाणी को कुल 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। राजनीतिक जानकार इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
वहीं पहली सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने में सफलता हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की रणनीति और समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा सवाल यही है को महागठबंधन के पास कुल 56 वोट थे तो फिर अन्य 28 वोट कहां गए यह सबसे बड़ा सवाल है। वही NDA के पास 24 वोट थे लेकिन कुल 30 वोट मिले उनमें 2 बीजेपी के वोट रिजेक्ट हो गए। इसका मतलब महागठबंध के 6 विधायक विधायकों ने अपने ही दल के साथ खेला कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं। परिमल नाथवाणी की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले आत्ममंथन का विषय बन गया है।
रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
VHP नेता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रांची पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन अब तक उनके नाम और हमले के पीछे की साजिश का खुलासा नहीं किया गया है।
विनोद बंसल ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के षड्यंत्रकारियों के तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन्हें किसकी प्रेरणा या निर्देश प्राप्त थे और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या है, इसका शीघ्र खुलासा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ कार्यालय पर आधी रात के बाद पेट्रोल बम से हमला अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और निंदनीय घटना है तथा दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उधर, रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने भी संघ कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। लेकिन घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और हमले के पीछे की मंशा पर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
रांची। राजधानी रांची के चुटिया थाना अंतर्गत निवारणपुर स्थित (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार की रात हुए इस हमले के दोनों आरोपियों को लोहरदगा से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है। वही रांची पुलिस अभी तक आरोपियों का नाम का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। ग्रामीण एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मंगलवार देर रात RSS कार्यालय को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंका था। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच में केंद्रीय एजेंसियां भी रुचि ले रही हैं और जांच के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे किसी संगठन या बड़े षड्यंत्र का हाथ तो नहीं है।
रांची : राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब तेज हो गई है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई है। हालांकि मामले को NIA द्वारा आधिकारिक रूप से अपने हाथ में लिए जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मालूम को की बुधवार देर रात करीब 12:38 बजे दो अज्ञात युवक RSS कार्यालय के पास पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में एक युवक बोतल में आग लगाता दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा घटना की रिकॉर्डिंग करता नजर आ रहा है।
हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद भाजपा और RSS से जुड़े कई वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंचे और इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पुलिस ने आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
रांची: मुख्यमंत्री के विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत ने झारखंड के आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। ‘पलाश’ ब्रांड के तहत संचालित झारखंड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ हजारों महिलाओं और किसानों के जीवन में आर्थिक बदलाव ला रहा है।
कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना का असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। राज्य के लगभग 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बागान विकसित किए गए हैं, जिससे करीब 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और आजीविका का साधन मिला है। वर्तमान में 52 हजार एकड़ क्षेत्र के बागान तुड़ाई के लिए तैयार हैं और इस सीजन में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
इस पूरी पहल की सबसे बड़ी ताकत सखी मंडल की महिलाएं हैं, जो आम की तुड़ाई, संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से किसानों को संगठित बाजार और बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
झारखंड के आम अब केवल देश के बाजारों तक सीमित नहीं हैं। इस वर्ष सिमडेगा जिले से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। इससे राज्य के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
आम की गुणवत्ता के आधार पर इसे ग्रेड-ए, ग्रेड-बी और ग्रेड-सी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रीमियम ग्रेड-ए आमों का निर्यात यूएई, सऊदी अरब और ब्रिटेन जैसे देशों में किया जा रहा है, जबकि घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के माध्यम से बेचा जा रहा है।
झारखंड में अब तक 2,24,200 किलोग्राम आम की बिक्री हो चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है। राज्य के 115 से अधिक किसान उत्पादक संगठन इस अभियान से जुड़े हुए हैं और जिला स्तर पर संग्रहण एवं विपणन का कार्य कर रहे हैं।
सरकार अब बाजार विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट समूहों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे झारखंड के किसानों और ग्रामीण महिलाओं को और बड़े बाजार उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की इस पहल को ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल माना जा रहा है, जिसने झारखंड के आम को स्थानीय बागानों से निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा दिया है।
रांची: राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था संधारण और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची ने पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी तथा यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, जनसुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था का संधारण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SSP ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाना स्तर पर आम जनता के साथ नियमित संवाद स्थापित कर पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा जेल से बाहर आए अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) प्रस्तावों में तेजी लाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन, मोबाइल एवं बैग गुम होने से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। थाना स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थों (NDPS), चोरी, गृह भेदन तथा अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती और पुलिस गतिविधियों की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस अधिकारियों को रात में क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया।
बैठक में पॉक्सो (POCSO) मामलों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ करें ताकि आम जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो सके।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुटिया थाना क्षेत्र स्थित RSS कार्यालय पर आधी रात के बाद दो अज्ञात युवकों ने पेट्रोल बम फेंके। पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 12:38 बजे दो युवक कार्यालय के पास पहुंचे। CCTV फुटेज में देखा गया कि एक युवक बैग से बोतल निकालकर उसमें आग लगाता है, जबकि दूसरा युवक घटना का वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसके बाद जलती हुई बोतल परिसर की ओर फेंकी जाती है और दोनों आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।
गनीमत रही कि इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस, एफएसएल टीम और तकनीकी सेल मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि संघ कार्यालय पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक संगठनों की सुरक्षा के लिए खतरे का संकेत है। कुछ नेताओं ने इसे "बड़ी साजिश" करार दिया है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वही अन्य जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले आरएसएस कार्यालय के स्वयंसेवक और पास में चल रहे होटल के कर्मचारियों के बीच गंदगी को लेकर बहस हुई थी इसी को लेकर जोड़ा जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और राज्यसभा चुनाव को लेकर भी माहौल गरम है। घटना के बाद RSS कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।
वही पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल RSS कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री ने 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली गोड्डा की उभरती मुक्केबाज से अपने रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने शिक्षा कुमारी को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि शिक्षा कुमारी ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह गोड्डा सहित पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शिक्षा कुमारी की सफलता उन सभी युवतियों के लिए प्रेरणादायक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
मुलाकात के दौरान शिक्षा कुमारी ने मंत्री को अपनी तैयारियों, प्रतियोगिता के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि शिक्षा आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।
गौरतलब है कि झारखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन एवं सरायकेला-खरसावां जिला बॉक्सिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 40-43 किलोग्राम भार वर्ग में शिक्षा कुमारी ने पश्चिम सिंहभूम की खिलाड़ी सिली को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करें।
शिक्षा कुमारी की इस उपलब्धि से गोड्डा जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। उनकी सफलता को झारखंड में महिला खेल प्रतिभाओं के उभरते हुए भविष्य का प्रतीक माना जा रहा है।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने शिष्टाचार मुलाकात की।
यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस दौरान महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के महाधिवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख विधि अधिकारी होते हैं और न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखने के साथ-साथ विभिन्न कानूनी मामलों में सरकार को आवश्यक सलाह प्रदान करते हैं। ऐसे में राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और महाधिवक्ता के बीच हुई यह मुलाकात औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्य के विधिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय अपने अनुभव और विधिक विशेषज्ञता के माध्यम से सरकार को प्रभावी कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में न्यायालयों के समक्ष सशक्त पक्ष रखेंगे।
हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।
JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
