साहिबगंज। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को बाढ़ की आशंका से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने की सलाह दी गई है। जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी, सूखा भोजन और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊंचे स्थान पर रखें
प्रशासन ने सलाह दी है कि बाढ़ की आशंका होने पर फ्रिज, वाटर पंप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के पैनल को ऊंचे स्थान पर रखा जाए। घर की नालियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए मोटी जाली या सीवर ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है।
लोगों से अपने अंचल और प्रखंड के अधिकारियों से संपर्क कर बांध, तटबंध और फ्लड वाल आदि की जानकारी पहले से रखने को कहा गया है। बेसमेंट में पानी के रिसाव को रोकने के लिए उसे वाटरप्रूफ कम्पाउंड से सुरक्षित करने की सलाह भी दी गई है।
अचानक आ सकती है बाढ़, सुरक्षित स्थान पर जाएं
प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति में रेडियो, टीवी और प्रशासनिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर लगातार ध्यान दें। अचानक बाढ़ आने की स्थिति में किसी निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है। करीब छह इंच या उससे अधिक बहते पानी में पैदल चलने से बचने की सलाह दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन नहीं चलाने और वाहन पानी में फंसने पर सुरक्षित अवसर मिलते ही उसे छोड़कर ऊंचे स्थान पर जाने को कहा गया है।
बिजली के उपकरणों से रहें दूर
बाढ़ के पानी में बिजली के उपकरणों को नहीं छूने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति गीला है या पानी में खड़ा है, तो उसे विद्युत उपकरणों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
मछुआरों और नाविकों से विशेष अपील
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नावों के नाविकों से नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नदी, घाट और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “बाढ़ से डरें नहीं, तैयार रहें—सुरक्षित रहें।” साथ ही लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
बाढ़ की स्थिति में संपर्क करें
साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर:
9006963963, 9631155933, 9065370630
06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक हुई। बैठक में राज्य की आर्द्रभूमियों के संरक्षण, सीमांकन, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड राज्य की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इसरो से प्राप्त एटलस के आधार पर झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड की सूची मिली है। अब जिला स्तरीय आर्द्रभूमि समितियों के माध्यम से इन स्थलों का भौतिक एवं तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद चिन्हित वेटलैंड का सीमांकन और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य की सभी आर्द्रभूमियों की पहचान, गहन अध्ययन और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वेटलैंड की सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा उनका व्यापक डेटाबेस तैयार कर संधारित करने को कहा।
अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों पर रहेगी नजर
बैठक में तय किया गया कि संभावित वेटलैंड के सत्यापन के दौरान आर्द्रभूमि नियमों के अनुपालन, अतिक्रमण की स्थिति और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। जिला स्तरीय समितियां अपनी रिपोर्ट राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को देंगी। इसके आधार पर राज्य स्तरीय समिति वेटलैंड की पहचान और सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड के लिए उसकी आवश्यकता के अनुसार मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इसमें जल स्रोत, आसपास की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और समय के साथ हुए बदलावों का व्यवस्थित रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा।
जल संकट से निपटने में अहम भूमिका
बैठक में कहा गया कि प्राकृतिक जल निकायों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण राज्य के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जल संकट से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए वेटलैंड के संरक्षण के लिए उपलब्ध आंकड़ों और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रभावी प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्राधिकरण के संचालन को लेकर भी चर्चा
बैठक में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के प्रभावी संचालन से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। टेंडर एवं प्रोक्योरमेंट दस्तावेजों की स्क्रीनिंग और टेंडर अनुमोदन के लिए समिति गठित करने, तकनीकी समिति बनाने तथा जनता से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई कर अनुशंसा के साथ मामलों को प्राधिकरण के समक्ष भेजने के लिए समिति गठन पर चर्चा हुई।
इसके अलावा प्राधिकरण के कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक राशि, पर्याप्त बजट और मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-वन बल प्रमुख संजीव कुमार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी., राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया।
बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, “मंत्री हो तो डॉ. इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है।”
“हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा” — भावुक हुए परिजन
इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है।”
परिजनों ने आगे कहा, “सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क कराएगी।”
उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय ऑपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है।
उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करेगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है।”
निःशुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं
- हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण
- ऑपरेशन की पूरी सुविधा
- आवश्यक दवाएं
- अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा
- बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना
बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है।
रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।
रांची। समाहरणालय रांची में आयोजित जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में पैर से दिव्यांग कार्तिक खलखो ने आवागमन में हो रही परेशानी और परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की चाबी सौंपी। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद कार्तिक के चेहरे पर खुशी और उम्मीद साफ नजर आई। साथ ही दिव्यांगता पेंशन के लिए उनका आवेदन भी लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों की सुविधा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।
राशन कार्ड रद्द नहीं करने का निर्देश
रातू प्रखंड के बानीपीड़ी निवासी एक दिव्यांग ने पीला राशन कार्ड रद्द किए जाने की आशंका को लेकर जनता दरबार में शिकायत की। मामले की जानकारी मिलते ही उपायुक्त ने जिला आपूर्ति कार्यालय के संबंधित कर्मी को बुलाकर जानकारी ली और राशन कार्ड डिलीट नहीं करने का निर्देश दिया। उन्होंने पात्र लाभुकों को खाद्यान्न और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा।
चिकित्सकीय लापरवाही की होगी जांच
अनगड़ा प्रखंड की निर्मला इंदवार ने अपनी बहन की इलाज के दौरान हुई मौत को चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए कार्रवाई और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने रांची के डंगराटोली स्थित आईवीएफ टेस्ट ट्यूब सेंटर में इलाज के दौरान आवश्यक दवाइयां एवं इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। साथ ही केसी राय मेमोरियल अस्पताल में रक्त एवं प्लाज्मा के समुचित उपयोग नहीं किए जाने की शिकायत की।
उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन, रांची को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आवेदिका को अपनी शिकायत वरीय पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी रखने को कहा गया।
सेवानिवृत्त आपूर्ति निरीक्षक की पेंशन का होगा पुनरीक्षण
नामकुम प्रखंड से आपूर्ति निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त बसंत कुमार साहू ने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पेंशन पुनरीक्षण का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में आवेदन देने के बावजूद अब तक मामले का निष्पादन नहीं हुआ है। उपायुक्त ने संबंधित लिपिक से आवेदन लंबित रहने का कारण पूछा और पेंशन पुनरीक्षण का कार्य यथाशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
जमीन और बीएसएनएल टावर से जुड़े मामले भी पहुंचे
बुंडू के जिला परिषद सदस्य ने अपनी खतियानी जमीन पर बीएसएनएल द्वारा अवैध रूप से टावर लगाए जाने की शिकायत की। उपायुक्त ने बीएसएनएल के संबंधित पदाधिकारी से पत्राचार कर मामले का निष्पादन करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में पंजी-2 में सुधार, दोहरी जमाबंदी रद्द करने, लंबित दाखिल-खारिज, जमीन पर अवैध कब्जा और भू-माफियाओं द्वारा भूमि कब्जाने सहित राजस्व एवं भूमि से जुड़े कई मामले भी सामने आए। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवेदक को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
सिल्ली। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा अपर समाहर्ता सह निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी राम नारायण सिंह के मार्गदर्शन में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सिल्ली अंचल कार्यालय में दावा-आपत्ति निराकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।
अभियान के अंतर्गत दावा-आपत्ति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 150 नागरिकों को नोटिस तामिल किया गया। नोटिस के आलोक में संबंधित नागरिक अपने दस्तावेजों के साथ सिल्ली अंचलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उनके अभिलेखों की सुनवाई की गई।
दावा-आपत्ति के निष्पादन के लिए प्रखंड कार्यालय में छह काउंटर बनाए गए थे। इन काउंटरों पर मतदाता सूची के साथ नागरिकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का मिलान कर उनकी सुनवाई की गई।श्रम अधीक्षक एतवारी महतो एवं सिल्ली अंचलाधिकारी अरुणिमा एक्का ने बताया कि दावा-आपत्ति निराकरण से संबंधित जनसुनवाई 24 अगस्त से 14 अक्टूबर तक चलेगी। इसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना तथा किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से अनावश्यक रूप से हटने से रोकना है।अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे सभी आवश्यक एवं समुचित दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रह सके।
रांची। मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा द्वारा श्री श्याम प्रभु की असीम कृपा से *23 अगस्त 2026, रविवार* को _मारवाड़ी भवन, हरमू रोड, रांची_ में *"श्याम अखंड ज्योति पाठ"* का भव्य एवं दिव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष शुभा अग्रवाल के नेतृत्व में विधि-विधान के साथ श्री श्याम बाबा की अखंड ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। *बाबा के दरबार को सुंदर एवं आकर्षक फूलों से सजाया गया था*, जिसने सभी भक्तों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में *500 से अधिक सदस्यों* की गरिमामय उपस्थिति रही।
इस भव्य आयोजन में प्रसिद्ध पाठ वाचक *श्याम रतन श्री श्याम अग्रवाल और ग्रुप* द्वारा भव्य नृत्य नाटिका के साथ श्याम कथा और अखंड ज्योति पाठ का सजीव मंचन किया गया। भजन-कीर्तन, झूले का अलौकिक श्रृंगार, मनमोहक झांकियां, इत्र एवं पुष्प वर्षा और छप्पन भोग से पूरा पंडाल श्याममय हो गया। _"हारे का सहारा, श्याम हमारा"_ के जयकारों और _"झूल रहे हैं लखदातार..."_ की मधुर पंक्तियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पाठ के पश्चात सभी भक्तों के लिए *विशाल प्रसाद* का वितरण किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने प्रेम और श्रद्धा भाव से बाबा के प्रसाद को ग्रहण किया।
इस आयोजन की संयोजिका सुमिता लाठ, विनीता बिहानी, ज्योति अग्रवाल, विनीता सिंघानिया और निर्मला बागड़िया रहीं। सह-संयोजिका के रूप में हेमा पोद्दार, कोमल पोद्दार, वेदिका सिंघानिया, रंजू मालपानी और नेहा बगड़िया ने सराहनीय सहयोग दिया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण SCI चैनल पर भी किया गया।
अंत में शाखा अध्यक्ष शुभा अग्रवाल ने सभी सहयोगियों, मीडिया बंधुओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।यह जानकारी मीडिया प्रभारी वेदिका सिंघानिया ने दी।
सिल्ली/ मुरी : सिल्ली क्षेत्र के एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्र ने शनिवार की शाम को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय हुई, जब कुछ ही देर पहले तक वह अपनी मां और छोटे भाई के साथ सामान्य रूप से बातचीत कर रहा था। अचानक उठाए गए इस कदम से परिजन, विद्यालय परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे छात्र ने अपनी मां व छोटे भाई के साथ चाउमीन और मैगी खाई। इसके बाद उसने अपनी मां के मोबाइल से पिता के फोन का रिचार्ज भी किया। सब कुछ सामान्य होने के बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर छात्र अपनी मां के दुपट्टे का फंदा बनाकर लटका मिला।परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिल्ली ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया। आगे पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मृतक छात्र दो दिन पहले ही प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
छात्र के पिता , जो पेशे से किसान हैं, उन्होंने ने बताया कि घटना से पहले बेटे से सामान्य बातचीत हुई थी और किसी प्रकार की परेशानी का आभास नहीं हुआ। वहीं मां , जो , सिल्ली के एक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका हैं। घटना पर मां बताया कि मेरा बेटा पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय था। दो दिन पहले ही वह विद्यालय की ओर से धनबाद में आयोजित एक प्रतियोगिता में भाग लेकर लौटा था।मेधावी और मिलनसार छात्र था ।मूल रूप से बंता दे कि मृतक छात्र पढ़ाई में हमेशा अच्छे अंक प्राप्त करता था। विद्यालय की लगभग हर खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में उसकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। उसके शांत, विनम्र और मिलनसार स्वभाव के कारण शिक्षक और सहपाठी उसे बेहद पसंद करते थे । वही छात्र की असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। शिक्षकों, सहपाठियों और स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है। हर पहलू से हो रही जांच मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान ने बताया कि छात्र द्वारा आत्महत्या का मामला अत्यंत संवेदनशील है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव, पारिवारिक परिस्थितियां, पढ़ाई का दबाव, ऑनलाइन गतिविधियां , विद्यालय अथवा अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। छात्र मूल रूप से सिल्ली का निवासी था। उसकी असामयिक मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे सिल्ली क्षेत्र में शोक का माहौल है।
रांची । अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची ने रविवार को पुलिस कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी एवं यातायात पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले में अपराध की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों के अनुसंधान एवं निष्पादन, भूमि विवाद, गुमशुदगी के मामले, आईटी एक्ट से जुड़े कांड, चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराध, न्यायालयीय प्रक्रियाओं, मालखाना में लंबित जब्त सामान एवं वाहनों तथा यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
एसएसपी ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में गंभीरता के साथ गुणवत्तापूर्ण और त्वरित अनुसंधान का निर्देश दिया। वहीं Missing Persons और बच्चों से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए गुमशुदा लोगों की जल्द बरामदगी और ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
IT Act से जुड़े मामलों में तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के समुचित संकलन पर जोर देते हुए निर्धारित समय-सीमा में अनुसंधान पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा CEIR Portal पर दर्ज गुम मोबाइल फोन के मामलों की नियमित समीक्षा कर बरामद मोबाइल को नियमानुसार सत्यापन के बाद संबंधित लोगों को वापस उपलब्ध कराने को कहा गया।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को कांडों की Reporting और Disposal पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। अनुसंधान पूरा होने के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। संबंधित मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा कर चार्जशीट दाखिल करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मालखाना में लंबे समय से लंबित जब्त सामान और वाहनों की समीक्षा करने तथा जिन मामलों में अनुसंधान या न्यायालयीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें चिन्हित कर न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त करते हुए जब्त सामान एवं वाहनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
चोरी, चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, NDPS, गृहभेदन और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। जेल से बाहर आए अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
Surveillance Proceeding के तहत विशेष रूप से NDPS एवं अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे तथा दो या उससे अधिक मामलों में आरोपी रहे अपराधियों को चिन्हित कर नियमानुसार निगरानी प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर एसएसपी ने प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील मार्गों पर यातायात पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पेट्रोलिंग पार्टियों को QR Code आधारित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने तथा निर्धारित पेट्रोलिंग प्वाइंट पर QR Code स्कैन कर गश्ती की नियमितता बनाए रखने का निर्देश दिया।
रात्रिकालीन गश्ती को और प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी थाना प्रभारियों को स्वयं रात्रि में क्षेत्र भ्रमण कर पेट्रोलिंग की निगरानी करने को कहा गया। पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में रूटीन पेट्रोलिंग, रात्रि गश्ती और थाना स्तर की पुलिसिंग का नियमित पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में E-Sakshya के प्रभावी उपयोग, साक्ष्यों के उचित संकलन, अपलोडिंग एवं सुरक्षित रख-रखाव पर भी जोर दिया गया। चरित्र सत्यापन और पासपोर्ट सत्यापन के आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं POCSO मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को FIR दर्ज कराने के लिए थाना-थाना भटकना नहीं पड़े। पीड़ित की शिकायत पर नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायत के निष्पादन की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत एवं अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, कांडों का समयबद्ध निष्पादन, विधि-व्यवस्था का संधारण और आम जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान, पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
रांची। झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की केंद्रीय समिति की 20 अगस्त को रांची स्थित सोहराय भवन में हुई विस्तारित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों में 31 अगस्त 2026 तक बूथ स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से आम लोगों को विधेयक के प्रावधानों और इससे झारखंड एवं राज्यवासियों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश से भी लोगों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया है।
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
कार्यालय आदेश के अनुसार 7 सितंबर 2026, सोमवार को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला एवं महानगर स्तर के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी इन कार्यक्रमों की जानकारी अपने-अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता हो सके। आगे के कार्यक्रमों की सूचना अगले कार्यालय आदेश के माध्यम से देने की बात कही गई है।
रांची, 22 अगस्त। RKDF University, Ranchi के Faculty of Life Sciences एवं Department of Hotel Management के विद्यार्थियों ने सुधा डेयरी, HEC सेक्टर-2, धुर्वा का एक दिवसीय औद्योगिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान से जोड़ते हुए डेयरी एवं खाद्य उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दूध की खरीद (Procurement) से लेकर प्रारंभिक गुणवत्ता जांच, Processing, Quality Control, Packaging, Storage और Marketing तक की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा। उन्हें बताया गया कि बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पादन में गुणवत्ता, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन किस प्रकार किया जाता है।
Faculty of Life Sciences के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से Food Microbiology के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने दूध एवं दुग्ध उत्पादों में Microbial Safety, Hygiene, Quality Assurance और वैज्ञानिक परीक्षण की भूमिका को समझा। इससे उन्हें पाठ्यक्रम में पढ़े गए सिद्धांतों को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला।
वहीं, Hotel Management के विद्यार्थियों के लिए भी यह औद्योगिक भ्रमण उपयोगी रहा। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, पैकेजिंग, हैंडलिंग और Food Safety से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। विद्यार्थियों ने जाना कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पैकेजिंग, भंडारण, वितरण और विपणन तक चलने वाली सतत प्रक्रिया है।
इस दौरान विद्यार्थियों ने औद्योगिक वातावरण में विषयों के Practical Application को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विश्वविद्यालय के अनुसार, इस तरह के Industrial Visits विद्यार्थियों में व्यावहारिक सोच, तकनीकी समझ, निरीक्षण क्षमता, प्रोफेशनल अनुशासन और Industry Awareness विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
RKDF University विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से Industry-Ready Professionals बनाने की दिशा में प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में Industrial Visits, Practical Training, Experiential Learning और Industry Interaction जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है।
सुधा डेयरी का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अनुभव का महत्वपूर्ण अवसर रहा। भ्रमण के माध्यम से उन्हें डेयरी एवं फूड इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली के साथ-साथ भविष्य में उपलब्ध करियर अवसरों और औद्योगिक क्षेत्र में अपने विषयों के उपयोग की जानकारी भी मिली। विद्यार्थियों ने माना कि वास्तविक उद्योग का अनुभव उनके अकादमिक ज्ञान को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने में सहायक है।
