साहिबगंज। जिले में बाढ़ की विषम परिस्थितियों के बीच प्रभावित परिवारों तक राहत और प्रशासनिक सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में रविवार को अनुमंडल पदाधिकारी साहिबगंज अमर जॉन आईन्द एवं अंचलाधिकारी साहिबगंज बासुकीनाथ टुडू ने सदर प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
पदाधिकारियों ने कारगिल दियारा, गरम टोला सहित अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं तथा तत्काल आवश्यकताओं की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के बीच आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया।
ग्रामीणों से लिया हालात का जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अपने सामने आ रही समस्याओं और आवश्यकताओं से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ा है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। राहत सामग्री की उपलब्धता से लेकर प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान तक सभी स्तरों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी
एसडीओ ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी की जाए। प्रभावित परिवारों तक आवश्यक खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाने तथा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेते हुए लोगों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास जारी रहेगा।
साहिबगंज। झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन पर साहिबगंज जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय सभागार में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं समाहरणालय कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
शोक सभा में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जनसेवा और विकास में योगदान को किया याद
शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार का असामयिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई तथा राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी क्षति हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से उनके सहयोगियों, समर्थकों और आम लोगों में गहरा शोक है।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
शोक सभा के दौरान जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले तथा परिजनों को इस कठिन और दुखद घड़ी में अपार दुःख सहन करने की शक्ति और संबल प्राप्त हो।
गिरिडीह। झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। हरसिंहरायडीह स्थित उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और श्मशान घाट तक पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत मंत्री की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अंतिम यात्रा में पैदल शामिल हुए और पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचे। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा—झारखंड ने खोया कर्मठ जनप्रतिनिधि
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देर रात हृदयाघात के कारण सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। यह सरकार और पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और गंभीरता एवं परिपक्वता के साथ उन्होंने विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार का इतनी कम उम्र में असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार के योगदान को झारखंड हमेशा याद रखेगा।
सरकार परिवार के साथ खड़ी—हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार दिवंगत मंत्री के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहयोग और संबल दिया जाएगा। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी, गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंत्रिमंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों में अपने प्रिय नेता को खोने का गहरा दुख दिखाई दिया। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से पूरे गिरिडीह सहित झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
दिवंगत मंत्री के निधन को मुख्यमंत्री ने झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनका योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
गिरिडीह । झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री तथा गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। युवा और सक्रिय जनप्रतिनिधि के असामयिक निधन से राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को गिरिडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए और उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उनका निधन केवल उनके परिवार और समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
‘राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि और युवा नेतृत्व खो दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार के निधन से झारखंड ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जो लगातार जनता से जुड़े मुद्दों और राज्य के विकास के लिए सक्रिय रहते थे। सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके योगदान, सेवाओं और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन और दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन भी दिवंगत मंत्री के आवास पहुंचीं। उन्होंने सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
सुदिव्य कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और आम लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गिरिडीह में उनके आवास पर लोगों की भीड़ जुट रही है और हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहा है।
दो दिवसीय राजकीय शोक, 7 सितंबर को सरकारी कार्यालय बंद
दिवंगत मंत्री के सम्मान में झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं 7 सितंबर 2026 को झारखंड सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन ने झारखंड की राजनीति में एक बड़ी रिक्तता पैदा कर दी है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
रांची । झारखंड सरकार ने नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर राज्य में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, दिवंगत मंत्री के सम्मान में 6 और 7 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय शोक मनाया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 7 सितंबर 2026 (सोमवार) को झारखंड सरकार के अधीन सभी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा जारी सूचना के आलोक में लिया गया है। झारखंड के राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है।
सरकार की ओर से संबंधित सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों सहित विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए आदेश की प्रति भेजी गई है।
एक दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
➡️ 6 सितंबर: राजकीय शोक
➡️ 7 सितंबर: राजकीय शोक और सभी सरकारी कार्यालय बंद
➡️ 8 सितंबर से: कार्यालयों के सामान्य रूप से खुलने की संभावना
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में मुख्यमंत्री ने सुदिव्य कुमार सोनू को केवल वरिष्ठ राजनीतिक साथी और सहकर्मी नहीं, बल्कि “बड़े भाई” के समान बताया।
हेमंत सोरेन ने लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया के जाने से उनके जीवन में ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
राजनीतिक साथी से बढ़कर था भाई जैसा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि सोनू भैया उनके लिए केवल एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे।
उन्होंने कहा कि सोनू कुमार के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा संघर्ष
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरु के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंडियत के प्रति सोनू की प्रतिबद्धता और जुड़ाव की भावना हमेशा याद की जाएगी।
“जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है”—हेमंत सोरेन
सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने जीवन की क्षणभंगुरता पर भी भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, वह आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होगी।
“आपका स्नेह और संघर्ष जीवनभर साथ लेकर चलूंगा”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वे जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा—“आप हमेशा याद आएंगे भैया…”
रांची/गिरिडीह। झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह बेहद दुखद खबर सामने आई है। झारखंड सरकार के सीनियर कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुरुआती रिपोर्टों में निधन का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही गिरिडीह से लेकर राजधानी रांची तक शोक की लहर दौड़ गई है। झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में गहरा दुख है। देर रात से ही उनके निधन की खबर तेजी से फैलने लगी और बड़ी संख्या में लोग उनके आवास तथा अस्पताल की ओर पहुंचने लगे।
शनिवार तक लगातार सक्रिय थे मंत्री सोनू
रिपोर्टों के मुताबिक, निधन से कुछ घंटे पहले तक सुदिव्य कुमार सोनू सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। 5 सितंबर को उन्होंने शिक्षक दिवस से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसी दौरान गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में भी वे शामिल हुए थे।
गिरिडीह से लगातार दो बार जीते थे चुनाव
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2024 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी मिली।
सरकार में उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।
झामुमो के प्रमुख नेताओं में थी गिनती
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। पार्टी और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर वे मुखर होकर अपनी बात रखते थे। हाल के दिनों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी वे सरकार और छात्रों के बीच संवाद में सक्रिय रहे थे।
अचानक निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक
एक सक्रिय मंत्री और जनप्रतिनिधि के अचानक निधन से झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। गिरिडीह में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गहरा शोक है। उनके निधन की विस्तृत जानकारी और अंतिम संस्कार से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के तत्वावधान में 3 से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय अंतर-क्षेत्रीय बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले हुए।
तीन दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीक, फुर्ती और खेल कौशल का प्रदर्शन करने के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना की मिसाल पेश की। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
समापन समारोह में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ संजय कुमार ठाकुर, महाप्रबंधक (कल्याण), एन.के. झा, जेएसएसपीएस, आर.के. सिंह, महाप्रबंधक (एनआईएमसी), आदिल हुसैन, प्रबंधक (खेल), रामेश्वर मंडल एवं विनय कुमार, सदस्य सीसीएल कल्याण बोर्ड सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने खिलाड़ियों के मेहनत, जुझारूपन और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी विकसित करता है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन अपने कर्मियों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। भविष्य में भी इस तरह के खेल आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।
फाइनल मुकाबलों में दिखा रोमांच
अंतिम दिन बैडमिंटन और टेबल टेनिस के पुरुष एवं महिला वर्ग में एकल, युगल और टीम स्पर्धाओं के निर्णायक मुकाबले खेले गए। खिलाड़ियों के बीच प्रत्येक अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शानदार रैलियों, सटीक स्मैश और बेहतरीन डिफेंस ने खेलप्रेमियों का खूब मनोरंजन किया।
विजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता के सफल समापन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार हासिल करते ही खिलाड़ियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
प्रतियोगिता की खास उपलब्धि यह रही कि विजेता खिलाड़ी आगामी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) अंतर-कंपनी खेल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर गए हैं। ये खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिता में सीसीएल का प्रतिनिधित्व करेंगे।
प्रमुख परिणाम
टेबल टेनिस महिला वर्ग
- ओपन सिंगल्स: सुगंधा वर्मा (HQ) विजेता
- ओपन डबल्स: जसप्रीत कौर कहलोन एवं सुगंधा वर्मा (HQ) विजेता
- टीम चैंपियनशिप: सुगंधा वर्मा, जसप्रीत कौर कहलोन, अंशु मिश्रा, दिव्या चौहान एवं पूजा प्रसाद (HQ)
टेबल टेनिस पुरुष वर्ग
- ओपन सिंगल्स: समरजीत कुमार (पिपरवार) विजेता
- ओपन डबल्स: निशांत कुमार एवं अशलम शायर विजेता
- टीम चैंपियनशिप: निशांत परमार, गौरव चुग, मयाशंकर, राहुल मधेसिया एवं सुनील कुमार (हजारीबाग)
टेबल टेनिस वेटरन्स
- ओपन सिंगल्स: विंसेंट तिर्की (CRS बरकाकाना) विजेता
- ओपन डबल्स: डॉ. अविनाश तिग्गा एवं पी.के. लायक विजेता
बैडमिंटन महिला वर्ग
- ओपन सिंगल्स: मंजू देवी (CRS) विजेता
- ओपन डबल्स: मालती कुमारी एवं मंजू देवी (CRS) विजेता
- टीम चैंपियनशिप: मालती कुमारी, मंजू देवी, सुगन कुमारी, अंजू कुमारी (DEO) एवं अंजू कुमारी (Gen. Asst.)
बैडमिंटन पुरुष वर्ग
- ओपन सिंगल्स: यश सती (ढोरी) विजेता
- टीम चैंपियनशिप: अमित सिंह ग्वाल, अभय जैन, अभिषेक भारती, नितेश कुमार सिन्हा एवं विकास कुमार गुप्ता (HQ) विजेता
बैडमिंटन वेटरन्स
- ओपन सिंगल्स: मोहन लाल सिंह (अमरपाली चंद्रगुप्त) विजेता
- ओपन डबल्स: सुरेश के. विश्वकर्मा एवं अविनाश कुमार तिवारी विजेता
सिल्ली - मुरी :शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर चिराग नर्सरी स्कूल में शनिवार को भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा पाँचवीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने आकर्षक एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों का मन मोह लिया। आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में केक काटकर उत्साहपूर्वक समारोह मनाया। पूरे विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास का वातावरण रहा। विद्यालय परिवार ने सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान की सराहना की तथा विद्यार्थियों को गुरुजनों के सम्मान और उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
सिल्ली। संत माईकल +2 स्कूल, मुरी में शिक्षक दिवस के अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन छात्रों के द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सर्व पल्ली राधाकृष्णन एवम् स्कूल के संस्थापक स्व. कृष्ण कुमार को श्रद्धांजलि देकर किया गया। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों के द्वारा सभी शिक्षकगण को पुष्प गुच्छ देकर उनका भव्य स्वागत किया गया। शिक्षक दिवस पर विभिन्न वर्गो के छात्र एवम् छात्राओं ने मन मोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी बच्चे काफी उत्साहित थे। मौके पर सभी शिक्षको को उपहार देकर सम्मानित भी किया गया। विद्यालय के निर्देशक महोदय डॉ. राकेश कुमार ने सभी शिक्षको को शिक्षक दिवस की बधाई दी एवं शिक्षको के कार्य के प्रति आभार प्रकट करते हुए उनके उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दिए। विद्यालय के प्राचार्य श्री सी. एल. प्रजापति ने भी बधाई देते हुए कहा कि आदर्श शिक्षक के आधार पर आज विद्यालय पूरे क्षेत्र में शिक्षा एवं आदर्श में उच्च श्रेणी पर स्थित है और कहा कि गुरु समाज के पूरक होते है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. रूपेश कुमार एवं विशेष अथिति लवली कुमारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बारहवीं के छात्रा सिम्मी पाल एवम् तंजीर फ़ातिमा ने किया। इस मौके पर स्कूल के सभी शिक्षकगण उत्पल कुमार, मनीषा सिंह, किशोर कुमार , वि. वेंकट राव , निता कुमारी, जयंत कुमार, एन. सी. साहु , रमेश गौराई, सीमा झा, डॉली महतो,प्रीति सिंह, शंकर प्रजापति, प्रतिमा कुमारी, दीपिका कुमारी, सिमरन कुमारी, रीना साहु, संजुक्ता सिंह देव, वाहिद अली, ममता गोस्वामी, मंजू कुमारी, अजय चिक बराईक, प्रीति लता मुंडू, शिव शंकर, अमित कुमार उपाध्याय, सोनी कुमारी एवम् सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
