साहिबगंज। जिले में नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह मॉक ड्रिल शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य हवाई हमले अथवा किसी बड़ी आपदा की स्थिति में नागरिकों की तत्परता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना है।
मॉक ड्रिल के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। इसमें आपातकालीन चेतावनी के लिए सायरन बजाना, ब्लैकआउट अभ्यास, नागरिकों की सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, आपदा बचाव कार्यों का डेमो प्रदर्शन और राहत-बचाव व्यवस्था का परीक्षण शामिल है।
इस अभ्यास में जिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस एवं स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इसके अलावा पूरे अभ्यास की निगरानी के लिए शैडो कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जहां से रियल टाइम मॉनिटरिंग और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्रशासन ने बताया कि ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसका विश्लेषण किया जाएगा, ताकि भविष्य के लिए जिले की सिविल डिफेंस योजना को और बेहतर बनाया जा सके।
इन स्थानों पर होगा मॉक ड्रिल
- प्रखंड कार्यालय – शाम 4:00 बजे
- संध्या कॉलेज – शाम 4:00 बजे
- साहिबगंज रेलवे स्टेशन – रात 8:00 बजे
प्रशासन की नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं, क्योंकि यह केवल एक अभ्यास होगा। नागरिक अपने घरों की बिजली बंद रखें, कृत्रिम प्रकाश का उपयोग न करें और सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखें।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल सरकारी माध्यमों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी से ही यह मॉक ड्रिल सफल हो सकेगा।
जिला प्रशासन, साहिबगंज ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विद्यार्थी सप्ताह का रविवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, साहिबगंज में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। सप्ताहभर नगर के विभिन्न विद्यालयों में भाषण, चित्रकला, वाद-विवाद, संगीत तथा कला एवं शिल्प (आर्ट्स एंड क्राफ्ट) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ-साथ प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, साहिबगंज विभाग के विभाग प्रचारक श्री अजय जी एवं अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य व राजमहल विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक श्री अनंत कुमार ओझा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं अभाविप के प्रदेश छात्रा सह प्रमुख सुश्री निधि सिंह,विभाग संयोजक श्री संजय दत्ता एवं जिला प्रमुख प्रो. चंद्रशेखर परमानिक की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री श्री चंदन कुमार गुप्ता ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं परिषद गीत के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अजय जी ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्यार्थी जीवन केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचय दें। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वर्षों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। विद्यार्थी सप्ताह जैसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करते हैं। हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो अपने व्यक्तिगत विकास के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।”
मुख्य अतिथि श्री अनंत कुमार ओझा ने कहा कि “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसने अपने 78 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में छात्रहित, शिक्षा सुधार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। परिषद केवल छात्र समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व निर्माण और राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध विकसित करने का कार्य भी करती है। विद्यार्थी सप्ताह जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी आने वाले समय में समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर मंत्री श्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि “विद्यार्थी सप्ताह के अंतर्गत नगर के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं को विद्यार्थियों का अभूतपूर्व सहयोग और उत्साह प्राप्त हुआ। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘ज्ञान, शील और एकता’ के आदर्शों को विकसित करते हुए उनकी छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। भविष्य में भी परिषद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।”
समारोह के दौरान प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले 150 से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रोजीत साह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अविनाश साह, विभाग छात्रा प्रमुख लक्ष्मी कुमारी, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर उपाध्यक्ष विवेक कुमार, पूर्णब कुमार, अनमोल कुमार, निखिल राज, बादल कुमार,पीयूष कुमार, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी एवं परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समारोह का समापन वंदे मातरम्, भारत माता की जय एवं परिषद के उद्घोष के साथ हुआ।
शेखपुरा।भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर शेखपुरा में बिगुल बज गया है.चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह आरटीआई एक्टिविस्ट सैयद अरशद नसर ने शेखपुरा अंचल अधिकारी शंभू कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है.आरोप है कि सीओ ने भू-माफियाओं से "मोटी रकम" लेकर एक खारिज होने वाले म्यूटेशन केस को असंवैधानिक तरीके से पास कर दिया.रविवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और जमुई सांसद अरुण भारती के शेखपुरा आगमन पर अरशद नसर ने उन्हें लिखित ज्ञापन सौंप कर सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की साथ ही अरशद ने स्थानीय जद यू विधायक रणधीर कुमार सोनी को भी आवेदन दिया.इससे पहले शनिवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और सिविल एसडीओ प्रियंका कुमारी को भी ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जा चुकी है.ज्ञापन में अरशद ने सीधे आरोप लगाया कि सीओ शंभू कुमार ने भू-माफिया मुकुल महतो और सुबोध महतो से मोटी रकम लेकर म्यूटेशन वाद संख्या-926/2026-2027 को खारिज करने के बजाय नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध स्वीकृति दे दी.अरशद ने कहा यह सिर्फ एक फाइल का मामला नहीं है.यह आम जनता की जमीन, कानून का मजाक और प्रशासनिक तंत्र में बैठे भ्रष्टाचारियों की नग्न तस्वीर है.अरशद ने ऐलान किया कि जब तक सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती,उनका अभियान रुकेगा नहीं.उन्होंने कहा कि अब वो पटना जाकर मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री,विभागीय सचिव सहित सभी बड़े अधिकारियों को आवेदन देकर शंभू कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की मांग करेंगे.अरशद की इस बेबाक पहल के बाद जिले में हड़कंप मच गया है.एक तरफ भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों और भू-माफियाओं में खलबली है, तो दूसरी तरफ आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.लोगों का कहना है कि आखिर किसी ने तो भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई.फिलहाल जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
रांची। सावन समारोह के पावन अवसर पर अर्पिता महिला मंडल, रांची की ओर से सेवा और जनकल्याण की मिसाल पेश करते हुए संविदा पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जवाहर नगर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रमिकों के बीच उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अर्पिता महिला मंडल, रांची की अध्यक्षा प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें अर्पिता महिला मंडल रांची के साथ-साथ राजहरा, बरकाकाना एवं गिरिडीह क्षेत्र की महिला मंडल सदस्यों ने संयुक्त रूप से भागीदारी निभाई।
इस सेवा कार्यक्रम के तहत संविदा श्रमिकों के बीच 40 ट्रॉली बैग एवं भोजन के पैकेट वितरित किए गए। महिला मंडल की इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों के कठिन परिश्रम, समर्पण और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करना था। साथ ही, उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा उपलब्ध कराना भी इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को भी जाना। सभी महिला मंडलों के आपसी सहयोग और बेहतर समन्वय से सामग्री का वितरण व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह ने कहा कि समाज के निर्माण में श्रमिक वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि अर्पिता महिला मंडल आगे भी समाज हित से जुड़े सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगा।
कार्यक्रम में मौजूद श्रमिकों ने अर्पिता महिला मंडल की इस पहल की सराहना करते हुए सभी सदस्यों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
अर्पिता महिला मंडल रांची, राजहरा, बरकाकाना एवं गिरिडीह क्षेत्र की महिला मंडलों के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम सावन समारोह के अवसर पर सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।
रांची: भारत रत्न राजीव गांधी ग्रामीण प्रतिभा प्रतियोगिता-2026 का आयोजन 12 जुलाई को रांची जिले के मांडर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी पांच प्रखंडों में किया जाएगा। पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता परीक्षा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में शिक्षा, जागरूकता और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाना है।
बंधु तिर्की ने बताया कि प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा मांडर, बेड़ो, ईटकी, लापुंग और चान्हो प्रखंड के कुल 20 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इनमें चान्हो में 5, मांडर में 3, बेड़ो में 5, ईटकी में 4 और लापुंग प्रखंड में 3 केंद्र बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, जबकि अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे रिपोर्टिंग करनी होगी।
कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए होगी परीक्षा
इस प्रतियोगिता परीक्षा में कक्षा 8वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागी फाइनल प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
बंधु तिर्की ने बताया कि परीक्षा में लगभग 6500 छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है, जबकि परीक्षा संचालन के लिए 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को जिम्मेदारी दी गई है।
संविधान और स्थानीय विषयों से जुड़े होंगे प्रश्न
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा में 60 प्रतिशत प्रश्न भारतीय संविधान से संबंधित होंगे, जबकि शेष प्रश्नों में सामान्य विषयों के साथ-साथ मांडर विधानसभा क्षेत्र के प्रखंड, जिले और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विषयों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना और उन्हें भविष्य में झारखंड एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
बंधु तिर्की ने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और इससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रतियोगी भावना को बढ़ावा मिलेगा।
सोनाहातु : प्रखंड क्षेत्र में SIR (मतदाता सूची विशेष सत्यापन) कार्य में लगी एक आंगनबाड़ी सेविका की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो जाने से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बकाया मानदेय भुगतान, मृतक के परिवार को मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मृतका की पहचान पांडाडीह पंचायत के रूगड़ी गांव निवासी 55 वर्षीय वृंदा देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वृंदा देवी माहील बूथ संख्या-254 पर SIR कार्य में तैनात थीं। बुधवार को वह अन्य कर्मियों के साथ मतदाता सूची सत्यापन के कार्य में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
काम के दबाव और आर्थिक संकट से परेशान थीं सेविका: पति
मृतका के पति अयोध्या पुराण ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले कई दिनों से लगातार काम के दबाव में थीं। उन्होंने कहा कि सुबह बिना नाश्ता-पानी किए ही वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गई थीं। काम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
पति ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का सहारा बना रहे।
7 महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप
घटना के बाद बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं सामने आईं और उन्होंने अपनी समस्याएं रखीं। सेविकाओं का आरोप है कि उन्हें पिछले सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उनसे SIR कार्य, पोषण ट्रैकर, सर्वे और अन्य सरकारी कार्य लगातार कराए जा रहे हैं।
एक आंगनबाड़ी सेविका ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन उनकी आर्थिक परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण सेविकाएं मानसिक तनाव में हैं।
अतिरिक्त कार्यभार को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से विभागीय कार्यों के अलावा चुनाव और अन्य सर्वे कार्य भी कराए जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेविकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर ध्यान दे।
फिलहाल वृंदा देवी की मौत के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है। सेविकाओं ने सरकार से तत्काल बकाया मानदेय जारी करने, मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं इस घटना ने SIR ड्यूटी में लगे कर्मियों की सुविधाओं और कार्य दबाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रांची: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर होटल बीएनआर चाणक्या में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के मरीजों का पूरा दबाव फिलहाल रिम्स पर है, जिसे कम करने के लिए रांची में एम्स की स्थापना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हुई है। इसके साथ ही रिम्स-2 को भी जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि साहिया बहनों की समस्याओं को लेकर भी केंद्र सरकार को अवगत कराया गया है और उनके लिए 400 छोटे एंबुलेंस की मांग की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। सभी सदर अस्पतालों में सी-सेक्शन प्रसव के लिए विशेष सेंटर खोलने की योजना है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है।
विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरा पोस्टर, इम्प्लांट और पीपीएफ पोस्टर का अनावरण किया। साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।
जनसंख्या को चुनौती नहीं, अवसर के रूप में देखें: अजय कुमार सिंह
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पूरे विश्व के लिए चुनौती है, लेकिन इसे अवसर में बदलकर मानव संसाधन का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में सी-सेक्शन के लिए विशेष सेंटर विकसित करने की योजना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से गांव-गांव जाकर परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से मृत्यु दर में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण बीमारियों से होने वाली मौतों पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण से आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास को गति मिलती है।
कार्यशाला में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी परिवार नियोजन डॉ. पुष्पा सहित कई चिकित्सक, अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम में परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
साहिबगंज: शहर के कोर्ट रोड स्थित तिवारी ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि., टाटा मोटर्स कार शोरूम में Tata Next Gen Tiago का भव्य लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में SBI के लोन मैनेजर अवनीश झा ने फीता काटकर नई कार का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में SBI, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, चोला फाइनेंस एवं HDB फाइनेंस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्राहकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
शोरूम के ब्रांच मैनेजर हसमत तबरेज़ ने बताया कि Next Gen Tiago की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹4.69 लाख रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह कार 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग, आधुनिक फीचर्स और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
इस अवसर पर राजू प्रकाश सिन्हा, प्रिंस शाह, अनुराग यादव सहित शोरूम के सेल्स स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। लॉन्च के दौरान ग्राहकों ने नई टियागो को करीब से देखा और इसकी खूबियों की जानकारी प्राप्त की।
साहेबगंज । नगर थाना अंतर्गत पटनियाँ टोला निवासी गणेश पासवान का 15 वर्षीय पुत्र आदित्य आर्यन शुकवार दिन 11:00 बजे से लापता है। आदित्य कक्षा 9 का विद्यार्थी है और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढ़ाई करता है।
आदित्य के अचानक गायब होने से परिवार के लोग काफी परेशान हैं। माता-पिता और परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार आदित्य की मां दीप्ति देवी ने कहा बेटा को पढ़ने में मन नहीं लगता है इसी को लेकर मैने डांटा था जिसके बाद वह बैग लेकर लापता हो गया ।
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को आदित्य आर्यन के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर सूचना दें।
लापता छात्र का विवरण:
नाम – आदित्य आर्यन
उम्र – 15 वर्ष
कक्षा – 9वीं
पिता – गणेश पासवान
माता – दीप्ति देवी
लापता होने का समय – शुकवार दिन के करीब 11:00 बजे
सूचना देने के लिए संपर्क करें:
9934406205
6299489829
रांची। झारखंड में बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) में आयोजित Bamboo Ecosystem Conclave 2026 में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर आयोजित नीति संवाद में मंत्री ने झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। सम्मेलन में बांस आधारित उद्योगों के विकास, नई नीति, निवेश, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बांस उद्योग से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार संपदा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहां के जल, जंगल और जमीन से भी है। इन संसाधनों का संरक्षण करते हुए युवाओं, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। बांस ऐसा क्षेत्र है, जिसमें खेती से लेकर प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, निर्माण सामग्री और उद्योग तक रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का किया जिक्र
मंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के बेहतर परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। झारखंड के किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की मेहनत से तैयार आम अब दुबई, इटली और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है, उसी प्रकार बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव ला सकता है।
झारखंड बन सकता है बांस उद्योग का प्रमुख केंद्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में बांस आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए नीति, तकनीक, वित्तीय सहायता, डिजाइन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश का अग्रणी बांस उत्पादक राज्य और बांस आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा और आत्मनिर्भर झारखंड के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच हुआ संवाद
गौरतलब है कि इस सम्मेलन का आयोजन रांची स्थित XISS में नेटवर्क फॉर एंटरप्राइज एन्हांसमेंट एंड डेवलपमेंट सपोर्ट (NEEDS) द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) समर्थित "SWASHAKT" परियोजना के अंतर्गत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता, महिला नेतृत्व वाले उद्यम, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास साझेदारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में XISS के डॉ. प्रोफेसर अनंत कुमार, NEEDS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
