रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में RMZ Infrastructure के President दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। बैठक में झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, Global Capability Centre (GCC) तथा तकनीकी और औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75 हजार रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रस्तावित IT Park के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर और हाईकोर्ट परिसर के आसपास उपलब्ध करीब 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। यहां आधुनिक कार्यालय, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है।
बैठक में IT, Artificial Intelligence (AI), Semiconductor, Manufacturing, Nuclear Energy और Digital Infrastructure जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही Global Capability Centre के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं और अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़कर मजबूत IT एवं तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-कौशल आधारित रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा कर वहां के IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम और GCC मॉडल का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल और झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक माधवी मिश्रा भी मौजूद थीं।
रांची । राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत 28 सितंबर 2026 को सीसीएल मानव संसाधन विकास विभाग के प्रकाश सभागार में स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से विविध विषयों, भावनाओं और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रांची के प्रख्यात कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री कुमार बृजेन्द्र तथा निर्मला महाविद्यालय, रांची की विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु सिन्हा शामिल थीं। श्री कुमार बृजेन्द्र देश के विभिन्न राष्ट्रीय कवि मंचों पर सक्रिय रूप से उपस्थित रहे हैं तथा आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी जुड़े रहे हैं। कविता एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव तथा डॉ. रेणु सिन्हा की साहित्यिक समझ का लाभ प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में मिला।
प्रतियोगिता में ढोरी क्षेत्र के सहायक प्रबंधक (खनन) श्री उज्ज्वल पाठक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने द्वितीय, बीएनके क्षेत्र के प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री आर. पी. यादव ने तृतीय, वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सुष्मिता सहाय ने चतुर्थ तथा सीएसआर विभाग की उप प्रबंधक सुश्री पूजा प्रसाद ने पंचम स्थान प्राप्त किया।
सीसीएल की ओर से श्री कुमार बृजेन्द्र का स्वागत महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) श्री फ़ैयाजुल हक़ ने तथा डॉ. रेणु सिन्हा का स्वागत महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने किया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजभाषा विभाग की सुश्री पूजा सिंह एवं श्री रामाधार पांडेय ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिविक दिवेश ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत अब तक टिप्पण-आलेखन, प्रश्नोत्तरी, हिंदी निबंध, हिंदी टंकण एवं स्वरचित कविता पाठ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों में मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही है।
राजभाषा माह के अंतर्गत अब ‘राजभाषोत्थान’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है। राजभाषा संवर्ग के कार्मिकों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित ज्ञान, अनुभव और प्रतिभा को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से सीसीएल में हिंदी के प्रति उत्साह और रचनात्मक सहभागिता को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के कार्मिकों की निरंतर भागीदारी ने राजभाषा माह को व्यापक और जीवंत स्वरूप प्रदान किया है।
सिल्ली मूरी। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिल्ली में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लेते हुए कुल 40 यूनिट रक्त दान किया।सदर अस्पताल रांची एवं सिंगपुर नर्सिंग होम, मुरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संगीता बड़ाईक मौजूद रहीं। सदर अस्पताल रांची एवं सिंगपुर नर्सिंग होम की तकनीकी मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों के तहत रक्त संग्रह किया।आयोजकों ने कहा कि रक्त की जरूरत किसी भी मरीज को अचानक पड़ सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंदों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। शिविर के माध्यम से लोगों को नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।रक्तदाताओं को किया गया सम्मानितशिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें हेलमेट, टी-शर्ट, वाटर बॉटल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों और भगत सिंह स्मारक मंच ने युवाओं एवं आम लोगों से भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपक सोनार, कुमार गौतम, दिनेश बनर्जी, अमित कुमार महतो, गोपाल केडिया, राजेश रॉय सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुरी। हिंडाल्को में श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। 28 सितंबर की रात 12 बजे से सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो अपने समर्थकों के साथ हिंडाल्को के चारों प्रमुख गेट पर पहुंच गए। गेट जाम किए जाने के बाद श्रमिकों का प्लांट के अंदर प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया।आंदोलनकारियों का कहना है कि कई श्रमिकों के गेट पास रोके जाने, वेतन कटौती और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। इसी के विरोध में श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं।आंदोलनकारियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने समेत कई मांगें प्रबंधन के समक्ष रखी हैं।समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू नहीं हुई थी। विधायक अमित कुमार महतो आंदोलन स्थल पर मौजूद रहकर श्रमिकों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिल्ली क्षेत्र के पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को अवसर देने के बाद ही दूसरे जिलों या राज्यों के लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए।गेट पास और वेतन कटौती बना प्रमुख मुद्दा श्रमिकों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के गेट पास रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वेतन कटौती को लेकर भी कामगारों में नाराजगी है। श्रमिकों ने रोके गए गेट पास तत्काल बहाल करने और काटे गए वेतन का भुगतान करने की मांग की है।आंदोलनकारियों ने ठेका प्रथा, रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।पुलिस ने संभाला मोर्चा हिंडाल्को के चारों गेट पर आंदोलन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मुरी ओपी और सिल्ली थाना पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा आंदोलन स्थल पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।फिलहाल प्लांट के चारों गेट पर आंदोलन जारी है। प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता नहीं होने से गतिरोध बरकरार है। आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है, यह वार्ता और प्रबंधन की अगली पहल पर निर्भर करेगा।
सिल्ली-मुरी। मुरी-गोला मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क निर्माण में कथित अनियमितता के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए जाम के कारण मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने के कारण सड़क जल्द ही जर्जर हो गई। उनका कहना है कि गड्ढों के कारण कई बार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हुए हैं।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कई लोगों की जमीन और घर प्रभावित हुए, लेकिन संबंधित लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।जाम में फंसी स्कूल बसें और एंबुलेंससड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। इस दौरान स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “सीसीएल विद्या सारथी-2026” का शुभारंभ सीसीएल के लाल हॉस्टल, गांधीनगर, रांची में किया गया। इसी के साथ सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित सभी 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों पर भी इस पहल की शुरुआत हुई।
“सीसीएल विद्या सारथी-2026” के अंतर्गत 400 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक निःशुल्क JEE/NEET प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयगत प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, डिजिटल लर्निंग सपोर्ट, नियमित टेस्ट एवं मूल्यांकन तथा निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना और उनके सपनों को सही दिशा प्रदान करना है।
इस पहल के लिए सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों का चयन किया गया है। ये प्रशिक्षण केंद्र कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, राँची, अरगड़ा, हजारीबाग एवं पिपरवार में स्थित हैं।
राँची केंद्र में 60 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपने भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल श्री पंकज कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। श्री मिश्र ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वही श्री पंकज कुमार ने कहा कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री एस एस लाल,महाप्रबंधक (कल्याण)श्री संजय कुमार ठाकुर , National Computer Saksharta Mission (NCSM) के प्रतिनिधिगण तथा सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाडली के Faculty Members सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
National Computer Saksharta Mission (NCSM) के सहयोग से संचालित यह पहल सीसीएल के कमांड क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE/NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीएसआर प्रयास है। इसके माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास है।
सीसीएल अपने विभिन्न सीएसआर एवं शैक्षणिक पहलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी द्वारा विद्यार्थियों के करियर और प्रशिक्षण को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही विभिन्न योजनाएं न केवल विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए अवसरों का विस्तार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी सकारात्मक एवं गुणात्मक बदलाव की आधारशिला रख रही हैं।
रांची। झारखंड भर के 24 जिलों के सक्रिय एवं स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों एवं रक्तवीरों सहित रक्त विकार रोगियों/परिजनों एवं सामाजिक चिंतकों संग आज एकदिवसीय झारखंड राज्यस्तरीय आत्मचिंतन बैठक एवं प्रेस वार्ता रांची के मेन रोड़ स्थित होटल केन में
झारखंड भर के 24 जिलों के 150 स्वैच्छिक सक्रिय रक्तदान आयोजकों/संगठनों का समन्वय संगठन "झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी" के नेतृत्व में आयोजित है।
जिसकी अध्यक्षता राज्य संयोजक एवं संस्थापक लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के रक्तवीर नदीम खान ने की वहीं संचालन कोल्हान प्रभारी एवं कुरमी संस्कृति विकास समिति पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष रक्तवीर सपन कुमार महतो,विषय प्रवेश बोकारो ब्लड डोनर एसोसिएशन के महासचिव रक्तवीर शब्बीर अंसारी,प्रस्ताव पारित रामगढ़ के मुस्कुराहटे संस्था के अध्यक्ष रक्तवीर विवेकानंद वर्मा,धन्यवाद ज्ञापन सिमड़ेगा अलफलाह सोसाईटी के अध्यक्ष खुबैद शाहिद ने किया।
कार्यक्रम में रक्तदान आयोजकों, रक्तवीर, संगठनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में रक्त विकार रोगी एवं परिजनों समेत सामाजिक चिंतक उपस्थित थे जिसमें सर्वसम्मति से आत्मचिंतन हॉल से 09 सूत्री प्रस्ताव पारित हुए।
1.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था, बुनियादी मानवीय व्यवस्था को सुदृढ़-व्यवस्थित-सुसज्जित-वातानुकूलित कर मजबूती से राज्यहित में व्यवस्थित किया जाए।
जिसमें राज्य के 24 जिलों में 21 जिलों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाया जाए।
(जहां केवल हॉल ब्लड मिलता है)
हमलोगों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग को स्मार-पत्र दिया गया है।
2.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,जांच,शिविर,वितरण व्यवस्था का निजीकरण नही किया जाए। इन्हीं सभी कार्यों हेतु अभी झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एम.ए. साइंस कंपनी के साथ एमओयू किया है,जिससे अविलंब रद्द किया जाए और झारखंड सरकार की जैसेक्स(झारखंड राज्य ऐड्स कंट्रोल सोसाईटी) को व्यवहारिक रूप से पोषित किया जाए।
3.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित,प्रोत्साहित-उत्साहित-सम्मानित,जागरुक करें।
जिसपर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग का दो-दो आदेश है जो 2018 का है एवं एक घोषणा थी दिनांक 09 दिसंबर 2025 एवं 06 मार्च सहित 20 मार्च 2025 में जो झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में हुई थी इन्हीं आदेश/घोषणा को सख़्ती से लागू कर दिया जाए तो राज्यहित समेत रक्तदान में बहुआयामी सुधार हो जाएगा।
(झारखंड स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न दिनांक में प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्मार-पत्र दिया गया है)
4.झारखंड सरकार राज्य भर के निजी- सामुदायिक ब्लड बैंक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी के प्रोसेसिंग चार्ज को हाफ सब्सिडी युक्त करें एवं ब्लड बैग से 18 प्रतिशत जीएसटी मुक्त करें।
5.झारखंड सरकार राज्य भर के प्रतिष्ठित संस्था-संगठनों एवं सामुदायिक संस्थाओं सहित सामुदायिक हॉस्पिटलों में प्रोत्साहित कर सब्सिडी युक्त ब्लड बैंक खुलवाएं।
6.झारखंड भर के रक्त विकार रोग/असाध्य रोग थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया के पीड़ितों की बहुआयामी पीड़ा-समस्या पर दिनांक 09 दिसंबर 2025 को झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में घोषणा/आश्वासन को सख़्ती से लागू किया जाए। जो अभी तक धरातल पर लागू ही नही हुआ है।
(झारखंड सरकार को प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में स्मार-पत्र दिया गया है)
7.झारखंड भर के रक्त विकार रोगियों एवं असाध्य रोगियों हेतु थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया-हीमोफीलिया-अप्लाटिक एनीमिया-कैंसर-दिव्यांगों को झारखंड सरकार पोषित आहार दें एवं सभी को राशनकार्ड लालकार्ड/पीला कार्ड देना सुनिश्चित करें।
(दिव्यांगता कोटे के 2.5प्रतिशत राशनकार्ड देना सुनिश्चित हो,जो धरातल पर अधिक्तर नदारत है)
8.झारखंड सरकार राज्य भर के 24 जिलों के सक्रिय स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों/रक्तवीर/रक्त विकार पीड़ित/परिजनों संग अविलंब बैठक उनकी समस्याओं/समाधान/राज्यहित में आयोजित की जाए।जो आज तक आयोजित नही हुई है।
9.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित-प्रोत्साहित-उत्साहित-जागरूक करने हेतु झारखंड रक्तदान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाए।
कार्यक्रम में झारखंड में ब्लड बैंक नेटवर्क के संस्थापक/रक्तमित्र ए. के.झा,रक्तमित्र एवं सामाजिक चिंतक नांदिता भट्टाचार्य,रक्तवीर मो बब्बर,गुरुनानक सेवक जत्था रांची के रक्तवीर सूरज झंडाई, रक्तवीर करण अरोड़ा,रक्तमित्र एज़ाज़ अंसारी धनबाद,सरायकेला-खरसावां के दिलीप कुमार महतो,अनूप कुमार महतो,रामगढ़ के रक्तवीर पॉवेल कुमार,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज अब्बास,रक्तमित्र असफ़र खान,क़ाबिल हुसैन एवं रक्त विकार पीड़ितों के परिजनों में संजय टोप्पो,संजय महतो,देवकी देवी,फ़रिहाया बिलकिस, सीमा देवी,सुजाता कुमारी,नीलू टोप्पो,माजिदन खातून,पुनिया उरांव,तेज़लाल महतो,मन्नू सिंह एवं पीड़ितों में साक्षी सिंह,निशा कुमारी गुप्ता,अनीश टोप्पो,एलेक्स टोप्पो,सानिया प्रवीण समेत कई शामिल थे।
कार्यक्रम में रांची,रामगढ़,धनबाद,पूर्वी सिंहभूम,चाईबासा ,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,लातेहार एवं सभी जिलों ने अपनी फोन से सहमति दी।
रांची। मुकेश कुमार , पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटक मित्र राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्थानीय जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहयोगी है। पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य स्टेकहोल्डर्स भी अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मक सामग्री के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध अनुभवों को देश-दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। वे रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
*झारखंड पर्यटन के सहयोगियों का हुआ सम्मान*
समारोह के दौरान राज्य में पर्यटन को बेहतर अनुभव और व्यापक पहचान देने में योगदान कर रहे पर्यटक मित्रों, और अन्य स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुकेश कुमार ने कहा यह सम्मान उन सभी साझेदारों के योगदान को पहचान देने का प्रयास रहा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड को एक आकर्षक और यादगार पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
झारखंड पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में साझा प्रयास
पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का यह आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साझा संकल्प का प्रतीक बना है। पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र और अन्य स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता के माध्यम से राज्य में पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने तथा झारखंड के पर्यटन स्थलों की पहुंच व्यापक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रेम रंजन, प्रबंध निदेशक सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सिल्ली। पश्चिम बंगाल के झालदा हाई स्कूल मैदान में आयोजित तपन कांडू एवं पूर्णिमा कांडू मेमोरियल रनिंग फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 में सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। 25 से 27 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय नॉकआउट प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों की आठ टीमों ने हिस्सा लिया। सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में उसका सामना रांची ब्लैक टाइगर से हुआ। फाइनल में सिल्ली के खिलाड़ियों ने शुरू से ही बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबले के अंतिम दौर में सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने लगातार दबाव बनाते हुए 3-0 से जीत दर्ज की और ट्रॉफी अपने नाम कर ली।प्रतियोगिता में पुरुलिया, बलरामपुर, झालदा, कोटशिला, मुरी एवं झारखंड के अन्य क्षेत्रों की टीमों ने भाग लिया। विजेता टीम को जिला खेल पदाधिकारी परिमल कुमार, भाजपा कोर कमेटी सदस्य एवं पुरुलिया के उपाध्यक्ष गौतम राय, चेयरमैन विजय कंडू तथा महासचिव सुजॉय बनर्जी सहित अन्य अतिथियों ने पुरस्कार एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।बताया गया कि यह फुटबॉल प्रतियोगिता झालदा के दिवंगत कांग्रेस पार्षद तपन कांडू तथा उनकी पत्नी एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा कांडू की स्मृति में आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में उत्साह रहा।मौके पर विकास महतो, नितेश महतो, लालू महतो, अरविंद नीरज समेत बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सिल्ली-मुरी। मुरी रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ट्रेन में छूटा एक बैग बरामद कर महिला यात्री को सुरक्षित सौंप दिया गया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण, नकद राशि समेत करीब 5 लाख 25 हजार रुपये मूल्य का सामान था।बताया गया कि सिल्ली निवासी सपन कुमार दत्ता की पत्नी शोभा देवी (50) अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 18427 पुरी–आनंद विहार एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थीं। मुरी स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव के दौरान वह परिवार के सदस्यों और सामान के साथ नीचे उतर गईं। ट्रेन के रवाना होने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनका एक बैग ट्रेन में ही छूट गया है।बैग में दो सोने की चेन, एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की बालियां, तीन सोने की अंगूठियां, अन्य स्वर्ण आभूषण, एक चांदी की वस्तु, 23,200 रुपये नकद तथा निजी सामान रखा था।मामले की जानकारी मिलते ही आरपीएफ पोस्ट मुरी के पोस्ट कमांडर संजीव कुमार के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों एवं जवानों ने आपसी समन्वय के साथ बैग की तलाश की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
सत्यापन के बाद बैग एवं उसमें मौजूद पूरा सामान शोभा देवी को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य यात्रियों के छूटे हुए सामान को सुरक्षित बरामद कर सत्यापन के बाद उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाना है।इस कार्रवाई में संजीव कुमार, एसआई रवि शंकर, अश्विनी कुमार, एस.के. सिंह, अनूप कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कलीमुल्लाह खान एवं एस. सिंह समेत आरपीएफ कर्मियों की भूमिका रही।
