रांची। झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा । ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी । इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है । हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी । ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है ।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली । मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है । समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है । ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है । विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए । दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है । समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा । सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए । उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए , उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है । उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो , माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए । शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए । उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया ।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है । इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा । हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है । समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है , बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है । इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है । राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया । अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है । समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां SHG से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो । राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है । जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई । उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ - साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है । मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई की वी बी ग्राम जी योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा ।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए । इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा , ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके । सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है । समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें ।
साहिबगंज। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के निवर्तमान अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बुधवार, 20 मई 2026 को सत्र 2026-2028 के लिए अपनी पूरी टीम के साथ चुनाव पदाधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के दौरान चैंबर के विभिन्न पदों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित किए गए। टीम में अध्यक्ष पद के लिए राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष पद के लिए राकेश कुमार एवं संजय भुवानिया, सचिव पद के लिए मोहित बेगराजका, सहसचिव पद के लिए पिंटू शाह एवं मोहम्मद कैसर अली का नाम शामिल है।इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए विवेक कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में रवि पोद्दार, शंकर शाह, नवल किशोर मंडल, प्रकाश झुनझुनवाला, प्रवीण अग्रवाल, राहुल जायसवाल, विकास कौशिक एवं अंकित तमाखुवाला के नाम शामिल हैं।
नामांकन के अवसर पर चैंबर से जुड़े कई व्यापारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नई टीम को आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
रांची । पुलिस ने नामकुम थाना क्षेत्र में सक्रिय संगठित मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिल, कटे हुए इंजन-पार्ट्स और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 18 मई की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी की एक नीले रंग की अपाची बाइक रामपुर की ओर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर सिदरौल जोड़ा मंदिर के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को बाइक सहित दबोच लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर रांची के हाट-बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी करता था। गिरोह चोरी की मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर लगाता था और फिर उन्हें दूसरे लोगों को बेच देता था।
अभय की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों वसीम ओहदार, दानिस आलम, सरीफ खान, नसीम अंसारी, तौहिर अंसारी और मोईन खान को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड जेल में ही अपराधियों के संपर्क में आया था और बाहर निकलने के बाद संगठित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम का नेतृत्व ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय ने किया।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन एवं रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं रेल अधिकारियों के बीच राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेलवे से संबंधित विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सीनियर डीसीएम रांची रेल मंडल श्रेया सिंह एवं महाप्रबंधक के सचिव अजय कुमार उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*
*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), निगमित मुख्यालय के कार्यपालक निदेशक श्री एस० एस० राजू ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने 20 मई 2026 को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची, परिसर में आयोजित "भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित फीचर वॉल, उड़ान यात्री कैफे, अवसर काउंटर, किड्स जोन एवं फ्लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह" में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डा रांची के निदेशक विनोद कुमार एवं उप महाप्रबंधक मनोज प्रसाद सिंह उपस्थित थे।
शेखपुरा।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पशु व पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को जिले के जिला पदाधिकारी शेखर आनन्द, पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी,अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डाँ.राकेश कुमार,शेखपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व अन्य को आवेदन देकर असमाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे गौ तस्करी,गौ वध व आगामी बकरीद पर्व पर संभावित गौ वध पर सख्ती के साथ रोक लगाने व ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ़ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.अरशद ने कहा कि बिहार सरकार ने पशु संरक्षण व सुधार अधिनियम -1955 के तहत पुरे राज्य मे गौ वध पर पुर्ण रूप से प्रतिबन्ध लागू करते हुए इसे संज्ञेय अपराध के श्रेणी में रखा है.अरशद ने बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए व कानून रोक के चलते तथा देश के सभी मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं व इरादे की अपील व फतवे के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय से आगामी बकरीद पर्व पर गाय की कुर्बानी से अलग रहने का आह्वान करते हुए आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाएं रखनें की अपील की है तथा आगे भी गौ वध से बचने की सलाह दी है. अरशद के इस पहल से गौ तस्करों में हड़कंप व खलबली मच गया है तो दूसरी तरफ़ गौ भक्तों व पशु प्रेमियों ने अरशद के इस कदम की सरहाना की है.अब देखने की बात होगी की जिला पुलिस-प्रशासन अरशद के आवेदन पर गौ वध के रोक थाम के लिए किया कदम उठाती है.विदित हो कि अरशद ने इससे पुर्व भी गौ वध व तस्करी पर रोक को लेकर अभियान चलाया था।
कोलकाता। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के नेतृत्व में, विभिन्न मंडलों और कारखानों में मेगा द्वितीय चरण के 'स्वच्छता जागरूकता अभियान' की शुरुआत की गई है। इस नए चरण में "30 मिनट के भीतर सफाई की गारंटी" (Cleaning Guarantee Within 30 Minutes) नामक एक क्रांतिकारी यात्री-केंद्रित पहल की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता संबंधी शिकायतों का तेजी से निवारण करना और पूरे जोन में स्वच्छता के मानकों को महत्वपूर्ण रूप से उन्नत करना है। इस अभियान की शुरुआत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों, मुख्य कारखाना प्रबंधकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर जमीनी जागरूकता गतिविधियों के साथ एक साथ हुई। आसनसोल मंडल में, आसनसोल और दुर्गापुर स्टेशनों पर इस पहल का उद्घाटन मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री संग्रह मौर्य द्वारा किया गया, जिन्होंने यात्रियों के डिजिटल सुझावों के लिए एक अनूठी क्यूआर-कोड (QR-code) फीडबैक प्रणाली भी पेश की। इसी तरह का एक अभियान मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री यतीश कुमार के नेतृत्व में लिलुआ स्टेशन पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), मान्यता प्राप्त यूनियनों और खेल संघों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, कांचरापाड़ा स्टेशन पर मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री सुभाष चंद्र और कांचरापाड़ा कारखाने के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
16 मई से 30 मई, 2026 तक चलने वाला यह अभियान "स्पॉट इट, रिपोर्ट इट, वी आर ऑन इट" (Spot It, Report It, We Are On It - गंदगी देखें, रिपोर्ट करें, हम मुस्तैद हैं) के मूल विषय (थीम) के तहत संचालित हो रहा है। यह पहल यात्रियों को स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बनाती है। यदि किसी यात्री को स्टेशन परिसर में कोई अस्वच्छ क्षेत्र दिखाई देता है, तो वे रेलमदद (RailMadad) ऐप पर एक तस्वीर अपलोड करके या हैशटैग #ERChallenge का उपयोग करके सोशल मीडिया पर रेलवे हैंडल को टैग करके तुरंत इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर, रेलवे की समर्पित सफाई टीमें समस्या का समाधान करने और परिचालन व्यवहार्यता के अधीन, 30 मिनट के भीतर उस स्थान को साफ करने के लिए तत्पर हो जाएंगी।
इस अभियान में व्यापक सामुदायिक और युवा भागीदारी देखी गई है, जिसमें भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 120 से अधिक स्वयंसेवकों ने आसनसोल, लिलुआ और कांचरापाड़ा में यात्रियों को सक्रिय रूप से जागरूक किया। आसनसोल में, स्काउट्स ने एक प्रभावशाली 'नुक्कड़ नाटक' प्रस्तुत किया और यात्रियों को कचरे के उचित निपटान, थूकने की रोकथाम और बायो-टॉयलेट के जिम्मेदार उपयोग के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए सीधे संपर्क अभियान चलाया। पूर्व रेलवे ने इस बात पर जोर दिया कि पटरियों और प्लेटफार्मों को स्वच्छ रखना एक साझा जिम्मेदारी है और सभी रेल उपयोगकर्ताओं से कूड़ा-कचरा न फैलाने और लगातार डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिबराम माझी ने कहा कि जहां पहले चरण ने कॉलोनियों और ट्रेनों में जागरूकता का एक मजबूत आधार स्थापित किया, वहीं यह दूसरा चरण पूरी तरह से त्वरित जवाबदेही की ओर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेलमदद और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर, रेलवे स्वच्छता के मुद्दों का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है, और जनता के सक्रिय सहयोग से पूर्व रेलवे सभी के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सुखद यात्रा वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रांची। यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।
मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं। पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
लातेहार। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है । सीसीएल की बहुप्रशंसित स्वास्थ्य पहल “उपचार आपके द्वार” के अंतर्गत चौथे मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ आज सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह पहल सीसीएल की उस सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण था, जिसके माध्यम से कंपनी खनन क्षेत्रों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से सीसीएल अपने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के माध्यम से दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक लोगों को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराता रहा है। इसी सेवा भाव को और व्यापक स्वरूप देते हुए “उपचार आपके द्वार” योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जा रहा है।
इससे पूर्व सीसीएल द्वारा आम्रपाली-चन्द्रगुप्त परियोजना के आसपास चतरा एवं लातेहार जिले के 33 गांवों में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा हजारीबाग क्षेत्र अंतर्गत कोटरे-बसंतपुर परियोजना के 20 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इन पहलों को ग्रामीणों से मिले सकारात्मक सहयोग और प्रभावशाली परिणामों ने इस अभियान को और विस्तारित करने की प्रेरणा दी है।
नव उद्घाटित चौथा मोबाइल मेडिकल यूनिट सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत लातेहार जिले के बारीयातु एवं बालूमाथ प्रखंड के 23 गांवों में आगामी दो वर्षों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से लगभग 37,000 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिनमें परियोजना प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। खनन परियोजना के समीप स्थित गणेशपुर पंचायत के आरा-चमातू तथा अमरवाडीह पंचायत के फुलबसिया, बनलात एवं बनवार जैसे गांव भी इस पहल के दायरे में आएंगे।
यह मोबाइल मेडिकल यूनिट आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें सामान्य ओपीडी सेवा, निःशुल्क दवा वितरण, मधुमेह जांच, CBC एवं सामान्य रक्त जांच, टीबी जांच हेतु RT-PCR सुविधा, AI आधारित पोर्टेबल एक्स-रे तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉक्टर, नर्स एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर की टीम के साथ यह यूनिट सप्ताह में छह दिन विभिन्न गांवों का रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी, ताकि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकें।
सीसीएल की यह पहल केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना तथा “टीबी मुक्त भारत” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत सहयोग प्रदान करना भी है। आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से यह पहल उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम बन रही है, जहां अब तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित रही है।
सीसीएल अपने CSR प्रयासों के माध्यम से सदैव समावेशी विकास, समुदाय कल्याण एवं हितधारकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। “उपचार आपके द्वार” जैसी पहलें इस प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं तथा यह दर्शाती हैं कि सीसीएल केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
