रांची। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू एंव सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के विद्यानगर इलाके में कुछ व्यक्ति मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त हैं।उक्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक हटिया के नेतृत्व में अरगोड़ा थाना एवं सुखदेव नगर थाना के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया तथा छापेमारी हेतु निर्देशित किया गया।
गठित टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू एवं सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के विद्यानगर इलाके में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से अवैध मादक पदार्थ एवं बिक्री से प्राप्त नकद राशि बरामद की गई।
इस संबंध में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 87/26, दिनांक 12/04/2026, धारा 21(b)/22(b)/29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।
*बरामद सामान का विवरण:*
1.ब्राउन शुगर (ब्राउन स्टोन) – 7.36 ग्राम
2.बिक्री से प्राप्त नकद राशि – ₹4,640/-
3.मोबाइल फोन – 01
4.स्कूटी (एक्टिवा) – रजिस्ट्रेशन संख्या JH01GF4158 – 01
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
1.मुहम्मद सोहेल खान (उम्र 60 वर्ष), पिता – मनबबर, निवासी – आजाद हिंद नगर, भट्ठा मोहल्ला, थाना अरगोड़ा, जिला राँची।
2.दिवाकर कुमार (उम्र 26 वर्ष), पिता – हरिद्वार यादव, निवासी – मुक्तिधाम, हरमू, थाना अरगोड़ा, जिला राँची।
गिरफ्तार अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने के उपरांत न्यायिक अभिरक्षा में होटवार जेल भेज दिया गया है।राँची पुलिस मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। समाज में इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति, रांची के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के चल रहे नवनिर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी और उन्हें इसका जायजा लेने के लिए मंदिर आने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के चल रहे निर्माण कार्य से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा की यह मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है। यह रांची की ऐतिहासिक धरोहर है। इस मंदिर के रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है और इसमें सरकार द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मंदिर को भव्य और आकर्षक बनाने के साथ यहां श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं होगी। उन्होंने कहा कि यह मंदिर ऐसा हो कि देश- दुनिया के श्रद्धालु दर्शन करने के यहां आएं।
वर्ष 2029 तक मंदिर का निर्माण कार्य हो जाएगा पूर्ण
राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस मंदिर का नवनिर्माण कार्य वर्ष 2029 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। फिलहाल फाउंडेशन तक का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि
अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर का निर्माण कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, राम जानकी तपोवन मंदिर नव निर्माण निर्माण समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, सदस्य अयोध्या दास एवं इस मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे।
साहेबगंज। समाहरणालय सभागार में राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद सह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) के अध्यक्ष विजय कुमार हांसदा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान करना तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।
बैठक में जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर राजमहल विधायक मो0 ताजुद्दीन, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, पाकुड़ विधायक निसार आलम, जिला परिषद अध्यक्षा मोनिका किस्कु, जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम भगत सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, DISHA समिति के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा गया तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक सुझाव दिए गए। राजमहल विधायक द्वारा अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सक के अभाव में आमजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर माननीय सांसद द्वारा DMFT मद से चिकित्सक की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया।
वहीं बरहेट विधायक प्रतिनिधि द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि जिले में नियुक्त चिकित्सक कुछ ही महीनों में त्यागपत्र देकर चले जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। इस पर सुझाव दिया गया कि चिकित्सकों की नियुक्ति में कम से कम दो वर्षों का अनिवार्य सेवा अनुबंध (एग्रीमेंट) लागू किया जाए, ताकि स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजमहल अनुमंडल अस्पताल में आगामी 20 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से अल्ट्रासाउंड सेवा एवं बेड साइड ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पाकुड़ विधायक द्वारा अपने क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड एवं महिला चिकित्सकों की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से महिला मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर माननीय सांसद ने राज्य स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत सोलर पंपों की मरम्मत को लेकर भी चर्चा की गई। माननीय सांसद ने बताया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के अनुपालन में जिले में तीन मरम्मती केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकल, बोरिंग एवं जलमीनार का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि उनकी शीघ्र मरम्मत कराई जा सके और पेयजल आपूर्ति सुचारू हो सके।
जरेडा (JREDA) द्वारा स्थापित सोलर लाइटों के खराब होने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। राजमहल विधायक ने जानकारी दी कि जिले में बड़ी संख्या में सोलर लाइट खराब पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहता है। इस पर संबंधित विभाग को सभी खराब सोलर लाइटों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया।
पाकुड़ विधायक द्वारा कोटालपोखर क्षेत्र के श्रीकुंड में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया गया। इस पर प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि सार्वजनिक भूमि का उपयोग जनहित में किया जा सके।
वहीं बरहेट विधायक प्रतिनिधि द्वारा शहर में बढ़ती यातायात जाम की समस्या को देखते हुए ग्रीन होटल से बांटा रोड तक स्थित स्ट्रीट वेंडरों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया। इस पर प्रशासन को समुचित योजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
बैठक के दौरान सांसद ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
अंत में सांसद ने सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जिले के समग्र विकास को गति दी जा सके।
मौके पर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
चाईबासा। झारखंड में मुखिया सम्मेलन की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज चाईबासा में आयोजित कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में बाल हितैषी, स्वस्थ, महिला हितैषी, स्वच्छ एवं हरित तथा सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायतों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों से लंबित पेसा नियमावली को लागू कर झारखंड सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है। इससे न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती मिली है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को जनभागीदारी के माध्यम से पुनर्स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पेसा नियमावली के तहत महिलाओं को ग्राम सभा के सचिव पद पर नियुक्ति का प्रावधान राज्य में लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनेगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर दिख रहे सकारात्मक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं कि विकास अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतों को प्रशासनिक इकाई से आगे बढ़ाकर विकास, सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित है।
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन,डीजीपी तदाशा मिश्रा,दुमका के आईजी पटेल मयूर कन्हैया लाल,डीआईजी अम्बर लकड़ा व साहिबगंज जिले के डीसी हेमंत सती,एसपी अमित कुमार सिंह,झारखंड के खनन सचिव अराव राजकमल,निदेशक-खान झारखंड राहुल कुमार सिन्हा को स्पीड पोस्ट से पांच पन्ने का आवेदन भेज कर जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या-104/24 तथा 204/24 के पर्यवेक्षण पदाधिकारी सह साहिबगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर तिर्की व कांड के अनुसंधानकर्ता लव कुमार,दीपक क्रिएशन,मो.शाहरुख व जिले के भ्रष्ट व चरित्रहीन खनन पदाधिकारी सह केसकर्ता कृष्ण कुमार किस्कू व अन्य के खिलाफ़ भारतीय न्याय संहिता-2023 की सुसंगत धाराओं के तहत् अविलंब प्राथमिकी दर्ज करते हुए कड़ी से कड़ी कानूनी,विभागीय व विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है.कार्रवाई नहीं होने पर अरशद ने न्यायालय व मानवा अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने का चेतावनी दी है.भेजे गए आवेदन में अरशद ने आरोप लगाया है कि पुर्व का बदला लेने के उद्देश्य से डीएमओ किस्कू ने पत्थर माफियाओं,कारोबारियों,खनन कर्मीयों व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ अनैतिक सांठ गांठ व लेन देन कर मेरे खिलाफ़ पुरी तरह से दो-दो झूठा केस दर्ज करवा दिया.जिसके चलते पुरी तरह से निर्दोष रहते हुए भी मुझे करीब एक साल जेल में रहना पड़ा जो कि मेरे संवैधानिक,मौलिक व मानवाधिकार का खुला हनन व घोर उल्लघंन है.विदित हो कि अरशद अभी हाल ही में जेल से बाहर आएं है.जेल से बाहर आते ही अरशद के द्वारा उठाएं गए इस कदम से भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर माफियाओं व कारोबारियों में हड़कंप है तो दुसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखीं जा रही है.
रांची । झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची की बैठक सेक्टर 3 ए टाइप धुमकुड़िया प्रांगण में समिति की मासिक बैठक के साथ सामूहिक विवाह एवं आगामी 24 मई 2026 को सांस्कृतिक समागम नई दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले अर्थात डीलिस्टिंग महारैली में शामिल होने के लिए विचार मंथन किया गया है।
मेघा उरांव ने बताया कि संगठन की ओर से झारखंड से रांची, टाटानगर और दुमका से रिजर्व ट्रेन बुक हो रही है जिसमें झारखंड से हजारों लोग प्रस्थान करेंगे इसी तरह प्रत्येक राज्य से ट्रेन बुक हो रही है हजारों जनजाति समाज का समागम होगा और केंद्र सरकार का आंख खोलने का काम किया जाएगा अब बहुत हो गया जितना जल्दी हो सके धर्म परिवर्तित लोगों का आरक्षण और सूची से बाहर करने के लिए जिस तरह 341 में प्रावधान है उसी प्रकार 342 में भी प्रावधान हो ।
जनजातीय सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा है कि अभी तक रिपोर्ट है कि पूरे देश भर में लगभग दो लाख पंजीयन दिल्ली जाने के लिए हो चुका है। इसके लिए अब प्रचार प्रसार दीवार लेखन पोस्टर बैनर बाइक रैली इत्यादि के साथ-साथ एक साथ अपने देवी देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे !
इस बैठक में मेघा उरांव लुथुरू उरांव, चंदा कच्छप, बिरसा भगत, जय मंत्री उरांव, राजु उरांव, कंचन होरो, महेश उरांव, वृंदावन उरांव , कुमुदिनी लकड़ा, सोनवा देवी,अंजली खलखो, रोपनी मिंज, मोनी तिर्की, लालमुनी देवी, सुशीला उरांव, तारक रजक, कावेरी देवी, एवं अन्य लोग उपस्थित थे।
रांची: कांके थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला कांके थाना कांड संख्या 84/26, दिनांक 11 अप्रैल 2026 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जब जांच शुरू की गई, तो मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी के बयान से घटना की पूरी सच्चाई उजागर हुई।
बताया गया कि वर्ष 2022 में सुषमा कुमारी एक बच्ची को उसके परिजनों से यह कहकर अपने साथ ले आई थी कि वह उसकी देखरेख और भरण-पोषण करेगी। समय बीतने के साथ बच्ची के परिजनों और महिला के बीच आर्थिक व अन्य कारणों से विवाद उत्पन्न हो गया।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि महिला और उसके सहयोगी (भाई) द्वारा बच्ची को घर में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ लगातार अमानवीय व्यवहार किया गया।
10-11 अप्रैल 2026 की रात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए उसकी निर्मम हत्या कर दी।
घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने और मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की। इसके लिए शव को विभिन्न अस्पतालों में ले जाकर भ्रामक स्थिति बनाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों:
- सुषमा कुमारी
- प्रदीप बारला
- संतोष कुमार दास
को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बरामदगी:
- सफेद रंग की मारुति Swift Dzire कार
- एमआई कंपनी का काला मोबाइल
- वीवो कंपनी का आसमानी टच स्क्रीन मोबाइल
- नोकिया का की-पैड मोबाइल
- हत्या में प्रयुक्त कैंची, प्लास, लाठी, रस्सी एवं एडहेसिव टेप
छापामारी दल:
इस कार्रवाई में साक्षी जमुवार सहायक पुलिस अधीक्षक सह थाना प्रभारी कांके के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम शामिल रही, जिसमें अमर कुमार पाण्डेय, कुणाल कुमार, नवीन शर्मा, मो. कफिल अहमद, सतीश कुमार, गंगाधर सिंह, रौशन कुमार सिंह, अरविन्द कुमार, भीम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
रांची। 12 अप्रैल 2026 दिन रविवार को रांची पुलिस ने प्रेस वार्ता कर झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़े परीक्षा घोटाले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय सॉल्वर/पेपर लीक गैंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गैंग के 5 मुख्य सदस्य और 159 अभ्यर्थी शामिल हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अधनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में संदिग्ध अभ्यर्थी जमा हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर देर रात छापेमारी की।
छापेमारी में क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई चौंकाने वाले सबूत बरामद किए:
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी (150 से अधिक)
प्रिंटेड प्रश्न-उत्तर सेट
फटे हुए एडमिट कार्ड
संदिग्ध मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
पुलिस के पहुंचते ही कुछ लोग भागने की कोशिश करने लगे और कई ने अपने पास मौजूद सामान छिपाने या नष्ट करने का प्रयास किया।
लाखों में हो रहा था सौदा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति लेकर परीक्षा पास कराने का दावा कर रहे थे। इसके लिए अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे और उन्हें याद कराया जा रहा था।
सबूत मिटाने की कोशिश
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को नष्ट कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई
तमाड़ थाना में मामला दर्ज (कांड संख्या- 21/26)
विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू
JSSC के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई
घटनास्थल से 8 वाहनों को जब्त
अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी
गैंग का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह पहले भी कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रह चुका है, जैसे:
राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा (2017)
NEET पेपर लीक (2024)
बिहार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती (2024)
उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी परीक्षा (2024)
उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024)
उठ रहे बड़े सवाल
इस घटना ने झारखंड की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की संलिप्तता ने सिस्टम की खामियों को उजागर किया है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन राज्यों से जुड़े हैं। संभावना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
रांची। कांके भिटा बस्ती में दिनांक 10 अप्रैल 2026 को आदिवासी समाज के महतो, रैयत, ग्राम सभा एवं ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता ग्राम सभा की अध्यक्ष वर्षा गाड़ी ने की।
बैठक में पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सर्वसम्मति से पूर्व पाहन सोनू पाहन को उनके पद से हटाकर नए पाहन के रूप में डोमन मुंडा की घोषणा की गई। सरना स्थल पर विधिवत रूप से उन्हें सूप सौंपकर यह प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके पश्चात पारंपरिक नाच-गान के साथ नए पाहन को सम्मानपूर्वक उनके घर तक लाया गया। तत्पश्चात महतो, रैयत एवं समस्त ग्रामीणों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें आधिकारिक रूप से पदस्थापित किया गया। यह निर्णय ग्राम सभा एवं समाज के सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से:
- केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की
- केंद्रीय महिला सरना समिति की अध्यक्ष एंजेल लकड़ा
- केंद्रीय पाहन जगलाल पाहन
- बारह पहाड़ महाराजा मंन्द्र मुंडा के महामंत्री सधन उरांव
- टुटलो बेड़ो के पाहन मंगरा उरांव
- पत्र टोली के पाहन बुद्धू मुंडा
सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीता गाड़ी, मितीयस उरांव, मंजुला टोप्पो एवं अन्य ग्रामीणों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
रांची। कांस्टेबल (जीडी) राकेश कुमार (बल संख्याः 135370141) बाबुडेरा, थाना जरायकेला, जिला पश्चिम सिंहभूम क्षेत्र में संचालित अभियान में तैनात थे। इसी दौरान आकस्मिक रूप से एक पेड़ गिरने की घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
दिवंगत कर्मी का गृह पता ग्राम धमनी, थाना हसपुरा, जिला औरंगाबाद है। उनका जन्म दिनांक 06 अगस्त 1993 था तथा उनकी आयु लगभग 33 वर्ष थी। वे दिनांक 08 मार्च 2013 को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल में भर्ती हुए थे।
महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के महानिदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है तथा दिवंगत कर्मी के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
वरीय पदाधिकारी/बल के द्वारा दिवंगत कर्मी के पार्थिव शरीर को उनके गृह स्थान औरंगाबाद भेजने की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, जहां शहीद जवान को अंतिम सलामी दी जायेगी।
