रांची: भारत रत्न राजीव गांधी ग्रामीण प्रतिभा प्रतियोगिता-2026 का आयोजन 12 जुलाई को रांची जिले के मांडर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी पांच प्रखंडों में किया जाएगा। पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता परीक्षा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में शिक्षा, जागरूकता और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाना है।
बंधु तिर्की ने बताया कि प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा मांडर, बेड़ो, ईटकी, लापुंग और चान्हो प्रखंड के कुल 20 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इनमें चान्हो में 5, मांडर में 3, बेड़ो में 5, ईटकी में 4 और लापुंग प्रखंड में 3 केंद्र बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, जबकि अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे रिपोर्टिंग करनी होगी।
कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए होगी परीक्षा
इस प्रतियोगिता परीक्षा में कक्षा 8वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागी फाइनल प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
बंधु तिर्की ने बताया कि परीक्षा में लगभग 6500 छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है, जबकि परीक्षा संचालन के लिए 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को जिम्मेदारी दी गई है।
संविधान और स्थानीय विषयों से जुड़े होंगे प्रश्न
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा में 60 प्रतिशत प्रश्न भारतीय संविधान से संबंधित होंगे, जबकि शेष प्रश्नों में सामान्य विषयों के साथ-साथ मांडर विधानसभा क्षेत्र के प्रखंड, जिले और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विषयों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना और उन्हें भविष्य में झारखंड एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
बंधु तिर्की ने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और इससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रतियोगी भावना को बढ़ावा मिलेगा।
सोनाहातु : प्रखंड क्षेत्र में SIR (मतदाता सूची विशेष सत्यापन) कार्य में लगी एक आंगनबाड़ी सेविका की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो जाने से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बकाया मानदेय भुगतान, मृतक के परिवार को मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मृतका की पहचान पांडाडीह पंचायत के रूगड़ी गांव निवासी 55 वर्षीय वृंदा देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वृंदा देवी माहील बूथ संख्या-254 पर SIR कार्य में तैनात थीं। बुधवार को वह अन्य कर्मियों के साथ मतदाता सूची सत्यापन के कार्य में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
काम के दबाव और आर्थिक संकट से परेशान थीं सेविका: पति
मृतका के पति अयोध्या पुराण ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले कई दिनों से लगातार काम के दबाव में थीं। उन्होंने कहा कि सुबह बिना नाश्ता-पानी किए ही वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गई थीं। काम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
पति ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का सहारा बना रहे।
7 महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप
घटना के बाद बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं सामने आईं और उन्होंने अपनी समस्याएं रखीं। सेविकाओं का आरोप है कि उन्हें पिछले सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उनसे SIR कार्य, पोषण ट्रैकर, सर्वे और अन्य सरकारी कार्य लगातार कराए जा रहे हैं।
एक आंगनबाड़ी सेविका ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन उनकी आर्थिक परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण सेविकाएं मानसिक तनाव में हैं।
अतिरिक्त कार्यभार को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से विभागीय कार्यों के अलावा चुनाव और अन्य सर्वे कार्य भी कराए जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेविकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर ध्यान दे।
फिलहाल वृंदा देवी की मौत के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है। सेविकाओं ने सरकार से तत्काल बकाया मानदेय जारी करने, मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं इस घटना ने SIR ड्यूटी में लगे कर्मियों की सुविधाओं और कार्य दबाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रांची: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर होटल बीएनआर चाणक्या में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के मरीजों का पूरा दबाव फिलहाल रिम्स पर है, जिसे कम करने के लिए रांची में एम्स की स्थापना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हुई है। इसके साथ ही रिम्स-2 को भी जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि साहिया बहनों की समस्याओं को लेकर भी केंद्र सरकार को अवगत कराया गया है और उनके लिए 400 छोटे एंबुलेंस की मांग की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। सभी सदर अस्पतालों में सी-सेक्शन प्रसव के लिए विशेष सेंटर खोलने की योजना है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है।
विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरा पोस्टर, इम्प्लांट और पीपीएफ पोस्टर का अनावरण किया। साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।
जनसंख्या को चुनौती नहीं, अवसर के रूप में देखें: अजय कुमार सिंह
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पूरे विश्व के लिए चुनौती है, लेकिन इसे अवसर में बदलकर मानव संसाधन का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में सी-सेक्शन के लिए विशेष सेंटर विकसित करने की योजना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से गांव-गांव जाकर परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से मृत्यु दर में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण बीमारियों से होने वाली मौतों पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण से आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास को गति मिलती है।
कार्यशाला में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी परिवार नियोजन डॉ. पुष्पा सहित कई चिकित्सक, अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम में परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
साहिबगंज: शहर के कोर्ट रोड स्थित तिवारी ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि., टाटा मोटर्स कार शोरूम में Tata Next Gen Tiago का भव्य लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में SBI के लोन मैनेजर अवनीश झा ने फीता काटकर नई कार का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में SBI, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, चोला फाइनेंस एवं HDB फाइनेंस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्राहकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
शोरूम के ब्रांच मैनेजर हसमत तबरेज़ ने बताया कि Next Gen Tiago की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹4.69 लाख रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह कार 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग, आधुनिक फीचर्स और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
इस अवसर पर राजू प्रकाश सिन्हा, प्रिंस शाह, अनुराग यादव सहित शोरूम के सेल्स स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। लॉन्च के दौरान ग्राहकों ने नई टियागो को करीब से देखा और इसकी खूबियों की जानकारी प्राप्त की।
साहेबगंज । नगर थाना अंतर्गत पटनियाँ टोला निवासी गणेश पासवान का 15 वर्षीय पुत्र आदित्य आर्यन शुकवार दिन 11:00 बजे से लापता है। आदित्य कक्षा 9 का विद्यार्थी है और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढ़ाई करता है।
आदित्य के अचानक गायब होने से परिवार के लोग काफी परेशान हैं। माता-पिता और परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार आदित्य की मां दीप्ति देवी ने कहा बेटा को पढ़ने में मन नहीं लगता है इसी को लेकर मैने डांटा था जिसके बाद वह बैग लेकर लापता हो गया ।
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को आदित्य आर्यन के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर सूचना दें।
लापता छात्र का विवरण:
नाम – आदित्य आर्यन
उम्र – 15 वर्ष
कक्षा – 9वीं
पिता – गणेश पासवान
माता – दीप्ति देवी
लापता होने का समय – शुकवार दिन के करीब 11:00 बजे
सूचना देने के लिए संपर्क करें:
9934406205
6299489829
रांची। झारखंड में बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) में आयोजित Bamboo Ecosystem Conclave 2026 में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर आयोजित नीति संवाद में मंत्री ने झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। सम्मेलन में बांस आधारित उद्योगों के विकास, नई नीति, निवेश, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बांस उद्योग से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार संपदा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहां के जल, जंगल और जमीन से भी है। इन संसाधनों का संरक्षण करते हुए युवाओं, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। बांस ऐसा क्षेत्र है, जिसमें खेती से लेकर प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, निर्माण सामग्री और उद्योग तक रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का किया जिक्र
मंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के बेहतर परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। झारखंड के किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की मेहनत से तैयार आम अब दुबई, इटली और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है, उसी प्रकार बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव ला सकता है।
झारखंड बन सकता है बांस उद्योग का प्रमुख केंद्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में बांस आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए नीति, तकनीक, वित्तीय सहायता, डिजाइन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश का अग्रणी बांस उत्पादक राज्य और बांस आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा और आत्मनिर्भर झारखंड के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच हुआ संवाद
गौरतलब है कि इस सम्मेलन का आयोजन रांची स्थित XISS में नेटवर्क फॉर एंटरप्राइज एन्हांसमेंट एंड डेवलपमेंट सपोर्ट (NEEDS) द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) समर्थित "SWASHAKT" परियोजना के अंतर्गत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता, महिला नेतृत्व वाले उद्यम, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास साझेदारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में XISS के डॉ. प्रोफेसर अनंत कुमार, NEEDS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रांची/बुढ़मू। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची की टीम ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में पदस्थापित भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
मामला जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, परिवादी सुबोध कुमार, पिता नन्दकिशोर प्रसाद, ग्राम-आब्रे, थाना मांडर, जिला रांची ने एसीबी रांची में लिखित शिकायत देकर बताया था कि बुढ़मू अंचल क्षेत्र में स्थित जमीन के म्यूटेशन कार्य के लिए उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत में बताया गया कि परिवादी की पत्नी पिंकी देवी एवं साली जया कुमारी और संगीता गुप्ता के नाम से जमीन की रजिस्ट्री की गई थी। म्यूटेशन के लिए आवेदन और डीड की छायाप्रति जमा करने के बावजूद काम लंबित रखा गया था। जब परिवादी ने अंचल कार्यालय जाकर म्यूटेशन कराने की बात की तो उन्हें भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार से मिलने को कहा गया।आरोप है कि भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार ने म्यूटेशन के लिए करीब 80 से 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान कम राशि देने पर सहमति बनी और पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए बुढ़मू अंचल कार्यालय में जाल बिछाया।
कार्रवाई के दौरान भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले में एसीबी थाना रांची में कांड संख्या 13/26, दिनांक 07 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-2018 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले में सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।ल
दुमका: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरैयाहाट अंचल कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम द्वारा की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) निवासी शिकायतकर्ता दीपक दास ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका के निर्देश पर भूमि जांच रिपोर्ट भेजने के एवज में प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने संरक्षित वन भूमि की खरीद-बिक्री और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
CID थाना कांड संख्या-04/2025, दिनांक 09 जनवरी 2025 के तहत दर्ज मामले में आरोपी शैलेश कुमार सिंह (59 वर्ष), पिता विक्रमादित्य सिंह, निवासी इंद्रपुरी, पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी वर्तमान पता नंदनपुरी कॉलोनी हाउस नंबर-22, थाना राजीव नगर, पटना से की गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 406, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 तथा वन अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
CID के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी द्वारा अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर 'संरक्षित वन भूमि' की खरीद-बिक्री करने के साक्ष्य मिले हैं।
रांची। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।
इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।
स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
