रांची: बुण्डू थाना क्षेत्र में 19 जून 2026 को मिले अधजले और सिरकटे अज्ञात शव की गुत्थी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त हथियार, ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के ग्राम सुमानडीह स्थित महादेवटांड़ जंगल से एक अधजला और सिरविहीन शव बरामद हुआ था। शव के दाहिने हाथ की कलाई पर "Sanjoy Raj @ Pal" गोदना बना हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया और सिर अलग कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोली निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रमन कुमार सेठ और सुबोधनी देवी के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था। इस संबंध की जानकारी संजय लोहरा को हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को पैसे देकर पति की हत्या कराने की साजिश रची।
18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति से कहा कि उसे सोनाहातु थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में जाना है। दोनों मोटरसाइकिल से निकले। रास्ते में आड़िया सतिया नदी के पास पत्नी ने शौच जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई और नदी की ओर चली गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो साथियों के साथ ऑल्टो कार से वहां पहुंचा और लाठी से पीट-पीटकर संजय लोहरा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को ऑल्टो कार में डालकर बुण्डू थाना क्षेत्र के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से धड़ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जबकि कटा हुआ सिर तमाड़ थाना क्षेत्र के सुंदरडीह के समीप रानी वन जंगल में गाड़ दिया गया। इसके बाद मृतक की मोटरसाइकिल को तमाड़ थाना क्षेत्र के बबईकुढ़ी के पास छोड़ दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रानी वन जंगल से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया। दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चापड़, ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा एसआईटी ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार किए गए अनुसंधान के आधार पर किया, जिससे करीब 20 दिनों में इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य की महिला किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देवघर और गुमला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार बागानों में उत्पादित 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के माध्यम से दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है और अपनी बेहतरीन गुणवत्ता, स्वाद एवं मिठास के कारण ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस उपलब्धि के साथ झारखंड का आम्रपाली आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे देशों तक पहुँच चुकी है। लगातार बढ़ रही इस सफलता से झारखंड के कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग और गुणवत्ता पर भरोसा मजबूत हुआ है।
देवघर जिले के मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी तथा गुमला जिले के गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा इस आम का उत्पादन किया गया है। इन संस्थाओं ने बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित बागानों में आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण खेती के माध्यम से उत्कृष्ट आम्रपाली आम तैयार किया है।
जेएसएलपीएस लगातार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और आधुनिक विपणन प्रणाली से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के आम्रपाली आम को वैश्विक पहचान दिलाने का वास्तविक श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागवानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा,हमारी दीदियों की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य की महिला किसानों के उत्पादों को विश्व के अधिक से अधिक देशों तक पहुँचाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करना है।"
मंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस के समन्वित प्रयासों ने झारखंड में बागवानी आधारित आजीविका का एक सफल मॉडल विकसित किया है। इससे महिला किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ निर्यात आधारित बाजारों तक सीधी पहुँच भी सुनिश्चित हो रही है।
झारखंड के आम्रपाली आम की यह सफलता न केवल राज्य के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर विपणन और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीवन में वही क्षेत्र चुनें, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, कला, वाणिज्य, खेल अथवा संस्कृति जिस भी क्षेत्र में विद्यार्थी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ेंगे, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विद्यार्थियों से राजनीति, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील, शिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। देश और राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्व है कि झारखंड के एक मेधावी छात्र ने गहन अध्ययन के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर किया, जिसकी सराहना स्वयं आदरणीय राहुल गांधी जी ने भी की।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद झारखंड की एक छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों, अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील नेता और विकसित झारखंड तथा विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
रांची: दशमफॉल थाना क्षेत्र में 23 जून 2026 को मिली अज्ञात युवती के शव मामले का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में 18 वर्षीय चेतन मुंडा को गिरफ्तार किया है। मामले में दशमफॉल थाना कांड संख्या 06/2026 के तहत धारा 103(1), 238 एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बुण्डू के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक अनुसंधान, गुप्त सूचना और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
अनुसंधान के दौरान मृतका की पहचान हिस्सी कुमारी (18 वर्ष), ग्राम बरिगड़ा, थाना अड़की, जिला खूंटी के रूप में हुई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर चेतन मुंडा (18 वर्ष), ग्राम चापुदडीह, थाना अड़की, जिला खूंटी को 4 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह प्रेम प्रसंग में उत्पन्न ईर्ष्या थी। आरोपी ने युवती को किसी अन्य युवक के साथ देखने के बाद दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने मृतका का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था, जिसे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
बरामद सामान:
- मृतका का जियो सिम लगा मोबाइल फोन।
- आरोपी चेतन मुंडा का मोबाइल फोन।
सोनाहातू: सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण दूर करना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। लेकिन सोनाहातू प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कुदाडीह से सामने आई तस्वीरें इस योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गर्म और ताजा भोजन देने के बजाय मात्र 5 रुपये का मिक्चर (नमकीन) का पैकेट वितरित किया जा रहा है। जिस योजना के तहत बच्चों को दाल, चावल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ मिलने चाहिए, वहां बच्चों के हाथों में सिर्फ एक छोटा सा पैकेट थमा दिया जा रहा है।
विद्यालय के कई बच्चों ने बताया कि दोपहर में मिलने वाला यह मिक्चर उनके पेट की भूख नहीं मिटा पाता। बच्चों का कहना है कि उन्हें घर लौटकर फिर से खाना खाना पड़ता है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा इस योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा करती है।
दूसरी ओर, अभिभावकों और ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों के पोषण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही और कथित अनियमितताओं के कारण बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि वास्तव में मध्याह्न भोजन के लिए राशि जारी हो रही है, तो उसका उपयोग आखिर कहां हो रहा है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न हो।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना के नियमों के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में नियमित भोजन के स्थान पर नमकीन या मिक्चर का पैकेट वितरित करना योजना की भावना और निर्धारित मानकों के विपरीत माना जाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चों के पोषण के नाम पर चल रही सरकारी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी? क्या मासूमों के हिस्से का भोजन इसी तरह गायब होता रहेगा? और आखिर बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और विद्यालय में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन सुनिश्चित करने की मांग की है।
सोनाहातू । थाना क्षेत्र के कांची नदी किनारे वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान लकड़ी के बोटों से लदा एक ट्रैक्टर जब्त किया गया है।
प्रभारी वनपाल राजू कुमार महतो ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कांची नदी किनारे झाड़ियों में अवैध लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई। इस दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखा गया एक ट्रैक्टर मिला, जिसमें कीमती लकड़ी के बोटे लदे हुए थे।
छापेमारी के समय ट्रैक्टर का चालक या कोई अन्य व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। लावारिस हालत में मिलने के कारण ट्रैक्टर को लकड़ी सहित जब्त कर लिया गया।
वन विभाग के अनुसार जब्त ट्रैक्टर बुलूबाड़ीह निवासी पवन कोइरी का है। वहीं लकड़ी के बोटे रतन महतो पुरस्ती कोटाडीह झारवा के बताए जा रहे हैं। विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वही वन विभाग ने कहा कि क्षेत्र में अवैध कटाई व लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
साहिबगंज। नगर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला स्थित तिलकधारी कुआं के समीप बुधवार देर शाम अज्ञात अपराधियों ने एक युवक को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान तिलकधारी कुआं निवासी 24 वर्षीय आदर्श कुमार, पिता सुनील कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आदर्श कुमार को बाएं सीने में गोली लगी थी, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर स्थिति हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना इंस्पेक्टर अमित गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस के द्वारा हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
रांची/जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए पियूष पांडे वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पूर्वी सिंहभूम और निधि द्विवेदी पुलिस अधीक्षक (SP) सरायकेला-खरसावां को उनके पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को विधि-व्यवस्था नियंत्रित करने में विफलता एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में लापरवाही के आलोक में तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जाता है।
स्थिति को सामान्य करने और कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने चाईबासा प्रमंडल के आयुक्त तथा ADG रांची को जमशेदपुर में लगातार कैंप करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही DIG को भी जमशेदपुर में ही कैंप कर पूरी स्थिति की लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को हिमांशु हत्याकांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हाल के दिनों में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल का निर्णय लिया।
सरकारी निर्देश के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल
राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल
चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?
कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?
जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिवस है। एक ऐसा दिवस, जब शोषण के विरूद्ध जबरदस्त आवाज उठाई गई थी। देश में शोषण से निकलने के लिए किसी के पास कोई रास्ता नहीं दिख रहा था, उस समय आदिवासी समाज के वीरों ने शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला। परिणाम क्या होगा इसकी चिंता किए बगैर हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगना फूलो-झानो ने देश के लोगों पर हो रहे शोषण के विरूद्ध बिगुल फूंका। उन्होंने कहा कि आज भी यह देखा जा रहा है कि कहीं-ना-कहीं क्रांति, संघर्ष जगह-जगह पर कमजोर वर्गों के शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध से ही शुरू होता है। आज इन वीर सपूतों पर हम सभी को गर्व है। हमारे अमर वीर सपूत देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों की बदौलत ही झारखंड को वीरों की धरती कही जाता है। राज्य में कई ऐसे अवसर हैं, जिस दिन हम सभी लोग महापुरुषों को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग बुझती नहीं है। बुझाई भी नहीं जा सकती। क्रांति की चिंगारी सदैव जलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह आज भी ऐसी क्रांति के स्मारक पर निरंतर दीप जलता रहता है। उन्होंने दिल्ली के राजघाट एवं इंडिया गेट में भी दीप जलते रहने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वीरों की इस पावन भूमि का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
