रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने शिष्टाचार मुलाकात की।
यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस दौरान महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के महाधिवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख विधि अधिकारी होते हैं और न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखने के साथ-साथ विभिन्न कानूनी मामलों में सरकार को आवश्यक सलाह प्रदान करते हैं। ऐसे में राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और महाधिवक्ता के बीच हुई यह मुलाकात औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्य के विधिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय अपने अनुभव और विधिक विशेषज्ञता के माध्यम से सरकार को प्रभावी कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में न्यायालयों के समक्ष सशक्त पक्ष रखेंगे।
हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।
JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची: तकनीकी शिक्षा, डिजिटल नवाचार और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देते हुए (जेयूटी), रांची परिसर में अत्याधुनिक कौशल एवं करियर विकास केंद्र (Skill & Career Development Center) का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित यह केंद्र छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर जेयूटी के कुलपति तथा अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से केंद्र का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रही।
कुलपति डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल पारंपरिक तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उद्योग जगत तेजी से बदल रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा तथा डेटा आधारित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि यह नया केंद्र छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी ने कहा कि यह केंद्र छात्रों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें करियर निर्माण, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी और पेशेवर विकास से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इस अत्याधुनिक केंद्र में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), साइबर सुरक्षा (Cyber Security), पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा विश्लेषण, डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा करियर प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से झारखंड के तकनीकी छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही छात्रों को इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और स्टार्टअप के अवसरों तक बेहतर पहुंच भी प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र आने वाले समय में क्षेत्रीय स्तर पर डिजिटल कौशल विकास का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र न केवल देश के उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे, बल्कि झारखंड को तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रतिभा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी योगदान देंगे।
यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने तथा युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
रांची। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मई माह में दिनांक-27.05.2026 को केतारी बगान नामकुम स्थित दीपक कुमार उर्फ पिंटु के बंद घर का ताला तोड़कर घर के अंदर से लगभग 15,00,000/- (पंद्रह लाख) अनुमानित मूल्य के सोने चांदी के जेवर तथा किमती घड़ी एवं 30,000/- रूपये नगद की चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र में कई बंद घरो में चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। लगातार हो रही चोरी घटना की संवेदनशीलता एवं गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के द्वारा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम के नेतृत्व में नामकुम थाना प्रभारी एवं थाना अन्य पदाधिकारी को शामिल करते हुए कांडों के उद्भेदन एवं सामान की बरामदगी तथा संलिप्त अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा आसूचना संकलन एवं अनुसंधान के क्रम में कांड में संलिप्त व्यक्ति शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष, पिता-शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल, सा०-जामबाद लघुरका थाना हुर्रा, जिला-पुरूलिया को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से चोरी की घटना के दौरान प्रयुक्त किये जाने वाले अवैध हथियार सहित चोरी किये गये जेवर से प्राप्त रकम नगद 1,00,000/- रूपये बरामद किये गये। गिरफ्तार उक्त अभियुक्त के द्वारा अपने अपराध स्वीकारोक्ति बयान में स्वीकार किया गया है कि अपने 6-7 अपराधिक सहयोगियों का गिरोह बनाकर बंद घरो से सोने चांदी के गहनो, रूपया एवं किमती सामान की चोरी करते है। चोरी किये गये जेवर को इनलोगों के द्वारा प्रायः लोवाडीह स्थित महारानी ज्वेलर्स में कम मूल्य पर बेचा जाता है। प्रासंगिक कांड में चोरी किये गये जेवर को छः लाख रूपया में बेचा गया था। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र के अलावे सदर थाना क्षेत्र, लोअर बाजार थाना क्षेत्र में चोरी किये गये जेवरात को महरानी ज्वलेर्स के मालिक कृष्णा कुमार को बेचा करता था तथा उससे प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया करता था। बेचे गये जेवरात को ज्वेलरी दुकान मालिक द्वारा गलाकर पुनः नये जेवर बना लिये जाते थे। इसके निशानदेही पर महरानी ज्वेलर्स से लगभग 212 ग्राम सोना एवं 18 किलो चांदी बरामद कर विधिवत जप्त किया गया है तथा ज्वेलरी शॉप के मालिक कृष्णा कुमार को विधिवत गिरफ्तार किया गया। चोरी के इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल है जो चोरी 15 से अधिक अपराधिक कांडों में संलिप्त रहा है तथा कई बार न्यायिक भेजा गया है। यह एक अभ्यासिक अपराध कर्मी है। संगठित गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापामारी की जा रही है। साथ ही ज्वेलरी दुकान के मालिक कृष्णा कुमार के अपराधिक इतिहास के संबंध में छानबीन की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-
1. शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष पिता शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल पता- स्थायी पता जामबाद लघुरका थाना हुर्रा जिला पुरुलिया राज्य पं० बंगाल,
वर्तमान पता ईलाहीबक्स कॉलोनी में सकिला बीबी के घर के नजदीक थाना सदर जिला रॉची तथा वर्तमान छोटा तालाब के नजदीक हिन्दपीढ़ी थाना हिन्दपीढी,
2. कृष्णा कुमार, उम्र-20 वर्ष, पिता-गणेश सोनी, सा०-फ्लैट नं0-403, ए० ब्लॉक, स्वर्ण रेखा गॉर्डेन, लोवाडीह, थाना-नामकुम, जिला-रांची।
बरामद सामाग्री :-
1. विभिन्न प्रकार के सोना के जेवर वजन लगभग 212 ग्राम,
2. विभिन्न प्रकार के चांदी के जेवर वजन लगभग 18 किलोग्राम
3. नगद रकम - 1,00,000/- रूपये,
4. देशी पिस्ट- 01,
5. जिन्दा गोली 03 अद्द,
6. घड़ी 01 अद्द
7. मोबाईल फोन-01 अद्द
अपराधिक इतिहास
शेख अफरोज उर्फ पुटी लाल का अपराधिक इतिहास
1. सदर थाना रॉची कांड सं0 458/20 धारा-461/379 भा०द०वि०
2. सदर थाना रॉची कांड सं0 269/21 धारा-414/34 भा०द०वि०
3. सदर थाना रॉची कांड सं0 229/21 धारा-452/341/323/427/506/34 भा०द०वि०
4. सदर थाना रॉची कांड सं0 131/21 धारा-392 भा०द०वि०
5. सदर थाना रॉची कांड सं0 204/21 धारा-454/380 भा०द०वि०
6. सदर थाना रॉची कांड सं0 93/23 धारा-356/382 भा०द०वि०
7. लोअर बाजार थाना रॉची कांड सं0 70/25 धारा-317 (5)/338 बी०एन०एस० एवं 25 (1-बी0) ए०/26/35 आर्म्स एक्ट
8. रेल थाना रॉची कांड सं0 13/22 धारा-379/511 भा०द०वि०
9. नामकुम थाना कांड सं0 143/21 धारा-457/380
10. नामकुम थाना कांड सं0 96/21 धारा-392 भा०द०वि०
11. नामकुम थाना कांड सं0 183/23 धारा 457/380 भा०द०वि०
12. नामकुम थाना कांड सं0 285/25 धारा-454/380/414/34 भा०द०वि०
13. नामकुम थाना कांड सं0 288/25 धारा-331 (4) / 305 (ए) भा०न्या०सं०
14. नामकुम थाना कांड सं0 20/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
15. नामकुम थाना कांड सं0 31/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
1. श्री अमर कुमार पाण्डेय, वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम, रांची,
2. श्री रामनारायण सिंह, पु०नि०-सह-थाना प्रभारी, नामकुम थाना, रांची,
3. पु०अ०नि०, शशि रंजन, नामकुम थाना,
4. पु०अ०नि०, जयेदव कुमार सराक, नामकुम थाना,
5. पु०अ०नि०, सोनू कुमार दास, नामकुम थाना,
6. स०अ०नि०, उज्जवल कुमार सिंह, नामकुम थाना,
7. स०अ०नि०, सत्येन्द्र सिंह, नामकुम थाना,
8. स०अ०नि०, तारकेश्वर प्रसाद केसरी, नामकुम थाना,
9. थाना के सशस्त्र बल।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-
पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*
श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।
Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।
Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।*
गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।*
केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।
माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।
पटना। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद ने जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। रोशन आनंद ने दावा किया कि खान सर (फैजल खान) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक ने मिलकर उनके भाई की हत्या करवाई है।
मीडिया से बातचीत में रोशन आनंद ने कहा कि जब तक वह बाहर थे तब तक उनके भाई के साथ कुछ नहीं हुआ, लेकिन उनके जेल जाने के बाद प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल में मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
रोशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि फैजल खान ने उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया और उनके परिवार को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, खान सर ने प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रिंस यादव की मौत और पटना के चर्चित कोचिंग विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। रोशन आनंद के गंभीर आरोपों के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री से सरायकेला-खरसावाँ के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली को लेकर समाज में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी पहल करने की मांग की। साथ ही ग्राम प्रधानों के चयन से संबंधित अपनी मांगों और शंकाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सभी न्यायसंगत मांगों, सुझावों और शंकाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का मुख्य उद्देश्य झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार प्रदान करना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और ग्राम स्वशासन की परंपरा से है। राज्य सरकार इन परंपराओं को संरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को केवल अधिकार संपन्न बनाना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा ग्राम प्रधानों की भूमिका और अधिकारों को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की राय लेकर ऐसा वातावरण तैयार करेगी जिससे किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे और पेसा नियमावली का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर श्यामल पांडे, अरूप सिंह, वासुदेव महतो, लक्ष्मण गोप, महादेव सिंह, पद्मलोचन गोप, प्रेमचंद महतो, ज्ञानचंद महतो, कार्तिक चंद्र महतो, रामापति महतो, बी. गोराई, प्रभात रंजन महतो सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बरहरवा (मालदा)रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में अपराधों की रोकथाम तथा रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), मालदा मंडल को ऑपरेशन सतर्क के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक, मालदा मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त/प्रभारी, आरपीएफ, मालदा बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में की गई।
दिनांक 11.06.2026 को प्राप्त विशेष सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट बरहरवा एवं सीपीडीएस टीम द्वारा ट्रेन संख्या 13403 वनांचल एक्सप्रेस में संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान सत्यापन हेतु दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया, जो दोनों कालियाचक, मालदा (पश्चिम बंगाल) के निवासी हैं।
तलाशी के दौरान उनके सामान से विभिन्न ब्रांडों के कुल 174 पुराने एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनके चोरी के होने की आशंका है। इनमें से एक व्यक्ति के पास से 85 तथा दूसरे व्यक्ति के पास से 89 मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइल फोनों का कुल अनुमानित मूल्य 58,95,878 रुपये है।
पकड़े गए व्यक्ति बरामद मोबाइल फोनों के स्वामित्व संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके तथा न ही उनके कब्जे के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दे सके। फलस्वरूप, सभी बरामद मोबाइल फोनों को गवाहों की उपस्थिति में विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त कर लिया गया तथा पकड़े गए व्यक्तियों को जब्त संपत्ति सहित आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु जीआरपीएस/बरहरवा को सुपुर्द कर दिया गया।
रांची: राजधानी रांची पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे कुख्यात अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है, जो झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। गिरफ्तार आरोपी संतोष कुमार राठौड़ (37 वर्ष) उर्फ "राठौड़" कई बार जेल जा चुका है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुंदाग में हुई चोरी के बाद हरकत में आई पुलिस
मामला 6-7 जून 2026 की रात का है, जब पुंदाग ओपी क्षेत्र के लाजपत नगर मंदिर के समीप स्थित एक बंद घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी की चोरी कर ली गई थी। गृहस्वामी की शिकायत पर पुंदाग थाना कांड संख्या 135/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानव स्रोतों की मदद से जांच शुरू की।
सीसीटीवी से मिला सुराग, रात में चलाया गया विशेष वाहन चेकिंग अभियान
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी रात 2 बजे से 4 बजे के बीच चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। वह काले कपड़े और काला हेलमेट पहनकर चोरी करने निकलता था तथा वारदात के बाद तुरंत फरार हो जाता था।
इसके बाद पुंदाग ओपी क्षेत्र में कई दिनों तक रातभर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। 9-10 जून की रात करीब 2:30 बजे पुलिस को एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस की चेकिंग देखकर वह भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में खुला बड़ा राज
गिरफ्तार युवक ने अपना नाम संतोष कुमार राठौड़, पिता स्वर्गीय राजकुमार राठौड़, निवासी आदित्यनगर, मुंगेर (बिहार) बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी में प्रयुक्त औजार और अन्य सामान बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बंद घरों को निशाना बनाकर ताला तोड़ता था और सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चुरा लेता था। उसने पुंदाग चोरी कांड में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
किराये के कमरे से बरामद हुए चोरी के जेवरात
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके किराये के कमरे में छापेमारी की, जहां से चोरी गए कीमती जेवरात और नकदी बरामद की गई।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- सोने का मंगलसूत्र – लगभग 40 ग्राम
- सोने का ब्रेसलेट – लगभग 10 ग्राम
- सोने की चेन – लगभग 15 ग्राम
- सोने का मांगटीका – लगभग 10 ग्राम
- सोने के लॉकेट, अंगूठियां और अन्य आभूषण
- कुल लगभग 90 ग्राम सोने के आभूषण
- लगभग 450 ग्राम चांदी के सामान
- 5,770 रुपये नकद
- चोरी में प्रयुक्त एक बाइक
हजारीबाग से चोरी की गई थी बाइक
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिस बाइक का उपयोग कर रहा था, वह भी चोरी की थी। उसने 30 मई 2026 को हजारीबाग के बरही बाजार क्षेत्र से बाइक चोरी की थी और उसी बाइक का इस्तेमाल रांची में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए कर रहा था।
कई राज्यों में फैला है आपराधिक नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ अरगोड़ा, बरही और पुंदाग थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी:
- 8 बार राउरकेला जेल जा चुका है।
- 2 बार रायपुर जेल में बंद रह चुका है।
- 2 बार हटिया जेल जा चुका है।
- 1 बार बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) जेल में भी बंद रहा है।
रांची में कई बड़ी चोरी की वारदातों की बना रहा था योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी रांची शहर के कई पॉश इलाकों और बड़े मकानों की रेकी कर रहा था। वह आने वाले दिनों में बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उसकी योजना धरी की धरी रह गई।
पुलिस कर रही अन्य मामलों की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में की गई अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। आशंका है कि उसके खुलासे से कई पुराने चोरी कांडों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
रांची पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से विभिन्न राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था।
छापामारी दल में विशेष रूप से
हटिया डीएसपी नीरज कुमार, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी नितिन कुमार सिंह,पुंदाग ओपी प्रभारी संजीव कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मी ने मुख्य भूमिका निभाई।
पटना: राजधानी पटना को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन का विशेष अभियान लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर नगर निगम, पुलिस, यातायात, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, अग्निशमन, विद्युत तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शहर के कई इलाकों में चला विशेष अभियान
आज पटना नगर निगम के विभिन्न अंचलों और नगर परिषद क्षेत्रों में सुबह से दोपहर तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
नूतन राजधानी अंचल में विकास भवन से शेखपुरा मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाया गया, जहां ₹17,000 का जुर्माना वसूला गया।
पाटलिपुत्र अंचल में अशोक राजपथ, राजापुर पुल, बोरिंग कैनाल रोड और बोरिंग रोड चौराहा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां सबसे अधिक ₹23,000 का जुर्माना लगाया गया।
अजीमाबाद अंचल में जीरो माइल से एनएच-30 और ज्युडिशियल एकेडमी के आसपास अतिक्रमण हटाया गया तथा ₹5,500 का जुर्माना वसूला गया।
पटना सिटी अंचल में चौक थाना मोड़ से दीदारगंज चेकपोस्ट तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 15 प्लास्टिक कैरेट और एक लोहे का स्टैंड जब्त किया गया तथा ₹3,500 का जुर्माना लगाया गया।
कंकड़बाग अंचल में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के दौरान एक काउंटर और एक ठेला जब्त किया गया। यहां ₹3,300 का जुर्माना वसूला गया।
बांकीपुर अंचल में भीखना पहाड़ी और मुसल्लाहपुर हाट क्षेत्र में कार्रवाई की गई। ठेले, झोपड़ियां और अन्य अवैध संरचनाएं हटाई गईं तथा ₹3,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और खगौल क्षेत्रों में भी व्यापक अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
एक दिन में ₹56,300 का जुर्माना
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज के अभियान में विभिन्न अंचलों में कुल 56,300 का जुर्माना वसूला गया। साथ ही कई अवैध ढांचे, ठेले, काउंटर, झोपड़ियां और सड़क किनारे जमा मलबा हटाया गया।
दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए विशेष फॉलो-अप टीमों को सक्रिय किया गया है।
उन्होंने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से भी अनुरोध किया है कि सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न हो तथा अभियान की जानकारी स्टेशन डायरी में भी दर्ज की जाए।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष मॉनिटरिंग सेल
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तार्किक परिणाम तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण उन्मूलन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
