अगरतला: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के अंदर मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक और सनसनी का माहौल है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
अनुराग धनखड़ एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी थे और त्रिपुरा पुलिस की कमान संभाल रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।
रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में रविवार को श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित "मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीहरि वनवासी विकास समिति के मंत्री श्री शिवेंद्र लाल माणिक द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों के अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।स्वागत संबोधन में श्री शिवेंद्र लाल माणिक ने समिति की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों के 46 प्रखंडों एवं लगभग 2,000 गांवों के लगभग 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा की अलख जगा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं टॉपर्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत पल्लव ने अपने संबोधन में श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी प्रयास करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा संस्था द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को दिया। उनके प्रेरणादायी अनुभवों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है तथा झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव अपने द्वार खुले रखेगा।
मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्था के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संस्था से निकले अनेक विद्यार्थी इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं कई छात्र पूर्वोत्तर भारत के विकास एवं सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थी विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति कप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। समिति के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में ओम कुमार ने 98.4% अंक लाकर राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में श्रीहरि वनवासी विकास समिति के महामंत्री श्री धनंजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
ब्यूरो। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर देश का नाम दुनिया भर में रोशन कर दिया है। सिंधु ने जापान ओपन 2026 का महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। वह जापान ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेज़बान जापान की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
यह मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद अकाने यामागुची भारतीय स्टार के आक्रामक खेल का जवाब नहीं दे सकीं। सिंधु ने बेहतरीन स्मैश, सटीक नेट प्ले और शानदार डिफेंस के दम पर दोनों गेम अपने नाम किए और बिना कोई गेम गंवाए खिताब जीत लिया।
यह जीत कई मायनों में खास है। सिंधु का यह पहला जापान ओपन खिताब है और साथ ही उनका पहला BWF सुपर 750 खिताब भी है। इसके अलावा लगभग दो साल से चले आ रहे बड़े खिताब के इंतजार का भी अंत हो गया। इस जीत से आगामी विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से पहले उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
मैच के बाद भावुक सिंधु ने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है और वह इसे पूरे देश को समर्पित करती हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगे के लिए खेलना ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल जगत, राजनीतिक नेताओं और देशभर के प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी।
भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। जापान की धरती पर मिली यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण बन गई है।
नई दिल्ली। डिजिटल पत्रकारिता और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि आज के समय में मोबाइल फोन और माइक्रोफोन लेकर लगभग हर व्यक्ति खुद को रिपोर्टर बताने लगा है। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधारशिला है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था भी जरूरी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बिना किसी पेशेवर मानकों के कई लोग खुद को पत्रकार बताकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जिससे गलत सूचना और भ्रामक खबरों का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार को दिया सुझाव
अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाए जो एक ओर प्रेस की स्वतंत्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखे और दूसरी ओर पेशेवर जवाबदेही, नैतिक मानकों तथा नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित करे।
प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की मजबूत नींव है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
डिजिटल पत्रकारिता पर बहस तेज
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद डिजिटल पत्रकारिता, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया आधारित रिपोर्टिंग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि करीब 20 लाख रुपये की बीमा राशि पाने और प्रेमी के साथ रहने के लिए पति को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या को सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे रची गई साजिश?
पुलिस जांच के मुताबिक, पति के सो जाने के बाद उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर जहरीले सांप को उसके बिस्तर में छोड़ा गया। इसके बाद महिला अपने बच्चे के साथ दूसरे कमरे में चली गई, ताकि किसी को उस पर शक न हो। शुरुआत में मौत को सामान्य सांप के काटने की घटना माना गया, लेकिन जांच और पोस्टमार्टम के बाद पूरा मामला पलट गया।
पोस्टमार्टम से खुला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आया कि मामला संदिग्ध था। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और पूछताछ में कथित साजिश का खुलासा हुआ। जांच के बाद महिला, उसके प्रेमी और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यह हत्या पहले से सुनियोजित थी और आर्थिक लाभ तथा प्रेम संबंध इस कथित अपराध की प्रमुख वजह बताए जा रहे हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी आंदोलन के बीच शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद जंतर-मंतर धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप की गई है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों ने इसका विरोध किया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल ले जाया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि उनकी लगातार गिरती सेहत को देखते हुए चिकित्सकीय देखभाल आवश्यक थी।
इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह स्वयं अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और संसद सत्र के दौरान बड़े विरोध-प्रदर्शन की भी तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले करीब 20 दिनों से कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। लगातार अनशन के कारण उनका वजन काफी कम हो गया था और डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को चिंताजनक बताया था।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति कैसी रहती है और आंदोलन का अगला चरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
रांची। रांची पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने बिहार के गया से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्ची के अपहरण के बाद तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं मिलने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पीड़ित परिवार से पांच-पांच हजार रुपये की दो किश्तों में कुल 10 हजार रुपये भी वसूल लिए थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना कांड संख्या 120/26, दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। सूचना मिली थी कि दलादली टीओपी क्षेत्र के सपारोम से पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने बिहार के गया में स्थानीय पुलिस के सहयोग से 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। घटना की सूचना मिलने के मात्र 12 घंटे के भीतर गया जंक्शन के समीप एक होटल से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ ही इस पूरे षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
किरायेदार ने रची अपहरण की साजिश
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह पीड़िता के घर के पास किराये के मकान में रहता था। पैसों की लालच में उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ बिहार के गया ले गया और परिजनों से तीन लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। उसने धमकी दी कि यदि फिरौती नहीं दी गई तो बच्ची की हत्या कर दी जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के दो सहयोगी सचिन कुमार और मोनु कुमार ने बच्ची को छिपाने तथा फिरौती की रकम हासिल करने में उसकी मदद की। आरोपियों ने परिजनों को डरा-धमकाकर ऑनलाइन माध्यम से कुल 10 हजार रुपये अपने खातों में मंगवा लिए।
मां से मिलते ही खिल उठी बच्ची की मुस्कान
पुलिस ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। बरामदगी के बाद जब उसे उसकी मां को सौंपा गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची सकुशल अपने घर लौट सकी।
गिरफ्तार आरोपी
- रमेश कुमार मिश्रा (20 वर्ष), निवासी दिग्गी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- सचिन कुमार (19 वर्ष), निवासी खजुरी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- मोनु कुमार (19 वर्ष), निवासी मखदुमपुर, जिला जहानाबाद (बिहार)
बरामद सामान
- घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी
इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन ने किया। टीम में दलादली टीओपी प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय, पु.अ.नि. संदीप राज, स.अ.नि. शिवलाल मुर्मु, महिला आरक्षी मेरी जयंती तिर्की, आरक्षी पंकज कुमार चौधरी के अलावा तकनीकी शाखा रांची के जुनुल सुरीन, विरेन्द्र सिंह, समसोन संगा, क्रिस्टेफर डुंगडुंग, सूरज तिग्गा तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सहायता के कारण बच्ची को 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा "Role of AI in Financial Decision" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग से अधिकारियों को अवगत कराना था। प्रशिक्षण में सीसीएल के 52 वित्त अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं संकाय सुरेश बेहरा, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि एआई के उपयोग से वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बेंचमार्किंग और एआई आधारित कौशल संगठन के प्रदर्शन तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत बनाएंगे।
तकनीकी सचिव संजय सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर प्रणालीगत सुधार के लिए एआई को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) सुरेश बेहरा ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संवादात्मक रहा और डिजिटल लर्निंग तथा नवाचार के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल विकसित करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची में JCI Ranchi Udaan द्वारा आयोजित Glitz & Glam Exhibition का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके उत्पादों, नवाचारों और उद्यमिता के अनुभवों की जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी महिला उद्यमिता, स्थानीय प्रतिभाओं और स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उत्पादों के लिए नए बाज़ार उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, "Glitz & Glam Exhibition एक बेहद प्रतिष्ठित और लंबे समय से आयोजित होने वाला आयोजन है। JCI Ranchi Udaan की महिलाओं द्वारा इसका सफल आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमिता की प्रेरणादायक झलक देखने को मिलती है, जहाँ महिलाएँ अपने स्टार्टअप और नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। चाहे ज्वेलरी हो, गारमेंट्स हों या होम डेकोर से जुड़े उत्पाद यहाँ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिलता है। हर वर्ष लोग इस प्रदर्शनी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने और अधिक लोगों तक पहुँच बनाने का अवसर भी देते हैं।"
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वरोज़गार के अवसर बढ़ाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण आजीविका मिशन और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में और अधिक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा झारखंड की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने JCI Ranchi Udaan की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसी पहल आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर JCI Ranchi Udaan की प्रेसिडेंट जेएफ़एम डॉ. प्रिया लखोटिया, सेक्रेटरी पूजा बुधिया, फाउंडर प्रेसिडेंट जीएफएस राखी जैन सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहें।
