रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के श्रेणी-1 कर्मचारियों के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से बीटीटीआई, भुरकुंडा द्वारा 20 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग के मार्गदर्शन में बीटीटीआई द्वारा आयोजित की जा रही कौशल विकास पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन समारोह आज 24 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रंजय सिन्हा, महाप्रबंधक (खनन), बरका-सयाल क्षेत्र, एम. एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी), सीसीएल तथा विकास कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (एचआरडी) सहित बीटीटीआई, भुरकुंडा के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उन्हें अपने कौशल का निरंतर विकास करने और भविष्य की कार्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस कौशल विकास कार्यक्रम में कुल 63 कर्मियों ने भाग लिया।
SRFTI कोलकाता के सहयोग से युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय फिल्म और मीडिया प्रशिक्षण
रांची। झारखंड में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। प्रारंभिक चरण में यह संस्थान रांची स्थित सूचना भवन से संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में 22 जुलाई को झारखंड फिल्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच हुए एमओयू के बाद संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर उपलब्ध संसाधनों एवं भवन का निरीक्षण किया।
पहले चरण में शुरू होंगे शॉर्ट टर्म कोर्स
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद ने बताया कि संस्थान के शुरुआती चरण में विद्यार्थियों और कामकाजी युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक, दो, तीन और छह महीने की अवधि वाले शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों को पार्ट-टाइम, फुल-टाइम और ईवनिंग क्लास के रूप में संचालित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि SRFTI के तकनीकी सहयोग से विभाग के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इन विषयों में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
JFTI में फिल्म और मीडिया उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- साउंड डिजाइनिंग
- फिल्म एडिटिंग
- एनीमेशन
- स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले राइटिंग
- सिनेमैटोग्राफी
- फिल्म डायरेक्शन
- फिल्म प्रोडक्शन
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी कौशल से लैस करना है।
SRFTI देगा हर स्तर पर तकनीकी सहयोग
SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि झारखंड में फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान के ब्लूप्रिंट तैयार करने, क्लासरूम डिजाइन, तकनीकी ढांचा विकसित करने और गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था तक हर स्तर पर SRFTI सहयोग करेगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान के पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मियों के लिए भी शॉर्ट-टर्म प्रोफेशनल ट्रेनिंग आयोजित की जाए, ताकि वे आधुनिक फिल्म और मीडिया तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। साथ ही उन्होंने शुरुआत फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स से करने की भी सलाह दी।
झारखंड की प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
राज्य सरकार का मानना है कि JFTI की स्थापना से झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया उद्योग में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में फिल्म निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक शाहिद आलम, राशिद अख्तर, बीरू कुशवाहा, सुनीता धान, अभय कुमार तथा SRFTI के एसोसिएट प्रो. नीलाजन बनर्जी एवं प्रो. इंद्रनील मुखर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
साहिबगंज: शहरवासियों के लिए रविवार, 26 जुलाई को मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के तत्वावधान में अ. म. ख. पंचायत भवन में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक भव्य "फन फेट" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताएं एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार फन फेट में डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, हाऊजी, विभिन्न मनोरंजक गेम्स, फूड स्टॉल और कई अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शहरवासियों को पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है।
डांस प्रतियोगिता केवल कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। ग्रुप-ए (कक्षा 1 से 5) के प्रतिभागियों को "Independence Day" विषय पर चित्र बनाना होगा, जबकि ग्रुप-बी (कक्षा 6 से 10) के विद्यार्थियों को "Save Water, Save Earth" विषय पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा।
कार्यक्रम में सभी प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के अध्यक्ष गोकुल टिबड़ेवाल एवं सचिव श्वेता चौधरी ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का बेहतरीन अवसर भी साबित होगा। रविवार को होने वाले इस फन फेट को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।
सोनाहातू, । वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार को सोनाहातू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बेझिझक थाना आएं। पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है और विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान कुल दो मामलों की सुनवाई की गई। पहला मामला दुलमी गांव का था, जो प्रेम प्रसंग से संबंधित था। परिजनों की शिकायत पर दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया।
दूसरा मामला तिलाईपीड़ी गांव का जमीन विवाद से जुड़ा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में डीएसपी एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। बातचीत और आपसी सहमति के बाद मामले का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार, एएसआई दलगोविंद महतो, उपप्रमुख प्रतिनिधि निशिकांत गौंझू, सुदामा पुरान सहित कई गणमान्य लोग एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जन शिकायत समाधान शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
रांची। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? इसी महत्वपूर्ण विषय पर गुरुवार को रांची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) रांची चैप्टर द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय के नवीन भवन स्थित प्रकाश हॉल में "इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई." विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI बनाम Human Intelligence का नहीं, बल्कि AI और Human Intelligence के समन्वय का होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र रहे। वहीं एनआईपीएम पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
AI नहीं, ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस है भविष्य'
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय बुद्धिमत्ता के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। जब AI और Human Intelligence का संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग किया जाता है, तब वह "ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस" (Augmented Intelligence) का स्वरूप लेता है, जो निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कार्यस्थलों पर AI के नैतिक, उत्तरदायित्वपूर्ण और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) में इसके बढ़ते महत्व और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
डिजिटल युग में AI और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन जरूरी
मुख्य अतिथि हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का समावेश किया जाए, तो किसी भी संगठन की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।उन्होंने एनआईपीएम रांची चैप्टर की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।बड़ी संख्या में पहुंचे विशेषज्ञ और अधिकारी
इस कार्यक्रम में एनआईपीएम के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने सत्र को अत्यंत समसामयिक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए वक्ता की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की।
ज्ञान साझा करने का बना प्रभावी मंच
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञान साझा करने का एक सफल मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी एनआईपीएम रांची चैप्टर ऐसे समसामयिक विषयों पर नियमित रूप से संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
AI के तेजी से बदलते दौर में यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि मशीनों और इंसानों की साझी बुद्धिमत्ता का होगा।
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई सांसद और नेता भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र उच्च सुरक्षा वाला इलाका है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों पर भी घमासान देखने को मिल सकता है।
रांची । रांची में अग्निवीर भर्ती रैली-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सेना के अधिकारी एम.के. शर्मा ने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जो लगभग 12 से 13 दिनों तक चलेगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने भर्ती स्थल पर एम्बुलेंस, चिकित्सकों की तैनाती, स्ट्रेचर, कूलिंग रूम तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मौसम को देखते हुए वाटरप्रूफ जर्मन शेल्टर, पर्याप्त रेस्ट एरिया, बैरिकेडिंग, कार्पेट, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल तैयार करने को कहा गया। चूंकि अभ्यर्थियों का प्रवेश रात 12 बजे से शुरू होगा, इसलिए पर्याप्त लाइटिंग, जेनरेटर बैकअप, एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा मोबाइल शौचालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, नियमित कचरा निष्पादन, टेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फूड एंड बेवरेज की व्यवस्था के लिए रांची नगर निगम सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग और समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूरी कर अग्निवीर भर्ती रैली के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने को कहा।
अगरतला: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के अंदर मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक और सनसनी का माहौल है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
अनुराग धनखड़ एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी थे और त्रिपुरा पुलिस की कमान संभाल रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।
रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में रविवार को श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित "मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीहरि वनवासी विकास समिति के मंत्री श्री शिवेंद्र लाल माणिक द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों के अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।स्वागत संबोधन में श्री शिवेंद्र लाल माणिक ने समिति की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों के 46 प्रखंडों एवं लगभग 2,000 गांवों के लगभग 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा की अलख जगा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं टॉपर्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत पल्लव ने अपने संबोधन में श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी प्रयास करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा संस्था द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को दिया। उनके प्रेरणादायी अनुभवों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है तथा झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव अपने द्वार खुले रखेगा।
मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्था के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संस्था से निकले अनेक विद्यार्थी इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं कई छात्र पूर्वोत्तर भारत के विकास एवं सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थी विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति कप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। समिति के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में ओम कुमार ने 98.4% अंक लाकर राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में श्रीहरि वनवासी विकास समिति के महामंत्री श्री धनंजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
