रांची। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी०आर० पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री श्री सी० आर० पाटिल एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई। समारोह में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय श्री वी० सोमन्ना, माननीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री, झारखंड श्री योगेंद्र प्रसाद, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही झारखंड सरकार*
समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस कार्यक्रम में हमसभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है। झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। माननीय मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के मानदेय हेतु केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया तथा जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।
*समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-*
▪️वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल ₹24,635 करोड़ की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
▪️मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र से कोई पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है। अतएव स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने जानकारी से अवगत कराया कि अभी तक 55% परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा केवल 46% अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार से लगभग ₹6,500 करोड़ राशि की लंबित सहायता मांगी गई।
▪️ मुख्यमंत्री द्वारा योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से NOC देने में समय पर सहयोग की आवश्यकता देने पर बल दिया गया।
▪️राज्य स्तर पर सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के सतत संचालन पर बल दिया गया। सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया तैनात की है और उन्हें ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस हेतु केंद्र सरकार से समुचित सहयोग की अपेक्षा की गई।
▪️भविष्य की सभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में सभी घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:-
• झारखंड के लिए विशेष रूप से ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। राज्य को JJM 2.0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा और दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि जारी कराने का अनुरोध किया गया।
• जिलाधिकारियों (DM/DC) को JJM परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय निगरानी और भागीदारी करने के निर्देश दिए गए।
• 100 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्चतम स्तर पर सख्त समीक्षा की जाएगी।
• झारखंड JJM के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश की गई।
• समारोह में ₹1,400 करोड़ की अनुचित (inadmissible) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटक की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समझौता समारोह का समापन MOU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग बढ़ाया जाए। उन्होंने राशन कार्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोर सीएम ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों तक समयबद्ध और निर्बाध खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र
मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्तमान में राज्य में 370 दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नए दाल-भात केंद्र खोलने और मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने का निर्देश दिया।
पीवीटीजी परिवारों को मिले खाद्यान्न की गारंटी
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से सभी पात्र परिवारों तक खाद्यान्न नियमित रूप से पहुंचना चाहिए।किसानों से सीधे संवाद धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बेचा था और भुगतान एक ही दिन में उनके खाते में प्राप्त हो गया।
गोदामों की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत एवं नए गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनाज के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। साथ ही सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा की।बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह तथा विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में पर्यावरण विभाग द्वारा बच्चों के लिए चित्रकला, स्लोगन लेखन एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम "प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने चित्रों, स्लोगनों एवं निबंधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचारों एवं चिंताओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों के बीच पर्यावरणीय चेतना विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही कल के सतत एवं हरित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में बच्चों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
यह आयोजन युवा प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का एक सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी की रक्षा एवं सतत विकास के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश को भी सुदृढ़ करता है।
गौरतलब है कि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 05 जून, 2026 को सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 1जून दिन सोमवार को डीआरएम कार्यालय, मालदा स्थित मंदर कॉन्फ्रेंस हॉल में मई 2026 के दौरान रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु एक सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का समन्वयन कार्मिक विभाग द्वारा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, इन्द्रजीत के पर्यवेक्षण में किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्य, विद्युत, लेखा, यांत्रिक तथा परिचालन विभागों सहित विभिन्न विभागों के कुल 06 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारतीय रेल के प्रति उनकी दीर्घकालीन, समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न एवं सेवा संबंधी दस्तावेज प्रदान कर संगठन के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
समारोह में शाखा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जो मालदा मंडल द्वारा अपने कर्मचारियों की निष्ठा एवं सेवाओं के प्रति सम्मान और सराहना की भावना को दर्शाता है।
मालदा मंडल इस परंपरा को निरंतर बनाए रखते हुए कर्मचारी कल्याण तथा सम्मान एवं कृतज्ञता की संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।
कोलकाता। एक मधुर संगीत की तरह, रेलवे नेटवर्क भी सामंजस्य पर आधारित होता है। प्लेटफॉर्म पर टिक-टिक करती हर घड़ी, वातावरण में गूंजती हर उद्घोषणा और चमकते हुए प्रत्येक डिस्प्ले बोर्ड मिलकर एक ऐसी लय का निर्माण करते हैं, जो सुरक्षित, आरामदायक और निर्बाध यात्रा का आधार बनती है। प्रत्येक यात्रा को यादगार बनाने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करने के संकल्प के साथ, महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने अप्रैल 2026 के मात्र एक महीने के दौरान अपने स्टेशनों पर व्यापक परिवर्तन किए हैं। यह केवल तकनीकी उन्नयन की सूची नहीं है, बल्कि उन लाखों यात्रियों के प्रति एक भावनात्मक प्रतिबद्धता है जो प्रतिदिन अपने जीवन और सपनों के लिए रेलवे पर भरोसा करते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के हर चरण में यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा और आत्मीयता का अनुभव हो।
व्यस्त रेलवे प्लेटफॉर्म पर कदम रखते समय यात्रियों को कभी-कभी भ्रम और असुविधा का सामना करना पड़ता है, लेकिन पूर्व रेलवे अब इस भ्रम को स्पष्टता और चिंता को विश्वास में बदल रहा है। ट्रेन के कोच की सही स्थिति जानना अब पूरी तरह आसान हो गया है। हावड़ा मंडल के साइंथिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 तथा आजिमगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर कुल 58 नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्री आत्मविश्वास के साथ अपने कोच के आगमन स्थल पर खड़े हो सकेंगे। वहीं, प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले प्रतिष्ठित सियालदह स्टेशन पर एक विशाल आउटडोर वीडियो वॉल स्थापित की गई है, जो वास्तविक समय में ट्रेन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदर्शित करेगी ताकि कोई भी यात्री आवश्यक जानकारी से वंचित न रहे। इसके साथ ही, कैनिंग स्टेशन पर सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाया गया है ताकि महत्वपूर्ण सुरक्षा घोषणाएं स्टेशन के हर कोने तक स्पष्ट रूप से पहुँच सकें। समय की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और यात्रियों की यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कैनिंग एवं मध्यमग्राम स्टेशनों पर 10 अतिरिक्त जीपीएस आधारित प्लेटफॉर्म घड़ियां भी लगाई गई हैं।
पूर्ण सुरक्षा के बिना वास्तविक सुविधा संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने पर्दे के पीछे रहकर ऐसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जो यात्रियों और उनके प्रियजनों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करते हैं। रेलवे फाटकों पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए हावड़ा मंडल के मसाग्राम और गुराप सहित सियालदह मंडल के बनगांव, बारासात, काकद्वीप तथा लक्ष्मीकांतपुर स्टेशनों के अंतर्गत कुल 12 इंटरलॉक्ड समपार फाटकों पर वॉयस रिकॉर्डिंग सुविधा युक्त उन्नत गेट टेलीफोन लगाए गए हैं। इससे गेटकीपर और स्टेशन मास्टर के बीच होने वाला संचार सुरक्षित, स्पष्ट और रिकॉर्डेड रहेगा। डिजिटल सेवाओं को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है। सियालदह स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लिए कनेक्टिविटी को उन्नत किया गया है, जिससे टिकट लेने के लिए लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी। वहीं, आवश्यक माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आसनसोल और दुर्गापुर गुड्स शेडों में 8 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे संचार प्रणाली को निर्बाध बनाए रखने के लिए सोदपुर ऑप्टिकल फाइबर हट में पुराने बैटरी सेटों को बदलकर अत्यधिक विश्वसनीय नई प्रणालियां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के बसुदेवपुर में नव-निर्मित इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (IBH) में डेटा लॉगर और सुरक्षा प्रणालियों सहित अत्याधुनिक दूरसंचार उपकरण सफलतापूर्वक चालू किए गए हैं, जो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और दुर्घटनाओं की संभावना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अप्रैल 2026 के दौरान बिछाई गई प्रत्येक तार, स्थापित किया गया प्रत्येक कैमरा और समन्वित की गई प्रत्येक घड़ी पूर्व रेलवे और उसके यात्रियों के बीच गहरे भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल कंक्रीट और लोहे की संरचना नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, मिलन और नई शुरुआतों का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में किए गए प्रत्येक तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों के लिए एक मौन संरक्षक के रूप में कार्य करना है। चाहे वह किसी यात्री को अपना कोच नंबर स्पष्ट रूप से देखने में मदद करना हो या किसी गेटकीपर को स्टेशन मास्टर से तुरंत बात करने में सक्षम बनाना हो। पूर्व रेलवे चौबीसों घंटे यात्रियों की सेवा में तत्पर है क्योंकि यात्री सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च कर्तव्य है और यात्री सुविधा उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि।
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से प्राप्त ऋण, व्यवसाय की स्थिति, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही लाभुकों की समस्याओं और फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाएगी।
एकलव्य विद्यालय और छात्रावासों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
SIR और जनगणना पर जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें बाजार की मांग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची : राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 159 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसका कुल वजन लगभग 16.43 ग्राम बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर-6, विद्यानगर स्थित करम चौक के पास अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक हटिया के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिकेत अग्रवाल (23 वर्ष), कुसुम चौबे और अंकुश चौबे (23 वर्ष) के रूप में हुई है।
बरामद सामान
- 159 पुड़िया ब्राउन शुगर (कुल वजन 16.43 ग्राम)
- 3 स्मार्टफोन
- 7,320 नकद
- ब्राउन क्रीम रंग का हैंड पर्स
- एक नोटबुक
- दो कलम
इस मामले में सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 196/26 दर्ज कर NDPS एक्ट की धारा 21(b), 22/29 के तहत जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंकुश चौबे का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है।
रांची : राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन (एसएसपी) ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक यातायात राजेश कुमार सिंह के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अल्बर्ट एक्का चौक से अंजुमन प्लाजा तक किया गया।
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने वालों, फुटपाथ एवं सड़क पर दुकान लगाने वालों तथा अन्य प्रकार के अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों के लिए बने मार्ग पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन खड़े करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई।
एसएसपी ने पार्किंग स्टैंड में खड़े वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से पार्क कराने का निर्देश दिया, ताकि यातायात प्रभावित न हो। साथ ही विभिन्न ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों और जवानों को ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह,स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
ब्यूरो। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बैनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां उनके सामने लोगों ने "चोर-चोर" के नारे लगाए। घटना के दौरान धक्का-मुक्की के साथ किसी चीज से हमला कर दिया गया जिसके बाद सांसद कल्याण बैनर्जी जमीन पर गिर गए और हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर पत्थर, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं तथा यह हमला पूर्व नियोजित था।
सूत्रों के अनुसार, हुगली में कल्याण बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। "चोर-चोर" के नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
लगातार दो दिनों में TMC के शीर्ष नेताओं के साथ हुई इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और चुनाव बाद तनाव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। TMC इन घटनाओं को विपक्षी दलों की साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष आरोपों को खारिज कर रहा है।
ब्यूरो। गाजियाबाद में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मामले में रविवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, वसुंधरा इलाके में घेराबंदी के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह ढेर हो गया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
28 मई बकरीद के दिन हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मृतक सूर्या के नाबालिग दोस्त के मुताबिक, असद ने फोन कर सूर्या को बुलाया था। इसके बाद अपने साथियों के साथ उसे घेरकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वारदात से पहले असद ने कथित तौर पर कहा था, "क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।" घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
गंभीर रूप से घायल सूर्या चौहान की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दो समुदायों से जुड़ा मामला होने के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। शनिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया और परिजनों ने करीब 10 घंटे तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन के समझाने पर अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
एनकाउंटर के बाद सूर्या की मां सरोज चौहान ने कहा कि उन्हें तभी संतोष होगा जब पुलिस असद की तस्वीर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।
मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि हत्यारा कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार भी सक्रिय हो गई थी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।
फिलहाल पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।
