राँची । माण्डर थाना क्षेत्र के टिको टोली गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई रामु उरांव (55) की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को 30 अक्टूबर को ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जबकि दो अन्य आरोपियों को रविवार को ठाकुरगांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को टिको टोली गांव स्थित डेयरी के पास सेवाडीह निवासी रामु उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही माण्डर थाना प्रभारी, खलारी के पुलिस उपाधीक्षक और आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन पर माण्डर थाना कांड संख्या 113/26 दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में खलारी के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का उद्भेदन किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक और उनके बीच जमीन को लेकर पिछले दस वर्षों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस मामले में राम जनम सिंह (50), तेज नारायण सिंह उर्फ तेजना सिंह (32), धुरवा सिंह उर्फ धुरू सिंह (27), कुलदीप सिंह (करीब 40) और राजेन्द्र सिंह उर्फ विपीन सिंह (करीब 29) को गिरफ्तार किया है। पहले तीन आरोपी अड़ा गांव, थाना ठाकुरगांव के निवासी हैं। कुलदीप सिंह और राजेन्द्र सिंह भी इसी गांव के निवासी बताए गए हैं।
छापेमारी दल में खलारी के पुलिस उपाधीक्षक रामनारायण चौधरी, माण्डर अंचल के पुलिस निरीक्षक जय प्रकाश राणा, माण्डर थाना प्रभारी मनोज करमाली, ठाकुरगांव थाना प्रभारी शुभम कुमार, चान्हो थाना प्रभारी टिंकु रजक, बुढ़मू थाना प्रभारी नवीन कुमार सहित माण्डर और ठाकुरगांव थानों के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर की ओर से आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाले “अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ – छात्र गर्जना” कार्यक्रम की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, विद्यार्थियों की सहभागिता एवं संगठनात्मक तैयारियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में देश की एकता एवं अखंडता के विरुद्ध उठने वाली आवाजों, भारत के विभाजन की बातें करने वाले विचारों तथा चिकन नेक जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को लेकर दिए जा रहे विवादित बयानों सहित विभिन्न भारत विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध परिषद द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी आंदोलन पर चर्चा हुई। आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना में पूरे झारखंड के विभिन्न जिलों से 5000 से अधिक विद्यार्थियों के जुटने की संभावना है। इस विशाल छात्र समागम में प्रदेशभर के विद्यार्थी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। साहिबगंज जिले से भी 300 से अधिक विद्यार्थियों के राँची पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह ने कहा कि, “भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जब देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर सवाल खड़े होते हैं, तब विद्यार्थियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के साथ राष्ट्रहित के विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करती रही है। 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना प्रदेश के विद्यार्थियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक सहभागिता का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।”
नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि, “साहिबगंज जिले के विद्यार्थियों में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह है। हम जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों तक इस कार्यक्रम का संदेश पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि साहिबगंज से 300 से अधिक विद्यार्थी राँची पहुँचकर छात्र गर्जना में सहभागिता करें। 3 नवंबर को राँची की धरती पर झारखंड के हजारों विद्यार्थी एकजुट होकर छात्र शक्ति का परिचय देंगे।”
बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर प्रदेश छात्रा सह प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर सह मंत्री लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पूर्णव कुमार, अनुप्रासन कुमार, अमन भगत, नीरज यादव, समीर कुमार, अविनाश साह, बादल कुमार, रोशन कुमार, राजा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 01 नवंबर, 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड एवं अपना 52वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में आयोजित समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं हितधारकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक, सीवीओ एवं अन्य उपस्थित कोलकर्मियों के द्वारा शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में सीसीएल ध्वज एवं क्षेत्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगीत एवं सीआईएल कॉर्पोरेट गीत का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर उत्साह एवं उमंग के प्रतीक स्वरूप गुब्बारे भी छोड़े गए।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में सीआईएल एवं सीसीएल के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की सफलता के पीछे इसके प्रत्येक कर्मी का समर्पण, कठिन परिश्रम और टीम भावना है। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं सतत आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी कर्मियों से सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार ने अपने संबोधन में सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत उसकी कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि कोल कर्मियों की मेहनत, समर्पण और सामूहिक योगदान से ही कोयला उत्पादन के साथ-साथ देश के विकास और ऊर्जा आवश्यकताओं को गति मिलती है। सभी कर्मियों की निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं सकारात्मक सोच ही संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सीआईएल तथा सीसीएल की यह 52 वर्षों की यात्रा निरंतर मेहनत, समर्पण, नवाचार और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक है। कंपनी ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में भी निरंतर महत्वपूर्ण पहल कर रही है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए मिलेगा पदक, मां भी बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित
साहिबगंज -केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस वर्ष दक्षता पदक के लिए चयनित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों में साहिबगंज जिले के अमित कुमार पासवान का नाम शामिल होने से जिले में खुशी की लहर है। मूल रूप से साहिबगंज जिला मुख्यालय के जयप्रकाश चौक स्थित गैस गोदाम क्षेत्र के रहने वाले अमित कुमार पासवान वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में पुलिस सेवा दे रहे हैं वह जराइकेला थाना के थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी चयन सूची के अनुसार अमित कुमार पासवान का चयन सारंडा क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया गया है। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें अहम योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अमित कुमार पासवान की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद साहिबगंज के लोगों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि जिले की धरती से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सम्मान हासिल किया है, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। वहीं, अमित की माता भी अपने पुत्र की इस उपलब्धि से काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। बेटे की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को मिले इस सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के पुलिस निरीक्षक अमित रोशन कुल्लू, पूर्व डीएसपी जयदीप लकड़ा समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का भी चयन हुआ है। मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है एवं पुलिस परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया/
सोनाहातु। विद्या ज्योति इंग्लिश मीडियम स्कूल, सोनाहातु के संस्थापक तरुण महतो के आकस्मिक निधन से पूरे सोनाहातु क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
बताया जा रहा है कि उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
तरुण महतो एक सरल, मिलनसार और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी थे। वे शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ पूर्व में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने विद्यालय के माध्यम से कई लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया और हमेशा जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
उनका मानना था कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों के कारण उन्होंने लोगों के दिलों में एक अलग पहचान बनाई थी।
उनके आकस्मिक निधन से न केवल उनके परिवार और विद्यालय परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक मिलनसार, मददगार और शिक्षाप्रेमी व्यक्तित्व को खो दिया है।
बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, 26 नवंबर को राजभवन मार्च का आह्वान
राहे (रांची): बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को शिवटंगरा मैदान में किसानों की बैठक हुई। माझीडीह, बेरगा, कुबाडीह, पुरनानगर, महेशपुर, खाटंगा और डोमनडीह के किसानों ने बैठक के बाद विरोध प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि नहीं देने का संकल्प लिया।
बैठक में 7 नवंबर को शिवटंगरा मैदान में कृषि भूमि रक्षा कन्वेंशन आयोजित करने तथा 26 नवंबर को राजभवन जाने का आह्वान किया गया।
झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा कि बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के नाम पर सात गांवों के किसानों की कृषि भूमि पर नए सड़क निर्माण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके विरोध में किसान पिछले एक वर्ष से आंदोलनरत हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, रांची के उपायुक्त, सिल्ली विधायक और अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसान अपनी कृषि भूमि नहीं देने की मांग कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित मौजों की ग्राम सभाओं में भी कृषि भूमि सड़क निर्माण के लिए नहीं देने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जा चुका है। किसानों की आजीविका का मुख्य आधार कृषि भूमि है। भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 का उल्लंघन कर जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश से किसानों में आक्रोश है।
सुफल महतो ने कहा कि झारखंड में कृषि भूमि का प्रतिशत मात्र 25 है। ऐसे में सरकार को अन्नदाता किसानों की कृषि भूमि की रक्षा करनी चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता अक्षय महतो ने की। मौके पर ग्राम प्रधान अक्षय महतो, गोबिंद महतो, विशेश्वर महतो, धनेश अहिर, अजय महतो, दिलीप अहिर, कुशल महतो, सर्वेश्वर महतो, राजकुमार महतो, प्रेमनाथ महतो, भागीरथ महतो, लक्ष्मण महतो, नारायण महतो, पशुपति महतो, हरिप्रसाद महतो, कलेश्वर महतो, जवाहर महतो, तुलसी प्रसाद, हिरालाल महतो, राजेंद्र गोझू, पशुपति गोझू, परमेश्वर महतो, त्रिलोचन महतो, जनार्दन महतो, दिनबंधु महतो, चमन महतो और नंदकिशोर महतो सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
कांके, हजारीबाग, उरीमारी और टंडवा में फायरिंग की घटनाओं में शामिल होने का आरोप; मुठभेड़ में एक अपराधी घायल
रांची । रांची पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, छह मोबाइल फोन, एक कार और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कांके, हजारीबाग के ए.के. इंटरनेशनल होटल, उरीमारी और टंडवा में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के कुछ अपराधी कार से रिंग रोड क्षेत्र में घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने कांके रिंग रोड क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोककर उसमें सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार, गोली, मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों के गिरोह से जुड़े होने और विभिन्न फायरिंग की घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी मिली।
पुलिस पर फायरिंग, एक आरोपी घायल
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य की गिरफ्तारी के लिए सीठियो क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ कुमार नामक आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया है। उसके पास से एक पिस्टल, गोली और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
हथियार सप्लायर भी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में जियाउल हबीब को भी गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- आदित्य कुमार राम उर्फ कुंदन, निवासी धुर्वा, रांची।
- मोहित पासवान, निवासी चुटिया, रांची।
- ऋषभ कुमार, निवासी विधानसभा क्षेत्र, रांची।
- गुड्डू मिश्रा, निवासी मरार, रामगढ़।
- सौरभ कुमार, निवासी धुर्वा, रांची (इलाजरत)।
- जियाउल हबीब, निवासी डोरंडा, रांची।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मामले में धुर्वा थाना कांड संख्या 285/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।
रांची पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में 31 अक्टूबर, 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे 9 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 115 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं एवं स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- संजय कुमार, मुख्य प्रबंधक (वित्त), निदेशक (मा.सं.), वित्त विभाग; डॉ. निखिल प्रसाद सिन्हा, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गांधीनगर अस्पताल; काशीनाथ यादव, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A1, प्रशासन विभाग; कंचन पाटीदार, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A1, कल्याण एवं सेवाएं (असैनिक) विभाग; अब्दुल कादिर, पर्यवेक्षक (दूरसंचार), गांधीनगर अस्पताल; जोयजीत बोस, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A, निदेशक (मा.सं.), वित्त विभाग; ज्योत्सना झा, लेखा लिपिक, ग्रेड-I, वित्त (सी.एफ.सी.) विभाग; कैलाश उरांव, आदेशपाल, राजभाषा विभाग एवं गलुवा, कैट-II, गांधीनगर अस्पताल।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा एवं निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति में उसके कर्मियों की मेहनत, ईमानदारी एवं समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के दौरान अपने अनुभव एवं कार्यकुशलता से सीसीएल के विकास में योगदान दिया है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध जीवन की कामना की।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि सेवानिवृत्ति किसी कर्मचारी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो वर्षों की सेवा, अनुभव और समर्पण की यात्रा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कर्मियों का योगदान किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत होता है और उनके अनुभव एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सभी कर्मियों को नई जीवन-यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके एवं उनके परिवारों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के प्रांगण में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् एवं कोल इंडिया गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित कोलकर्मियों एवं हितधारकों ने सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
वहीं, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी से आपसी सहयोग, समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उपरांत निदेशकगण के नेतृत्व में एकता मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में सीसीएल कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मार्च के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज की निविदा की जांच की मांग की
रांची/ धनबाद। ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद के अंतर्गत घारपार ब्राम्होला घारबर शिवमंदिर तक 2.200 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य की निविदा को लेकर विवाद सामने आया है। सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन के ओपी शर्मा ने विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर निविदा संख्या 16/RWD/DHANBAD/2025-26 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कंपनी के ओपी शर्मा की ओर से दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज द्वारा निविदा प्रक्रिया में कई त्रुटियां की गई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, निविदा के साथ प्रस्तुत आईटीआर, जीएसटी और शपथ पत्र में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी दी गई है। इसके अलावा, कार्य कार्यक्रम में भी कथित तौर पर गलत विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
पत्र में बैंक प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बैंक प्रमाणपत्र की सत्यता और उसमें दर्शाई गई राशि की जांच कराने का अनुरोध किया है। पत्र के अनुसार, संबंधित प्रमाणपत्र की जांच कार्यपालक अभियंता से कराने की मांग की गई है।
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने विभाग से आग्रह किया है कि निविदा में शामिल दस्तावेजों की पुनः जांच कर सही निविदाकार को कार्य आवंटित किया जाए। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 20 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी।
शिकायत की प्रतिलिपि कार्रवाई के लिए कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद को भी भेजी गई है।
