रांची। झारखंड में बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) में आयोजित Bamboo Ecosystem Conclave 2026 में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर आयोजित नीति संवाद में मंत्री ने झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। सम्मेलन में बांस आधारित उद्योगों के विकास, नई नीति, निवेश, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बांस उद्योग से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार संपदा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहां के जल, जंगल और जमीन से भी है। इन संसाधनों का संरक्षण करते हुए युवाओं, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। बांस ऐसा क्षेत्र है, जिसमें खेती से लेकर प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, निर्माण सामग्री और उद्योग तक रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का किया जिक्र
मंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के बेहतर परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। झारखंड के किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की मेहनत से तैयार आम अब दुबई, इटली और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है, उसी प्रकार बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव ला सकता है।
झारखंड बन सकता है बांस उद्योग का प्रमुख केंद्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में बांस आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए नीति, तकनीक, वित्तीय सहायता, डिजाइन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश का अग्रणी बांस उत्पादक राज्य और बांस आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा और आत्मनिर्भर झारखंड के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच हुआ संवाद
गौरतलब है कि इस सम्मेलन का आयोजन रांची स्थित XISS में नेटवर्क फॉर एंटरप्राइज एन्हांसमेंट एंड डेवलपमेंट सपोर्ट (NEEDS) द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) समर्थित "SWASHAKT" परियोजना के अंतर्गत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता, महिला नेतृत्व वाले उद्यम, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास साझेदारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में XISS के डॉ. प्रोफेसर अनंत कुमार, NEEDS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रांची/बुढ़मू। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची की टीम ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में पदस्थापित भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
मामला जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, परिवादी सुबोध कुमार, पिता नन्दकिशोर प्रसाद, ग्राम-आब्रे, थाना मांडर, जिला रांची ने एसीबी रांची में लिखित शिकायत देकर बताया था कि बुढ़मू अंचल क्षेत्र में स्थित जमीन के म्यूटेशन कार्य के लिए उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत में बताया गया कि परिवादी की पत्नी पिंकी देवी एवं साली जया कुमारी और संगीता गुप्ता के नाम से जमीन की रजिस्ट्री की गई थी। म्यूटेशन के लिए आवेदन और डीड की छायाप्रति जमा करने के बावजूद काम लंबित रखा गया था। जब परिवादी ने अंचल कार्यालय जाकर म्यूटेशन कराने की बात की तो उन्हें भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार से मिलने को कहा गया।आरोप है कि भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार ने म्यूटेशन के लिए करीब 80 से 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान कम राशि देने पर सहमति बनी और पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए बुढ़मू अंचल कार्यालय में जाल बिछाया।
कार्रवाई के दौरान भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रवि को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले में एसीबी थाना रांची में कांड संख्या 13/26, दिनांक 07 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-2018 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले में सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।ल
दुमका: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरैयाहाट अंचल कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम द्वारा की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) निवासी शिकायतकर्ता दीपक दास ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका के निर्देश पर भूमि जांच रिपोर्ट भेजने के एवज में प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने संरक्षित वन भूमि की खरीद-बिक्री और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
CID थाना कांड संख्या-04/2025, दिनांक 09 जनवरी 2025 के तहत दर्ज मामले में आरोपी शैलेश कुमार सिंह (59 वर्ष), पिता विक्रमादित्य सिंह, निवासी इंद्रपुरी, पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी वर्तमान पता नंदनपुरी कॉलोनी हाउस नंबर-22, थाना राजीव नगर, पटना से की गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 406, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 तथा वन अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
CID के अनुसार, अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी द्वारा अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर 'संरक्षित वन भूमि' की खरीद-बिक्री करने के साक्ष्य मिले हैं।
रांची। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।
इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।
स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
रांची: बुण्डू थाना क्षेत्र में 19 जून 2026 को मिले अधजले और सिरकटे अज्ञात शव की गुत्थी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त हथियार, ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 19 जून को बुण्डू थाना क्षेत्र के ग्राम सुमानडीह स्थित महादेवटांड़ जंगल से एक अधजला और सिरविहीन शव बरामद हुआ था। शव के दाहिने हाथ की कलाई पर "Sanjoy Raj @ Pal" गोदना बना हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया और सिर अलग कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान तमाड़ थाना क्षेत्र के मांझी टोली निवासी 27 वर्षीय संजय लोहरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रमन कुमार सेठ और मृतक की पत्नी सुबोधनी देवी को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रमन कुमार सेठ और सुबोधनी देवी के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था। इस संबंध की जानकारी संजय लोहरा को हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को पैसे देकर पति की हत्या कराने की साजिश रची।
18 जून को सुबोधनी देवी ने अपने पति से कहा कि उसे सोनाहातु थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में जाना है। दोनों मोटरसाइकिल से निकले। रास्ते में आड़िया सतिया नदी के पास पत्नी ने शौच जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई और नदी की ओर चली गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए उसका प्रेमी रमन कुमार सेठ अपने दो साथियों के साथ ऑल्टो कार से वहां पहुंचा और लाठी से पीट-पीटकर संजय लोहरा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को ऑल्टो कार में डालकर बुण्डू थाना क्षेत्र के महादेवटांड़ जंगल ले गए। वहां शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से धड़ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जबकि कटा हुआ सिर तमाड़ थाना क्षेत्र के सुंदरडीह के समीप रानी वन जंगल में गाड़ दिया गया। इसके बाद मृतक की मोटरसाइकिल को तमाड़ थाना क्षेत्र के बबईकुढ़ी के पास छोड़ दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रानी वन जंगल से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया। दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चापड़, ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे हत्याकांड का खुलासा एसआईटी ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार किए गए अनुसंधान के आधार पर किया, जिससे करीब 20 दिनों में इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य की महिला किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देवघर और गुमला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार बागानों में उत्पादित 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के माध्यम से दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है और अपनी बेहतरीन गुणवत्ता, स्वाद एवं मिठास के कारण ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस उपलब्धि के साथ झारखंड का आम्रपाली आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे देशों तक पहुँच चुकी है। लगातार बढ़ रही इस सफलता से झारखंड के कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग और गुणवत्ता पर भरोसा मजबूत हुआ है।
देवघर जिले के मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी तथा गुमला जिले के गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा इस आम का उत्पादन किया गया है। इन संस्थाओं ने बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित बागानों में आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण खेती के माध्यम से उत्कृष्ट आम्रपाली आम तैयार किया है।
जेएसएलपीएस लगातार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और आधुनिक विपणन प्रणाली से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के आम्रपाली आम को वैश्विक पहचान दिलाने का वास्तविक श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागवानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा,हमारी दीदियों की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य की महिला किसानों के उत्पादों को विश्व के अधिक से अधिक देशों तक पहुँचाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करना है।"
मंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस के समन्वित प्रयासों ने झारखंड में बागवानी आधारित आजीविका का एक सफल मॉडल विकसित किया है। इससे महिला किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ निर्यात आधारित बाजारों तक सीधी पहुँच भी सुनिश्चित हो रही है।
झारखंड के आम्रपाली आम की यह सफलता न केवल राज्य के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर विपणन और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीवन में वही क्षेत्र चुनें, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, कला, वाणिज्य, खेल अथवा संस्कृति जिस भी क्षेत्र में विद्यार्थी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ेंगे, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विद्यार्थियों से राजनीति, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील, शिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। देश और राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्व है कि झारखंड के एक मेधावी छात्र ने गहन अध्ययन के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर किया, जिसकी सराहना स्वयं आदरणीय राहुल गांधी जी ने भी की।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद झारखंड की एक छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों, अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील नेता और विकसित झारखंड तथा विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
रांची: दशमफॉल थाना क्षेत्र में 23 जून 2026 को मिली अज्ञात युवती के शव मामले का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में 18 वर्षीय चेतन मुंडा को गिरफ्तार किया है। मामले में दशमफॉल थाना कांड संख्या 06/2026 के तहत धारा 103(1), 238 एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बुण्डू के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक अनुसंधान, गुप्त सूचना और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
अनुसंधान के दौरान मृतका की पहचान हिस्सी कुमारी (18 वर्ष), ग्राम बरिगड़ा, थाना अड़की, जिला खूंटी के रूप में हुई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर चेतन मुंडा (18 वर्ष), ग्राम चापुदडीह, थाना अड़की, जिला खूंटी को 4 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह प्रेम प्रसंग में उत्पन्न ईर्ष्या थी। आरोपी ने युवती को किसी अन्य युवक के साथ देखने के बाद दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने मृतका का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था, जिसे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
बरामद सामान:
- मृतका का जियो सिम लगा मोबाइल फोन।
- आरोपी चेतन मुंडा का मोबाइल फोन।
सोनाहातू: सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण दूर करना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। लेकिन सोनाहातू प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कुदाडीह से सामने आई तस्वीरें इस योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गर्म और ताजा भोजन देने के बजाय मात्र 5 रुपये का मिक्चर (नमकीन) का पैकेट वितरित किया जा रहा है। जिस योजना के तहत बच्चों को दाल, चावल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ मिलने चाहिए, वहां बच्चों के हाथों में सिर्फ एक छोटा सा पैकेट थमा दिया जा रहा है।
विद्यालय के कई बच्चों ने बताया कि दोपहर में मिलने वाला यह मिक्चर उनके पेट की भूख नहीं मिटा पाता। बच्चों का कहना है कि उन्हें घर लौटकर फिर से खाना खाना पड़ता है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा इस योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा करती है।
दूसरी ओर, अभिभावकों और ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों के पोषण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही और कथित अनियमितताओं के कारण बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि वास्तव में मध्याह्न भोजन के लिए राशि जारी हो रही है, तो उसका उपयोग आखिर कहां हो रहा है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न हो।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना के नियमों के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में नियमित भोजन के स्थान पर नमकीन या मिक्चर का पैकेट वितरित करना योजना की भावना और निर्धारित मानकों के विपरीत माना जाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चों के पोषण के नाम पर चल रही सरकारी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी? क्या मासूमों के हिस्से का भोजन इसी तरह गायब होता रहेगा? और आखिर बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और विद्यालय में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन सुनिश्चित करने की मांग की है।
