रांची। नशीले मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रातू थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप के साथ तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 100 एमएल की 570 बोतल WINGS ONEREX CODINE COUGH SYRUP और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची को गुप्त सूचना मिली थी कि रातू थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित हाजी चौक के आसपास कुछ लोगों द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप की ऊंचे दामों पर अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-II अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
सुनसान जगह पर चल रही थी डिलीवरी की तैयारी
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रातू थाना क्षेत्र के फुटकल टोली, बोस नगर स्थित केयरिंग हैंड्स हॉस्पिटल के पास एक सुनसान जगह पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, मौके पर तीन संदिग्ध व्यक्ति पांच कार्टून में रखे 100 एमएल के कुल 570 कफ सिरप की बोतलों के साथ डिलीवरी के लिए रुके हुए थे।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रतिबंधित कफ सिरप को ऊंचे दामों पर बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बरामद कफ सिरप को विधिवत जब्त कर लिया है और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वहाजुल अंसारी (32), पिता निजाम मियां, निवासी जिपुवा मुरपा, थाना बालूमाथ, जिला लातेहार; शहनवाज अंसारी (29), पिता सफीक अंसारी, निवासी हाजी चौक सिमलिया, थाना रातू, रांची; तथा नईम अंसारी (29), पिता स्वर्गीय फिरोज अंसारी, निवासी फुटकल टोली, सिमलिया, थाना रातू, रांची, स्थायी पता मेलाटांड़, थाना एवं जिला खूंटी के रूप में हुई है।
570 बोतल कफ सिरप और तीन मोबाइल जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने WINGS ONEREX CODINE COUGH SYRUP की 100 एमएल की 570 बोतलें तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में रातू थाना कांड संख्या 279/26, दिनांक 20 अगस्त 2026, धारा 317(5) बीएनएस एवं 21(C) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के कारण विशेष रूप से युवाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए ऐसे कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
कई पुलिस पदाधिकारी रहे छापेमारी टीम में शामिल
कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के अलावा दलादली ओपी प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय, ठाकुर गांव थाना प्रभारी शुभम कुमार, पुंदाग टीओपी प्रभारी संजीव कुमार, संदीप राज, छोटु कुमार, विनित कुमार और महेश प्रसाद कुशवाहा सहित रातू थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC), रांची के पुनरुद्धार को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से HEC के पुनरुद्धार के लिए गठित छह सदस्यीय केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान HEC की वर्तमान स्थिति और संस्थान को फिर से मजबूत करने को लेकर भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के साथ HEC की मौजूदा परिस्थितियों, संस्थान के सामने मौजूद चुनौतियों और इसके पुनरुद्धार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में HEC को नई दिशा देने तथा उसके भविष्य को लेकर आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद विजय हांसदा, केंद्रीय संसदीय उप-समिति के अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद तिरुची शिवा, राज्यसभा सांसद सुलता देव, सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, सांसद हँसमुखभाई सोमाभाई पटेल तथा सांसद चंदन चौहान शामिल रहे।
HEC के भविष्य को लेकर अहम मानी जा रही मुलाकात
रांची स्थित HEC झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का प्रतिष्ठित संस्थान रहा है। ऐसे में इसके पुनरुद्धार को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर होने वाली पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद HEC के पुनरुद्धार से जुड़ी आगे की रणनीति को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। बैठक में हुई चर्चा को संस्थान के पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
रांची। झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारखंड रेरा) की ओर से रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके व्यावहारिक पहलुओं को लेकर 23 अगस्त 2026 को रांची में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार का आयोजन रेडिसन ब्लू होटल, रांची में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
सेमिनार का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को रेरा अधिनियम के प्रावधानों और नियामकीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा परियोजना पंजीकरण, प्रमोटर एवं आवंटियों के अधिकार और दायित्व, अनुपालन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन तथा शिकायत निवारण व्यवस्था समेत अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
व्यावहारिक समस्याओं पर होगी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अपने व्यावहारिक सवाल और जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। विशेषज्ञ इन सवालों का समाधान करते हुए रेरा अधिनियम के प्रावधानों और उनके अनुपालन से जुड़ी आवश्यक जानकारी देंगे।
बिल्डर से लेकर होमबायर्स तक की भागीदारी की अपील
झारखंड रेरा ने बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों सहित रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से सेमिनार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
प्राधिकरण का मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।
झारखंड रेरा के अनुसार, रेरा अधिनियम के प्रावधानों की सही जानकारी और प्रभावी अनुपालन से रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रमोटरों और आवंटियों के बीच उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी।
मुरी: आगामी श्री श्री राधारमण महामहोत्सव 2026 के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ग्राम विकास मोड़ से मुरी तक भव्य नगर संकीर्तन का आयोजन किया गया। हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन एवं भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम के संकीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।नगर संकीर्तन में भक्तिवेदांत विद्याभवन गुरुकुल के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन आचार्य सुबाल प्रभु, करुणावतार प्रभु, भद्रांग प्रभु, भागवत प्रभु, स्तोक कृष्ण प्रभु एवं शचीसुत प्रभु के निर्देशन में किया गया।आयोजकों ने बताया कि नगर संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य आगामी श्री श्री राधारमण महामहोत्सव 2026 के प्रति जन-जागरण करना तथा अधिक से अधिक लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम एवं भक्ति से जोड़ना है। यह महामहोत्सव 28 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।नगर संकीर्तन में विद्यार्थियों, आचार्यों एवं श्रद्धालु भक्तों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से पूरे मार्ग में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी महामहोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी होकर भगवान श्री श्री राधारमण के दर्शन, सेवा एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।
रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके तहत JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के परिणाम/नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से इन परीक्षाओं के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य सरकार ने हाल ही में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में JSSC-CGL परीक्षा और CDPO भर्ती भी रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष था और वे अपनी नियुक्तियों को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में पहुंचे थे।
हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दी। अदालत ने सरकार से इस मामले में जवाब भी मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार अगली सुनवाई 24 अगस्त को होने की बात सामने आई है।
अदालत की इस कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की थी, उनकी नियुक्ति को केवल व्यापक जांच के आधार पर समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हाईकोर्ट की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना गया है।
करीब दो हजार चयनित अभ्यर्थियों को राहत
JSSC-CGL को लेकर सरकार के रद्दीकरण आदेश के बाद करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानकर उनकी नौकरी खत्म करना उचित नहीं है।
वहीं CDPO भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को भी हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार JSSC-CGL और CDPO भर्ती के जरिए चयनित कुल 1,932 अभ्यर्थियों को इस न्यायिक हस्तक्षेप से तत्काल राहत मिली है।
सरकार के फैसले के बाद बढ़ा था विवाद
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापक कार्रवाई का फैसला लिया था। सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद एक तरफ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्रों में संतोष दिखा, तो दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी बचाने के लिए आंदोलन और कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है। सरकार को अदालत के सामने अपना पक्ष और रद्दीकरण के आधार स्पष्ट करने होंगे। अंतिम फैसला आने तक JSSC-CGL और CDPO से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
छात्रों और चयनित अभ्यर्थियों के बीच फिर बढ़ सकता है टकराव
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षा विवाद का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और निष्पक्ष भर्ती की मांग करने वाले छात्र संगठन हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों की मेहनत के बाद चयनित होकर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियों को लेकर आगे की कानूनी स्थिति क्या बनती है। फिलहाल इतना साफ है कि सरकार के रद्दीकरण आदेश पर लगी हाईकोर्ट की रोक ने हजारों चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल बड़ी राहत दी है।
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जवाब भी मांगा है।
नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने पक्ष रखा।
342 चयनित अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत
11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, विज्ञापन संख्या 1/2024 के तहत 342 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी किया गया और वे प्रशिक्षण एवं सेवा प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे।
सरकार की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के बाद इन नियुक्तियों पर संकट खड़ा हो गया था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।
दूसरी नौकरी छोड़कर झारखंड आई थीं सोनम कुमारी
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी ने अदालत को बताया कि उन्होंने दूसरी जगह की नौकरी छोड़कर झारखंड में नियुक्ति स्वीकार की थी। उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया। इसके बाद 18 अगस्त 2026 की सरकारी अधिसूचना के जरिए उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई।
याचिका में कहा गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और सेवा में शामिल होने के बाद अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने से उनके करियर और भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति पर भी रोक
तीसरी याचिका सौरव सिंह एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी। इसमें JPSC की विज्ञापन संख्या 18/2023 के तहत आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट ने इस मामले में भी नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार और JPSC को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था नियुक्तियां रद्द करने का फैसला
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच का फैसला लिया है। CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, जिनमें TDPL की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कराई जा रही है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार कुल 45 परीक्षाओं को जांच एवं कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को संभावित अनियमितताओं की जांच के दायरे में रखा गया है।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं चयनित अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश अंतरिम है। नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। राज्य सरकार और JPSC को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले के कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर आगे सुनवाई करेगी। ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों के साथ-साथ पूरे राज्य की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।
चक्रधरपुर/जमशेदपुर। । पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), जमशेदपुर की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी जमशेदपुर थाना कांड संख्या 04/2026 के तहत की गई।
एसीबी के अनुसार, बंदगांव थाना क्षेत्र के निवासी बिजयराय मुंडू ने पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को लिखित शिकायत देकर बताया था कि बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025, एनडीपीएस एक्ट के मामले में उनके बड़े भाई लाचो मुंडू उर्फ गुलज का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नाम हटाने के एवज में थाना प्रभारी मनीष कुमार द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान थाना प्रभारी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जमशेदपुर थाना में कांड संख्या 04/2026 दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने बुधवार, 20 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध विधि-सम्मत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
रांची। जिले के सोनाहातु प्रखंड के ग्राम नीमडीह के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को एक 5 सूत्री मांग-पत्र सौंपा है। यह मांग-पत्र 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन रांची में प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग, बुण्डू रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा (PESA) अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मांग-पत्र के अनुसार ग्रामीण दिनांक 19 अगस्त 2026 को रांची के नागा बाबा खटाल के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और उसी मंच से राज्यपाल को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
क्या है ग्रामीणों की मांगें ?
ग्रामीणों ने अपने पत्र में 5 मुख्य मांगें रखी हैं -
1. जांच हो:* बुण्डू वन रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा अधिनियम के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. कानून का पालन:* गांव में पेसा अधिनियम को पूरी तरह लागू कराया जाए।
3. रास्ता खोला जाए:* ग्रामीण किसानों को अपने खेतों तक जाने और पशुओं को चारागाह तक ले जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, उसे तुरंत खुलवाया जाए।
4. पौधा घोटाले की जांच:* आरोप है कि नर्सरी से बाहर दूसरे गांव से चुनकर लाए गए पौधों को गांव में लगाया गया है, इसकी जांच हो।
5. वनाधिकार कानून लागू हो:* वन अधिकार अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है और वन विभाग मनमानी कर रहा है। महामहिम से निवेदन है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्याय दिलाया जाए।
रांची। चुटिया थाना पुलिस ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि चुटिया थाना क्षेत्र के अमरावती कॉलोनी में मई 2026 में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, एक एक्सटेंशन लाइट तथा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, अमरावती कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार के बंद मकान को 8-9 मई 2026 की रात अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया था। चोर दरवाजा एवं ताला तोड़कर घर में प्रवेश किए और सोना-चांदी के जेवरात, नकदी एवं अन्य सामान चोरी कर फरार हो गए। मामले में प्रदीप कुमार के लिखित आवेदन पर चुटिया थाना कांड संख्या 57/26, दिनांक 11 मई 2026, धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने एआई तकनीक की मदद से संदिग्धों की तस्वीर तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उनकी पहचान एवं पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निखिल नायक (करीब 20 वर्ष), पिता छोटू नायक, निवासी काइंडीगाड़ा पिस्का मोड़, मधुकम थाना सुखदेवनगर, रांची तथा सुशांत लोहरा (करीब 19 वर्ष), पिता श्रवण लोहरा, निवासी मुंडाटोली हेसल बस्ती, गोंदलपोखर थाना अनगड़ा, रांची को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी के सामान बरामद किए।
करीब 23 लाख के जेवरात बरामद
पुलिस के अनुसार, निखिल नायक के घर से करीब 142.210 ग्राम सोने के जेवरात, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये, तथा 493.300 ग्राम चांदी के जेवरात, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये है, बरामद किए गए। इसके अलावा एक सफेद रंग का एक्सटेंशन लाइट (टॉर्च) भी बरामद हुई है।
घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए लाल रंग का टी-शर्ट, काला रंग का टी-शर्ट एवं भूरे रंग का चेकदार शर्ट भी पुलिस ने बरामद किया है। इन कपड़ों का मिलान सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्धों के कपड़ों से किया गया।
निखिल नायक का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी निखिल नायक का पूर्व से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध अलग-अलग थानों में चोरी एवं अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ दर्ज मामलों में—
- चुटिया थाना कांड संख्या 122/23, दिनांक 26.06.2023, धारा 341/323/325/34 भादवि।
- चुटिया थाना कांड संख्या 166/23, दिनांक 15.08.2023, धारा 394 भादवि।
- चुटिया थाना कांड संख्या 275/25, दिनांक 28.12.2025, धारा 303(2) बीएनएस।
- सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 191/23, धारा 380/411/457 भादवि।
- रातू थाना कांड संख्या 236/25, दिनांक 26.06.2025, धारा 303(2)/317(5)/3(5) बीएनएस।
- नगरी थाना (दलादली टीओपी) कांड संख्या 01/26, दिनांक 01.01.2026, धारा 317(5)/3(5) बीएनएस शामिल हैं।
छापामारी दल में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
पूरे मामले के उद्भेदन एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित छापामारी दल में चुटिया थाना प्रभारी पुनम कुजूर, पुलिस अवर निरीक्षक जितेन्द्र मिश्रा, भवेश कुमार, नीरज कुमार महतो एवं मुकेश कुमार कुशवाहा, सहायक अवर निरीक्षक ब्रजेश कुमार तिवारी तथा चुटिया थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
रांची । झारखंड में विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कांग्रेस के मंत्री एवं विधायक मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। नेताओं का कहना था कि इन परीक्षाओं को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, सरकार के फैसले से उसे दूर करने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनहित, छात्र हित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को सरकार की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही का उदाहरण बताया।
युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और छात्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अपनी बात रखी।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितकारी फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू करना आवश्यक है, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों तक पहुंच सके।
ये नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और विधायक ममता देवी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
