रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान की शुरुआत की गई है। स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत मंगलवार को सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची समेत कंपनी के सभी कोयला क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कंपनी के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यस्थल के साथ-साथ स्वच्छ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (CCMC) श्री वी.के. शुक्ला ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान सभी ने स्वच्छता को केवल कार्यालय अथवा कार्यस्थल तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे अपने घर, गांव, मोहल्ले और पूरे समाज तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक और प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का संकल्प लिया।
100 लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प
स्वच्छता शपथ के दौरान सीसीएल कर्मियों ने अपने आसपास, गांव, मोहल्ले और कार्यस्थल को साफ-सुथरा रखने के साथ ही कम से कम 100 अन्य लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही लोगों को प्रत्येक वर्ष 100 घंटे स्वच्छता के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।
कंपनी की ओर से माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों से स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव कार्यस्थल से निकलकर समाज के व्यापक स्तर तक पहुंचेगा।
तीन चरणों में चलेगा स्पेशल कैंपेन 6.0
स्पेशल कैंपेन 6.0 को इस वर्ष निर्धारित चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान का प्रिपरेटरी फेज 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में अभियान से जुड़ी तैयारियों, गतिविधियों और आवश्यक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान का मुख्य इंप्लीमेंटेशन फेज 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें कार्यस्थलों की साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण का निर्माण, लंबित मामलों का निस्तारण तथा कार्यालयों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वच्छता को कार्यसंस्कृति से जोड़ने पर जोर
स्पेशल कैंपेन 6.0 के माध्यम से सीसीएल का उद्देश्य स्वच्छता को महज एक निर्धारित अवधि तक चलने वाला अभियान नहीं, बल्कि नियमित कार्यप्रणाली और व्यवहार का हिस्सा बनाना है। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को लगातार बनाए रखा जाएगा।
सीसीएल परिवार ने स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर कार्य वातावरण को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे कंपनी की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी से मुख्यालय से लेकर कोयला क्षेत्रों तक अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
हजारीबाग/चतरा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने मंगलवार को चतरा जिले में कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को 15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तुलसी यादव (46 वर्ष), पिता झमन यादव, ग्राम न्याखाप, प्रखंड एवं थाना गिद्धौर, जिला चतरा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी अंगी देवी के नाम से ग्राम असडीया में स्थित 20 डिसमिल जमीन (खाता संख्या-20, प्लॉट संख्या-459) के म्यूटेशन के लिए राजस्व कर्मचारी सतीश सिन्हा द्वारा 35,000 रु रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत के आधार पर ACB द्वारा तकनीकी माध्यम से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पहली किस्त के रूप में 15,000 रु रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद हजारीबाग ACB थाना कांड संख्या 09/2026, दिनांक 14 सितंबर 2026, दर्ज किया गया।
मंगलवार 15 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी एवं दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान प्राथमिक अभियुक्त सतीश प्रसाद (57 वर्ष), पिता स्वर्गीय सुरेश प्रसाद, ग्राम गुली, पोस्ट पितीज, थाना इटखोरी, जिला चतरा को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया.गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुरी/सिल्ली। सिल्ली प्रखंड क्षेत्र के मुरी-सिल्ली के टोटो चालकों की मंगलवार की शाम झारखंड-बंगाल सीमा के समीप आवश्यक बैठक आयोजित होती है। बैठक में टोटो चालकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से टोटो का उचित एवं निर्धारित किराया सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है।टोटो चालकों का कहना है कि पिछले तीन-चार महीने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पश्चिम बंगाल के झालदा क्षेत्र से आने वाले टोटो चालक मुरी क्षेत्र में प्रवेश कर यात्रियों को अपेक्षाकृत कम किराए में उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। इससे स्थानीय टोटो चालकों के रोजगार और आमदनी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।चालकों ने कहा कि टोटो परिचालन से होने वाली आय से ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। ऐसे में लगातार कम किराए की प्रतिस्पर्धा के कारण रोजी-रोटी चलाना मुश्किल हो रहा है। बैठक में सभी चालकों ने आपस में विचार-विमर्श करते हुए समस्या का स्थायी समाधान निकालने तथा किराया व्यवस्था को व्यवस्थित करने की आवश्यकता जताई।बैठक में टोटो चालक संघ के अध्यक्ष अजय बाउरी, सचिव मानिक, कोषाध्यक्ष अखिल महतो के अलावा भोला चौधरी, राजेश रजक, अरुण गोराई, गणेश गोराई, बुद्धेश्वर गोराई, विकास ठाकुर, परीक्षित महतो, तापस रक्षित और विक्रम ठाकुर समेत बड़ी संख्या में टोटो चालक मौजूद रहते हैं।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली -मुरी क्षेत्र में आयोजित गणेश पूजा का शुभारंभ मंगलवार को धूमधाम एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ है। पूजा पंडाल में स्थापित विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की समिति के सदस्यों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पूजा का शुभारंभ किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं।
भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से करने की परंपरा है, क्योंकि उन्हें बुद्धि, विवेक, समृद्धि और सफलता का देवता माना जाता है।शाम सात बजे महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। महाआरती के दौरान पूरा पूजा पंडाल भक्तिमय वातावरण में गूंज उठता है। सिल्ली मेन रोड स्थित आदि दुर्गा पूजा समिति, हिंदाल्को पूजा पंडाल गणेश पूजा समिति ,में श्रद्धालु सामूहिक रूप से भगवान गणेश की आरती किया और प्रसाद ग्रहण करते हैं।गणेश पूजा को लेकर सिल्ली -मुरी क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिलता है। पूजा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। आकर्षक विद्युत लाइटों से मेन रोड को रोशन किया गया है। वहीं, बंगाल के कारीगरों द्वारा भव्य एवं आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किया गया है।पूजा आयोजन को सफल बनाने में गणेश पूजा समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। समिति के सदस्य पूजा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण एवं अन्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। गणेश पूजा को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव, आस्था और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
रांची। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ (JESA) की ओर से रांची में 59वें इंजीनियर्स डे एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उनके कार्य, दूरदृष्टि और तकनीकी दक्षता के कारण आज भी उन्हें पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होते हैं। झारखंड में ऐसी संरचनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, जो जनता के लिए उपयोगी, मजबूत और टिकाऊ हों। निर्माण कार्य इस सोच और मजबूती के साथ किए जाने चाहिए कि उनकी चर्चा 100 वर्ष बाद भी हो।
मंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित राज्य है। ऐसे में यहां निर्मित होने वाली संरचनाओं में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अभियंताओं से अनुशासन, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, डीपीआर (DPR) में बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए योजना निर्माण के स्तर पर ही तकनीकी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ द्वारा रखी गई मांगें जायज हैं। चाहे वह वाहनों की आवश्यकता का विषय हो अथवा तकनीकी प्रशिक्षण से संबंधित मांग, सरकार के स्तर पर इनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अभियंताओं में क्षमता और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी तकनीकी दक्षता और अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में ऐसी विशिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जाए, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो और जिन्हें देखने के लिए देशभर से लोग झारखंड आएं।
मंत्री ने कहा कि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की कार्य संस्कृति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरणा लेकर झारखंड के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। समारोह के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफ़िज़ुल हसन, विभागीय सचिव, झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभियंता एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।
रांची : अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े CID थाना कांड संख्या 01/2025 में फरार अभियुक्त दिलीप कुमार पासवान (लगभग 41 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी पर JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है।
वहीं, JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े CID थाना कांड संख्या 16/2026 में अभियुक्त संगीत कुमार (38 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, वह रांची स्थित शिवांग कोचिंग का संचालक है और नशा एजेंट के रूप में भी कार्य कर रहा था।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली मेन रोड स्थित आदि दुर्गा मंदिर परिसर में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर समिति के अनुसार मंगलवार को पूजा पंडाल का पट विधि-विधान के साथ खोला जाएगा। पट खुलते ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना धूमधाम से शुरू होगी।मंदिर समिति ने बताया कि पूजा को लेकर मंदिर परिसर में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूजा-अर्चना में शामिल होने के लिए सिल्ली-मुरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्था की गई है।विघ्नहर्ता के रूप में पूजे जाते हैं भगवान गणेश हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है। उन्हें बुद्धि, विवेक, समृद्धि और सौभाग्य का देवता भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।आदि दुर्गा मंदिर में आयोजित गणेश पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल है। सुबह पट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना का क्रम शुरू होगा।
सिल्ली-मुरी। हरितालिका तीज के अवसर पर सोमवार को सिल्ली-मुरी क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल रहा। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और परिवार में सुख-समृद्धि की मंगलकामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। दिनभर व्रती महिलाओं ने श्रद्धा और निष्ठा के साथ भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना की।पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में उत्साह देखा गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सोलह शृंगार कर पूजा स्थलों पर पहुंचीं। देवी मंडप सहित विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। पंडित कृष्णकांत मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा की विधियां पूरी कराईं।पूजा के उपरांत व्रती महिलाओं को हरितालिका तीज की कथा सुनाई गई। इसके बाद सामूहिक आरती में महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पूजा स्थल तीज गीतों और भजनों से गूंजता रहा।महिलाओं ने बताया कि हरितालिका तीज भारतीय संस्कृति और वैवाहिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है। पर्व को लेकर क्षेत्र के पूजा स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
साहिबगंज। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राशनकार्डधारी लाभुकों के बीच सितंबर 2026 माह का खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित कराया है। तालझारी समेत अन्य बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत पात्र लाभुकों को निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने संबंधित जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि शेष सभी पात्र लाभुकों के बीच अधिकतम दो दिनों के अंदर खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करें, ताकि बाढ़ की विषम परिस्थितियों में कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे।
बिना राशन कार्ड वाले पात्र परिवारों की भी होगी पहचान
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे परिवारों और व्यक्तियों की पहचान कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले सके हैं या जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है।
संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पात्र परिवारों और व्यक्तियों की सूची तत्काल प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार पात्र लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि उन्हें आवश्यक खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित एवं पात्र परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को वितरण प्रक्रिया की निगरानी करते हुए पात्र लाभुकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया है।
रांची। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए 28 सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन में पंडाल निर्माण, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आवाजाही, CCTV निगरानी, स्वयंसेवकों की नियुक्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सोशल मीडिया, फूड स्टॉल और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षित स्थान पर ही बनेगा पंडाल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए अलग रास्ता रखने का निर्देश दिया गया है। पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित अभियंता से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
पंडाल में सुरक्षित वायरिंग और उचित अर्थिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चर की अर्थिंग सुनिश्चित करनी होगी। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने को कहा गया है, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार ही कनेक्शन लेने और विद्युत सजावट करने का निर्देश है। अस्थायी विद्युत वायरिंग के लिए संबंधित विद्युत अभियंता से सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। पंडाल से सुरक्षित दूरी पर पर्याप्त क्षमता वाला जेनरेटर रखने को भी कहा गया है।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
प्रशासन ने पंडाल के अंदर अथवा आसपास ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक सामग्री रखने को कहा गया है। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही पंडाल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय के आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र जारी करने तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फूड स्टॉल और दुकानों को लेकर भी निर्देश
फूड स्टॉल एवं मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रांची नगर निगम के कर्मियों को सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। पूजा पंडाल तक पहुंचने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने देने की जिम्मेदारी समितियों को दी गई है।
प्रशासन ने पूजा समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। भीड़ में छिनतई या पॉकेटमारी करते किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया पर संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करने तथा ऐसी अफवाहों को प्रोत्साहित नहीं करने का निर्देश दिया है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी तत्काल निकटतम प्रशासनिक या पुलिस पदाधिकारी अथवा थाना प्रभारी को देने को कहा गया है।
निर्धारित मार्ग और घाट से ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल या घाट का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके अलावा त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षित विद्युत आपूर्ति को लेकर न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी SOP का पालन करने का निर्देश दिया गया है। बसों एवं बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने पर रोक रहेगी तथा वाहनों पर ऐसी ऊंची सामग्री या झंडा नहीं लगाया जा सकेगा जिससे वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) से अधिक हो।
जिला प्रशासन ने अंत में पूजा समितियों से अपील की है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करें और प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
