शहीदों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को किया गया नमन, राँची पुलिस ने परिजनों की समस्याएँ सुनकर हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
राँची। शहीद संस्मरण दिवस के अवसर पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नवीन पुलिस केंद्र, राँची में शहीद पुलिसकर्मियों के सम्मान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कर्तव्य निर्वहन के दौरान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
शहीद संस्मरण दिवस पुलिस बल के उन वीर जवानों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश और समाज की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। इन वीर पुलिसकर्मियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया और कर्तव्य की राह पर चलते हुए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए उनसे संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान परिजनों की समस्याओं, आवश्यकताओं और उनके समक्ष आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली गई। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना तथा प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। इसके साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया और उन्हें आश्वस्त किया गया कि राँची पुलिस उनके साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान करना उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अपने प्रियजनों को खोने के बावजूद उनके परिवारों ने जिस धैर्य और साहस का परिचय दिया है, वह भी सम्मान का पात्र है। राँची पुलिस ने परिजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, नगर; पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण; पुलिस अधीक्षक, यातायात; परिचारी प्रवर प्रथम एवं द्वितीय सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन भी शामिल हुए। सभी ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
शहीद संस्मरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश और समाज की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने के दौरान पुलिसकर्मियों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राँची पुलिस ने शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों, साहस और कर्तव्यपरायणता से प्रेरणा लेने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही जनसेवा, कानून-व्यवस्था के प्रभावी संधारण और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।
शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, निष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उनके त्याग और समर्पण को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के रीति-रिवाजों, सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुरूप दशकर्म से जुड़े धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पूजनीय माता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया। दशकर्म संस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार, परिजन एवं बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का आगमन जारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन के उपरांत उनके नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं अन्य आगंतुकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे लोग मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही, स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना कर रहे हैं।
संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं व्यवस्थाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संस्कार भोज में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
विधि-व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां
संस्कार भोज के अवसर पर नेमरा एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन, वाहन पार्किंग एवं आयोजन स्थल के आसपास सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
नेमरा में शोक संवेदनाओं का तांता, विभिन्न दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर बंधाया ढांढस
नेमरा (रामगढ़) । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए बुधवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का जुटान हुआ। सभी ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नेमरा में दिनभर शोक और संवेदना का माहौल रहा। मुख्यमंत्री की माता के निधन पर शोक जताने के लिए कई वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
विभिन्न दलों के नेता पहुंचे नेमरा
दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने वालों में विधायक प्रदीप यादव, जनार्दन पासवान और मंगल कालिंदी शामिल थे। इनके अलावा पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और बन्ना गुप्ता, पूर्व सांसद घूरन राम, शैलेंद्र महतो, भुवनेश्वर प्रसाद मेहता और रविंद्र कुमार पांडेय भी नेमरा पहुंचे।
पूर्व विधायक समरी लाल और अपर्णा सेनगुप्ता समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
IAS और IPS अधिकारियों ने भी अर्पित किए पुष्प
मुख्यमंत्री की माता को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री और परिवार के प्रति जताई संवेदना
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार शोक में है। इस दुखद अवसर पर राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने नेमरा पहुंचकर परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री को ढांढस बंधाया।
36 मोबाइल, लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 25 नोटबुक और अन्य दस्तावेज जब्त; एक नाबालिग भी पकड़ा गया
राँची । राँची पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग बालक को भी पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 98 हजार 100 रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 32 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक, एक चेकबुक और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं दस्तावेज बरामद किए हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के कार्यालय से बुधवार, 14 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 13 अक्टूबर को एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र और पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ के आसपास स्थित पराशर अपार्टमेंट तथा जतरा मैदान के निकट मालती अपार्टमेंट के किराये के फ्लैटों में रहकर कुछ लोग संगठित रूप से साइबर ठगी कर रहे हैं।
सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक (नगर), राँची के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक, कोतवाली, राँची के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों स्थानों पर छापेमारी की और गिरोह से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई दो टीमों में की गई थी।
36 मोबाइल और 32 एटीएम कार्ड समेत कई सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 7,98,100 रुपये नकद के अलावा विभिन्न कंपनियों के 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, पांच आधार कार्ड, 12 सिम कार्ड और एक माइक्रो एसडी कार्ड बरामद किया है।
इसके अतिरिक्त नाम, मोबाइल नंबर और कथित हिसाब-किताब दर्ज 25 नोटबुक, एयरटेल पेमेंट बैंक के दो स्मार्ट स्पीकर/रिसीवर उपकरण, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक एनपीएस प्रान कार्ड, आठ पैन कार्ड तथा एक पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलामू और गढ़वा जिले के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता उर्फ अजित कुमार कुशवाहा, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा शामिल हैं। पुलिस विज्ञप्ति में दिए गए पतों के अनुसार, अधिकांश आरोपी पलामू जिले के तरहसी और लेस्लीगंज थाना क्षेत्रों के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी गढ़वा जिले का रहने वाला बताया गया है।
साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 252/26, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)/(ii), 317(2), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(बी), 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापेमारी दल में ये पुलिस अधिकारी थे शामिल
छापेमारी दल का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक, कोतवाली, राँची निखिल राय ने किया। टीम में सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी, पंडरा ओपी प्रभारी विवेक कुमार सहित सुखदेवनगर, कोतवाली और पंडरा ओपी के अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। कार्रवाई में महिला एवं पुरुष सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भी हिस्सा लिया।
पुलिस की आम नागरिकों से अपील
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों के फोन पर लोन या नौकरी का प्रलोभन मिलने पर ओटीपी, एटीएम विवरण, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
सिल्ली: मेन रोड सिल्ली में पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश कुमार महतो एवं रेस्टोरेंट संचालक की माता देवन्ती देवी ने संयुक्त रूप से वैष्णवी रेस्टोरेंट का फीता काट कर उद्घाटन किए।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र का पहला ऐसा रेस्टोरेंट है जो बड़े शहरों की तर्ज पर बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस रेस्टोरेंट की स्वादिष्ट भोजन की गुणवत्ता के लिए शहर में इसकी पहचान बने। रेस्टोरेंट के संचालक विनय व विजय साव ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्वादिष्ट भोजन व बेहतर सेवा के माध्यम से लोगों के दिलों में उतरना है।आज का दिन हमारे लिए एक बेहद खास और सपने जैसा दिन है। इस रेस्टोरेंट को शुरू करने के पीछे हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य रहा है—आपको और आपके परिवार को बेहतरीन, स्वादिष्ट और साफ़-सुथरा भोजन एक शानदार माहौल में परोसना।इस नए शाखा में इंडियन, चाइनीज, तंदूरी, कांटिनेंटल आदि भोजन प्रबंध रहेगा। इस मौके पर जयपाल सिंह, मुखिया सीमा गंझू,अजीत साहू, मनोज साव, नेपाल साव, बबलू साव, राजेश साहू,प्रकाश अग्रवाल, नितेश्वर महतो, सुरेन्द्र साव, ज्योति साव, संजय गुप्ता, समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मुरी। रांची-पुरुलिया मार्ग पर मुरी स्थित झारखंड होटल के पास दो मोटरसाइकिलों की सीधी पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सिंहपुर नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के झालदा थाना क्षेत्र के कुशी गांव निवासी जितेंद्र महतो और उत्तम महतो हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल (JH 05 BT 5408) से सिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (JH 01 GL 0920) से उनकी टक्कर हो गई। पल्सर सवार प्रकाश महतो पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी थाना क्षेत्र के निवासी हैं और सिल्ली में अपने रिश्तेदार के घर आ रहे थे।बताया जाता है कि तेज रफ्तार के कारण दोनों मोटरसाइकिलों में आमने-सामने टक्कर हुई। हादसे में तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर मुरी ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
बुंडू। रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर स्थित तैमारा घाटी के पास पांचा में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अर्बन डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड की सैकड़ों महिला कर्मचारियों ने कंपनी के मेन गेट पर ही धरना दे दिया।
सुबह से शुरू हुई इस हड़ताल में महिलाओं का कहना है कि महीनों से वेतन बढ़ोतरी की मांग की जा रही है, लेकिन प्रबंधन सुनने के बजाय धमकी दे रहा है। मजबूर होकर आज सभी ने एक साथ काम बंद कर दिया।
हाईवे बना पार्किंग:
कंपनी NH के किनारे होने से धरने का सीधा असर हाईवे पर पड़ा। देखते ही देखते NH-33 के दोनों लेन में गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। जमशेदपुर से रांची और रांची से जमशेदपुर जाने वाले यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
मौके पर पहुंची बुंडू अनुमंडल पुलिस ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की कोशिश शुरू कर दी है।
मुगलपाड़ा-महाराजपुर में पुलिस की छापेमारी, 608 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ, 5.93 लाख रुपये नकद, रासायनिक पदार्थ और मशीनें बरामद; पूछताछ में इस्माईल शेख का नाम आया सामने
बरहरवा:- साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर तैयार करने और उसकी खरीद-बिक्री से जुड़े कथित अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 12 अक्टूबर को मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में की गई छापेमारी के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 608 ग्राम ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ, 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद, विभिन्न रासायनिक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मशीनें, दो मोटरसाइकिल और एक हुंडई कार समेत कई सामान जब्त किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। मामले में पूछताछ के दौरान इस्माईल शेख का नाम कथित मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। पुलिस अब उसकी भूमिका की जांच करने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
बरहरवा थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नितिन खंडेलवाल ने छापेमारी और गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में मालदा जिले के कालियाचक के कुछ लोग अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल कर ब्राउन शुगर से संबंधित अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल और राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी के संयुक्त नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी दल ने 12 अक्टूबर को चिह्नित मकान की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, मकान के अंदर पांच व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस को देखते ही सभी ने पिछले दरवाजे से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद सभी से पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हनीफुल शेख, अख्तर आलम, शहजान शेख, साहनवाज आलम और अमिरुल शेख के रूप में हुई है।
पूछताछ में इस्माईल शेख का नाम आया सामने
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस्माईल शेख का नाम कथित तौर पर मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। वह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर उसे इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक बताया है। हालांकि, इस्माईल शेख की भूमिका और मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क के संचालन, इसमें शामिल अन्य लोगों और प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
मकान से बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ और उपकरण बरामद
पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ के अलावा कथित तौर पर इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ और विभिन्न उपकरण बरामद किए। पुलिस की ओर से जारी जब्ती सूची के अनुसार, मौके से 608 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ, 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। इसके अलावा 15.877 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 500 मिलीलीटर की 13 बोतल एसीटल क्लोराइड, तीन इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, एक जनरेटर, एक सीलिंग मशीन और एक एक्सट्रैक्शन मशीन जब्त की गई।
छापेमारी के दौरान 1.4 किलोग्राम पैकेजिंग सामग्री, दो मोटरसाइकिल और हुंडई कंपनी की एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने सभी सामानों की सूची तैयार कर विधिवत जब्ती की कार्रवाई की। बरामद नकदी, रासायनिक पदार्थों, मशीनों और अन्य सामानों के संबंध में आरोपियों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान बरामद सामग्री के बारे में आरोपियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जब्त सामान की प्रकृति और उसके इस्तेमाल से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में बरहरवा थाना कांड संख्या 259/26, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(b) और 111(3) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(c), 25, 27A, 27B और 29 का उल्लेख किया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित पदार्थ कहां से लाया जाता था, कथित तौर पर उसे तैयार करने में किन लोगों की भूमिका थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी।
दस सदस्यीय पुलिस दल ने की छापेमारी
इस विशेष अभियान में बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल, राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी, राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिर्ज, बरहरवा थाना के सुदामा सिंह, राधानगर थाना के संग्राम सिंह सॉय, बरहरवा एसडीपीओ कार्यालय के हवलदार दिनेश हेम्ब्रम, राजमहल के आरक्षी राजीव कुमार और दीपक कुमार, राधानगर थाना के हवलदार शशि भूषण सिंह तथा बरहरवा थाना के आरक्षी अरविंद रविदास शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। कथित मुख्य सरगना इस्माईल शेख की भूमिका की जांच भी मामले का अहम हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
21 अगस्त को जारी बेदखली नोटिस तीन दिन बाद लिया गया था वापस; CO हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, DC रांची से भी जवाब तलब
बुंडू (रांची): बुंडू मेन रोड स्थित बाबा मेंस वियर (Baba Mens Wear) दुकान के बेदखली मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बुंडू के अंचल अधिकारी (CO) हंस हेम्ब्रम की भूमिका पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए हैं। मीना देवी की ओर से दायर W.P.(C) No. 7845 of 2026 की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने अंचल अधिकारी और किरायेदार मुकेश कुमार के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए CO से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में रांची के उपायुक्त (DC) से भी जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
बेदखली आदेश के बाद नोटिस वापस लेने पर सवाल
मामले के अनुसार, मकान किराया नियंत्रक-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, बुंडू ने 11 मई 2026 को J.B.C. Case No. 02/2026 में मीना देवी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए किरायेदार मुकेश कुमार को 15 दिनों के भीतर दुकान खाली कर शांतिपूर्ण दखल सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में दुकान खाली नहीं होने पर अंचल अधिकारी, बुंडू पुलिस के सहयोग से बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उक्त आदेश के अनुपालन में अंचल अधिकारी ने 21 अगस्त 2026 को Memo No. 567(ii) के माध्यम से दुकान खाली कराने का नोटिस जारी किया। हालांकि, महज तीन दिन बाद 24 अगस्त 2026 को Memo No. 571(ii) जारी कर पहले के नोटिस को वापस ले लिया गया। इसी कार्रवाई को मीना देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
8 अक्टूबर को भी कोर्ट ने उठाए थे सवाल
याचिका पर 8 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि 21 अगस्त के बेदखली नोटिस को 24 अगस्त के दूसरे नोटिस से वापस लेना प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होता है, विशेषकर तब, जब अपील में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं हुआ था।
इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने अदालत को बताया कि रांची के उपायुक्त ने 25 अगस्त 2026 को J.B.C. Appeal No. 23R 15/2026-27 में अंतरिम आदेश पारित किया था। साथ ही, सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि विधि शाखा ने 27 अगस्त 2026 को पत्रांक 3640(ii) के जरिए अंचल अधिकारी को इसकी सूचना दी थी।
वहीं, याचिकाकर्ता मीना देवी के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अंचल अधिकारी ने 24 अगस्त को ही बेदखली नोटिस वापस ले लिया था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश अगले दिन, यानी 25 अगस्त को पारित हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से इसी समय-क्रम के आधार पर अंचल अधिकारी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मिलीभगत की आशंका जताई
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बेदखली नोटिस वापस लेने का आदेश 24 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश 25 अगस्त को आया। अदालत ने प्रथम दृष्टया अंचल अधिकारी और किरायेदार के बीच मिलीभगत की आशंका व्यक्त की।
अदालत ने इस मामले में अंचल अधिकारी हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। किरायेदार मुकेश कुमार को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, उपायुक्त, रांची को अगली सुनवाई से पहले काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
किरायेदारी को लेकर भी हुआ था विवाद
मूल बेदखली मामले में मीना देवी ने दावा किया था कि मुकेश कुमार के साथ दुकान को लेकर किरायेदारी का समझौता था और किराया बकाया होने के साथ दुकान की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बेदखली की मांग की गई थी।
दूसरी ओर, मुकेश कुमार ने संपत्ति को पैतृक बताते हुए मकान-मालिक और किरायेदार के संबंध से इनकार किया था। उन्होंने किरायानामा समाप्त होने, दुकान खाली करने और दो लाख रुपये अग्रिम राशि वापस नहीं मिलने की बात भी कही थी।
मूल मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने मकान-मालिक और किरायेदार के बीच संबंध स्थापित मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को For Orders के तहत होगी।
राँची। पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओड़िशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आदेश जारी कर दिया है। वही उड़ीसा के राज्यपाल बनाए जाने पर भाजपा की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं।
बधाई संदेश में कहा गया कि महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि ओड़िशा के राज्यपाल के रूप में श्री ब्रज मोहन राम को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभव का लाभ मिलेगा। उनके अनुभव और सार्वजनिक जीवन से प्राप्त समझ से राज्य को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
साथ ही, उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए आशा व्यक्त की गई कि वे अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करेंगे।
