साहिबगंज। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उपायुक्त के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। इन अकाउंटों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ झूठी सूचनाएं फैलाने और प्रलोभन देकर ठगी करने की आशंका जताई गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, ओटीपी या धनराशि साझा न करें और किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में न आएं।
प्रशासन ने कहा कि उपायुक्त अथवा जिला प्रशासन की सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अधिकृत प्लेटफॉर्म से अवश्य जांच लें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उपायुक्त के नाम से संचालित कोई संदिग्ध या फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।
साहिबगंज। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी 15 अगस्त का मुख्य जिला स्तरीय समारोह सिद्धो-कान्हो स्टेडियम, साहिबगंज में आयोजित होगा। सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों एवं विद्यालयों में मुख्य समारोह से पूर्व निर्धारित समय पर ध्वजारोहण किया जाएगा तथा राष्ट्रीय ध्वज संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
समारोह से पहले विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। सिद्धो-कान्हो की प्रतिमा पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जबकि अन्य प्रतिमाओं पर संबंधित अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाली भव्य परेड का संचालन पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में किया जाएगा। परेड में जिला सशस्त्र बल, जैप-9, महिला पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल 13 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
जिले में देशभक्ति का माहौल बनाने के लिए 15 अगस्त की सुबह 7 से 8 बजे तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। वहीं 14 अगस्त की शाम 6:30 बजे टाउन हॉल, साहिबगंज में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकार देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मुख्य समारोह स्थल पर अग्निशमन दल, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों को सम्मानित करने का भी अवसर है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे व्यक्तियों को जिला प्रशासन मुख्य समारोह में सम्मानित करेगा।
बैठक में सभी विभागों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व कार्यालयों एवं परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त , परियोजना निदेशक आईटीडीए , अपर समाहर्ता , सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
साहिबगंज, 3 अगस्त 2026। जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त ने सोमवार को सदर अस्पताल, साहिबगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवा उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड), चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी, ओपीडी, पुरुष एवं महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवा उपलब्धता और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। साथ ही अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने, अल्ट्रासाउंड सहित सभी जांच सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित रखने तथा मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, पारदर्शी और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के बाद उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार, नियमित अनुश्रवण तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश दिए।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद साहिबगंज जिला द्वारा परिषद के अस्थायी जिला कार्यालय में JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिला संयोजक कविंद्र पासवान, प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार एवं साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला संयोजक कविंद्र पासवान ने कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं ने झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। परिषद की मांग है कि दोनों विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराई जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के परिणाम अथवा चयन प्रक्रिया में कथित रूप से हेरफेर हुई है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर किसी भी दोषी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने का हर प्रयास युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।
जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः पारदर्शी, डिजिटल ऑडिट युक्त एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार अभाविप की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करे, अन्यथा परिषद लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने सभी छात्र-युवाओं से इस न्याय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्याय की स्थापना के लिए है। परिषद ने चेतावनी दी कि जब तक सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
बरहरवा (साहिबगंज), 3 अगस्त। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा इकाई ने सोमवार को कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के परीक्षा नियंत्रक एवं डीएसडब्ल्यू (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन तथा यूजी सत्र 2026–30 के लिए पुनः आवेदन (री-एप्लिकेशन) पोर्टल खोलने की मांग की।
एनएसयूआई ने परीक्षा नियंत्रक को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की विभिन्न यूजी (एनईपी) सेमेस्टर परीक्षाएं समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसर और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023–27) की परीक्षा 9 मई से 26 मई 2026 तक हुई थी, लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। वहीं यूजी सेमेस्टर-6 (सत्र 2022–26) की परीक्षा 24 जून से 8 जुलाई तक संपन्न हुई, जिसका परिणाम भी अब तक लंबित है। इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024–28) की प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम प्रकाशित करने की मांग की गई।
डीएसडब्ल्यू को दिए गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने यूजी सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में छात्रहित से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि जिन विषयों में अब भी सीटें रिक्त हैं, उनके लिए री-एप्लिकेशन पोर्टल खोला जाए। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें नामांकन शुल्क जमा करने का एक और अवसर दिया जाए।
एनएसयूआई का कहना है कि बी.एस.के. महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण कई छात्र-छात्राएं सूचना के अभाव, इंटरनेट एवं तकनीकी समस्याओं तथा इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। यदि उन्हें पुनः अवसर नहीं मिला तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा समाप्त होने के दो से तीन महीने बाद परिणाम जारी किए जाते हैं और तुरंत अगली परीक्षा आयोजित कर दी जाती है, जिससे छात्रों पर शैक्षणिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा लंबित परिणामों को जल्द जारी करने की मांग की।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, अक्षय भगत, राजा यादव, पंकज कुमार, सरफराज अहमद, रबीउल इस्लाम सहित अन्य छात्र मौजूद थे।
ब्यूरो। बिहार की सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक एवं उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राज्य की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिंह को 19,246 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर बांकीपुर सीट पर शानदार विजय हासिल की।
मतगणना की शुरुआत से ही प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रहे। प्रत्येक राउंड के साथ उनकी बढ़त बढ़ती गई और अंततः उन्होंने 19,246 वोटों के निर्णायक अंतर से जीत दर्ज कर भाजपा के मजबूत माने जाने वाले इस गढ़ में बड़ी सेंध लगा दी।
प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं मानी जा रही है, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत माना जा रहा है। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए उन्होंने जिस तरह से भाजपा जैसे मजबूत दल को हराया, उसने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव का यह परिणाम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जन सुराज की इस जीत ने यह संकेत दिया है कि राज्य में मतदाता अब नए राजनीतिक विकल्पों को भी गंभीरता से स्वीकार कर रहे हैं।
जीत के बाद जन सुराज के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने पटाखे फोड़े, मिठाइयाँ बांटी और "प्रशांत किशोर जिंदाबाद" के नारों के साथ जीत का जश्न मनाया। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
मुख्य बातें
- बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज की बड़ी जीत।
- प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिंह को 19,246 मतों से हराया।
- भाजपा के मजबूत गढ़ में जन सुराज ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत।
- बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत।
पटना। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। शुरुआती रुझानों में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, प्रशांत किशोर को 38,201 वोट मिले हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को 26,912 वोट प्राप्त हुए हैं। यानी प्रशांत किशोर 11,289 वोटों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं।
यह बढ़त इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में यदि यह रुझान नतीजों में बदलता है, तो बिहार की राजनीति में इसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा।
हालांकि, यह केवल रुझान हैं और अंतिम परिणाम मतगणना पूरी होने के बाद ही घोषित किए जाएंगे।फिलहाल सभी की निगाहें बांकीपुर की मतगणना पर टिकी हुई हैं।
रांची:। अखिल भारतीय सर्व कुम्हार राजनीतिक भागीदारी संघर्ष मोर्चा (राष्ट्रीय समिति) की ओर से संगठन को मजबूत बनाने और समाज की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में संगठन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 2 अगस्त 2026 से नई कार्यकारिणी प्रभावी होगी। इसमें राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के विभिन्न पदों पर कुल 21 पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संगठन की ओर से जारी सूची में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, संगठन सचिव, सह संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष तथा अन्य प्रमुख पदों पर अलग-अलग जिलों के सक्रिय सदस्यों को मनोनीत किया गया है। नई समिति में रांची, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, बोकारो सहित कई जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे संगठन को राज्यभर में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी का मुख्य उद्देश्य सर्व कुम्हार समाज को संगठित करना, समाज के लोगों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट कर संगठन का विस्तार पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने समाज के सभी लोगों से संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि नई टीम के गठन से सर्व कुम्हार समाज की आवाज को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा समाज के अधिकारों और हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई के तत्वावधान में शनिवार को साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ जाएं तो यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।
सभा को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा, “JPSC एवं JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ा है। सरकार को तुरंत पूरे मामले की CBI जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और अंतिम छात्र तक न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
वहीं प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह ने कहा, “झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। ABVP की स्पष्ट मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी करती है, तो विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।”
कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश मंडल, नगर सह मंत्री राजा वर्मा, रितेश कुमार, छोटू कुमार, ऋतुराज, शिवनाथ, नीरज, समीर, अविनाश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि JPSC-JSSC पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
रांची। रांची ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,20,197 चालान काटे गए, जबकि 1,015 मामलों में अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई के तहत कुल 7 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दोपहिया, चारपहिया, ऑटो, टोटो और अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान जारी किए गए।
बिना हेलमेट और नो-पार्किंग बने सबसे बड़ी समस्या
जुलाई महीने में सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई। इस दौरान 51,055 चालान काटे गए। वहीं नो-पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़ा करने के मामले में 56,032 चालान जारी किए गए, जो पूरे अभियान में सबसे अधिक रहे।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने पर 4,471, ओवर स्पीड पर 2,367, नो-एंट्री उल्लंघन पर 1,547, एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने पर 710, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 648 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 505 चालान काटे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने 62 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रिपल राइडिंग के 64, प्रेशर हॉर्न के 115, बिना बीमा के 180, फैंसी नंबर प्लेट के 217, प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के 252, मॉडिफाइड साइलेंसर के 101 और ब्लैक फिल्म लगाने के 24 मामलों में चालान जारी किए गए।
1,015 मामलों में कोर्ट में अभियोजन
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने 1,015 मामलों को अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा। इनमें 984 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डीएल कैंसिलेशन) की अनुशंसा, 17 ऑटो/टोटो तथा 14 नंबर प्लेट संबंधी मामले शामिल हैं।
यातायात नियमों के पालन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
