ब्यूरो । राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं।सबसे बड़ी सिफारिश श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की बताई जा रही है। रिपोर्ट सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जानी है।जांच से जुड़े उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक, मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ अनिल मिश्रा, व्यवस्थापक गोपाल राव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 14 लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है। एसआईटी ने विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय करने और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन।
ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन के लिए CEO की नियुक्ति।
चढ़ावे और दान की निगरानी के लिए आधुनिक ऑडिट व्यवस्था।
वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई प्रणाली।
जवाबदेही तय करने हेतु जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करना।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल
एसआईटी रिपोर्ट सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यदि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होती है तो यह राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा सकता है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कदम और सरकार द्वारा रिपोर्ट पर लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 को पूरे उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया। "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंडल के विभिन्न रेलवे प्रतिष्ठानों पर 3,000 से अधिक रेलकर्मियों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मालदा मंडल के अंतर्गत रेलवे संस्थानों, स्टेशनों, क्रू बुकिंग लॉबियों, रनिंग रूमों, लोको शेड, डिपो, कार्यशालाओं, विद्यालयों, रेलवे कॉलोनियों एवं अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों सहित कुल 127 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आयोजन मंडल स्तर पर योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
मुख्य कार्यक्रम रेलवे इंस्टीट्यूट, मालदा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कोलकाता में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के लाइव प्रसारण से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नियमित योग के लाभों से अवगत कराते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता एवं पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूओ) मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष, महिला कल्याण संगठन की सदस्याएं, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी और उनके परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक बनाने का माध्यम है। उन्होंने सभी रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया ताकि शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक दृढ़ता और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके।
मालदा के अलावा भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज, अभयपुर, धनौरी, तीनपहाड़ और जंगीपुर रोड सहित मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। डेमू शेड साहिबगंज, डीजल शेड जमालपुर, क्रू बुकिंग लॉबी, रनिंग रूम, टीआरडी डिपो, पीडब्ल्यूआई कार्यालय, कैरेज एवं वैगन डिपो, विद्युत कार्यालय, आरपीएफ बैरक एवं पोस्ट, सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यालय, स्वास्थ्य इकाइयों तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मुख्यालय में भी योग कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ।
जमालपुर लोको शेड में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) के नेतृत्व में विशेष योग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह शैक्षणिक संस्थानों में भी देखने को मिला। पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय साहिबगंज, केंद्रीय विद्यालय मालदा और शिशु विहार प्राथमिक विद्यालय मालदा में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर योग गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों ने विभिन्न योगासन कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
योग दिवस के अवसर पर मंडल के विभिन्न स्टेशनों और कार्यालयों में योग संबंधी संदेशों का प्रसारण किया गया। रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो वॉल पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का लोगो प्रदर्शित किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर योग के व्यावहारिक प्रदर्शन कर लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक किया गया।
मालदा : यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष ट्रेन का परिचालन 23 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस अवधि में ट्रेन कुल 18 फेरे (ट्रिप्स) लगाएगी।
रेलवे ने बताया कि ट्रेन का परिचालन पूर्व निर्धारित समय-सारिणी, ठहराव (स्टॉपेज) और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। इस निर्णय से भागलपुर, कटिहार तथा बीच के स्टेशनों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पूर्व ट्रेन के समय और अन्य जानकारी की पुष्टि कर लें।
महागामा: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा के मेहरमा प्रखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं जनसुविधा से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
इस दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लगभग 6 करोड़ की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षीय एवं तृतीय/चतुर्थ वर्ग कर्मचारी आवास, प्रखंड परिसर के विकास एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। साथ ही 25.73 लाख की लागत से बनने वाले ब्लॉक परिसर स्थित पार्किंग स्थल और ₹65.62 लाख की लागत से बनने वाले ईटहरी पंचायत के विवाह भवन का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर प्रशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ग्रामीण जनता की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर इन कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति, महिला, पुरुष और बुजुर्ग को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए सम्मानजनक आवास, कार्यालय और बेहतर कार्य वातावरण की व्यवस्था की है। अब यह अपेक्षा की जाती है कि उसी संवेदनशीलता के साथ अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
मंत्री ने कहा मेहरमा के भुस्खा पहाड़ को भी पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही उसका शिलान्यास किया जाएगा। जिस प्रकार भगैया पार्क विकसित हुआ है, उसी प्रकार मेहरमा में भी एक नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन, पेंशन, आवास, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के बेहतर भविष्य, हरित वातावरण और सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायतों को वर्षों से लंबित पंद्रहवें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पेंशन, राशन, अबुआ आवास और मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। साथ ही जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को बैंक क्रेडिट लिंकिंग, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।झारखंड में जेएसएलपीएस की महिलाओं द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यन से उगाए गए आम आज विदेशों में निर्यात हो रहे हैं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा भगौया सिल्क को जीआई टैक मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब यह सुनिश्चित होगा कि हमारे बुनकरों को अच्छे दाम मिले।
पीने के पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए उदीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कई जलापूर्ति योजनाएँ केंद्र सरकार से समय पर राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित हुईं, लेकिन राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही इन योजनाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नल-जल योजनाएँ पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं, तब तक पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि से चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रखंड कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और सरकार का प्रयास है कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड या जिला कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने बताया कि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्रों के लिए पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले पेंशन, मंईयां सम्मान और अबुआ आवास के लिए भी शिविर लगाए गए थे। आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के लोगों को राज्य के अन्य विकसित क्षेत्रों जैसी सुविधाएँ अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
रामगढ़ : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को रामगढ़ सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मियों को "पीपुल फ्रेंडली" बनने की आवश्यकता है ताकि आम जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय सरकार का आईना होते हैं, जहां से ग्रामीणों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की सोच दिखाई देती है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण जनता को कम से कम प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़े, इसके लिए डिजिटल पंचायत की अवधारणा को तेजी से लागू किया जा रहा है। जाति, आवासीय एवं अन्य प्रमाण पत्रों की सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार प्रयास किए गए। वर्तमान में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लगभग 35 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य वित्त आयोग की राशि मिलने के बाद यह राशि 50 लाख रुपये प्रति पंचायत से अधिक हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि डीएमएफटी (DMFT) मद से रामगढ़ समेत कई जिलों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब अपने उत्पादों और कार्यों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
इस मौके पर विधायक ममता देवी ने कहा कि नए भवन के निर्माण से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी तथा कर्मचारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
उद्घाटन में उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, बीडीओ, सीओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं JSLPS से जुड़ी महिलाओं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
- पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
- किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा जैसे हथियार लेकर चलना।
- किसी प्रकार की सभा, बैठक या आमसभा का आयोजन।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा दिनांक 19 जून, 2026 को “Reducing Plastic Waste for A Greener Tomorrow” विषय पर एक व्याख्यान एवं वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी लाने के उपायों को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर सीआईपीईटी (CIPET), रांची के निदेशक एवं प्रमुख श्री अवनीत कुमार जोशी ने विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट के बढ़ते पर्यावरणीय प्रभावों, सतत विकास में अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका तथा प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने हेतु अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी एवं व्यवहारगत परिवर्तन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण), सीसीएल, श्री संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता श्री जोशी का स्वागत किया तथा उनके बहुमूल्य विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छता पखवाड़ा के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय, रांची से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जबकि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण हेतु अपने योगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के आयोजन में श्रीमती पूजा प्रसाद , प्रबंधक (सा. वि) एवं श्रीमती श्वेता हंसदा, प्रबंधक (सा.वि) की सक्रिय भूमिका रही ।यह कार्यक्रम स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति के अनुरूप मतदान किया। साथ ही पार्टी ने इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार की समीक्षा करने की बात कही है।
झामुमो के महासचिव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया और गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में मतदान केंद्र पर मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थे।
विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने गठबंधन दलों की कई बैठकें की थीं। मतदान को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई थी तथा विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि इन सभी तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। ऐसे में महागठबंधन के स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो सका।
झामुमो महासचिव ने कहा कि समीक्षा के बाद भविष्य की रणनीति तय की जाएगी ताकि कमियों को दूर कर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और सामाजिक संस्था मंथन की संयुक्त कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। सभी बच्चे बिना अभिभावकों को बताए घर से निकलकर मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने की तैयारी में थे।
जानकारी के अनुसार, 18 जून 2026 की रात इंस्पेक्टर आरपीएफ संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान एवं मंथन संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल द्वारा मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों (TOPB) तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए बरहरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
रात्रि लगभग 8:30 बजे स्टेशन परिसर स्थित सिग्नल ऑफिस के पास चार नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी उम्र 13, 14, 14 और 16 वर्ष बताई तथा सभी ने पाकुड़ जिले का निवासी होना स्वीकार किया।
गहन पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बिना अपने परिजनों को सूचना दिए घर से निकल आए थे और मुरारोई रेलवे स्टेशन से बरहरवा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मजदूरी करने के लिए लखनऊ जाना था।
बच्चों की स्थिति और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ टीम उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ पोस्ट लेकर आई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों नाबालिगों को आगे की कार्रवाई, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए मंथन संस्था, साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल को सौंप दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और घर से भागे बच्चों की पहचान एवं सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फंसने से बचाया जा सका।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53,488 बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 2:15 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार अपने दल के साथ स्टेशन परिसर में गश्त और जांच अभियान चला रहे थे। टीम में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान और सिपाही सुजीत कुमार सिंह भी शामिल थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-3 पर खड़ी विश्वभारती पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में दो संदिग्ध युवक घूमते नजर आए।
आरपीएफ टीम द्वारा पूछताछ के लिए रोके जाने पर दोनों युवक ट्रेन से कूदकर भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद शेख (25 वर्ष) और इस्तेफाक शेख (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के पाकुड़ जिले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोनों में से दो मोबाइल बरहरवा रेलवे स्टेशन के द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में सो रहे यात्रियों से तथा दो मोबाइल टिकट काउंटर के पास सोए हुए लोगों से चोरी किए गए थे।
आरपीएफ ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में चारों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद सामान और संबंधित दस्तावेजों के साथ आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी बरहरवा को सौंप दिया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी और गश्ती अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
