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रांची/धनबाद। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान हुई। अधिकारियों पर कुल 48,400 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि मामला CISF के Pay and Accounts Office से जुड़ा है। CBI ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए अधिकारियों को पकड़ा गया।
CBI की टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की भी जांच की। रांची और धनबाद स्थित कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना बड़ा है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में CBI की जांच आगे जारी है।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली प्रखंड स्थित चिराग पब्लिक स्कूल में गुरुवार को सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का संदेश दिया। इस दौरान विद्यालय परिसर रक्षाबंधन के उल्लास से सराबोर रहा।विद्यालय के निदेशक दिनेश महतो ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सम्मान, कृतज्ञता और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के महत्व को समझाना है। साथ ही, इसके माध्यम से बच्चों में आपसी प्रेम और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना भी है। विद्यालय के प्राचार्य वी. सुधीर राव ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें भारतीय परंपराओं व संस्कारों से जोड़ते हैं।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह और उल्लास से भरा रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।
सिल्ली। सिंहपुर चौक स्थित मैरिज हॉल में सिल्ली-मुरी कुड़मी/कुरमी समाज के की बैठक हुई। बैठक में आगामी 6 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर चर्चा की गई। समाज के सदस्यों ने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। समाज के शशि रंजन महतो ने कहा कि कुड़मी जाति को 6 सितंबर 1950 को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची से हटाए जाने के विरोध में लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटिश शासनकाल में छोटानागपुर क्षेत्र में कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया गया था। स्वतंत्र भारत में एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणियां बनने के दौरान कुड़मी समाज को एसटी सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज की मांग है कि कुड़मी को पुनः अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। 6 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से हजारों लोगों के शामिल होने की बात कही गई। इसे समाज ने ‘अन्याय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बैठक से पूर्व सदस्यों ने सिंहपुर चौक स्थित समाजसेवी स्व. विष्णु चरण महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर रघुनाथ महतो, कृष्णा महतो, जितेंद्र महतो, घनेश्याम महतो, नंदलाल महतो, रतन लाल महतो, गोकुल महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सोनाहातू:- प्रखंड के तेलवाडीह पंचायत अंतर्गत डीह मोड़ स्थित ओम शांति स्कूल में बुधवार को नशा मुक्त भारत अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को नशा के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि नशा किस प्रकार व्यक्ति, परिवार और समाज को बर्बाद करता है और युवाओं को इससे कैसे दूर रहना चाहिए।इस दौरान सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज में नशा के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने में सहयोग करेंगे। सभी ने मिलकर नशा के हानिकारक प्रभावों का प्रचार-प्रसार करने की अपील की।मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिका, अभिभावक एवं गांव के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सोनाहातू :-प्रखंड के तेलवाडीह पंचायत अंतर्गत मरचाडीह गांव में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर में जहरीला करैत सांप घुस गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के कनिता चौकीदार के घर में लगभग 4 फीट 5 इंच लंबा खतरनाक खरीश (करैत) सांप घुस आया था। घर के अंदर सांप को देख परिजन घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।ग्रामीणों ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना सांप को नुकसान पहुंचाए उसे सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में सांप को गांव से दूर जंगल में छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। करैत को भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है, जिसका जहर बेहद खतरनाक होता है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण सांप-बिच्छू अपने बिलों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए और सांप पकड़ने वाली रेस्क्यू टीम को अलर्ट मोड पर रखा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
रांची/गोड्डा। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर गोड्डा जिला कांग्रेस ने चंदा चोरी और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड का खनिज केवल संपत्ति नहीं, हमारी पहचान है। जिस खनिज संपदा की आदिवासी और मूलवासी पीढ़ियों से रक्षा करते आए हैं, उसी पर राज्य के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ का खनिज रॉयल्टी बकाया है। यह राशि देने के बजाय केंद्र ऐसा कानून ला रही है जिससे राज्य को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ेगा। उनके अनुसार, सेस के माध्यम से राज्य को मिलने वाली करीब ₹14,000 करोड़ की राशि पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व राज्य की सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। मंईयां सम्मान योजना जैसी अन्य योजनाएं राज्य के संसाधनों से संचालित हो रही हैं। झारखंड के राजस्व अधिकारों को कमजोर करने का असर सीधे जनता पर पड़ेगा।
चंदा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर जुटाए गए चंदे का हिसाब और पारदर्शिता जनता का अधिकार है। आस्था के नाम पर जुटाए गए धन में किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर सवाल उठाना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नीतियों का लाभ आम जनता के बजाय चुनिंदा व्यावसायिक समूहों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस इस कोशिश का सड़क से लेकर गांव तक विरोध करेगी।
महिला अधिकारों और परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। महिलाओं को किसी राजनीतिक खेल का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। परिसीमन के नाम पर आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस संघर्ष को जिला मुख्यालय से प्रखंड, पंचायत और गांव तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई की शुरुआत है। झारखंड के अधिकार और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी।”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा: राम के नाम पर जुटे चंदे का हिसाब दो, झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंड का हक़ दो।”
रांची (शुभेंदु कुमार पंडित)। देश में इन दिनों छात्र आंदोलन की आंधी चल पड़ी है, दिल्ली में जिस तरीके से छात्र आंदोलन हुए उसके बाद छात्र आंदोलन देश में फैल चुकी है। पूरे देश में भ्रष्टाचार का खोखला सिस्टम के विरुद्ध छात्र आंदोलन कर रहे है। लेकिन इस आंदोलन के बीच कई ऐसे नाम है जो की काफी चर्चा का विषय बना हुआ है,जब से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के द्वारा आंदोलन में छात्रों को कॉकरोच कहा गया उसके बाद एक नया कॉकरोच जनता पार्टी का उदय हुआ , जो शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, शिक्षा गुणवत्ता में सुधार को लेकर आंदोलन करते हुए नज़र आ रहे है। जैसे ही आंदोलन सक्सेस हुआ और सफलता की सीढ़ी चढ़ना स्टार्ट हुआ वैसे-वैसे देश के विभिन्न राज्यों में नौकरी की परीक्षा हो या अन्य परीक्षाएं जिससे की शैक्षणिक संस्थान में दाखिला मिलता हो उन सभी में भ्रष्टाचार के खोखले सिस्टम और व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्र आंदोलन करते हुए दिखाई देने लगे, वर्तमान में दिल्ली के बाद बड़ा आंदोलन झारखंड में हुआ जहां 20 से अधिक दिनों तक चला और सरकार को झुकना पड़ा, लेकिन फिर आंदोलन के रूपरेखा छात्रों के द्वारा तय कर दी गई और अभी भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं। वहीं बिहार में टीचर वैकेंसी को लेकर छात्र सड़कों पर नजर आ रहे हैं छात्र की जो मांग है, उस पर सरकार विचार कर रही लेकिन इस आंदोलन के बीच बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के द्वारा जब एक वाक्य कहा गया कि हाथी चले बाजार कुत्ता भौंके हजार और इस कुत्ता शब्द ने एक नई रूपरेखा को जन्म दे दिया अब बिहार की सड़कों पर एक महिला हाथों में पोस्टर लिए नजर आ रही है,और कह रही है ,अब कुत्ता जनता पार्टी बन चुका है अब कॉकरोच पार्टी को देखने के बाद और बिहार के आईएएस अधिकारी जो छात्रों को कुत्ता समझ रहे हैं अब बिहार के खोखला सिस्टम को कुत्ता काट खाएगा । अब सवाल यह उठता है कि किसी सीजेआइ के द्वारा कॉकरोच शब्द कहना और आईएएस अधिकारी के द्वारा कुत्ता कहना एक नई विचारधारा को जन्म दे दिया है? एक आंदोलन का नाम कहें या फिर अन्य संज्ञा अपने आप में दिया जा सकता है। लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी जो प्रमुख रूप से देश भर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आंदोलन कर रही है। वहीं बिहार जो आंदोलन की भूमि रही है अब एक नई व्यवस्था में सुधार को लेकर कुत्ता जनता पार्टी बन गई क्या वाकई में जो सफलता कॉकरोच को मिली वह कुत्ता को मिल पाएगा यह बड़ा सवाल है इस सवाल का जवाब आने वाले समय में मिलेगा।
हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ बयान से नया विवाद
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की ओर से छात्रों के आंदोलन के संदर्भ में कथित तौर पर दिए गए ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाले बयान ने विवाद को और हवा दे दी। इस बयान में इस्तेमाल किए गए ‘कुत्ता’ शब्द को लेकर छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।अब इसी शब्द को आंदोलन के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल करते हुए बिहार की सड़कों पर एक महिला हाथ में पोस्टर लेकर नजर आई, जिस पर ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का उल्लेख किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया और छात्र आंदोलनों से जुड़े हलकों में ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम चर्चा में आ गया है।
कॉकरोच’ से ‘कुत्ता’ तक पहुंची आंदोलन की भाषा
छात्र आंदोलनों में इस्तेमाल हो रहे इन प्रतीकों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अधिकारियों या संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा आंदोलनकारियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द आगे चलकर आंदोलनों की पहचान और प्रतीक बन सकते हैं?
क्या ‘कुत्ता जनता पार्टी’ को भी मिलेगी सफलता?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस तरह ‘कॉकरोच’ शब्द को आंदोलनकारियों ने अपने विरोध और पहचान के प्रतीक में बदल दिया, क्या ‘कुत्ता’ शब्द भी बिहार के छात्र आंदोलन को उसी तरह नई पहचान दिला पाएगा?
बिहार लंबे समय से छात्र और युवा आंदोलनों की भूमि रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर जारी आंदोलनों के बीच ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम का यह नया प्रयोग आने वाले दिनों में कितना प्रभाव डालता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि छात्र आंदोलनों की आवाज अब केवल परीक्षा और नौकरी की मांग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि व्यवस्था में सुधार और सम्मानजनक संवाद की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बनती जा रही है। ‘कॉकरोच’ के बाद ‘कुत्ता’ शब्द का आंदोलन के प्रतीक में बदलना इसी बदलते दौर की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।
धनबाद। धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच कथित गाली-गलौज और बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद को लेकर धनबाद पुलिस एसोसिएशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक जयराम महतो से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई। पुलिस की इस मांग के बाद विधायक ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया कि वह किसी से माफी नहीं मांगेंगे।
विधायक जयराम महतो ने कहा कि “मैं किसी से माफी नहीं मांगूंगा, चाहे मुझे फांसी पर चढ़ा दिया जाए।” विधायक के इस बयान के बाद पुलिस और विधायक के बीच विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है।
वायरल ऑडियो के बाद बढ़ा विवाद
मालूम हो कि कुछ दिन पहले डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज हुई थी। बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और इसी बीच पुलिस ने पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष सामने रखा।
धनबाद पुलिस एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विधायक से माफी की मांग किए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
विधायक ने कहा- माफी का सवाल ही नहीं
पुलिस की ओर से 24 घंटे की समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह किसी के दबाव में माफी नहीं मांगेंगे। विधायक का यह बयान सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
विधायक के रुख से स्पष्ट है कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त होने के बजाय और बढ़ सकता है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन और विधायक की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
विधायक और थाना प्रभारी के बीच कथित गाली-गलौज का मामला अब केवल पुलिस और जनप्रतिनिधि के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और दोनों पक्षों के बयानों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की ओर से दी गई 24 घंटे की समय-सीमा के बाद पुलिस एसोसिएशन और विधायक जयराम महतो के खिलाफ अगला कदम उठाता है या नहीं यह देखने वाली बात है। वहीं, विधायक के “माफी नहीं मांगूंगा” वाले बयान ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
रांची: झारखंड मंत्रालय स्थित एफएफपी भवन में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से आजीविका कैडर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने लंबित मानदेय के भुगतान, मानदेय में वृद्धि और ससमय मानदेय भुगतान सहित अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से अवगत कराया।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित मुद्दे पर विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रहे कैडरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांवों की महिलाओं और परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ विचार करते हुए जल्द से जल्द आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लंबित मानदेय के भुगतान से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को भी शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले आजीविका कैडर झारखंड के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। राज्य सरकार उनके योगदान का सम्मान करती है और उनकी समस्याओं के न्यायोचित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सिल्ली: रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सिल्ली प्रखंड में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में रांची लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी एवं कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगारी, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी तथा जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और उनकी मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के हितों और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने, आम जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ जुटने की अपील की गई।बैठक में सिल्ली विधानसभा कांग्रेस प्रभारी मदन कुमार, जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नागेश्वर महतो, मनीराम दास, सैय्यद कमर आलम, मंजूर मोमिन, भगीरथ महतो, प्रकाश मुंडा, शमशेर आलम, मो. कलाम, श्रीप्रसाद बड़ाईक, देवाशीष दत्ता, गुहीराम महतो, विकास रजक, रुस्तम उरांव, कृष्णा यादव, श्यामेश्वर करमाली, भूतनाथ मंडल, शाकिरुद्दीन, मो. खलील, मोहताब अंसारी, दुर्गा यादव, शालिग्राम पांडेय, पिनाकी बनर्जी, बिंदेश्वर महतो, लालू कोइरी, सोमरा मांझी, घासीराम पातर, सदानंद सोनार, लखींद्र बड़ाईक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
