साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई के तत्वावधान में शनिवार को साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ जाएं तो यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।
सभा को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा, “JPSC एवं JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ा है। सरकार को तुरंत पूरे मामले की CBI जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और अंतिम छात्र तक न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
वहीं प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह ने कहा, “झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। ABVP की स्पष्ट मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी करती है, तो विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।”
कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश मंडल, नगर सह मंत्री राजा वर्मा, रितेश कुमार, छोटू कुमार, ऋतुराज, शिवनाथ, नीरज, समीर, अविनाश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि JPSC-JSSC पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
रांची। रांची ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,20,197 चालान काटे गए, जबकि 1,015 मामलों में अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई के तहत कुल 7 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दोपहिया, चारपहिया, ऑटो, टोटो और अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान जारी किए गए।
बिना हेलमेट और नो-पार्किंग बने सबसे बड़ी समस्या
जुलाई महीने में सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई। इस दौरान 51,055 चालान काटे गए। वहीं नो-पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़ा करने के मामले में 56,032 चालान जारी किए गए, जो पूरे अभियान में सबसे अधिक रहे।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने पर 4,471, ओवर स्पीड पर 2,367, नो-एंट्री उल्लंघन पर 1,547, एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने पर 710, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 648 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 505 चालान काटे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने 62 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रिपल राइडिंग के 64, प्रेशर हॉर्न के 115, बिना बीमा के 180, फैंसी नंबर प्लेट के 217, प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के 252, मॉडिफाइड साइलेंसर के 101 और ब्लैक फिल्म लगाने के 24 मामलों में चालान जारी किए गए।
1,015 मामलों में कोर्ट में अभियोजन
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने 1,015 मामलों को अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा। इनमें 984 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डीएल कैंसिलेशन) की अनुशंसा, 17 ऑटो/टोटो तथा 14 नंबर प्लेट संबंधी मामले शामिल हैं।
यातायात नियमों के पालन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप और झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की पहल से ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। प्रीति 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को अपने गृह राज्य झारखंड पहुंच जाएंगी।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आते ही सक्रिय हुए मुख्यमंत्री
प्रीति कुजूर की परेशानी का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संज्ञान में आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई कर युवती की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रमायुक्त कार्यालय के तहत संचालित राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया शुरू की।
23 जून 2026 को यह मामला भारतीय दूतावास को भेजा गया और अगले ही दिन 24 जून को दूतावास ने प्रीति कुजूर से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
दुबई में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया ओमान
जानकारी के अनुसार, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने 19 जून 2026 को अपनी बहन प्रीति की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की अपील की थी।
परिजनों के अनुसार, मार्च 2026 में एक एजेंट ने प्रीति को दुबई में 45 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का लालच दिया, लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया। वहां उनसे मात्र 23 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कराया गया। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग कर दी। परिवार ने 1.92 लाख रुपये देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।
भारतीय दूतावास की पहल से कम हुई राशि
कंपनी मालिक दो वर्ष का अनुबंध पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर प्रीति की आर्थिक स्थिति से अवगत कराया और राशि में राहत दिलाने का अनुरोध किया।
लगातार बातचीत के बाद कंपनी मालिक 950 रियाल से घटाकर 600 ओमानी रियाल लेने पर सहमत हो गया। राशि जमा होने के बाद प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य सभी मूल दस्तावेज वापस कर दिए गए, जिसके बाद उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
झारखंड सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहकर जरूरतमंद श्रमिकों को सहायता उपलब्ध करा रहा है।
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि विदेश में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रांची/न्यू दिल्ली । झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से झारखंड की एक वांछित महिला मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस संयुक्त अभियान में मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एक स्थानीय एनजीओ तथा झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र के संयुक्त समन्वय से की गई।
गिरफ्तार महिला तस्कर के खिलाफ वर्ष 2023 से चाईबासा में मानव तस्करी के कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज थी और न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रही थी। चाईबासा पुलिस ने पहले भी कई बार दिल्ली जाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
इस बार संयुक्त टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों तक आरोपी के संभावित ठिकानों की लगातार रेकी की। शनिवार सुबह करीब छह बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड मिली है।
इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक अन्य मानव तस्कर को भी गिरफ्तार किया। उसके घर से खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को बरामद किया गया, जिसे दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और फिलहाल उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसके सुरक्षित पुनर्वास की आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजें, ताकि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके गृह जनपद पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के बाद पीड़ित बच्चों और महिलाओं को झारखंड सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे वे दोबारा मानव तस्करी के जाल में न फंसें।
विभाग के अनुसार, मानव तस्करी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं को देश के विभिन्न राज्यों से सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका सफल पुनर्वास कराया जा चुका है। साथ ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र मानव तस्करी एवं अन्य संकटग्रस्त परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के संरक्षण, बचाव, पुनर्वास एवं सुरक्षित गृह वापसी के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रांची।। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाए हैं। कंपनी ने पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधार लागू किए हैं। इन पहलों से 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
कोल इंडिया ने बताया कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अपने पूर्व कर्मचारियों के प्रति कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹1,000 की गई
कंपनी ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया है। इस निर्णय से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
डिजिटल हुई पेंशन प्रक्रिया, दावों के निपटान में आई तेजी
कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पहल के कारण सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गई है।
इसके अलावा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन सकेगी। अब सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने और सीएमपीएफ से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
पीआरबी सेल बने एकल सहायता केंद्र
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया ने अपने मुख्यालय और सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं और सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
कोल इंडिया की सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (CPRMS) के तहत लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारियों को ₹25 लाख तथा गैर-अधिकारियों को ₹8 लाख तक का चिकित्सा कवरेज दिया जाता है। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन वित्तीय सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि कर्मचारियों को बड़े इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएफ और पेंशन वितरण में रिकॉर्ड वृद्धि
कोल इंडिया के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर ₹13,608.8 करोड़ पहुंच गया, जबकि पेंशन वितरण 22.9 प्रतिशत बढ़कर ₹6,427 करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की तुलना में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल ₹3,415.1 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है।
सामाजिक जुड़ाव पर भी विशेष ध्यान
कंपनी अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्थानों पर संचालित हॉलिडे होम्स की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामाजिक जुड़ाव, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस स्थित मानव संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से आए सामान्य सहायक कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह का कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें कार्यालयीन कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कंप्यूटर अनुप्रयोगों एवं डिजिटल प्रणालियों से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ऑफिस एप्लिकेशन्स, ई-ऑफिस, हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग के साथ-साथ कंपनी में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशन्स एवं ऑनलाइन प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक दक्षता, गति एवं प्रभावशीलता के साथ संपादित करने हेतु आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता तथा मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक श्री एम. एफ. हक की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अवसर विशेष पर सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर ज्ञान और तकनीकी दक्षता प्रत्येक कर्मचारी के लिए अनिवार्य हो गई है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों के कौशल को निखारने के साथ-साथ संगठन की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को भी नई गति प्रदान करते हैं। निरंतर सीखने की संस्कृति ही किसी भी संस्थान को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।"
मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक एम. एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि, "सीसीएल अपने कर्मचारियों के सतत कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बदलते कार्य परिवेश और बढ़ती डिजिटल आवश्यकताओं को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें विश्वास है कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग प्रतिभागी अपने दैनिक कार्यों में करेंगे और संगठन की कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
रांची। सीसीएल द्वारा 01 अगस्त, 2026 को गांधीनगर क्रीड़ांगन में संविदा कर्मियों के लिए एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया।
मैच का औपचारिक उद्घाटन आदिल हुसैन प्रबंधक (खेल), विलफ्रेड माणिक लकड़ा, आशीष सिरिल कच्छप तथा श्री मारियो तनुज एक्का द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह मुकाबला सीसीएल के अस्पताल संविदा कर्मियों एवं कॉलोनी संविदा कर्मियों की टीमों के बीच खेला गया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, परंतु कोई भी गोल न हो पाने के कारण मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। अंततः परिणाम के लिए पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें अस्पताल संविदा कर्मियों की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4-1 के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
समारोह के समापन अवसर पर संजय कुमार ठाकुर महाप्रबंधक (कल्याण) ने विजेता टीम, उपविजेता टीम तथा 'मैन ऑफ द मैच' 'विकास मिर्धा' को पुरस्कृत कर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ कर्मियों के मध्य शारीरिक सक्रियता, आपसी सहयोग और सामूहिक कार्यशैली को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रांची । मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित 'सावन सिंधारा' कार्यक्रम एवं 'परंपरा आर्ट एंड हेरिटेज एग्ज़ीबिशन' में ग्रामीण विकाश मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह पहुंची। जहां उन्होंने कहा महिला उद्यमियों की प्रतिभा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली । प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, गगारमेंट्सतथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मंच और अवसर मिले, तो उनकी प्रतिभा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।
आगे मंत्री ने कहा आज अनेक महिलाएँ अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि नए लोगों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बनाने और आत्मनिर्भर बनने का भी सशक्त माध्यम मिलता है। मारवाड़ी समाज द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना ही सशक्त समाज और आत्मनिर्भर झारखंड की मजबूत नींव है।
गोड्डा । पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की 18 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के बाद 31 जुलाई 2026 को यह बड़ी सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपी
- शहबाज अंसारी (धैनुकट्टा, पोड़ैयाहाट)
- शहनबाज अंसारी (देवडाड़)
- किस्नु रजक (गुंदली टोला, बाघमारा)
बरामद वाहन
- स्प्लेंडर – 7
- एचएफ डीलक्स – 3
- ग्लैमर – 2
- होंडा ड्रीम नियो – 1
- पैशन प्रो – 1
- होंडा डियो स्कूटी – 1
- बजाज CT-100 – 1
- कुल बरामद वाहन – 18
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शहनबाज अंसारी के खिलाफ पहले से भी वाहन चोरी का मामला दर्ज है।
नगर थाना गोड्डा में कांड संख्या 138/2026 दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में नगर थाना सहित कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
