श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
रांची। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष एवं आजीवन संरक्षक, राष्ट्र एवं हिंदू समाज के लिए समर्पित कार्यकर्ता तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। 27 सितंबर 1926 को आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे श्रद्धेय सिंहल जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं धर्म की सेवा में समर्पित कर दिया।
वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक बने। वर्ष 1982 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला। इसके पश्चात महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवनपर्यंत संरक्षक के रूप में उन्होंने संगठन को दिशा दी।
उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, धर्मांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए वेद विद्यालयों की स्थापना सहित विभिन्न कार्यों में योगदान दिया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनका दृढ़ विश्वास था कि “श्रीराम मंदिर बनेगा तो देश का मस्तक ऊंचा होगा।”
झारखंड में शताब्दी समारोह एवं प्रांतीय कार्यक्रम
श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पूरे देश में एक वर्ष तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सेवा कार्यों के विस्तार, वैदिक शिक्षा, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक तथा मंदिर मुक्ति जैसे विषयों से जुड़े कार्यों को विशेष गति देने की बात कही गई है।
उद्घाटन समारोह
झारखंड में इस शताब्दी समारोह का उद्घाटन धुर्वा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में होगा।
मुख्य अतिथि: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक श्री सच्चिदानंद अग्रवाल जी।
मुख्य वक्ता: विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख तथा पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी माननीय अम्बरीष जी।
विशेष अतिथि: प्रसिद्ध लोक कवि एवं गायक पद्मश्री महावीर नायक जी।
समारोह में पूरे प्रांत से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समाज के प्रबुद्धजन एकत्र होकर श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का स्मरण करेंगे तथा उनके द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।
प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत उपस्थित रहे। उनके साथ झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन, अमरनाथ ठाकुर एवं अनिल तिवारी की उपस्थिति रही।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, मुख्यालय स्थित गंगोत्री कंवेन्शन सेंटर के प्रांगण में आज दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 को सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का विधिवत उद्घाटन सीसीएल, सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, ट्रेड यूनियन के सम्मानित सदस्यगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, हितधारक एवं बड़ी संख्या में सत्यनिष्ठ रक्तवीरों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सीसीएल के सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने सभी कर्मियों को स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ दिलाई। उन्होंने कर्मियों को सक्रिय रूप से रक्तदान के लिए आगे आकर ऐसे पुनीत एवं मानवीय कार्य में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस नेक कार्य के लिए आगे आना चाहिए।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस रक्तदान शिविर में निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा समेत कुल 191 सत्यनिष्ठ रक्तवीरों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। आयोजित इस विशेष रक्तदान शिविर में आईआईसीएम के अधिकारियों एवं जेएसएसपीएस के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। इस वर्ष के अभियान की थीम “Let Integrity Flow, Let Life Grow, Let Prosperity Follow” रही, जो सत्यनिष्ठा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है।
सिल्ली मूरी । सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु अभियान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन गुरुवार को सिल्ली प्रखंड में किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं लाभार्थी पहुंचे। इस दौरान लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में सिल्ली मंडल अध्यक्ष अंबुज रजक, रामपुर मंडल अध्यक्ष अमित वेदियां, भैगराज प्रसाद, रविंद्र साहू, लखन नायक, रमेश महतो एवं साधु चरण महतो सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने शिविर में पहुंचे लाभार्थियों और जरूरतमंदों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।शिविर में रेफरल अस्पताल के विवेक कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। वहीं सिंहपुर नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. केके सिन्हा, नवीन कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी शिविर में अपनी सेवाएं दीं।चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लोगों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
सिल्ली-मुरी। जमीन मापी के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने गुरुवार को सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।बताया गया कि बड़ा मुरी निवासी विद्याभूषण कोइरी की जमीन मुरी तुंगरी धार पहाड़ के सामने स्थित है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त जमीन वर्ष 1959 में बंदोबस्त हुई थी। वर्ष 2007 तक जमीन की मैनुअल रसीद कटती रही, जबकि वर्ष 2024 तक पंजी-2 में भी शिकायतकर्ता का नाम दर्ज बताया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि अंचल कार्यालय की ओर से बिना सूचना दिए बंदोबस्ती को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जमीन की मापी को लेकर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया। आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद करीब दो माह तक मामले में टालमटोल की जाती रही।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की मापी के एवज में अमीन द्वारा रिश्वत की मांग की गई।शिकायत में दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की कथित मांग का भी उल्लेख किया गया है। इससे परेशान होकर विद्याभूषण कोइरी ने रांची एसीबी से शिकायत की।शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निर्धारित रकम के साथ शिकायतकर्ता को अमीन के पास भेजा गया। टीम पहले से आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही अमीन ने कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात कही गई है।अमीन की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय परिसर में काफी देर तक एसीबी की कार्रवाई की चर्चा होती रही। वहीं जमीन संबंधी कार्यों से अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।गिरफ्तारी के बाद एसीबी आरोपी अमीन को रांची ले गई। मामले में पूछताछ और आगे की जांच जारी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब जमीन मापी से जुड़े पूरे मामले और कथित रिश्वत मांग के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट व निचली अदालत के अधिवक्ताओं ने साझा किए न्यायालयीन अनुभव, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चांसलर डॉ. साधना कपूर ने किया मार्गदर्शन
रांची, 30 सितंबर। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ लॉ में नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए विशेष स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, विधि शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष और कैंपस जीवन से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट एवं निचली अदालत के अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए न्यायालय की कार्यप्रणाली, वकालत के व्यावहारिक पक्ष और विधि के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कानून के क्षेत्र में सफल भविष्य के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और पेशेवर नैतिकता का विकास भी जरूरी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चांसलर ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. साधना कपूर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों को विधि की शिक्षा को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ ग्रहण करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शैक्षणिक जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
डॉ. कपूर ने कहा कि विधि की पढ़ाई विद्यार्थियों को केवल एक पेशे के लिए तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें समाज और न्याय व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का अवसर भी देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर अध्ययन और आत्मविकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के पदाधिकारी व शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, प्रो वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, डीन एकेडमिक, डीन एवं एचओडी, स्कूल ऑफ लॉ सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर ज्ञान अर्जित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही विधि शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को समसामयिक कानूनी विषयों से अपडेट रहने और अपने संचार एवं विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
अनुशासन और प्रोफेशनल डेकोरम पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियम-कायदे, अनुशासन, प्रोटोकॉल, अकादमिक कंडक्ट और कैंपस डेकोरम की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि एक विधि विद्यार्थी के व्यक्तित्व में कानून की जानकारी के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, शिष्टाचार, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए।
विद्यार्थियों को न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र की गरिमा के अनुरूप अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को विकसित करने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि विधि के क्षेत्र में पेशेवर सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की समझ भी महत्वपूर्ण है।
सीनियर विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ लॉ के सीनियर एवं सुपर सीनियर विद्यार्थियों ने नवागंतुक विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन की प्रक्रिया और कैंपस लाइफ से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं।
इस दौरान सीनियर और जूनियर विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक एवं सहयोगात्मक संवाद देखने को मिला। सीनियर विद्यार्थियों ने नए छात्रों को विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक अनुभव के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने की सलाह दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों का खूब मनोरंजन किया और नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत देने के साथ उन्हें अनुशासन, व्यावहारिक विधिक ज्ञान, पेशेवर आचरण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना रहा।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए विधि शिक्षा की नई यात्रा की शुरुआत के साथ-साथ उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
रांची/सिल्ली। जमीन मापी के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला जमीन की मापी से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता अपनी जमीन की मापी कराने के लिए सिल्ली अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि जमीन की मापी करने के एवज में अमीन विनोद लोहरा ने उससे रिश्वत की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमीन ने कथित तौर पर दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की भी मांग की थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने शुरू की जांच
बताया गया कि कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपी अमीन के पास भेजने की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने पूरी कार्रवाई के लिए जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी की।
50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही कार्रवाई
योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये लेकर आरोपी अमीन के पास पहुंचा। जैसे ही कथित तौर पर विनोद लोहरा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई को लेकर कार्यालय परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही।
पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन संबंधी काम के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बुधवार को कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की शुरुआत की। रांची के बीएनआर चाणक्य होटल में आयोजित झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, 10-बेडेड टेली-आईसीयू, एचआरआईएस पोर्टल और झारखंड ई-हेल्थ पोर्टल का शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल हेल्थ को केवल तकनीकी पहल के रूप में नहीं, बल्कि गरीब, ग्रामीण और वंचित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक अब मोबाइल की स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज में इसका उपयोग दिखाई देगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि टेलीमेडिसिन, टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी के विस्तार से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी राज्य में काम आगे बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि राज्य में ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो।
चार प्रमुख घटकों पर आधारित डिजिटल हेल्थ योजना
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2025 में शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से कनेक्टिविटी, हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग और डिजिटल डैशबोर्ड पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तथा जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। एचएमआईएस के माध्यम से मरीज घर बैठे पंजीकरण, भुगतान और चिकित्सक का अपॉइंटमेंट लेने जैसी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे। जांच रिपोर्ट को भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
80 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल रिकॉर्ड
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एचआरआईएस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें उपस्थिति, अवकाश, सेवा संबंधी विवरण और भुगतान जैसी सूचनाओं की निगरानी में सुविधा होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 80 हजार सहिया, मेडिकल स्टाफ, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बेहतर प्रबंधन के लिए भविष्य में एआई आधारित प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य एवं समय प्रबंधन में सहायता देने के लिए एआई असिस्टेंट की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी से घटेगी दूरी
कॉन्क्लेव में बताया गया कि 10-बेडेड टेली-आईसीयू के माध्यम से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी। वहीं टेली-रेडियोलॉजी के जरिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों से जांच एवं रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाकर समय पर राय और निदान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. आर.एस. शर्मा ने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की सराहना की। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने रोबोटिक कार्डियक सर्जरी पर तकनीकी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सहिया पुस्तिका और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डिजिटल हेल्थ से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा की। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी, विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन, चिकित्सक, तकनीकी विशेषज्ञ और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, रांची में सितंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सम्मान में गरिमापूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। मुख्यालय के 8 कर्मियों समेत सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 84 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
मुख्यालय में आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त कर्मियों के सेवाकाल की उपलब्धियों और योगदान को याद किया गया। इस दौरान एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं और स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वालों में महाप्रबंधक (ई एंड एम) सुचंद्रा सिन्हा, महाप्रबंधक (ई एंड टी) संतोष कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (वित्त) रंधीर कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) गौतम चौधरी, प्रबंधक (खेल) आदिल हुसैन, ओएस ग्रेड-ए1 अनिल कुमार सहनी, मुख्य फार्मासिस्ट कमलेश पंडित और चपरासी मोहन तांती शामिल हैं।
समारोह में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मौजूद रहे।
सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके वर्षों के अनुभव, मेहनत और समर्पण ने सीसीएल की कार्यसंस्कृति एवं प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण करने के साथ उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सुखद एवं संतोषपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन उपस्थित रहे। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
रांची। रातू थाना क्षेत्र में करमा पर्व की रात युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना 22 सितंबर की रात की है। पीड़िता के लिखित आवेदन पर 26 सितंबर को रातू थाना कांड संख्या 326/26 के तहत बीएनएस की धारा 70(1)/303(2) में मामला दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया। पुलिस ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले में संलिप्तता के आरोप में संदीप मुंडा उर्फ रावन (22) और सुनील मुंडा (23), दोनों निवासी चटकपुर, रातू, को गिरफ्तार किया। दो नाबालिगों को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी करमा पूजा मेला देखकर लौट रहे थे और नशे की हालत में थे। इसी दौरान उन्होंने पीड़िता को मोबाइल पर बात करते हुए देखा और मौका पाकर उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता से एक चेन भी छीनी गई, जिसे बाद में बेच दिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी संदीप मुंडा के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल में घटना से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि दोनों नाबालिगों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, संदीप मुंडा उर्फ रावन के खिलाफ पूर्व में सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 395/17, धारा 379/411 भादवि के तहत मामला दर्ज रहा है।
कांड के अनुसंधान और कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) द्वितीय अजय आर्यण के नेतृत्व में रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो सहित रातू थाना, दलादली टीओपी और तकनीकी शाखा के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
सिल्ली। क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सिल्ली पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर पहल तेज कर दी है। दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए सड़कों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार की पहल पर सिल्ली-टीकर-रंगामाटी मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, ऐसे अन्य स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इन स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
थाना प्रभारी नवीन कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वाहन चालकों से तेज गति से वाहन नहीं चलाने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।पुलिस द्वारा ग्रामीणों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, दुर्घटना संभावित चिन्हित स्थानों पर जल्द ही ब्रेकर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस की इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
