बोरियो (साहेबगंज): बोरियो थाना क्षेत्र के बाँझी संथाली गांव में जमीन विवाद और अंधविश्वास को लेकर एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भतीजी ने ही अपनी फुआ की हत्या कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार संझली हॉसदा (40 वर्ष), पिता स्वर्गीय लोंगरा हॉसदा, किसी काम से अपनी भतीजी तारा हॉसदा (20 वर्ष) के घर पहुंची थी। बताया जाता है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से ही जमीन विवाद और अंधविश्वास को लेकर तनाव चल रहा था। इसी दौरान संझली हॉसदा का तारा हॉसदा की मां के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर संझली हॉसदा और तारा हॉसदा की मां के बीच मारपीट शुरू हो गई। मां को बचाने के क्रम में तारा हॉसदा ने गुस्से में आकर अपनी ही फुआ पर हमला कर दिया। इस हमले में संझली हॉसदा की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बोरियो थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने आरोपी तारा हॉसदा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
साहेबगंज।।जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शोभापुर डेरा के समीप बिति रात एनएच 80 पर हुई सड़क हादसे में दो युवक की मौत घटनास्थल पर ही हो गया. मृतक युवक शोभनपुर भट्ठा व तालबन्ना मुहल्ला का रहने वाला है.मिली जानकारी के अनुसार शोभापुर भट्टा निवासी देवानंद यादव के 18 वर्षीय पुत्र बादल कुमार यादव एवं तालबन्ना मोहल्ला निवासी राजकुमार यादव का 23 वर्षीय पुत्र सनोज कुमार यादव मोटरसाइकिल से महादेवगंज शादी समारोह में भोज खाने के लिए जा रहा था. इसी दौरान शोभापुर डेरा के समीप सामने से आ रहे बड़े वाहन के हेडलाइट से मोटर साइकिल चला रहे युवक का आंख चौंधरा गया.
जिसके कारण मोटरसाइकिल एन एच 80 किनारे पीपल के पेड़ से जा टकराया.जिसके कारण दोनो युवक की मौत मौके पर ही हो गया.मामले की जानकारी मिलते ही मुफ्फसिल व नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनो युवक को सदर अस्पताल लेकर पहुंचा. जहां चिकित्सक डॉक्टर मुकेश कुमार ने दोनों युवकों को मृत्यु घोषित कर दिया वहीं पुलिस ने मंगलवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दोनों युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया. वही मिली जानकारी के अनुसार मृतक युवक बादल के आक्रोशित परिजनों व लोगो ने एन एच 80 को जाम कर दिया. हालांकि मामले की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी अनिश कुमार पांडेय जाम स्थल पर लोगो को समझा बुझा कर एन एच 80 जाम को समाप्त करवा दिया.जिसके कारण एन एच 80 पर वाहनों का परिचालन प्रारंभ हो गया.वही दोनो युवक के परिजनों का रो रो कर बुरा है. सनोज यादव का छेका 11 मार्च को था। छेका से पहले अर्थी उठ गई।
आसाम/रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक जनसभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम में निवास करने वाले गरीब-गुरबा, किसान, आदिवासी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों पर लम्बे समय से अत्याचार एवं शोषण की बातें लगातार मैंने सुनी है। आप सभी लोगों ने यहां पर कई राजनीतिक एवं सामाजिक उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों से आप सिर्फ असम नहीं बल्कि इस देश के चाय व्यापार जगत का अभिन्न अंग है। आपके बूते ही चाय उद्योग चल रहा है। असम के आदिवासी समुदाय के वैसे भाई-बहन, माता एवं बुजुर्ग जो चाय उद्योग में कार्य करते हैं उन्हें कार्य के बदले मेहनताना के रूप में क्या मिलता है यह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आप लोगों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते-लड़ते क्रांतिकारी नेता प्रदीप नाग जी ने अपने प्राण की आहुति दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य झारखंड में भी जल, जंगल, जमीन का संरक्षण एवं आदिवासी समुदाय की पहचान तथा उनके हक-अधिकार अधिकार के लिए लम्बा संघर्ष हुआ। लगभग 50 वर्ष के संघर्ष के बावजूद जब परिणाम सकारात्मक नहीं रहा तब हमारे अग्रणी नेता दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन सहित अनगिनत क्रांतिकारी नेताओं ने अलग राज्य लेने का निर्णय किया। अलग राज्य निर्माण का संकल्प उसे समय बहुत बड़ा संकल्प था। इस संकल्प को पूरा करने की शुरुआत धनबाद जिला यानी कि कोयला नगरी से प्रारंभ की गई। उस समय क्रांतिकारी नेता स्वर्गीय शक्ति नाथ महतो ने भी कहा था कि यह लड़ाई कोई छोटी लड़ाई नहीं है यह बहुत बड़ी लड़ाई है और इस लड़ाई में हम सभी लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस लड़ाई में शामिल पहली पंक्ति के लोग मारे जाएंगे तथा दूसरी पंक्ति के लोग जेल जाएंगे। उन्होंने कहा था कि तीसरी पंक्ति के लोग ही राज्य को सजाने-संवारने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठीक उसी तरह का घटनाक्रम भी हुआ। अलग झारखंड राज्य के निर्माण की लड़ाई में न जाने हमारे कितने क्रांतिकारी वीर शहीद हुए, उस संघर्ष में न जाने कितने माताओं-बहनों की मांग सुनी हुई, बच्चे अनाथ हुए। इतनी यातनाओं के बावजूद हमारे क्रांतिकारी सपूतों ने कभी भी पीठ नहीं दिखाई और संघर्ष को जारी रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के बाद यह दुर्भाग्य रहा की हमारे आदिवासी समुदाय के लोग आर्थिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से मजबूत नहीं बन सके। हमारी सरकार अब झारखंड के आदिवासी समुदाय के लोगों को उनका हक-अधिकार देने का कार्य निरंतर कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में रहने वाले आदिवासी भाई-बहनों को यहां एक बड़े परिवर्तन की राह पर चलने की आवश्यकता है। इस परिवर्तन के लिए यह जरूरी है कि हम सभी लोगों को एक छत और एक छांव पर आना होगा। अब यहां के आदिवासी समुदाय को बौद्धिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग उस समुदाय के लोग हैं जो संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटते हैं। आदिवासी समुदाय कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहता है। किसी का शोषण या किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं रहा है। अब हम अपना हक-अधिकार कैसे लेंगे यह हम सभी को बिल्कुल पता है। आदिवासी समुदाय को संविधान में प्रदत्त हक-अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह विडंबना है कि हजारों वर्षों से असम में निवास करने वाले आदिवासी समाज के साथ आखिर भेदभाव क्यों किया जा रहा है, उन्हें आदिवासी का दर्जा भी नहीं मिल रहा है। असम का एक बहुत बड़ा धड़ा कई यातनाओं से गुजर रहा है, इतना बड़ा समूह वर्तमान समय में अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति को बदलने के लिए हम सभी को चट्टान की तरह एकजुट रहना पड़ेगा। पूरे देश में आदिवासी, दलित, पिछड़ों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हर वह प्रयास करने की जरूरत है जो हम सभी लोग मिलजुल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के भीतर कुछ वैसी शक्तियां हैं जो आदिवासी समुदाय को आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से कमजोर करने पर कोशिश करते हैं। इस समुदाय के लोगों को मजदूर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अब इन सब चीजों से हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है। असम एक बेहतरीन एवं खूबसूरत वादियों वाला राज्य है। पर्यटन की दिशा में इस राज्य में असीम संभावनाएं हैं।
रांची । एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में यूनियन मान्यता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एचईसी प्रबंधन ने चुपके से दो यूनियनों को रिकॉग्नाइज कर दिया, जबकि इसके लिए न तो चुनाव कराया गया और न ही अन्य यूनियनों को भरोसे में लिया गया। इस फैसले के खिलाफ कई यूनियनों ने एकजुट होकर प्रबंधन के निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि किसी यूनियन को मान्यता देनी ही थी, तो पहले निष्पक्ष चुनाव कराया जाना चाहिए था और जो यूनियन चुनाव जीतती, उसे ही आधिकारिक रूप से मान्यता दी जानी चाहिए थी। यूनियनों ने याद दिलाया कि एचईसी में आखिरी बार वर्ष 2015 में यूनियन चुनाव हुआ था। ऐसे में करीब दस साल बाद बिना चुनाव कराए केवल दो यूनियनों को मान्यता देना पूरी तरह गलत और श्रमिक हितों के खिलाफ है।
श्रमिक संगठनों का आरोप है कि प्रबंधन ने निजी स्वार्थ और दबाव में यह निर्णय लिया है, जिससे संस्थान में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो एचईसी में औद्योगिक अशांति की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। विरोध कर रही यूनियनों ने प्रबंधन से मांग की है कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे और पारदर्शी तरीके से यूनियन चुनाव कराए। चुनाव के बाद जो यूनियन बहुमत हासिल करे, उसे ही मान्यता दी जाए, ताकि श्रमिकों का लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सके।
इस विरोध में हटिया प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन, एचईसी मजदूर संघ (बीएमएस), एचईसी श्रमिक संघ और जनता मजदूर यूनियन सहित कई संगठन शामिल हैं। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
रांची। झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा द्वारा रामगढ़ जिला अंतर्गत रजरप्पा मंदिर में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मार-पीट की घटना के उपरांत लिया गया संज्ञान एवं की गई कार्रवाई।
तदाशा मिश्र, महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड द्वारा सोशल मीडिया पर रामगढ़ जिला अंतर्गत रजरप्पा मंदिर में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मार-पीट की घटना का वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ को यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
उक्त निर्देश के आलोक में पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ द्वारा उक्त घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाईन हाजिर किया गया है तथा घटना के संबंध में अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
रांची। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में रांची के में राजकीय हस्तकरघा एवं सरस मेला 2026 का भव्य उद्घाटन किया गया। यह मेला राज्य के कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने तथा उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, बुनकर, कारीगर तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ उपस्थित रहीं। मेले में देशभर से आए कारीगरों और उद्यमियों के 650 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ खादी, हस्तकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों की विविधता देखने को मिल रही है। यह सरस मेला आगामी 20 दिनों तक चलेगा, जिससे लोगों को देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और शिल्प परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कुछ विदेशी स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहाँ खादी और हस्तकला से जुड़े उत्पादों के साथ ग्रामीण उद्योगों की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित किया जा रहा है।
मेले के दौरान पारंपरिक लोक नृत्य, गायन व वादन, हिंदी गायन, नृत्य नाटिका, आधुनिक फोक गायन तथा बैंड की प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जो मेले को सांस्कृतिक रूप से और अधिक जीवंत बनाएंगी।
इस अवसर पर (JSLPS), , , मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग तथा झारखंड हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निदेशालय सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ राज्य की योजनाओं और उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कही कि प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से महिला उद्यमियों का इस मेले में आना गर्व और प्रेरणा की बात है। सरकार का स्पष्ट प्रयास है कि झारखंड के पारंपरिक उद्योग, हस्तशिल्प और महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिल सके और उनका उद्यम आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उद्योग विभाग और (JSLPS) के माध्यम से की स्थापना की गई। यह पहल के उस विज़न का हिस्सा है, जिसके तहत झारखंड की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि आज JSLPS से जुड़ी लाखों महिलाएँ सखी मंडलों के माध्यम से न केवल आजीविका कमा रही हैं, बल्कि अपने कौशल, मेहनत और नवाचार के दम पर नए उद्यम भी खड़े कर रही हैं। पलाश ब्रांड के तहत झारखंड के हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य उत्पाद और वन आधारित उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मेले में देश के कोने-कोने से बुनकर और उद्यमी आए हैं, लेकिन इसका मुख्य आकर्षण JSLPS से जुड़ी सखी मंडल की महिलाएँ हैं। यहाँ लगाए गए 110 स्टॉल इन्हीं बहनों के हैं, जो अपने उत्पादों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध परंपरा, कला और उद्यमिता की पहचान को सामने रख रही हैं।
मंत्री ने कहा कि आज ये महिलाएँ न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि इन महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार, तकनीक और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका उद्यम और अधिक सशक्त हो और झारखंड महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरे।
रांची। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के जवाहरनगर क्लब, रांची में “Give to Gain” थीम पर एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सीसीएल परिवार से कार्यक्रम में रीता तिवारी एवं नीरू हंजूरा की दमदार उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत BMI एवं बोन डेंसिटी टेस्ट के उद्घाटन के साथ हुई, जिसका आयोजन WIPS के तत्वावधान में गांधीनगर अस्पताल, सीसीएल रांची द्वारा किया गया। इस दौरान आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में बहुत सारे प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनका अतिथियों द्वारा अवलोकन एवं मूल्यांकन किया गया। उक्त प्रतियोगिता के विजेताओं को रीता तिवारी एवं नीरू हंजूरा द्वारा पुरस्कृत किया गया।
मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अल्पना अदिति की गणेश वंदना के साथ हुआ। WIPS CCL की समन्वयक बीवा उरांव, महाप्रंधक प्रणाली, सीसीएल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कविता गुप्ता, महाप्रंधक एचआर, सीसीएल ने भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं ख़ान मंत्री का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भेजा गया प्रेरक संदेश पढ़कर सभी को सुनाया। WIPS CCL की अध्यक्षा एवं जीएम (ईएंडएम) सुचंद्रा सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भविष्य में WIPS की कार्ययोजनाओं को सभी से साझा किया।
अवसर विशेष पर सीसी एंड पीआर विभाग के द्वारा बनाई गई एक विशेष लघु फ़िल्म “हमारी बिंदा” का अवलोकन किया गया, जिसमे बिंदा कुमारी, प्यून, सीसीएल द्वारा अपने पिता की मृत्यु के पश्चात जिस तरह उन्होंने अपने तीन बहनों एवं भाई का लालन पोषण, पढ़ाई एवं उनकी शादी करा कर ना सिर्फ सभी के घरों को बसाया, बल्कि सीसीएल के बी एंड के क्षेत्र एवं सीएसआर विभाग, HQ अपनी कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण से कुशल कोल योद्धा का रोल भी निभाया। फ़िल्म में उनके द्वारा उनके ग्राम मनातू में निर्मित मंदिर के सामाजिक पहलू को भी उजागर किया गया जिसे सभी लोगो द्वारा बिंदा की उपस्थिति में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सराहा गया।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं : प्रो. रश्मि वर्मा, मास कॉम विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, झारखंड, लेफ्टिनेंट कर्नल दुर्गावती, मोनिका गुंजन आर्या, जर्नो एक्टिविस्ट व संस्थापक पालो ना और जयश्री देवी इंदवार, स्तंभ ट्रस्ट की अध्यक्षा व सोहराई पेंटिंग आर्टिस्ट ने अपने प्रेरक विचार साझा किए और सीसीएल की महिला कार्यबल को राष्ट्र निर्माण एवं ऊर्जा सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रोत्साहित किया। सभी वक्ताओं को इस अवसर पर सम्मानित भी किया गया।इस दौरान सभी को सीसीएल के अचीवमेंट व परफॉरमेंस पर तथ्यात्मक पीपीटी प्रस्तुति भी दिखाई गई जिसे सभी के द्वारा बहुत सराहा गया।
कार्यक्रम में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। इनमें मनमोहक आदिवासी/स्वागत नृत्य, सुचित्रा मुखर्जी, सुचंद्रा सिन्हा एवं श्वेता शालिनी हांसदा द्वारा सुमधुर गीत, पूजा प्रसाद का वाद्य यंत्र वादन, पिंकी, उमंग सिंह, मीनाक्षी, प्रेमलता, डॉ. सांवली और सुरभि भगत की आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इस विशेष अवसर पर कंपनी की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 15 महिला अचीवर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन कविता गुप्ता (जीएम, एचआर/एनईई) के धन्यवाद ज्ञापन और सभी प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण ओपन डांस के साथ हुआ।
सीसीएल अपनी नारी शक्ति के साहस, समर्पण और नेतृत्व को सलाम करता है, जो हर दिन प्रगति और ऊर्जा की नई मिसाल कायम कर रही हैं एवं ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करते हुए राष्ट्र निर्माण में कदम बढ़ा रही है।
तालझारी (साहिबगंज): तालझारी–महाराजपुर मुख्य मार्ग पर कालाझोर के पास शुक्रवार को एक ई-रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिनमें एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार राजमहल थाना क्षेत्र के मखनी निवासी चंदन उरांव और उसका साथी सनी उरांव ई-रिक्शा से चावल की बोरी लेकर तालझारी होते हुए कल्याणचक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कालाझोर के पास घुमावदार मोड़ पर ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे खेत में पलट गया।
दुर्घटना में चंदन उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सनी उरांव को हल्की चोटें आई हैं।
इसी रास्ते से गुजर रहे तालझारी थाना क्षेत्र के बिशनपुर निवासी मसीरूद्दीन अंसारी उर्फ मिट्ठू, जो स्वयं ई-रिक्शा चालक हैं, ने घायलों को देखा और तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने घटना की सूचना रोड सेफ्टी योद्धा प्रजापति प्रकाश बाबा को दी।
सूचना मिलने के बाद बाबा ने तुरंत सलाह देते हुए दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तालझारी पहुंचाने को कहा। साथ ही उन्होंने घटना की जानकारी तालझारी थाना प्रभारी नीतीश पांडे को भी दी।
मिट्ठू ने बताया कि बाबा के निर्देश पर उन्होंने तुरंत दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालझारी पहुंचाया और उनके परिजनों को भी सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद चंदन उरांव को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया, जबकि सनी उरांव खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
गिरिडीह: शहर के हुट्टी बाजार इलाके में देर रात डीजे बंद कराने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान चाकू से किए गए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मृतक की पहचान अजय दास के रूप में हुई है। वहीं घायलों में उसका भाई प्रवीण दास, प्रेम दास और राजेश दास शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
परिजनों के अनुसार, इलाके में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी को बंद कराने के लिए अजय दास मौके पर पहुंचा था। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों के साथ उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर उसका भाई प्रवीण दास भी वहां पहुंच गया।
प्रवीण दास ने बताया कि मौके पर रवि और उसके बेटे रूबी व रोनी पहले से ही चाकू, भुजाली और अस्तुरा जैसे हथियार लेकर खड़े थे। अचानक तीनों ने हमला कर दिया। हमले के दौरान अजय दास के सीने पर चाकू से वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी नीरज कुमार सिंह और नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रतन सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इधर, घटना की खबर मिलते ही भाजपा नेता दिनेश यादव भी सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
नेमरा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सपरिवार अपने पैतृक गांव नेमरा में आयोजित 'बाहा पर्व' में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ग्रामीणों के साथ नेमरा गांव स्थित जाहेर थान पहुंचे। मुख्यमंत्री वहां पारम्परिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की। परंपरा के अनुरूप पूजन कार्य गांव के नाइके बाबा (पाहन) श्री चैतन टुडू एवं कुडम नाइके बाबा (उप पाहन) श्री छोटू बेसरा ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन नेमरा के ग्रामीणों के साथ 'बाहा पूजा' के लिए अपने निवास स्थान से पदयात्रा करते हुए जाहेर थान पहुंचे।
*मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का उत्साह चरम पर*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 'बाहा पर्व' में शामिल होने अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर नेमरा सहित आस-पास क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित नजर आए। संस्कृति के अनुरूप नेमरा के ग्रामीण ढोल-नगाड़ा एवं मांदर बजाते हुए मुख्यमंत्री के साथ जाहेर थान पहुंचे। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वयं मांदर बजाकर ग्रामीणों का उत्साहवर्द्धन किया। मौके पर उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया।
*मुख्यमंत्री सपरिवार पहुंचे नेमरा*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन अपनी धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन सहित सपरिवार दो दिवसीय दौरे पर नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में आस-पास क्षेत्र के लोग नेमरा गांव पहुंचे तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री भी आत्मीयता के साथ लोगों से मिले एवं उनकी बातों को सुना। मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को 'बाहा पर्व' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
