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रांची। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की कोशिश अब पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर बंद का आह्वान किया, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने खुद को इस बंद से अलग रखा। इससे स्पष्ट है कि छात्र अपनी मांगों और अधिकारों की लड़ाई को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।
मंत्री ने कहा कि छात्रों ने भाजपा के राजनीतिक आह्वान से दूरी बनाकर साफ संदेश दिया है कि उनका आंदोलन किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को लेकर है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की कोशिश को स्वयं छात्रों ने नकार दिया है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस और झारखंड की महागठबंधन सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता आंदोलन को राजनीति का अखाड़ा बनाना नहीं, बल्कि छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत तथा संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट बात रखी है। वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है और उन्हें विश्वास है कि छात्रों के हित में आगे भी ठोस पहल की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाएगा, बल्कि उनकी बात सुनी जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि आंदोलन की स्थिति को टकराव में बदलने के बजाय संवाद के जरिए समाधान तक पहुंचाया जाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की आवाज सुनी जाएगी और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए हरसंभव पहल की जाएगी।
सिल्ली: सिल्ली प्रखंड अंतर्गत एसएस+2 विद्यालय सिल्ली में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार पांडे के नेतृत्व में किया गया। सर्वसम्मति से हरिपद कुम्हार को समिति का अध्यक्ष एवं किरण देवी को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं समिति के लिए कुल 25 सदस्यों का भी चयन किया गया।पुनर्गठन के दौरान सीआरपी अपर्णा कुंडू ने विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया, समिति के अधिकार एवं कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय के विकास एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति को लेकर भी चर्चा की गई।विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार पांडे नियमानुसार समिति के सचिव होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति विद्यालय और अभिभावकों के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करती है। समिति की सक्रियता से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय की सुविधाओं में बढ़ोतरी तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है।मौके पर ओम प्रकाश, रामानुज प्रसाद अनुज, आदित्यनाथ झा, अनिल कुमार, मोना कुमारी, उषा कुमारी, सरिता कुमारी, धीरज कुमार रजक समेत विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।
मुरी। सिल्ली-मुरी ऑन द स्पॉट 24 के संवाददाता देव सोनी उर्फ देबू पर मंगलवार को मुरी बस स्टैंड स्थित उनकी दवा दुकान में कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, राहुल देव बर्मन और उनकी पत्नी स्वीटी बर्मन पर आरोप है कि वे दवा दुकान में पहुंचे और धारदार हथियार से देव सोनी पर हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके सिर को निशाना बनाकर वार किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और कट गया।
घटना के बाद मौके पर पहुंची स्थानीय प्रशासन की टीम ने घायल देव सोनी को उपचार के लिए सिंगपुर नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां उनका इलाज कराया गया।
घटना के संबंध में मुरी ओपी में प्रारंभिक आवेदन दिया गया है। आवेदन के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस घटना के कारणों, हमले में शामिल लोगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
रांची । झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जल, जंगल, पहाड़ और नदियां झारखंड की पहचान हैं और प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसकी देखभाल भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल, खाद-पानी और संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जीवन और सुरक्षित पर्यावरण का उपहार है।
उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हर व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुड़े, तो जैव-विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आसान होगा।
विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी
हेमंत सोरेन ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कई बार पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है और इसका असर मनुष्य से लेकर पशु-पक्षियों तक पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई, खनिज संसाधनों का दोहन, भू-जल का अत्यधिक इस्तेमाल और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का इसी तरह लगातार दोहन होता रहा तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए सजगता के साथ ठोस और सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।
आने वाले समय में जल संकट बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने भविष्य में जल संकट को बड़ी चुनौती बताते हुए वर्षा जल संचयन और जल को धरती में समाहित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े शहरों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि पौधारोपण के बाद पौधों की देखभाल के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाए और खाद-पानी एवं पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विधायकों के आवासीय परिसर में भी लगाए जाएंगे फलदार पौधे
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों के आवासीय परिसरों में भी फलदार पौधे लगाए जाएं। इसके लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने की बात कही गई, ताकि राजधानी समेत पूरे राज्य में हरियाली को बढ़ावा दिया जा सके।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत संबोधन किया।
इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायकगण, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रांची: झारखंड की सियासत में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। जहां गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और हटिया के चर्चित विधायक नवीन जायसवाल की अकूत संपत्ति और जमीन के खेल का कच्चा-चिट्ठा अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के टेबल पर पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता हिमांशु कुमार ने सीधे ACB के DG को हलफनामा और जमीन के दस्तावेज सौंपकर बम फोड़ा है - *घोषित दाम कुछ और, बाजार में कीमत कई गुना ज्यादा, पैसा आया कहां से?
बरियातू से बड़गाईं तक चौधरी जी की संपत्ति पर सवाल
शिकायत में आरोप है कि सांसद चौधरी ने रांची के पॉश इलाके बरियातू में जो मकान दिखाया है, उसका सरकारी कागज पर दाम कुछ लाख है, लेकिन बाजार में उसकी कीमत करोड़ों में है - लगभग 6 गुना का खेल!
इतना ही नहीं, बड़गाईं के खाता नंबर 112, प्लॉट 2592 और 1221 वाली जमीन किसके पैसे से खरीदी गई, कौन काबिज है? इसकी भी परतें खोलने की मांग की गई है।
नगड़ी की 25 एकड़ आदिवासी जमीन, जायसवाल के रिश्तेदारों के नाम?
दूसरी तरफ हटिया विधायक नवीन जायसवाल पर तो और भी सनसनीखेज आरोप है।
शिकायत के मुताबिक, नगड़ी के खाता नंबर 230 के प्लॉट 908A, B, C, D की कीमत कागज में कम और हकीकत में आसमान पर है।
सबसे बड़ा धमाका - *नगड़ी में 25 एकड़ से ज्यादा आदिवासी जमीन को CNT/SPT Act को ताक पर रखकर रिश्तेदारों के नाम कराने का आरोप!* क्या आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का नया फॉर्मूला निकला है? ACB से इसी की तह तक जाने की मांग हुई है।
सरकार भी हरकत में!
मामला सिर्फ शिकायत तक नहीं है। 22 जून 2026 को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने खुद इस मामले में दो अलग-अलग चिट्ठी अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह को भेजी है, जिसमें शपथ पत्र लगे होने का जिक्र है। मतलब साफ है - मामला अब सरकारी फाइलों में दौड़ रहा है।
अब सबकी निगाहें ACB पर टिकी हैं - क्या होगा अगला एक्शन? क्या होगी छापेमारी? क्या खुलेगा संपत्ति के काले-सफेद का हिसाब?
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी देर रात बिना किसी प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचे। वे बिना बॉडीगार्ड के अस्पताल पहुंचे, जिसके कारण वहां मौजूद कई लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए। बाद में जब लोगों को जानकारी हुई कि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे हैं, तो अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो समेत अन्य युवाओं से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी जांच कर रही है। उनकी निगरानी और आवश्यक उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवा, जांच और इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने मंत्री को अपनी समस्याओं और इलाज से जुड़े अनुभवों से भी अवगत कराया।
मरीजों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेहतर चिकित्सा सुविधा और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। उन्होंने अस्पताल कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब रांची में छात्र आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती चर्चा में है। ऐसे माहौल के बीच डॉ. इरफान अंसारी का बिना सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचना, आंदोलनकारी युवाओं से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति जानना और फिर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों की समस्याएं सुनना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जब प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर सीधे मरीजों और आम लोगों के बीच पहुंचते हैं, तो इससे जनता के बीच भरोसा मजबूत होता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि स्वास्थ्य मंत्री ने इस दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से अधिक मरीजों की सेवा और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी।
मालदा। हर घर तिरंगा अभियान–2026 के तहत पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 11 अगस्त, 2026 को तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। यात्रा मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर मंडल रेल प्रबंधक प्रशासनिक भवन पर संपन्न हुई। इस दौरान रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हाथों में लेकर उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ यात्रा में भाग लिया।
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व श्री मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा ने किया। श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य, अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, डॉ. अनूपा घोष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मालदा, सहित अन्य वरिष्ठ शाखा अधिकारियों, रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, मालदा तथा अन्य रेलवे कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया।
हर घर तिरंगा अभियान–2026’ का आयोजन दिनांक 9 से 17 अगस्त तक किया जा रहा है। अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने पर बल दिया जा रहा है। मालदा में आयोजित तिरंगा यात्रा में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न रेलवे हितधारकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रेलवे परिवार की एकता, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
‘हर घर तिरंगा अभियान’ नागरिकों को अपने घरों, कार्यस्थलों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे तिरंगे के साथ नागरिकों का भावनात्मक जुड़ाव और अधिक सुदृढ़ हो सके।
हर घर तिरंगा अभियान–2026’ के तहत जमालपुर स्थित कैरेज एंड वैगन तथा TRD डिपो के साथ-साथ मालदा मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में रेलवे कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा तिरंगा लेकर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित किया।
मालदा मंडल सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे अपने घरों पर गर्वपूर्वक तिरंगा फहराएं और ‘हर घर तिरंगा अभियान–2026’ में सक्रिय रूप से भाग लें, जिससे राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और सुदृढ़ किया जा सके।
सिल्ली-मुरी : सावन के पावन महीने में कुशवाहा जागरण मंच, सिल्ली के तत्वावधान में सोमवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ कांवर यात्रा निकाली गई। यात्रा में श्रद्धालु 110 लीटर पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।कांवर यात्रा में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल संग्रह किया और पैदल यात्रा करते हुए शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।कार्यक्रम में कुशवाहा जागरण मंच के अध्यक्ष मुकेश कुशवाहा, उपाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा, उपसचिव अशोक कुशवाहा, कोषाध्यक्ष विजय कुशवाहा, अनुरोध कोइरी, बंसी कोइरी, संजय कुशवाहा, भोला कुशवाहा एवं मनोज कुशवाहा सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।आयोजकों ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर कांवर यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज में एकता, भाईचारा एवं सनातन संस्कृति को बढ़ावा देना है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
मुरी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मुरी ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। RPF ने ट्रेन संख्या 18626 एक्सप्रेस (हटिया-मुरी) के जनरल कोच से दो लावारिस बैग बरामद किए। तलाशी लेने पर दोनों बैगों से कुल 40 बोतल अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत RPF मुरी और फ्लाइंग टीम रांची द्वारा ट्रेन में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जनरल कोच में बाथरूम के समीप दो संदिग्ध लावारिस बैग दिखाई दिए। संदेह होने पर RPF जवानों ने बैगों की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई।
इसके बाद जवानों ने आसपास मौजूद यात्रियों से बैग और शराब के संबंध में पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने सामान पर अपना दावा नहीं किया। यात्रियों से पूछताछ के बाद RPF ने नियमानुसार शराब को जब्त कर लिया।
बरामद अवैध शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग, रांची को सौंप दिया गया है। RPF की इस कार्रवाई के बाद ट्रेन के माध्यम से अवैध शराब की तस्करी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
इस विशेष जांच अभियान में RPF मुरी के अवर निरीक्षक रविशंकर, रवि शेखर, सहायक अवर निरीक्षक एम.के. जायसवाल, फ्लाइंग टीम रांची के डी.के. जिरावल और प्रदीप समेत अन्य RPF जवान शामिल रहे।
रांची। माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कुम्हार महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग झारखंड विधानसभा के समक्ष पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का जल्द से जल्द पुनर्गठन करने और कुम्हार समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से पहल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुम्हार समाज की पारंपरिक माटी कला और उससे जुड़े रोजगार को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए माटी कला बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन बोर्ड के पुनर्गठन में हो रही देरी से समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
कुम्हार महासभा के नेताओं ने कहा कि मिट्टी के बर्तन, दीये, मूर्तियां और अन्य माटी कला उत्पाद बनाने वाले कारीगरों के सामने आर्थिक और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। आधुनिक बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक कारीगरों को सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण, बाजार उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन, कुम्हार समाज के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, कारीगरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और माटी कला उत्पादों के लिए बाजार की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की।
मौके पर साहेबगंज जिला कुम्हार महासंघ के जिलाध्यक्ष पिंटू पंडित, जिला महामंत्री ओमप्रकाश पंडित, रामा पंडित,प्रकाश कुमार पंडित ने कहा प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश की और कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
