साहिबगंज। विद्या भारती विद्यालय, जमुनादास केदारनाथ चौधरी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, साहिबगंज में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय के वंदना कक्ष में पूर्वाह्न 10:30 बजे आयोजित समारोह में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव डॉ. मृदुला सिन्हा, सह सचिव शशि जाजोदिया एवं शंभू जाजोदिया, उपाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार तथा प्रधानाचार्य सुनील पंडित ने सरस्वती माता, ओंकार, भारत माता एवं भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया।
मौके पर डॉ. मृदुला सिन्हा, डॉ. विजय कुमार एवं शशि जाजोदिया ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कक्षा अरुण की बहनों ने मनमोहक गीत प्रस्तुत कर समारोह में भक्ति का वातावरण बनाया। वहीं, कक्षा उदय, प्रभात एवं प्रथम के भैया-बहनों ने राधा-कृष्ण पर आधारित भाव नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
रूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया हुनर
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित रूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कनव पार्थ एवं आनवी आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रियंका कुमारी एवं शुभम को द्वितीय तथा सूर्या कुमार एवं प्रज्ञा कश्यप को तृतीय स्थान मिला।
कार्यक्रम का संचालन किरण कुमारी गुप्ता ने किया, जबकि अतिथि परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील पंडित ने कराया।
समारोह में शिशु वाटिका की आचार्या निर्मला कुमारी, स्नेहा भारद्वाज, सोनी कुमारी एवं टीनू पाण्डेय सहित कक्षा द्वितीय से षष्ठ तक के भैया-बहन एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
साहिबगंज। बाढ़ का पानी उतरने के बाद साहिबगंज के प्रभावित इलाकों में अब संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जगह-जगह जमा गंदगी, जलजमाव और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के कारण ग्रामीणों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच कोर्दाजनना गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 हजार की आबादी वाले कोर्दाजनना गांव में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लंबे समय से सीएचओ और एएनएम की नियमित उपलब्धता नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थापित सीएचओ राजेश कुमार यादव आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बजाय सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। वहीं, केंद्र में पदस्थापित एएनएम से भी मुख्यालय अस्पताल में कार्य लिए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके कारण गांव के स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद बढ़ी बीमारी की आशंका
बाढ़ का पानी घटने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर गंदगी और जलजमाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के साथ ही मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मलेरिया और डेंगू के अलावा दूषित पानी से डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ के पानी के संपर्क में रहने के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित मौजूदगी बेहद जरूरी है, ताकि बीमारियों के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उपायुक्त और सिविल सर्जन से की जा चुकी है मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व उपायुक्त एवं सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित सीएचओ को वापस केंद्र पर भेजने की मांग की थी। साथ ही एएनएम को भी नियमित रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सेवा देने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि बाढ़ के बाद किसी संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ता है तो स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य शिविर, दवा छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ और एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, मलेरिया-डेंगू समेत अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने गांव में साफ-सफाई, मच्छररोधी दवा का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को अभी से प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ानी चाहिए, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
रांची। झारखंड में बंद हो रही कोयला खदानों को नई उपयोगिता देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। गिरिडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) और रामगढ़ जिले की करमा OCP को पायलट परियोजना के लिए चयनित किया गया है। दोनों खदानों के लिए भारत सरकार को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी है।
यह पहल भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था GIZ के सहयोग से चल रही Technical Cooperation on To-be-Closed Coal Mines (TCCM) परियोजना के तहत की जा रही है। रांची में हुई उच्चस्तरीय बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल समेत राज्य सरकार, GIZ, कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन, CCL और CMPDI के अधिकारी मौजूद रहे।
बंद खदानों को बनाया जाएगा उपयोगी
परियोजना के तहत दोनों खदानों के लिए Final Mine Closure and Repurposing Plan तैयार किया जाएगा। इसमें खदान बंद होने के बाद जमीन, जल संसाधन, पर्यावरण, आधारभूत संरचना और स्थानीय अर्थव्यवस्था के पुनर्पयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य खदान बंदी को केवल खनन गतिविधि खत्म होने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित, सामाजिक रूप से समावेशी और आर्थिक रूप से उत्पादक बनाना है।
नवीकरणीय ऊर्जा से पर्यटन तक खुलेंगे नए रास्ते
बंद खदानों की भूमि का उपयोग भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, कौशल विकास केंद्र समेत अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इससे खनन प्रभावित इलाकों में पर्यावरण सुधार के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
करमा OCP के 8 गांवों पर विशेष फोकस
करमा OCP के पांच किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सुगिया, मरार, बोंगाबार, करमा, कैथा, कंडेर, लोढ़मा और पैंकी गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में सामाजिक-आर्थिक स्थिति, कमजोर वर्गों और आजीविका के अवसरों का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर समन्वय के लिए Mine Closure Advisory Committee का भी गठन किया गया है।
मार्च 2030 तक चलेगी परियोजना
परियोजना के तहत विस्तृत DPR तैयार की जाएगी, जिसमें पर्यावरणीय पुनर्स्थापन, भूमि उपयोग, जल प्रबंधन, माइन वॉइड मैनेजमेंट और आधारभूत संरचना के पुनर्पयोग को शामिल किया जाएगा। उपयुक्त स्थानों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य निवेश की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
TCCM परियोजना मार्च 2030 तक संचालित होगी। इसके अनुभवों के आधार पर तैयार मॉडल को देश की अन्य बंद हो रही कोयला खदानों में भी लागू करने की योजना है। राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल झारखंड में सस्टेनेबल पोस्ट-माइनिंग डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
रांची। अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल की ओर से आज 02 सितंबर, 2026 को जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के सहयोग और सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक कल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल रांची की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में तथा उपाध्यक्ष सहित मुख्यालय एवं सभी 15 महिला समितियों के सक्रिय सहयोग से आयोजित की गई।
कार्यक्रम के दौरान 32 चयनित जरूरतमंद लाभार्थियों को सब्जी के ठेले एवं चाट के ठेले प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य लाभार्थियों को स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें तथा सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकें।
स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ अर्पिता महिला मंडल द्वारा लाभार्थियों को तत्काल सहायता भी प्रदान की गई। इस क्रम में किराना सामग्री से भरे बैग एवं खाद्य पैकेट वितरित किए गए।
इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना अर्पिता महिला मंडल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भी किसी परिवार के लिए स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य का आधार बन सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यालय सहित सभी 15 महिला समितियों की सक्रिय सहभागिता ने सेवा, सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत किया। महिला मंडल की इस पहल से लाभार्थियों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
लाभार्थियों ने अर्पिता महिला मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ठेला एवं अन्य सहयोग मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और अपने परिवार के लिए सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस सहयोग को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अर्पिता महिला मंडल की यह पहल सेवा, करुणा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। जरूरतमंदों को सहायता के साथ-साथ स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
रांची । शैक्षणिक सत्र 2026-27 में उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए RKDF University, Ranchi ने 2nd राउंड काउंसलिंग शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया है कि अब Cancelled और Vacant Seats पर ही Direct Admission का अवसर दिया जा रहा है। सीटें सीमित होने के कारण विद्यार्थियों को जल्द काउंसलिंग और नामांकन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
विश्वविद्यालय के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 सितंबर 2026 तक बिना Fine के Admission लिया जा सकता है। वहीं 30 सितंबर 2026 तक Fine के साथ Admission की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध सीटें भर जाने के बाद संबंधित कार्यक्रम में प्रवेश का अवसर समाप्त हो सकता है।
कई करियर-ओरिएंटेड कोर्स में प्रवेश का अवसर
RKDF University में Full-Time Regular Classroom Degree Programmes के तहत विभिन्न Undergraduate, Postgraduate और Professional Courses में प्रवेश का अवसर उपलब्ध है। इनमें BBA, BCA, B.Tech, B.Sc. Life Science, MBA, MCA, B.Pharm, D.Pharm, BBA LL.B और LL.B प्रमुख हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार संस्थान Jharkhand Government Act, 2018 के तहत स्थापित है और लागू प्रावधानों के अनुसार विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है। संबंधित कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमोदन और मान्यताओं का भी विश्वविद्यालय ने उल्लेख किया है।
मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का अवसर
Admission के साथ विद्यार्थियों को Merit-Based Scholarship का भी लाभ मिल सकता है। विश्वविद्यालय के अनुसार पात्र विद्यार्थियों के लिए State Toppers को Free Education, District Toppers को Tuition Fee में विशेष छूट और School Toppers के लिए Scholarship जैसी योजनाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार Free Uniform, Free Transport सहित अन्य Special Admission Benefits भी दिए जाने की बात कही गई है।
विश्वविद्यालय के Pro Vice Chancellor डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा कि 2nd Round Counselling विद्यार्थियों के लिए पसंदीदा कार्यक्रम में प्रवेश लेने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने की अपील की।
घर बैठे कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध पाठ्यक्रम, पात्रता, छात्रवृत्ति और प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा Online Application कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां:
???? 2nd Round Counselling: शुरू
???? 14 सितंबर 2026: बिना Fine Admission की अंतिम तिथि
⚠️ 30 सितंबर 2026: Fine के साथ Admission की अंतिम तिथि
???? Admission: केवल Cancelled एवं Vacant Seats पर
???? Merit-Based Scholarship: पात्र विद्यार्थियों के लिए लागू
???? Online Application: उपलब्ध
रांची। उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को रांची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मौके पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बौखलाहट में इस स्तर की राजनीति पर उतर आई है। राहुल गांधी ने जब दलित और वंचित समाज से जुड़े मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
इरफान अंसारी ने कहा, “भाजपा और कितना नीचे गिरेगी? राहुल गांधी से टकराना भाजपा को भारी पड़ेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जब कोई व्यक्ति आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और राहुल गांधी अपने संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी देश के दलित, आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों का जवाब प्राथमिकी के जरिए देना लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने या पीछे हटने वाली नहीं है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और कांग्रेस सड़क से सदन तक सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई जारी रखेगी।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अगस्त, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 132 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं एवं स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- राजेश मोहन, महाप्रबंधक(सिविल), वेलफेयर एंड सर्विसेज/सिविल विभाग; डॉ राजीव कुमार जायसवाल, सीएमओ, दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी; सुनीता रवि, मैट्रन ए-1, गांधी नगर अस्पताल; अबनिधर मुखर्जी, ड्राइवर, उत्खनन विभाग; गोवर्धन राम, डुप्लीकेट/जेरॉक्स ऑपरेटर, वित्त (वेतन प्रकोष्ठ) एवं तुलसी केरकेट्टा, वार्ड परिचारक, गांधी नगर अस्पताल।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक(मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को उनके दीर्घकालीन सेवाकाल और कंपनी के प्रति समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीसीएल की प्रगति में प्रत्येक कर्मी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध भविष्य की कामना की।
वहीं, सीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों ने अपने अनुभव, मेहनत और प्रतिबद्धता से सीसीएल को निरंतर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान और अनुभव कंपनी की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को उज्ज्वल, स्वस्थ एवं खुशहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
सोनाहातू :-पी एम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सोनाहातू में आज स्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कृषि विभाग, आत्मा, रांची व दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र आर के एम, रांची के सयुक्त तत्वाधान मे किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार सिंह, वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान), दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र , रांची द्वारा छात्राओं को मृदा स्वास्थ्य एवं मृदा परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं की लगभग 300 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डॉ. सिंह ने छात्राओं को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण तथा पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश जैसे प्रमुख पोषक तत्वों के साथ-साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम एवं सल्फर तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे जिंक, बोरॉन एवं मॉलिब्डेनम की भूमिका एवं महत्व को सरल भाषा में समझाया।
छात्राओं को मैक्रो एवं माइक्रो न्यूट्रिएंट्स के महत्व, पोषक तत्वों की कमी के लक्षण तथा फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन पर उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मृदा का pH एवं जैविक कार्बन का महत्व बताते हुए स्वस्थ एवं उपजाऊ मिट्टी के लिए इनके उचित स्तर की आवश्यकता समझाई गई।
कार्यक्रम के दौरान मृदा नमूना लेने की वैज्ञानिक एवं सही विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। छात्राओं को बताया गया कि खेत से अलग-अलग स्थानों से मिट्टी का नमूना किस प्रकार लिया जाए, नमूनों को मिलाकर प्रतिनिधि नमूना कैसे तैयार किया जाए तथा मृदा परीक्षण के लिए उसे प्रयोगशाला तक कैसे भेजा जाए।
कार्यक्रम जिला कृषि विभाग, आत्मा, रांची के सक्षम पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप परियोजना निदेशक, आत्मा, श्री एस. के. झा, बुर्मू प्रखंड के BTM श्री प्रदीप कुमार तथा सोनाहातू प्रखंड के BTM श्री दीनानाथ भगत उपस्थित रहे।विद्यालय की वार्डन श्रीमती सरोजनी टोप्पो एवं श्रीमती शशि बाडा, शिक्षिका सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं अन्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में मृदा स्वास्थ्य एवं कृषि संबंधी विषयों को जानने के प्रति विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखी गई। छात्राओं ने मृदा परीक्षण, पोषक तत्वों एवं मिट्टी की उर्वरता से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. मनोज कुमार सिंह द्वारा सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया।
मुरी: रांची–मुरी मार्ग स्थित झारखंड मोड़ के समीप रविवार दोपहर लगभग तीन बजे एक बॉक्साइट लदा 18 चक्का ट्रेलर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ट्रेलर पहले सड़क किनारे बनी छोटी पुलिया से टकराया, फिर पुलिया को क्षतिग्रस्त करते हुए पास के धान के खेत में पलट गया। संयोगवश इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर रांची से मुरी की ओर आ रहा था। दुर्घटना के दौरान ट्रेलर में लदी बॉक्साइट मिट्टी खेत में फैल गई, जिससे धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का नंबर CG 04 QX 7877 बताया गया है।हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मुरी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।समाचार लिखे जाने तक दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर घटनास्थल पर ही पलटा पड़ा था। पुलिस वाहन को हटाने और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
रांची। झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू और प्रदेश कांग्रेस के को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई इरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया था। समिति ने मामले की सुनवाई करने के बाद अपना निर्णय प्रदेश नेतृत्व को सौंपा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से दोनों नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
29 अगस्त को जारी हुआ निलंबन आदेश
प्रदेश कांग्रेस के संगठन एवं प्रशिक्षण के महासचिव सुनीत शर्मा की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी पत्र में दोनों नेताओं के निलंबन की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।
पार्टी के इस फैसले के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास तौर पर प्रदेश स्तर के दो पदाधिकारियों पर एक साथ हुई कार्रवाई को पार्टी नेतृत्व के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि इरबा सड़क जाम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई। वीडियो के सामने आने के बाद दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई के बाद अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर निलंबन का आदेश जारी किया गया।
कांग्रेस के इस कदम से यह संदेश भी गया है कि पार्टी सार्वजनिक गतिविधियों में अनुशासन और संगठन की छवि को लेकर किसी तरह की लापरवाही को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
दोनों नेताओं की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण
अभिलाष साहू को हाल ही में झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अमरेंद्र सिंह प्रदेश कांग्रेस में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे थे।
ऐसे में दोनों नेताओं के निलंबन को प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि पार्टी आगे इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने या निलंबन समाप्त कराने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल कांग्रेस ने दोनों को अगले आदेश तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। निलंबन के बाद पार्टी के अंदर इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
