रांची, 28 जुलाई। रांची पुलिस ने जुलाई माह में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना के उद्भेदन में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने चोरी के मामले में गिरफ्तार सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान की निशानदेही पर बिहार के मुजफ्फरपुर से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद इस कांड में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी और आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी निशित केसरी एवं अखिलेश पांडेय के घरों में चोरी की बड़ी घटना हुई थी। मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 172/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तत्काल एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर अपराधियों की पहचान की दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले घटना में प्रयुक्त जगुआर कार (UP78EM0101) को जब्त किया। साथ ही चोरी की गई ₹17,36,200 नकद राशि और कई सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। इसके बाद जांच की कड़ी आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित आरोपी की ससुराल बिजय स्टोर गली, वार्ड संख्या-40, नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। वहां से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, अब तक इस चोरी कांड में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर खान उर्फ कबीर खान, पिता स्वर्गीय अब्दुल्लाह खान, निवासी शुक्ला रोड, रमना, नगर थाना, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) निखिल राय और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) नीरज कुमार ने किया। छापेमारी दल में अरगोड़ा, डेली मार्केट, नामकुम, पुंदाग, तुपुदाना, गोंदा, बुंडू, लोअर बाजार, कोतवाली, बरियातु और जगन्नाथपुर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
रांची पुलिस ने कहा है कि अनुसंधान अभी जारी है। चोरी के नेटवर्क, बरामद आभूषणों के स्रोत तथा इस अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती है।
रांची । सरना भवन, नगड़ाटोली, राँची में प्रस्तावित उलगुलान पदयात्रा को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम सभा प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उलगुलान पदयात्रा दिनांक 05 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी) से प्रारंभ होगी तथा 08 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल, कोकर (राँची) में संपन्न होगी।
यह पदयात्रा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, संवैधानिक अधिकारों, पाँचवीं अनुसूची, PESA Act, CNT/SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
बैठक में राँची के नगड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 निर्माण से संबंधित मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य के संबंध में उनकी आपत्तियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों, विशेषकर सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रभावित परिवारों की सुनवाई, उचित मुआवज़ा एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आदिवासी भूमि के हस्तांतरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि RIMS-2 परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भूमि हस्तांतरण की राज्यव्यापी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जब तक सभी विवादों का न्यायसंगत एवं विधिसम्मत समाधान नहीं हो जाता तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बैठक में यह भी मांग की गई कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी शिकायतों का न्यायपूर्ण एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में झारखंड के सभी ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से उलगुलान पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने तथा जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस जनआंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों में निरंजना टोप्पो, अजय उराँव, पूरन चन्द्र मुंडा (तमाड़), आशुतोष सिंह चेरो (पलामू), प्रदीप टोप्पो (सिमडेगा), बुद्धिजीवी श्री पी. सी. मुर्मू, राजेश लिंडा, राकेश बड़ाईक, बहा लिंडा, सविता कच्छप, मनोज केरकेट्टा, मंगला कुल्लू, शीला टोप्पो तथा आनंद टोप्पो उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए।
पदयात्रा कार्यक्रम
- प्रारंभ: 05 अगस्त 2026
- प्रारंभ स्थल: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी)
- समापन: 08 अगस्त 2026
- समापन स्थल: भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल, कोकर (राँची)
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति (Corporate-Level Tripartite Safety Committee) की बैठक आज यानी 28 जुलाई, 2026 को रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में डीजीएमएस, सीसीएल प्रबंधन तथा सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने की।
बैठक के दौरान सीसीएल के सुरक्षा मानकों एवं उसके अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, पिछली Tripartite Safety Committee Meeting में दिए गए सुझावों एवं अनुशंसाओं के अनुपालन की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health), वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) तथा खदान कर्मियों के कल्याण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने डी.जी.एम.एस., सीसीएल के निदेशकगण सह अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। तत्पश्चात सभी डीजीएमएस के अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों को शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
बैठक की शुरुआत में सेफ्टी बोर्ड के सभी सम्मानित सदस्यों ने कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधित पूर्व के अनुभव एवं चुनौतियों के संदर्भ में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसको सदन ने सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एस.एस. प्रसाद, DDG, SEZ ने खदान में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा के पहलुओं पर जोर दिया। साथ ही हरेक साल होने वाली PME (Preliaminary Medical Examination) के लिए आवश्यक संरचना को अद्यतन बनाने का सुझाव दिया।
आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए अलग वॉशरुम तुरंत बनाने का सुझाव दिया. साथ ही अत्याधुनिक Vocational Training Centre भी बनाने पर जोर दिया. अन्य महत्वपूर्ण सलाह में न्यू लेबर कोड के अंतर्गत OSH (Occupational Safety & Health) के तहत एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर तत्काल लागू करने का सुझाव दिया. उन्होंने अपने अन्य उपक्रमों में कार्य करने के अनुभव को साझा करते हुए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका सदन ने स्वागत किया.
वहीं, सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने डीजीएमएस के सभी अधिकारियों, मुख्य़त DDG, CZ और DDG, SEZ को उनके श्रमिकों के हित में दिए गए बहुमूल्य सुझावों की प्रशंसा करते हुए सभी को तय कार्यक्रम के अनुरुप लागू करने का आश्वसन दिया और सीसीएल के दृष्टिकोण, श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि को रेखांकित करते हुए, सभी सम्मानित सदस्यगणों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशहित में कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने का आह्वन किया.
रांची । विद्यार्थियों को वैश्विक औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट द्वारा प्रतिष्ठित पार्ले-जी फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। "क्लासरूम से इंडस्ट्री तक, ज्ञान से अनुभव तक" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिस्किट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन अध्ययन किया। कच्चे माल की गुणवत्ता जांच, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक बेकिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। फैक्ट्री के विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठित ब्रांड की सफलता के पीछे गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और ग्राहक विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इस अवसर पर पार्ले-जी प्लांट के निदेशक जगन्नाथ झा ने कहा कि उद्योगों को ऐसे युवा प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक कार्य दृष्टिकोण हो। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश, स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट की प्रमुख पूजा गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, स्मिता सिन्हा, अनिमा एवं स्मृति सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उद्योगों में उपलब्ध करियर अवसरों एवं व्यावसायिक अपेक्षाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) ही भविष्य की आवश्यकता है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त सक्षम प्रोफेशनल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और प्लेसमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकें।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश ने कहा कि "Learning Beyond Classrooms, Experience Beyond Books" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का आधार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ और भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस औद्योगिक भ्रमण को अपने शैक्षणिक जीवन का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पुस्तकों में पढ़े गए प्रबंधन सिद्धांतों और वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके भीतर उद्योग जगत में करियर बनाने के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसे व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय उद्योग–अकादमिक सहयोग को निरंतर मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची ने भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पहली बार शहर में आयोजित 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप की शानदार ओपनिंग सेरेमनी ने न केवल खेल प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि पूरे देश को झारखंड की समृद्ध संस्कृति और आयोजन क्षमता का भी परिचय कराया।
बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में भारतीय सेना, झारखंड सरकार और खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही। सेना के बैंड की प्रस्तुति, झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक झलकियों और रंगारंग कार्यक्रमों ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया। आदिवासी लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झारखंड की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
समारोह के दौरान डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का भव्य प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से 138 वर्षों से भी अधिक पुराने डूरंड कप के गौरवशाली इतिहास और भारतीय फुटबॉल में उसके योगदान को दर्शाया गया। मैच से पहले दोनों टीमों का औपचारिक परिचय, किक-ऑफ और दर्शकों की जोरदार तालियों के बीच रांची ने फुटबॉल महाकुंभ का शानदार आगाज़ किया।
एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट
डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। इसकी शुरुआत वर्ष 1888 में शिमला से हुई थी। भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के नेतृत्व में आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता आज भी भारतीय फुटबॉल की सबसे सम्मानजनक प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है।
इस वर्ष डूरंड कप के मुकाबले कोलकाता, रांची, कोकराझार, इम्फाल और सिलिगुड़ी में खेले जा रहे हैं। टूर्नामेंट में 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं और मैचों का सीधा प्रसारण Sony Sports Network तथा Sony LIV पर किया जा रहा है।
झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि
रांची को डूरंड कप की मेजबानी मिलना झारखंड के खेल इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य में फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी, युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की छवि और मजबूत होगी। आयोजन से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
हावड़ा/साहिबगंज। पूर्व रेलवे ने महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में यात्रियों की सुरक्षा, रेल परिचालन की गुणवत्ता और रेलवे परिसंपत्तियों की मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मालदा टाउन से साहिबगंज रेलखंड तक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान पटरियों, पुलों, स्टेशनों तथा अन्य महत्वपूर्ण रेल परिसंपत्तियों का गहन निरीक्षण किया गया। इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध रेल सेवा सुनिश्चित करना तथा भविष्य में रेल संचालन को और अधिक प्रभावी बनाना है।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विशेष विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया, जिसके तहत चलती ट्रेन के पिछले हिस्से से रेल पटरियों और परिचालन की वास्तविक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से पटरियों की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न रेल पुलों की संरचनात्मक मजबूती का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, पेयजल, प्रतीक्षालय और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
साहिबगंज रेलवे हाई स्कूल को मिला नया स्वरूप
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के साथ साहिबगंज स्थित पूर्व रेलवे हाई स्कूल के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया।
महाप्रबंधक ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर मेहनत के महत्व पर जोर देते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया तथा शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में भी उन्होंने हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण तथा हरित भविष्य का संदेश दिया।
रेलवे प्रशिक्षण व्यवस्था का हुआ आधुनिकीकरण
पूर्व रेलवे ने अपने कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मालदा स्थित मल्टी-डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमडीडीटीआई) में महाप्रबंधक ने नवीनीकृत शैक्षणिक भवन "विक्रमशिला" तथा आधुनिक छात्रावास "महानंदा" का उद्घाटन किया।
उन्होंने प्रशिक्षण संस्थान की कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और छात्रावास का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों से संवाद करते हुए आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग, निरंतर सीखने की संस्कृति और रेलवे संचालन में 'शून्य-समझौता सुरक्षा मानकों' का पालन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और दक्ष कर्मचारी ही सुरक्षित रेल संचालन की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
जनसंपर्क और संवाद पर भी विशेष जोर
साहिबगंज प्रवास के दौरान महाप्रबंधक ने मीडिया प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्व रेलवे द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं के विस्तार और जनसहभागिता को लेकर चर्चा की तथा रेलवे की पारदर्शी और जन-केंद्रित कार्यशैली को दोहराया।
पूर्व रेलवे PRO ने कहा
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि महाप्रबंधक द्वारा किए जा रहे निरीक्षण अभियानों का उद्देश्य केवल रेल पटरियों और पुलों की जांच करना नहीं, बल्कि यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार अपने प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण कर कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रहा है। साथ ही शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्व रेलवे समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी पूर्व रेलवे यात्री सुरक्षा, आधुनिक अवसंरचना, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह और पूर्व हॉकी खिलाड़ी असुंता लकड़ा के बीच हुए विवाद अब बढ़ गया है मामले में पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, आदिवासी-मूलवासी संगठनों और विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और खिलाड़ियों के सम्मान की मांग को लेकर रांची में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला।
जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में वर्तमान और पूर्व खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हॉकी से जुड़े हालिया विवादों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और खिलाड़ियों का खेल व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मार्च में शामिल पूर्व खिलाड़ियों ने हॉकी झारखंड में सदस्यता, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि खेल संगठनों का संचालन खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत अभियान चलाना नहीं, बल्कि हॉकी में सुशासन, निष्पक्षता और खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज टोप्पो ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के बावजूद एक आदिवासी बेटी को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं अजय टोप्पो ने हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता लाने की मांग करते हुए भोला सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
विरोध मार्च में सामाजिक संगठनों के बाहा लिंडा, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, पीसी मुर्मू, राकेश बड़ाईक, बृज किशोर बेदिया, संगीता कच्छप, क्रिस्टो कुजूर सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोपनो, कमल सोरों, जोसफ लुगुन, मनोहर कुल्लू, जयंत केरकेट्टा, वीरेंद्र लकड़ा, पुष्पा लकड़ा, कांति लकड़ा, विनय मुंडा, तिलोसफर एक्का, सुमराई टेटे, शशि टोपनो समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए।
देवघर/रांची । विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आगामी 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार इस बार सुरक्षा, सुविधा और तकनीक के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में देवघर परिसदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देवघर और दुमका जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 28 जुलाई तक मेला क्षेत्र की सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बाबा की नगरी से श्रद्धालु अपने साथ मधुर अनुभव लेकर लौटें, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
VIP और VVIP दर्शन पर पूरी तरह रोक
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि श्रावणी मेला-2026 के दौरान आउट ऑफ टर्न (VIP और VVIP) दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंत्री ने कहा कि बाबा के दरबार में सभी श्रद्धालु समान हैं और किसी भी विशेष व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं को राहत देना और दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुचारु बनाना है।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल टेंट सिटी और बेहतर आवास व्यवस्था
इस बार मेला क्षेत्र में तीन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल टेंट सिटी बनाई जा रही है। इन टेंट सिटी में पहले की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, विश्राम स्थल, बिजली और सुरक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गर्मी से राहत के लिए मिस्ट कूलिंग और इंद्र वर्षा सिस्टम
श्रावणी मेले के दौरान उमस और गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मिस्ट कूलिंग सिस्टम और इंद्र वर्षा (Artificial Rain System) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविरों और मेडिकल टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
AI तकनीक से होगी पूरे मेले की निगरानी
श्रावणी मेला-2026 तकनीक के लिहाज से भी अत्याधुनिक होगा। पहली बार बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत—
- AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम
- AI कैमरे और फेस रिकग्निशन सिस्टम
- AI ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
- AI ड्रोन से निगरानी
- ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे
- हेड काउंटिंग सिस्टम
- डिजिटल पवेलियन
- लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम
का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, तुरंत होगा समाधान
मेला क्षेत्र में जगह-जगह QR कोड आधारित फीडबैक एवं शिकायत प्रणाली विकसित की गई है। श्रद्धालु QR कोड स्कैन कर अपनी शिकायत या सुझाव सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर समस्या का समाधान करेगा।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक ओपी, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, विद्युत केंद्र, पर्यटन सहायता केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन, पर्याप्त रोशनी, आकर्षक सजावट, तोरण द्वार और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
देवघर-बासुकीनाथ मार्ग होगा पूरी तरह व्यवस्थित
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देवघर से बासुकीनाथ तक श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
29 जुलाई को होगी अंतिम समीक्षा
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि 29 जुलाई को एक बार फिर देवघर और दुमका में तैयारियों की अंतिम समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
सरकार का लक्ष्य—श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव
बैठक के अंत में मंत्री श्रावणी मेला 2026.मंत्री सुदिव्य कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला झारखंड की पहचान है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ जलार्पण कर संतोष और सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे। इस उद्देश्य से सभी विभाग समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
रांची : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार ने छात्रों और युवाओं की ताकत को कम आंकने की गंभीर भूल की।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जब देशभर के युवा निराशा और हताशा का सामना कर रहे थे, तब केंद्र सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय मामले को झुठलाने में लगी रही। लेकिन छात्रों और नौजवानों की एकजुटता ने आखिरकार सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी जनआंदोलन को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठी और गोली का सामना करने वाले युवाओं को उन्होंने सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हित में भी संघर्ष किया है।
मंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को दिशा और मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इसे तानाशाही के खिलाफ एक छोटी जीत बताते हुए कहा कि आगे लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी लड़ाई बाकी है। उन्होंने सभी लोगों से इस संघर्ष के लिए एकजुट होकर तैयार रहने की अपील की।
