साहेबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे द्वारा नगर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न पर्यटन, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण योजनाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में वेस्ट टू वंडर पार्क, गंगा विहार पार्क, मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय, टाउन हॉल, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर एवं महिला छात्रावास, बिरसा मुंडा घाट, मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट का जायजा लिया गया तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले के सार्वजनिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन स्थलों का समुचित विकास न केवल नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि साहिबगंज को एक आकर्षक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहित के अनुरूप पूर्ण करने का निर्देश दिया।
वेस्ट टू वंडर पार्क को बनाया जाएगा प्रमुख आकर्षण केंद्र
निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम वेस्ट टू वंडर पार्क का अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने पार्क में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इस स्थल को जिले के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पार्क में आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, वॉकवे, बच्चों के खेल क्षेत्र, सांस्कृतिक मंच, कैफेटेरिया एवं सेल्फी प्वाइंट को व्यवस्थित रूप से विकसित करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से झारखंड की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय विरासत एवं पारंपरिक कलाओं को कलात्मक रूप से प्रदर्शित करने पर बल दिया, ताकि यह पार्क स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन सके। उपायुक्त ने 15 अगस्त तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
गंगा विहार पार्क के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर जोर
इसके उपरांत उपायुक्त ने गंगा विहार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसके समग्र पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा समुचित रखरखाव के अभाव में पार्क परिसर में झाड़ियां एवं बड़े-बड़े घास उग जाने से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं परिवारों, की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पार्क परिसर की नियमित साफ-सफाई, घास कटाई एवं झाड़ियों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान पार्क में लगे कई झूलों एवं खेल उपकरणों में जंग लगने, कई स्थानों पर प्लास्टिक सामग्री टूटने तथा लोहे के ढांचों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति की समीक्षा की गई। इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज को निर्देश दिया कि सभी झूलों एवं बच्चों के खेल उपकरणों की मरम्मत, पेंटिंग एवं आवश्यक रखरखाव कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि कम लागत में पार्क को पुनः सुचारू एवं उपयोगी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पार्क की आधारभूत संरचना अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में है तथा व्यवस्थित अनुरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे पुनः जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में विकसित किया जा सकता है। उपायुक्त ने पार्क परिसर में सजावटी पौधारोपण, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाने एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क के नियमित अनुरक्षण हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं पार्क को राजस्व-सक्षम मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।
पुस्तकालय एवं टाउन हॉल में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय एवं टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय भवन के ऊपरी तल पर जल रिसाव की समस्या को देखते हुए मरम्मत कार्य कराने, नए शौचालय निर्माण तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त केबिन आधारित अध्ययन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को शांत एवं एकाग्र अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने हेतु केबिन लाइब्रेरी की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें व्यक्तिगत अध्ययन केबिन, लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लैंप तथा वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु जरूरी पुस्तकों की जानकारी ली तथा आवश्यक पुस्तकें एवं सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष से भी पुस्तकालय की आवश्यकताओं एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान भवन की मरम्मत, सीपेज समस्या के समाधान, शौचालयों के नवीनीकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के उन्नयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही टाउन हॉल परिसर के पीछे चार कक्षों वाले अतिरिक्त भवन निर्माण की संभावनाओं पर विचार करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। नगर परिषद को टाउन हॉल के बेहतर रख-रखाव एवं सौंदर्यीकरण हेतु कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का किया निरीक्षण
इसके पश्चात उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, आधुनिक प्रयोगशाला की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं हेतु बेहतर बैठने की सुविधा तथा खेल मैदान के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर से संबंधित भूमि, प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु अंचल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय परिसर में अवैध अतिक्रमण की संभावना को रोकने तथा उपलब्ध भूमि का उपयोग शैक्षणिक एवं छात्र हित से जुड़े कार्यों के लिए सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में उपलब्ध पुराने बेंच-डेस्क एवं अन्य फर्नीचर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपयोग योग्य पुराने संसाधनों की मरम्मत कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया जाए, ताकि कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
## *घाटों के विकास, स्वच्छता एवं सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर*
इसके बाद उपायुक्त ने भगवन बिरसा मुंडा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन घाट, चेंजिंग रूम एवं अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए फिसलन-रोधी टाइल्स लगाने, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा शौचालय एवं स्नानागार निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में घाट को गंगा आरती एवं धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा सकता है, जिससे पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने घाटों की स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था एवं समुचित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने नमामि गंगे घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती को और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने तथा घाटों के सौंदर्यीकरण एवं आगंतुकों के लिए सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही लंबित विकास योजनाओं से संबंधित डीपीआर एवं प्रस्तावों को शीघ्र अग्रसारित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज अभिषेक सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे अमित कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता दिवाकर मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष एवं स्पेशल डिवीजन के कनीय अभियंता रामाशंकर सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।
रांची । पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कटहल मोड़ निवासी छड़-सिमेंट व्यवसायी राधेश्याम साहु पर 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर जानलेवा हमला कराने और चर्चित अनिल टाइगर हत्याकांड के मुख्य सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
मामला नगड़ी थाना कांड संख्या 160/25 से जुड़ा है। 15 अक्टूबर 2025 को कटहल मोड़ स्थित सांभवी इंटरप्राइजेज के मालिक राधेश्याम साहु पर दुकान के पास अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद एसएसपी रांची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दो शूटरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड अभिषेक सिन्हा फरार था। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर राधेश्याम साहु पर हमला कराया था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभिषेक सिन्हा अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का भी मुख्य साजिशकर्ता है। कांके चौक स्थित एक होटल के पास 26 मार्च 2025 को अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
अनुसंधान में सामने आया कि जमीन विवाद को लेकर देवव्रत नाथ शाहदेव ने अभिषेक सिन्हा के साथ मिलकर अनिल टाइगर की हत्या की साजिश रांची और कोलकाता में रची थी। हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसकी कुछ राशि बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपी के खाते में भेजी गई थी।
गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिन्हा का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रांची, बोकारो और हजारीबाग समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या की साजिश जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
रांची पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
रांची। झारखंड में पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को माझी परगना महल, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावाँ के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से उनके रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और स्वशासन की भावना के सम्मान के साथ पेसा नियमावली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत करने और जनजातीय समुदाय को उनके अधिकारों के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कृतसंकल्पित है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग ग्राम सभा और समाज के स्तर से मिलने वाले सभी तर्कपूर्ण एवं नियमानुकूल सुझावों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि स्वशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभाग हर सकारात्मक सुझाव पर विचार करने को तैयार है।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में मांग रखी कि ग्राम सभा के गठन, सत्यापन, सीमांकन और प्रकाशन की प्रक्रिया में परगना बाबा, मानकी बाबा, हातु मुंडा एवं माझी बाबा जैसे पारंपरिक आदिवासी स्वशासन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जनविश्वास के अनुरूप हो।
साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार पारंपरिक ग्राम सभा की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति समुदाय के योग्य व्यक्ति द्वारा की जाए तथा स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण देकर पारंपरिक नेतृत्व को ग्राम सभा संचालन के लिए सक्षम बनाया जाए।
बैठक में दुर्गा चरण मुर्मू, नवीन मुर्मू, शत्रुघ्न मुर्मू, लखन मुर्डी, दुर्गा चरण हेम्ब्रम, बबलू मुर्मू, जीतू मुर्मू समेत अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य बातें:
• पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा
• पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने पर जोर
• आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को मिलेगी प्राथमिकता
• सरकार ने सभी तर्कपूर्ण सुझावों पर विचार का दिया भरोसा
रांची: राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने मॉनिटर लिजार्ड (गोह) तस्करी मामले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में बीजेपी नेता राजीव रंजन मिश्रा, उनके बेटे अविनाश आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान होटल से 30 मृत गोह बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रांची के लेक रोड बड़ा तालाब के आसपास रहने वाले कुछ लोग दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां एक होटल से बड़ी मात्रा में मृत मॉनिटर लिजार्ड बरामद हुए।
जांच में सामने आया है कि इन जीवों की तस्करी कथित तौर पर अवैध बाजारों में की जाती थी। मॉनिटर लिजार्ड को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति माना जाता है और इसकी तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के तार राज्य के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है, वहीं पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मुख्य बिंदु:
- होटल से 30 मृत गोह बरामद
- बीजेपी नेता राजीव रंजन मिश्रा समेत 3 गिरफ्तार
- वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
- राज्य के बाहर कनेक्शन की आशंका
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज रांची के बोरेया स्थित ब्लेसिंग बैंक्वेट एंड रिसॉर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता धीरज दुबे एवं पोटका की अंचल अधिकारी निकिता बाला के विवाह उपरांत आयोजित आशीर्वाद समारोह में शिरकत की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय दाम्पत्य जीवन की कामना की। उन्होंने दोनों को वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभाशीष देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में कई राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन से समारोह का माहौल और भी खास हो गया।
रांची:- नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।*
भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।
भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।
शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गफीट से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।
भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत
सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।
इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।
इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।
कोलकाता। पिछले एक महीने से, पूर्व रेलवे ज़ोन में पहियों की लयबद्ध गड़गड़ाहट के साथ एक नई, सशक्त भावना गूंज रही है: "स्वच्छता क्रांति" की भावना। भारतीय रेल विरासत के 173 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाते हुए, पूर्व रेलवे ने पारंपरिक समारोहों से हटकर स्वच्छता के लिए एक ऊर्जावान अभियान की ओर कदम बढ़ाया है। महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के दूरदर्शी नेतृत्व में, ज़ोन ने 15 अप्रैल से 14 मई तक स्वच्छता जागरूकता अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे स्टेशन और कोच बदलाव के गलियारे बन गए। इस विशाल परिवर्तन का हर पहलू पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के प्रत्यक्ष नेतृत्व और मार्गदर्शन में क्रियान्वित किया जा रहा है। इस प्रयास ने केवल झाड़ू तक सीमित न रहकर, सियालदह, हावड़ा, मालदा और आसनसोल—सभी चार मंडलों को एकजुट कर रेलवे नेटवर्क को करोड़ों यात्रियों का साझा घर मानते हुए आगे बढ़ाया।
पहले चरण में पूर्व रेलवे के भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की उमंग भरी ऊर्जा से प्रेरित एक अभूतपूर्व "जन आंदोलन" देखने को मिला। हावड़ा के प्लेटफार्म से लेकर मालदा की रेलवे कॉलोनियों तक, इन युवा स्वयंसेवकों ने न केवल सफाई की, बल्कि लोगों को प्रेरित भी किया। कांचरापारा में रचनात्मक नुक्कड़ नाटकों, बर्द्धमान में नारा लेखन प्रतियोगिताओं और यहां तक कि नैहाटी में बच्चों को जोड़ने के लिए मिकी माउस और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय शुभंकरों के उपयोग के माध्यम से, इस अभियान ने एक सामान्य प्रशासनिक कार्य को सामाजिक परिवर्तन की एक जीवंत कहानी में बदल दिया। महाप्रबंधक और अपर महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्टेशनों का दौरा किया और पूर्वा एक्सप्रेस और विभिन्न एमईएमयू सेवाओं जैसी ट्रेनों में सवार होकर यात्रियों से बातचीत की, उनकी प्रतिक्रियाएँ एकत्र कीं और उन्हें ट्रेन में मौजूद कूड़ेदानों का उपयोग करने और जैव-शौचालयों को कचरे से मुक्त रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया।
इस व्यापक जनसमर्थन और उत्साह को आगे बढ़ाते हुए, पूर्व रेलवे 16 मई से 30 मई 2026 तक चलने वाले कार्यक्रम के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। इस चरण में एक क्रांतिकारी त्वरित प्रतिक्रिया का वादा शामिल है, जिसका उद्देश्य “इसे देखें, इसकी सूचना दें, हम इस पर कार्रवाई करेंगे” पहल के माध्यम से स्वच्छता की शक्ति सीधे यात्रियों के हाथों में देना है।
यात्रियों के लिए इन ट्रेनों और स्टेशनों को अपना दूसरा घर मानने की भावना को ध्यान में रखते हुए, पूर्व रेलवे #ईआर चैलेंज की शुरुआत कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत यात्रियों को स्टेशन परिसर में किसी भी गंदगी की स्पष्ट तस्वीर लेने और उसे आधिकारिक "X" (पहले ट्विटर) या फेसबुक हैंडल—जैसे @drmhowrah, @drmsdah, @drmmalda, या @DrmAsansol—पर #ईआर चैलेंज हैशटैग के साथ पोस्ट करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। रेलमदद ऐप के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती है, और रेलवे ने रिपोर्ट मिलने के मात्र 30 मिनट के भीतर कार्रवाई करने का वादा किया है।
यह दूसरा चरण तकनीक और समर्पित कार्यबल का एक अनूठा संगम है, जिसमें चारों विभाग और सभी आंतरिक विभाग चौबीसों घंटे असंभव को संभव बनाने के लिए तत्पर हैं। जनता को वास्तविक समय की निगरानी में शामिल करके, पूर्व रेलवे का लक्ष्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और सभी के लिए एक स्वस्थ और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करना है। हालांकि, प्रशासन यह भी याद दिलाता है कि इस मानक को बनाए रखना एक सामूहिक कर्तव्य है। रेलवे परिसर में कूड़ा फेंकना या थूकना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए ₹500 तक का जुर्माना हो सकता है। लक्ष्य अस्थायी सफाई अभियानों से आगे बढ़कर एक स्थायी नागरिक गौरव की संस्कृति को बढ़ावा देना है, जहां प्रत्येक यात्री पटरियों की सुंदरता को संरक्षित करने में सहभागी बने।
जागरूकता फैलाने से लेकर वास्तविक समय में समाधान प्रदान करने तक के इस बदलाव पर विचार व्यक्त करते हुए, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा: "हमारा पहला चरण मानसिकता को साफ करने से संबंधित था, और यह दूसरा चरण त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता को साबित करने के बारे में है। हम चाहते हैं कि प्रत्येक यात्री इस यात्रा में एक भागीदार महसूस करे। 30 मिनट के #ईआर चैलेंज की शुरुआत करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्वच्छता केवल एक वादा नहीं बल्कि आपकी उंगलियों पर एक उपलब्ध एक वास्तविकता बने। हम प्रत्येक यात्री से आग्रह करते हैं कि वे रेलवे परिसर को उसी सावधानी से संभालें जैसे वे अपने घरों को संभालते हैं। जब नागरिक और रेलवे मिलकर काम करते हैं, तो हमारा नेटवर्क केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं रहता, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का स्वच्छ और सुंदर प्रतीक बन जाता है।
कोलकाता । गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए दो विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये स्पेशल ट्रेनें विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेंगी और यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।
1. हावड़ा-राजगीर समर स्पेशल
ट्रेन संख्या 03029 हावड़ा-राजगीर स्पेशल प्रतिदिन 16 मई 2026 से 17 जून 2026 तक (कुल 33 फेरे) हावड़ा से रात 10:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:00 बजे राजगीर पहुंचेगी।
वापसी में 03030 राजगीर-हावड़ा स्पेशल 17 मई 2026 से 18 जून 2026 तक (कुल 33 फेरे) प्रतिदिन राजगीर से दोपहर 2:00 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 4:30 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
यह ट्रेन पूर्व रेलवे क्षेत्राधिकार में बंडेल, बर्द्धमान, बोलपुर शांतिनिकेतन, रामपुरहाट, पाकुड़, बरहरवा, साहिबगंज, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर और अभयपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।
इस ट्रेन में जनरल सेकेंड क्लास और स्लीपर क्लास की सुविधा उपलब्ध होगी।
2. हावड़ा-आनंद विहार स्पेशल
ट्रेन संख्या 03011 हावड़ा-आनंद विहार स्पेशल 22 मई 2026 को हावड़ा से सुबह 11:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 10:10 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी।
वापसी में 03012 आनंद विहार-हावड़ा स्पेशल 25 मई 2026 को आनंद विहार से रात 2:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:20 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
यह ट्रेन पूर्व रेलवे क्षेत्राधिकार में बर्द्धमान, रामपुरहाट, दुमका और जसीडीह स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।
इस ट्रेन में भी जनरल सेकेंड क्लास और स्लीपर क्लास की सुविधा रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन विशेष ट्रेनों की बुकिंग तिथि जल्द ही अधिसूचित की जाएगी। यात्रियों से अनुरोध है कि वे रेलवे की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।
रामगढ़। पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा जिलान्तर्गत अपराध नियंत्रण एवं उद्भेदन, अड्डेबाजी, छेड़खानी, सड़क पर अवैध रूप से पार्किंग को रोकने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, थाना क्षेत्र में भौतिक रूप से पुलिस पदाधिकारी/कर्मियों का दृष्यता (Visibility) बढ़ाने के लिए एवं आमजनों में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने* के उद्देश्य से एक विशेष पहल *‘‘प्रहरी‘‘* की शुरूआत की गई है।
प्रहरी‘‘* पहल के 03 भाग होंगेः-
1. पैदल गश्ती,
2. अड्डेबाजी के विरूद्ध
अभियान
3. एण्टी क्राईम चेकिंग।
1. पैदल गश्तीः-
सम्पूर्ण जिलान्तर्गत आमजनों में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने, पुलिस की दृश्यता को बढ़ाने, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की रोकथाम, अड्डेबाजी, सड़क पर अवैध रूप से पार्किंग को रोकने तथा यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु उक्त बिन्दुओं पर संवेदशील मार्ग पर पैदल गश्ती की जाएगी।इस पहल के तहत् रामगढ़ जिलान्तर्गत सभी थाना/ओ0पी0 प्रभारी/थाना/ओ0पी0 में पदस्थापित पदाधिकारी एवं बल के साथ सप्ताह में कम से कम दो (02) दिन निर्धारित मार्ग/ समय के अनुसार पैदल गश्ती करेंगे।
गश्ती के मार्ग का चयन अपराध की प्रवृति, छेडखानी, अड्डेबाजी, ट्रैफिक की समस्या, अतिक्रमण की समस्या, बाजार या भीड़-भाड़ वाले स्थान/स्कूल/कॉलेज के आस-पास अवैध पार्किंग एवं आम जनता से प्राप्त सुझाव के आधार पर किया गया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के स्तर से माह में एक बार प्रतिदिन का रूट चार्ट निर्गत किया जायेगा। *(अब तक कुल 76 मार्गो का चयन किया गया है।
इस पहल में यदि अन्य एजेन्सियों जैसेः- नगर परिषद, रामगढ़, छावनी परिषद, रामगढ़ या अन्य किसी संबंधित विभाग के पदाधिकारी/कर्मी की भी आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभाग के पदाधिकारी से सम्पर्क कर उनका सहयोग प्राप्त किया जायेगा। इस पहल के अन्तर्गत अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, पतरातु/रामगढ़, पुलिस निरीक्षक, गोला/माण्डू एवं पतरातु अपने-अपने क्षेत्राधिकार में एक थाना की पैदल गश्ती का नेतृत्व कर इसे प्रभावी बनायेंगे।
2. अड्डेबाजी के विरूद्ध अभियानः-
रामगढ़ जिला अन्तर्गत मादक व नशीले पदार्थों के सेवन व खरीद/फरोख्त को रोकने तथा अपराध नियंत्रण व रोकथाम हेतु जिला पुलिस द्वारा *विभिन्न थाना/ओ0पी0 अन्तर्गत अड्डेबाजी के कुल 114 स्थलों को चिन्हित किया गया है।* अड्डेबाजी के इन स्थलों को 05 अलग-अलग कलस्टरों में बाँटा गया है तथा प्रत्येक कलस्टर के चिन्हित स्थलों पर छापामारी हेतु थाना/ओ0पी0 में छापामारी दल का गठन किया गया है, जिनमें थाना/ओ0पी0 के पदाधिकारी, थाना गश्ती, पी०सी०आर०, पैंथर मोबाईल इत्यादि रहेंगे।
इस अभियान के तहत् सभी थाना/ओ0पी0 प्रभारी पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार तय समय व कलस्टर के स्थलों पर बराबर छापामारी अभियान चलायेंगे तथा अड्डेबाजी में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर नियमानुकुल कार्रवाई (उदाहरणः गुंडा पंजी में प्रविष्टि) करना सुनिश्चित करेंगे।
अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, पतरातु/रामगढ़, पुलिस निरीक्षक, गोला/माण्डू/पतरातु भी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत किसी एक थाना का नेतृत्व कर प्रभावी छापामारी करना सुनिश्चित करायेंगे।
आम जनता द्वारा अड्डेबाजी के स्थानों के संबंध में सूचना जिला पुलिस के -व्हाट्सएप्प नम्बर *9262998529* पर दी जा सकती है।
*3. एण्टी क्राईम चेकिंगः-*
रामगढ़ जिलान्तर्गत सड़क सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, उद्भेदन एवं रोकथाम, यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने, बाईकर्स/रैश ड्राईविंग पर नियंत्रण हेतु एण्टी क्राईम चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। *इस अभियान के तहत् सम्पूर्ण जिला में 69 स्थलों को चिन्हित किया गया है,* जिन्हें A,B,C नामक तीन प्लान में बाँटा गया है तथा चिन्हित स्थल पर चेकिंग हेतु चेकिंग टीम का गठन किया गया है, जिसमें थाना के पदाधिकारी, थाना गश्ती, पी०सी०आर० व पैंथर मोबाईल शामिल होंगे।
पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार चिन्हित प्लान एवं तय समयानुसार *दिन में कम से कम 03 बार एण्टी क्राईम चेकिंग की जाएगी।
रामगढ़ पुलिस आम जनता से इस ‘‘प्रहरी‘‘ पहल में सहयोग की अपील करती है तथा प्रहरी पहल में सुधार एवं बेहतर क्रियान्वयन हेतु उनके सुझाव *व्हाट्सएप्प नम्बर 9262998529* पर आमंत्रित करती है।
रांची। राजधानी रांची में देर रात रंगदारी वसूली की कोशिश कर रहे अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 12 मई की रात की है, जब रांची से नालंदा जा रही जीवन ज्योति बस अरगोड़ा चौक के पास नो-एंट्री के कारण रुकी हुई थी।
इसी दौरान तीन अपराधी बस के पास पहुंचे। इनमें से दो अपराधी बस में चढ़ गए और चालक की कनपटी पर हथियार सटाकर रंगदारी मांगने लगे। चालक द्वारा विरोध करने पर अपराधियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। हालांकि चालक बाल-बाल बच गया।
घटना के वक्त अरगोड़ा चौक पर मौजूद पुलिस गश्ती दल और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक अपराधी को अवैध हथियार के साथ दबोच लिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी कर फरार दो अन्य अपराधियों समेत हथियार उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
- कुंदन कुमार सोनी (रांची)
- अभिजीत कुमार उर्फ अन्नो सिंह (गया, बिहार)
- नितिन पाण्डेय उर्फ अमन (नवादा, बिहार)
- गोलू राम उर्फ गोलू बाल्मोकी (रांची)
बरामद सामान
- 1 देसी पिस्तौल
- 1 खोखा
- 2 मोबाइल फोन
पुलिस ने इस मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 114/26 दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुंदन कुमार पहले भी हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी है।
