परिजनों को मिलेगी 5 लाख की आर्थिक सहायता, जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराई नि:शुल्क एंबुलेंस
रांची, 3 अक्टूबर। वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत लाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश और श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के प्रयासों से पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता लाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
राज्य सरकार की ओर से मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राजा कुमार वर्मा रांची के कैलाश नगर के निवासी थे और वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वहां सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। घटना के बाद परिजनों ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की सहायता मांगी थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नियंत्रण कक्ष ने तत्काल संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराईं। इसके बाद पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता हवाई अड्डा लाया गया।
कोलकाता हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद रांची जिला प्रशासन ने पार्थिव शरीर को पैतृक आवास तक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस उपलब्ध कराई।
साहिबगंज-महाराजपुर के बीच डाउन लाइन पर यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन बंद, युद्धस्तर पर चल रहा बहाली कार्य
कोलकाता । मालदा मंडल के साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड में सकरीगली और महाराजपुर स्टेशनों के बीच गंगा नदी का तटबंध कट जाने के कारण डाउन लाइन पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इस रेलखंड में अप लाइन से ट्रेनों का परिचालन प्रतिबंधित गति के साथ जारी है।
रेलवे की ओर से प्रभावित स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। सभी कर्मचारी चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, ताकि बहाली कार्य जल्द पूरा कर रेल सेवाओं को सामान्य किया जा सके। स्थिति को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, परिवर्तित मार्ग से चलाने तथा कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से प्रारंभ अथवा समाप्त करने का निर्णय लिया है।
3 अक्टूबर से रद्द ट्रेन
- 63073 रामपुरहाट-साहिबगंज मेमू
4 अक्टूबर से रद्द ट्रेनें
- 63402 मालदा टाउन-साहिबगंज मेमू
- 63421 आजिमगंज-साहिबगंज मेमू
- 63411 साहिबगंज-भागलपुर मेमू
- 53411 बरहरवा-साहिबगंज पैसेंजर
- 13427 हावड़ा-साहिबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस
- 63405 रामपुरहाट-साहिबगंज मेमू
- 53487 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53485 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53481 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53483 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 63401 साहिबगंज-मालदा टाउन मेमू
- 63422 साहिबगंज-आजिमगंज मेमू
- 63412 भागलपुर-साहिबगंज मेमू
- 53412 साहिबगंज-बरहरवा पैसेंजर
- 63074 साहिबगंज-रामपुरहाट मेमू
- 13428 साहिबगंज-हावड़ा एक्सप्रेस
- 53408 जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर
- 53490 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53488 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53406 साहिबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर
- 53484 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53486 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव
- 13020 काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस (3 अक्टूबर से) और 13022 रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस (4 अक्टूबर से) को मुंगेर-भागलपुर-बांका-जसीडीह के रास्ते चलाया जाएगा।
- 15657 दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल (3 अक्टूबर से) और 15744 भटिंडा-बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस (2 अक्टूबर से) को जमालपुर-मुंगेर-कटिहार के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
- 13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस तथा 03030 नटेसर-हावड़ा स्पेशल (दोनों 4 अक्टूबर से) को किऊल-झाझा-आसनसोल के रास्ते चलाया जाएगा।
- 13404 भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस और 13072 जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (दोनों 4 अक्टूबर से) को भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट के रास्ते चलाया जाएगा।
कई ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट व शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी
- 53029 आजिमगंज-भागलपुर पैसेंजर (4 अक्टूबर) को बरहरवा में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 13410 किऊल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस (4 अक्टूबर) को साहिबगंज में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 63063 बर्द्धमान-साहिबगंज मेमू (4 अक्टूबर) को तीनपहाड़ में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 13409 मालदा टाउन-किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस (4 अक्टूबर) साहिबगंज से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 53403 रामपुरहाट-गया पैसेंजर (5 अक्टूबर) जमालपुर से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 53030 भागलपुर-आजिमगंज पैसेंजर (5 अक्टूबर) बरहरवा से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 63064 साहिबगंज-बर्द्धमान मेमू (4 अक्टूबर) तीनपहाड़ से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष पैसेंजर ट्रेनें
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने कुछ पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है।
- साहिबगंज-भागलपुर की दो पैसेंजर ट्रेनें 4 अक्टूबर को साहिबगंज से क्रमशः सुबह 9:30 बजे और शाम 5 बजे रवाना होंगी और वापस आएंगी।
- भागलपुर-साहिबगंज पैसेंजर स्पेशल रात 10 बजे भागलपुर से रवाना होगी और 4 अक्टूबर को वापस आएगी।
- रामपुरहाट-तीनपहाड़ पैसेंजर स्पेशल रात 8:30 बजे रामपुरहाट से रवाना होगी और बहाली कार्य पूरा होने तक 3 अक्टूबर से परिचालन में रहेगी।
सिल्ली-मुरी। जमीन मापी के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने गुरुवार को सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।बताया गया कि बड़ा मुरी निवासी विद्याभूषण कोइरी की जमीन मुरी तुंगरी धार पहाड़ के सामने स्थित है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त जमीन वर्ष 1959 में बंदोबस्त हुई थी। वर्ष 2007 तक जमीन की मैनुअल रसीद कटती रही, जबकि वर्ष 2024 तक पंजी-2 में भी शिकायतकर्ता का नाम दर्ज बताया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि अंचल कार्यालय की ओर से बिना सूचना दिए बंदोबस्ती को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जमीन की मापी को लेकर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया। आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद करीब दो माह तक मामले में टालमटोल की जाती रही।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की मापी के एवज में अमीन द्वारा रिश्वत की मांग की गई।शिकायत में दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की कथित मांग का भी उल्लेख किया गया है। इससे परेशान होकर विद्याभूषण कोइरी ने रांची एसीबी से शिकायत की।शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निर्धारित रकम के साथ शिकायतकर्ता को अमीन के पास भेजा गया। टीम पहले से आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही अमीन ने कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात कही गई है।अमीन की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय परिसर में काफी देर तक एसीबी की कार्रवाई की चर्चा होती रही। वहीं जमीन संबंधी कार्यों से अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।गिरफ्तारी के बाद एसीबी आरोपी अमीन को रांची ले गई। मामले में पूछताछ और आगे की जांच जारी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब जमीन मापी से जुड़े पूरे मामले और कथित रिश्वत मांग के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
रांची/सिल्ली। जमीन मापी के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला जमीन की मापी से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता अपनी जमीन की मापी कराने के लिए सिल्ली अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि जमीन की मापी करने के एवज में अमीन विनोद लोहरा ने उससे रिश्वत की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमीन ने कथित तौर पर दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की भी मांग की थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने शुरू की जांच
बताया गया कि कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपी अमीन के पास भेजने की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने पूरी कार्रवाई के लिए जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी की।
50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही कार्रवाई
योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये लेकर आरोपी अमीन के पास पहुंचा। जैसे ही कथित तौर पर विनोद लोहरा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई को लेकर कार्यालय परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही।
पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन संबंधी काम के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बुधवार को कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की शुरुआत की। रांची के बीएनआर चाणक्य होटल में आयोजित झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, 10-बेडेड टेली-आईसीयू, एचआरआईएस पोर्टल और झारखंड ई-हेल्थ पोर्टल का शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल हेल्थ को केवल तकनीकी पहल के रूप में नहीं, बल्कि गरीब, ग्रामीण और वंचित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक अब मोबाइल की स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज में इसका उपयोग दिखाई देगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि टेलीमेडिसिन, टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी के विस्तार से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी राज्य में काम आगे बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि राज्य में ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो।
चार प्रमुख घटकों पर आधारित डिजिटल हेल्थ योजना
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2025 में शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से कनेक्टिविटी, हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग और डिजिटल डैशबोर्ड पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तथा जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। एचएमआईएस के माध्यम से मरीज घर बैठे पंजीकरण, भुगतान और चिकित्सक का अपॉइंटमेंट लेने जैसी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे। जांच रिपोर्ट को भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
80 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल रिकॉर्ड
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एचआरआईएस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें उपस्थिति, अवकाश, सेवा संबंधी विवरण और भुगतान जैसी सूचनाओं की निगरानी में सुविधा होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 80 हजार सहिया, मेडिकल स्टाफ, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बेहतर प्रबंधन के लिए भविष्य में एआई आधारित प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य एवं समय प्रबंधन में सहायता देने के लिए एआई असिस्टेंट की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी से घटेगी दूरी
कॉन्क्लेव में बताया गया कि 10-बेडेड टेली-आईसीयू के माध्यम से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी। वहीं टेली-रेडियोलॉजी के जरिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों से जांच एवं रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाकर समय पर राय और निदान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. आर.एस. शर्मा ने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की सराहना की। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने रोबोटिक कार्डियक सर्जरी पर तकनीकी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सहिया पुस्तिका और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डिजिटल हेल्थ से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा की। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी, विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन, चिकित्सक, तकनीकी विशेषज्ञ और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, रांची में सितंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सम्मान में गरिमापूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। मुख्यालय के 8 कर्मियों समेत सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 84 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
मुख्यालय में आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त कर्मियों के सेवाकाल की उपलब्धियों और योगदान को याद किया गया। इस दौरान एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं और स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वालों में महाप्रबंधक (ई एंड एम) सुचंद्रा सिन्हा, महाप्रबंधक (ई एंड टी) संतोष कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (वित्त) रंधीर कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) गौतम चौधरी, प्रबंधक (खेल) आदिल हुसैन, ओएस ग्रेड-ए1 अनिल कुमार सहनी, मुख्य फार्मासिस्ट कमलेश पंडित और चपरासी मोहन तांती शामिल हैं।
समारोह में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मौजूद रहे।
सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके वर्षों के अनुभव, मेहनत और समर्पण ने सीसीएल की कार्यसंस्कृति एवं प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण करने के साथ उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सुखद एवं संतोषपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन उपस्थित रहे। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
सिल्ली। क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सिल्ली पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर पहल तेज कर दी है। दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए सड़कों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार की पहल पर सिल्ली-टीकर-रंगामाटी मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, ऐसे अन्य स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इन स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
थाना प्रभारी नवीन कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वाहन चालकों से तेज गति से वाहन नहीं चलाने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।पुलिस द्वारा ग्रामीणों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, दुर्घटना संभावित चिन्हित स्थानों पर जल्द ही ब्रेकर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस की इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिल्ली: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को झारखंड बंद का असर सिल्ली-मुरी क्षेत्र में पूरी तरह सफल रहा।सुबह से ही आंदोलनकारी सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों को जाम कर दिया,जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद का नेतृत्व कर रहे झारखंड आंदोलनकारी , किसान और मजदूर एकजुट होकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों की कर्जमाफी,उचित मुआवजा, स्थायी रोजगार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था शामिल है।इसके साथ ही उन्होंने विस्थापन आयोग के गठन की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।आंदोलनकारियों ने कहा कि जिन्होंने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया,उन्हें सरकार की ओर से सम्मान पेंशन दी जानी चाहिए। ज्ञापन में झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देने,26 प्रतिशत खनिज संपदा पर रॉयल्टी का अधिकार देने, सम्मान पेंशन राशि पचास हजार एवं जल जंगल,जमीन की रक्षा की मांग भी शामिल है।साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नाम गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से अधिसूचित कर झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सर्वोच्च सम्मान देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। आंदोलनकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर वे लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है,जिसके कारण उन्हें बंद का आह्वान करना पड़ा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो 15 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।प्रशासन द्वारा मांगों पर विचार के आश्वासन के बाद बंद को समाप्त किया गया।इस मौके पर लक्ष्मी नारायण महतो,दीनू चौधरी,नरेश चंद्र महतो, जयपाल महतो,विशेश्वर महतो, हरिहर महतो,दुर्योधन भोक्ता, शत्रुघ्न महतो,राज किशोर महतो,काबिल अंसारी,प्रकाश महतो,दिनेश कुमार महतो एवं धनीराम महतो समेत सैकड़ो आंदोलनकारी मौजूद रहे।
रांची। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के कल्याण विभाग द्वारा सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में दिनांक 28 एवं 29 सितंबर, 2026 को दो दिवसीय आधार एवं चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य सीसीएल के कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को आधार से संबंधित आवश्यक सेवाएं तथा स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना था।
आधार शिविर के दौरान कुल 78 लोगों ने उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया। वहीं, चिकित्सा शिविर में 218 प्रतिभागियों की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
चिकित्सा शिविर के दौरान व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के संबंध में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। कार्यस्थल पर ही आधार एवं चिकित्सा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होने से कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को आवश्यक सेवाओं का लाभ सहज एवं सुविधाजनक रूप से प्राप्त हुआ।
इस पहल के माध्यम से स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं कर्मचारी कल्याण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार 30 सितंबर से दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित करेगी। रांची में होने वाले इस कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, टेलीमेडिसिन, टेली-एसएनसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पेपरलेस अस्पताल जैसी तकनीकों पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा।
कॉन्क्लेव की पूर्व संध्या पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इस स्तर का डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीकों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को मॉडल राज्य बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के डिजिटल झारखंड के विजन को स्वास्थ्य क्षेत्र में लागू करने के लिए काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों तक भी पहुंचना चाहिए।
10 बेड के आईसीयू का होगा शुभारंभ
मंत्री के अनुसार कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों 10-बेड वाले आईसीयू का शुभारंभ भी किया जाएगा। सरकार डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि एआई और रोबोटिक्स चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रोबोटिक तकनीक सर्जरी में सहायता कर सकती है, जबकि एआई रिपोर्ट के विश्लेषण और मरीजों की निगरानी में मददगार हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक डॉक्टर का विकल्प नहीं है और मरीज के इलाज का अंतिम निर्णय प्रशिक्षित चिकित्सक ही करेंगे।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर जोर
मंत्री ने बताया कि आभा (ABHA) के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। अस्पतालों को पेपरलेस बनाने और मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का लक्ष्य है।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम के तहत राज्य के अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ा गया है। अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत हो चुकी है। इसे आगे सभी जिला अस्पतालों तक विस्तारित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। भविष्य में इन रिकॉर्ड का इस्तेमाल एआई आधारित स्वास्थ्य सहायता के लिए किया जा सकता है। हालांकि, एआई केवल संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में सहायता और सुझाव देगा तथा प्रिस्क्रिप्शन डॉक्टर ही लिखेंगे।
रिम्स-2 और मेडिकल शिक्षा पर भी जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिम्स-2 की परिकल्पना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने और एमबीबीएस व पीजी सीटों में वृद्धि का भी उल्लेख किया। मेडिकल यूनिवर्सिटी की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी काम किए जाने की बात कही।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक डिजिटल हेल्थ सिस्टम, बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित मानव संसाधन के समन्वय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
दवा खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई
दवा खरीद से जुड़े सवाल पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अस्पतालों को दवाओं की खरीद के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। यदि दवा खरीद में किसी स्तर पर लापरवाही या आनाकानी की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।