FOLLOW US ON
Breaking News देशभर में लागू होगा UCC कानून हलचल तेज़ | UPI में 2000 रु से अधिक लेनदेन पर लगेंगे चार्ज, राजनीतिक बयानबाजी तेज | MMDR कानून को लेकर JMM पार्टी का प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन | विश्व के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा पूजा को लेकर उद्योग क्षेत्रों की जगह की गई पूजा | साहिबगंज जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर, साहेबगंज सदर प्रखंड सबसे ज्यादा प्रभावित | यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीति शुरू बीजेपी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज | देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76 वाँ जन्मदिन भाजपा मना रही है जन्मोत्सव | JPSC एवं JSSC CGL में CID की जांच जारी 4 अभियुक्त गिरफ्तार |
डिजिटल हेल्थ में झारखंड को मॉडल राज्य बनाने की तैयारी ,दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू और एआई पर रहेगा फोकस
September 29, 2026 | 113 Views
डिजिटल हेल्थ में झारखंड को मॉडल राज्य बनाने की तैयारी ,दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू और एआई पर रहेगा फोकस

रांची।  झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार 30 सितंबर से दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित करेगी। रांची में होने वाले इस कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, टेलीमेडिसिन, टेली-एसएनसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पेपरलेस अस्पताल जैसी तकनीकों पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा।

कॉन्क्लेव की पूर्व संध्या पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इस स्तर का डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीकों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को मॉडल राज्य बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के डिजिटल झारखंड के विजन को स्वास्थ्य क्षेत्र में लागू करने के लिए काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों तक भी पहुंचना चाहिए।

10 बेड के आईसीयू का होगा शुभारंभ

मंत्री के अनुसार कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों 10-बेड वाले आईसीयू का शुभारंभ भी किया जाएगा। सरकार डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि एआई और रोबोटिक्स चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रोबोटिक तकनीक सर्जरी में सहायता कर सकती है, जबकि एआई रिपोर्ट के विश्लेषण और मरीजों की निगरानी में मददगार हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक डॉक्टर का विकल्प नहीं है और मरीज के इलाज का अंतिम निर्णय प्रशिक्षित चिकित्सक ही करेंगे।

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर जोर

मंत्री ने बताया कि आभा (ABHA) के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। अस्पतालों को पेपरलेस बनाने और मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का लक्ष्य है।

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम के तहत राज्य के अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ा गया है। अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत हो चुकी है। इसे आगे सभी जिला अस्पतालों तक विस्तारित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। भविष्य में इन रिकॉर्ड का इस्तेमाल एआई आधारित स्वास्थ्य सहायता के लिए किया जा सकता है। हालांकि, एआई केवल संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में सहायता और सुझाव देगा तथा प्रिस्क्रिप्शन डॉक्टर ही लिखेंगे।

रिम्स-2 और मेडिकल शिक्षा पर भी जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिम्स-2 की परिकल्पना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने और एमबीबीएस व पीजी सीटों में वृद्धि का भी उल्लेख किया। मेडिकल यूनिवर्सिटी की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी काम किए जाने की बात कही।

मंत्री ने कहा कि आधुनिक डिजिटल हेल्थ सिस्टम, बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित मानव संसाधन के समन्वय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

दवा खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई

दवा खरीद से जुड़े सवाल पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अस्पतालों को दवाओं की खरीद के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। यदि दवा खरीद में किसी स्तर पर लापरवाही या आनाकानी की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकार वार्ता में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views
September 29, 2026 | 114 Views