सिल्ली-मुरी। मुरी-गोला मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क निर्माण में कथित अनियमितता के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए जाम के कारण मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने के कारण सड़क जल्द ही जर्जर हो गई। उनका कहना है कि गड्ढों के कारण कई बार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हुए हैं।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कई लोगों की जमीन और घर प्रभावित हुए, लेकिन संबंधित लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।जाम में फंसी स्कूल बसें और एंबुलेंससड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। इस दौरान स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “सीसीएल विद्या सारथी-2026” का शुभारंभ सीसीएल के लाल हॉस्टल, गांधीनगर, रांची में किया गया। इसी के साथ सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित सभी 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों पर भी इस पहल की शुरुआत हुई।
“सीसीएल विद्या सारथी-2026” के अंतर्गत 400 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक निःशुल्क JEE/NEET प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयगत प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, डिजिटल लर्निंग सपोर्ट, नियमित टेस्ट एवं मूल्यांकन तथा निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना और उनके सपनों को सही दिशा प्रदान करना है।
इस पहल के लिए सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों का चयन किया गया है। ये प्रशिक्षण केंद्र कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, राँची, अरगड़ा, हजारीबाग एवं पिपरवार में स्थित हैं।
राँची केंद्र में 60 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपने भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल श्री पंकज कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। श्री मिश्र ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वही श्री पंकज कुमार ने कहा कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री एस एस लाल,महाप्रबंधक (कल्याण)श्री संजय कुमार ठाकुर , National Computer Saksharta Mission (NCSM) के प्रतिनिधिगण तथा सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाडली के Faculty Members सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
National Computer Saksharta Mission (NCSM) के सहयोग से संचालित यह पहल सीसीएल के कमांड क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE/NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीएसआर प्रयास है। इसके माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास है।
सीसीएल अपने विभिन्न सीएसआर एवं शैक्षणिक पहलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी द्वारा विद्यार्थियों के करियर और प्रशिक्षण को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही विभिन्न योजनाएं न केवल विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए अवसरों का विस्तार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी सकारात्मक एवं गुणात्मक बदलाव की आधारशिला रख रही हैं।
रांची। मुकेश कुमार , पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटक मित्र राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्थानीय जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहयोगी है। पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य स्टेकहोल्डर्स भी अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मक सामग्री के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध अनुभवों को देश-दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। वे रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
*झारखंड पर्यटन के सहयोगियों का हुआ सम्मान*
समारोह के दौरान राज्य में पर्यटन को बेहतर अनुभव और व्यापक पहचान देने में योगदान कर रहे पर्यटक मित्रों, और अन्य स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुकेश कुमार ने कहा यह सम्मान उन सभी साझेदारों के योगदान को पहचान देने का प्रयास रहा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड को एक आकर्षक और यादगार पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
झारखंड पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में साझा प्रयास
पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का यह आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साझा संकल्प का प्रतीक बना है। पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र और अन्य स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता के माध्यम से राज्य में पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने तथा झारखंड के पर्यटन स्थलों की पहुंच व्यापक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रेम रंजन, प्रबंध निदेशक सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रांची। सेलिब्रेशन बैंक्विट हॉल में Kanke Talks द्वारा आयोजित “संवाद” कार्यक्रम में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को विशेष सम्मान मिला। इस अवसर पर RKDF University, Ranchi के Pro Vice Chancellor डॉ. अमित कुमार पांडेय को प्रतिष्ठित KankeTalks Samwad Samman 2026 से सम्मानित किया गया।
डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान उच्च शिक्षा के माध्यम से झारखंड के युवाओं को सशक्त बनाने, मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सकारात्मक पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच पर डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री महेश पोद्दार, पद्म श्री से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री बलबीर दत्त तथा पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध नागपुरी लोक कलाकार एवं गायक श्री मुकुंद नायक सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
“प्रतिभा को पहचान, सम्मान और अवसर देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी”
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा,
“राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर दिलाना केवल हमारा दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रतिभा को सही दिशा और उचित मंच मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। RKDF University, Ranchi विद्यार्थियों के हितों और उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, कौशल विकास, उचित मार्गदर्शन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“आज की प्रतिभा ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगी”
डॉ. पांडेय ने कहा,
“RKDF University, Ranchi का संकल्प है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके कौशल, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का भी समग्र विकास हो। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अपने सपनों को साकार करें और झारखंड के विकास तथा देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
उन्होंने आगे कहा,
“हमारा विश्वास है कि आज का प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगा। हमारा संकल्प है—झारखंड की प्रतिभा को अवसर देना, युवाओं को सक्षम बनाना और उनके सपनों को उड़ान देना। विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार, समाज, झारखंड और देश की प्रगति की शक्ति बनेगी। विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि और हमारी प्रतिबद्धता की सबसे सशक्त पहचान होगी।”
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा “संवाद”
Kanke Talks का “संवाद” कार्यक्रम शिक्षा, सामाजिक सरोकार, युवा सशक्तिकरण और झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, युवाओं के लिए बेहतर अवसरों के निर्माण तथा झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
रांची/साहिबगंज । रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से अगवा किए गए चार वर्षीय बच्चे को रांची पुलिस ने करीब दो दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्चे की बरामदगी साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र से हुई है। पुलिस अब पूरे अपहरण नेटवर्क और इसके पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की सुबह रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से चार वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। घटना के समय बच्चे की मां आसपास मौजूद नहीं थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले के उद्भेदन के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान के साथ-साथ मानवीय गुप्तचर तंत्र के माध्यम से लगातार सूचनाएं जुटाईं। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की।
धनबाद स्टेशन के पास से पहली गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर की रात मिले मुख्य सुराग के आधार पर धनबाद पुलिस के सहयोग से धनबाद रेलवे स्टेशन के आसपास छापेमारी की गई। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच में मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को बच्चे के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद रांची पुलिस की टीम ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अपहृत चार वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चे को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी
पुलिस ने बताया कि बरामद बच्चा सुरक्षित है। उसे उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे के अपहरण की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सघन अनुसंधान कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों की पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
बच्चे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में धनबाद पुलिस, जामताड़ा पुलिस और साहिबगंज पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पुलिस महानिरीक्षक, संथाल परगना के स्तर से भी अभियान में विशेष सहयोग उपलब्ध कराया गया।
रांची पुलिस के अनुसार, देर रात और विषम परिस्थितियों में भी विभिन्न जिलों की पुलिस इकाइयों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आवश्यक सहयोग दिया। अलग-अलग जिलों के बीच बेहतर समन्वय के कारण पुलिस को मामले में तेजी से सुराग मिले और अपहृत बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली।
रांची पुलिस ने अभियान में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।
रांची : JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित अंकित सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने कार्रवाई करते हुए तीन प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार (पिता—सीताराम प्रसाद), निवासी नंदुडीह, थाना सतगावां, जिला कोडरमा, संजय कुमार (पिता—मनोज साव), निवासी पिहरा, थाना गांवा, जिला गिरिडीह तथा रामाकृष्णा कुमार सिंह (पिता—अजय कुमार सिंह), निवासी कटारियाटांड़, थाना धनवार, जिला गिरिडीह शामिल हैं।
सीआईडी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने JSSC-CGL परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त किया था। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “नन्हा सा दिल” के अंतर्गत 300 सफल जन्मजात ह्रदय रोग (Congenital Heart Disease) सर्जरी पूरी होने के अवसर पर सीसीएल मुख्यालय स्थित स्पंदन सभागार में सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने लाभान्वित बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
सीसीएल, इस पहल के जरिए फरवरी 2027 तक कुल 500 बच्चों के जन्मजात ह्रदय रोग की सर्जरी करा उन्हें, नया जीवन देने का लक्ष्य है। ज्ञात हो कि सर्जरी के पूर्व झारखंड के विभिन्न जिलों में उपरोक्त रोग से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक उपचार, इसके उपरांत प्रभावित बच्चों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनके परिजनों के साथ भेजकर, उनका पूर्णत: निशुल्क इलाज कराना एवं सर्जरी के बाद होने वाले देखभाल का पूरा जिम्मा सीसीएल के द्वारा ही किया जाता है।
इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजनों ने सीसीएल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उन्होंने अपने बच्चों के जीवित रहने की उम्मीद तक छोड़ दी थी, लेकिन सीसीएल की “नन्हा सा दिल” पहल ने न केवल उनके बच्चों को नया जीवन दिया, बल्कि पूरे परिवार को भी उम्मीद और खुशी के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से उनके बच्चों को स्वस्थ जीवन की नई राह मिली है, जिसके लिए वे सीसीएल के सदैव आभारी रहेंगे।
इस अवसर पर सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह के साथ निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी तथा निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित रहे। सभी ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान 1 वर्ष से 11 वर्ष की आयु के पांच लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सफल उपचार और स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत के लिए “Gift of Life Certificates” प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि आज हमारे लिए यह सिर्फ 300 सर्जरी पूरी होने का दिवस नहीं है, बल्कि यह 300 नन्हे दिलों की धड़कनों में नई उम्मीद जुड़ने का दिन है। इन बच्चों की मुस्कान और उनके माता-पिता की आंखों में दिख रही खुशी हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। जब किसी बच्चे को स्वस्थ जीवन का अवसर मिलता है, तो उसके साथ पूरे परिवार के सपनों को भी एक नई जिंदगी मिलती है। पीड़ित बच्चों के माता-पिता की तारीफ करते हुए कहा कि सीसीएल अपने आप को भी इस पहल के संचालन के लिए सौभाग्यशाली मानता है।
सीसीएल अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत कर रहा है। कंपनी द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न CSR पहलों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। ‘नन्हा सा दिल’ इसी मानवीय सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
सिल्ली / मुरी। ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत आरपीएफ पोस्ट मुरी और फ्लाइंग टीम रांची ने संयुक्त जांच अभियान चलाकर मुरी रेलवे स्टेशन से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की। कार्रवाई 25 सितंबर को ट्रेन संख्या 18626 हटिया–पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस के मुरी स्टेशन पहुंचने के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक पर की गई।आरपीएफ के अनुसार, करीब 7:20 बजे जांच के दौरान तीन युवकों को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। पूछताछ एवं सामान की तलाशी में उनके पास से 750 मिलीलीटर की कुल 39 बोतल शराब बरामद हुई। इसमें सिग्नेचर प्रीमियर ग्रेन व्हिस्की की 31 बोतल तथा ब्लैक डॉग ब्लेंडेड स्कॉच व्हिस्की की आठ बोतल शामिल हैं।बरामद शराब की कुल मात्रा 29.25 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 49,220 रुपये है। पकड़े गए युवकों की पहचान फैजान आलम (22 वर्ष), गोलू कुमार (19 वर्ष) और नीतीश (19 वर्ष) के रूप में हुई।आरपीएफ के मुताबिक, तीनों के पास शराब ले जाने से संबंधित कोई वैध अनुमति या प्राधिकार नहीं था। पूछताछ में शराब को अधिक कीमत पर बिक्री के उद्देश्य से बिहार ले जाने की जानकारी सामने आई।कार्रवाई के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों व्यक्तियों और जब्त शराब को अग्रेतर कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग, रांची को सौंप दिया गया। कार्रवाई पोस्ट कमांडर संजीव कुमार के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में की गई।
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की 40वीं जोनल खान बचाव प्रतियोगिता-2026 का चार दिवसीय आयोजन शुक्रवार को सीसीएल मुख्यालय, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, खान सुरक्षा निदेशालय के उप-महानिदेशक (दक्षिण-पूर्व) डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद, उप-महानिदेशक (मध्य) मनीष चंद्र जायसवाल सहित कंपनी के निदेशकगण एवं अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय, सीसीएल, राजेंद्र नगर, रांची के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत के साथ नृत्य और नाटक की प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले निर्णायकगण तथा अधिकारियों का स्वागत महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) विनोद कुमार ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद ने सीसीएल की खान बचाव टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बचाव सेवाओं को और प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता-2026 के आयोजन को लेकर भी आवश्यक सुझाव दिए।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने प्रतिभागियों के समर्पण, मेहनत और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि खान बचाव कर्मियों का साहस, समर्पण और तत्परता खनन उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
बरका-सयाल टीम बनी ओवरऑल चैंपियन
प्रतियोगिता में बरका-सयाल क्षेत्र की टीम ने Overall Champion का खिताब हासिल किया। टीम ने Rescue & Recovery तथा Relay Race में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
वहीं आम्रपाली एवं चंद्रगुप्त क्षेत्र की टीम Overall में दूसरे स्थान पर रही। टीम ने Rescue & Recovery में तीसरा, जबकि First Aid Practical और Statutory में दूसरा स्थान हासिल किया।
अरगड़ा क्षेत्र की टीम Overall में तीसरे स्थान पर रही और उसने Online Theory Examination में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
व्यक्तिगत श्रेणी में भी प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन
व्यक्तिगत श्रेणी में आम्रपाली एवं चंद्रगुप्त टीम के नदीम रहमान आलम को Overall Best Captain तथा अरगड़ा टीम के सच्चिदानंद कुमार को Second Best Captain का पुरस्कार मिला।
इसी तरह कुजू टीम के हितेश झा को Best Member और बरका-सयाल टीम के मनीष कुमार सिंह को Second Best Member के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
चार दिवसीय प्रतियोगिता में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों की खान बचाव टीमों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक स्पर्धाओं में अपने कौशल, साहस, त्वरित निर्णय क्षमता, टीम भावना और बचाव कार्यों में दक्षता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने खान बचावकर्मियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समन्वित बचाव कार्यों की तैयारियों को भी मजबूत किया।
समापन समारोह में अधीक्षक, खान बचाव केंद्र, रामगढ़ अमरेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, निर्णायकगण, प्रतिभागियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी के साथ सीसीएल की 40वीं जोनल खान बचाव प्रतियोगिता-2026 का सफल समापन हुआ।
रांची। झारखंड पुलिस द्वारा गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी तथा उन्हें उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। CEIR पोर्टल के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
प्राप्त निर्देश के आलोक में आज दिनांक 25.09.2026 को राज्य के सभी जिलों में कुल 1,114 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराए गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने से आम नागरिकों के चेहरे पर खुशी एवं संतोष की मुस्कान देखने को मिली। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई में सहायता मिली है तथा झारखंड पुलिस के प्रति उनका विश्वास और भरोसा भी और मजबूत हुआ है।
जिला-वार विवरण
क्रमांकजिलामोबाइल फोन
1राँची47
2गुमला31
3लोहरदगा09
4खूँटी28
5सिमडेगा63
6जमशेदपुर22
7चाईबासा26
8सरायकेला103
9पलामू97
10गढ़वा38
11लातेहार20
12बोकारो60
13धनबाद22
14हजारीबाग39
15कोडरमा177
16गिरिडीह105
17चतरा14
18रामगढ़61
19दुमका15
20देवघर09
21जामताड़ा17
22गोड्डा21
23पाकुड़36
24साहेबगंज54
कुल1,114
CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की बरामदगी एवं उन्हें वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की पहल से आम नागरिकों को अपने गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन पुनः प्राप्त करने में काफी सहायता मिल रही है।
झारखंड पुलिस द्वारा इस अभियान को आगे भी प्रभावी रूप से जारी रखते हुए अधिक से अधिक गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्रवाई की जा रही है।