सिल्ली-मुरी। जमीन मापी के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने गुरुवार को सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।बताया गया कि बड़ा मुरी निवासी विद्याभूषण कोइरी की जमीन मुरी तुंगरी धार पहाड़ के सामने स्थित है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त जमीन वर्ष 1959 में बंदोबस्त हुई थी। वर्ष 2007 तक जमीन की मैनुअल रसीद कटती रही, जबकि वर्ष 2024 तक पंजी-2 में भी शिकायतकर्ता का नाम दर्ज बताया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि अंचल कार्यालय की ओर से बिना सूचना दिए बंदोबस्ती को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जमीन की मापी को लेकर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया। आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद करीब दो माह तक मामले में टालमटोल की जाती रही।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की मापी के एवज में अमीन द्वारा रिश्वत की मांग की गई।शिकायत में दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की कथित मांग का भी उल्लेख किया गया है। इससे परेशान होकर विद्याभूषण कोइरी ने रांची एसीबी से शिकायत की।शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निर्धारित रकम के साथ शिकायतकर्ता को अमीन के पास भेजा गया। टीम पहले से आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही अमीन ने कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात कही गई है।अमीन की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय परिसर में काफी देर तक एसीबी की कार्रवाई की चर्चा होती रही। वहीं जमीन संबंधी कार्यों से अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।गिरफ्तारी के बाद एसीबी आरोपी अमीन को रांची ले गई। मामले में पूछताछ और आगे की जांच जारी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब जमीन मापी से जुड़े पूरे मामले और कथित रिश्वत मांग के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।