रांची: झारखंड की सियासत में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। जहां गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और हटिया के चर्चित विधायक नवीन जायसवाल की अकूत संपत्ति और जमीन के खेल का कच्चा-चिट्ठा अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के टेबल पर पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता हिमांशु कुमार ने सीधे ACB के DG को हलफनामा और जमीन के दस्तावेज सौंपकर बम फोड़ा है - *घोषित दाम कुछ और, बाजार में कीमत कई गुना ज्यादा, पैसा आया कहां से?
बरियातू से बड़गाईं तक चौधरी जी की संपत्ति पर सवाल
शिकायत में आरोप है कि सांसद चौधरी ने रांची के पॉश इलाके बरियातू में जो मकान दिखाया है, उसका सरकारी कागज पर दाम कुछ लाख है, लेकिन बाजार में उसकी कीमत करोड़ों में है - लगभग 6 गुना का खेल!
इतना ही नहीं, बड़गाईं के खाता नंबर 112, प्लॉट 2592 और 1221 वाली जमीन किसके पैसे से खरीदी गई, कौन काबिज है? इसकी भी परतें खोलने की मांग की गई है।
नगड़ी की 25 एकड़ आदिवासी जमीन, जायसवाल के रिश्तेदारों के नाम?
दूसरी तरफ हटिया विधायक नवीन जायसवाल पर तो और भी सनसनीखेज आरोप है।
शिकायत के मुताबिक, नगड़ी के खाता नंबर 230 के प्लॉट 908A, B, C, D की कीमत कागज में कम और हकीकत में आसमान पर है।
सबसे बड़ा धमाका - *नगड़ी में 25 एकड़ से ज्यादा आदिवासी जमीन को CNT/SPT Act को ताक पर रखकर रिश्तेदारों के नाम कराने का आरोप!* क्या आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का नया फॉर्मूला निकला है? ACB से इसी की तह तक जाने की मांग हुई है।
सरकार भी हरकत में!
मामला सिर्फ शिकायत तक नहीं है। 22 जून 2026 को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने खुद इस मामले में दो अलग-अलग चिट्ठी अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह को भेजी है, जिसमें शपथ पत्र लगे होने का जिक्र है। मतलब साफ है - मामला अब सरकारी फाइलों में दौड़ रहा है।
अब सबकी निगाहें ACB पर टिकी हैं - क्या होगा अगला एक्शन? क्या होगी छापेमारी? क्या खुलेगा संपत्ति के काले-सफेद का हिसाब?