रांची। माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कुम्हार महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग झारखंड विधानसभा के समक्ष पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का जल्द से जल्द पुनर्गठन करने और कुम्हार समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से पहल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुम्हार समाज की पारंपरिक माटी कला और उससे जुड़े रोजगार को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए माटी कला बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन बोर्ड के पुनर्गठन में हो रही देरी से समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
कुम्हार महासभा के नेताओं ने कहा कि मिट्टी के बर्तन, दीये, मूर्तियां और अन्य माटी कला उत्पाद बनाने वाले कारीगरों के सामने आर्थिक और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। आधुनिक बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक कारीगरों को सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण, बाजार उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन, कुम्हार समाज के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, कारीगरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और माटी कला उत्पादों के लिए बाजार की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की।
मौके पर साहेबगंज जिला कुम्हार महासंघ के जिलाध्यक्ष पिंटू पंडित, जिला महामंत्री ओमप्रकाश पंडित, रामा पंडित,प्रकाश कुमार पंडित ने कहा प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश की और कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।