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चौकीदारी व्यवस्था बचाने को लेकर दफादार-चौकीदार पंचायत का विधानसभा के समक्ष धरना
August 10, 2026 | 633 Views
चौकीदारी व्यवस्था बचाने को लेकर दफादार-चौकीदार पंचायत का विधानसभा के समक्ष धरना

रांची, 10 अगस्त 2026। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने तथा नौ सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की ओर से सोमवार को झारखंड विधानसभा के सामने कूटे मैदान, रांची में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने की, जबकि संचालन रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने किया।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत ने सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने, 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति करने तथा सेवा विमुक्त एवं एवजी चौकीदारों को न्याय दिलाने के लिए झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में संशोधन करने की मांग की।

पंचायत की अन्य प्रमुख मांगों में चौकीदारी मैनुअल एवं राज्य सरकार के आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने, प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, वेतनादि के लिए पुनः आवंटन करने, सभी बकाया सहित वर्दी भत्ता का भुगतान करने, 31 जनवरी 1989 को सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की नियुक्ति करने, सरकारी उपस्थिति पंजी में साप्ताहिक उपस्थिति स्वयं दर्ज करने का अधिकार देने, साहिबगंज जिले में अनुकंपा के आधार पर जिला चयन समिति द्वारा चयनित चौकीदारों को तत्काल नियुक्ति पत्र देने तथा दफादार-चौकीदारों को कालबद्ध प्रोन्नति देने की मांग शामिल है।

धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने तथा 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति के लिए चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में आवश्यक संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्रांक 5020, दिनांक 11 सितंबर 2017 के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को चौकीदार-दफादारों से चौकीदारी मैनुअल तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कई जिलों में बैंक ड्यूटी, कैदी स्कॉट, रोड ड्यूटी एवं डाक ड्यूटी जैसे कार्य लिए जा रहे हैं।

कृष्ण दयाल सिंह ने विभागीय अपर मुख्य सचिव से मांग की कि वर्ष 2017 के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को पुनः स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी आदेश के बावजूद कई थानों में चौकीदार-दफादारों को उपस्थिति पंजी में स्वयं उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी जाती है और ड्यूटी करने के बाद भी उनकी उपस्थिति काट दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से चौकीदार-दफादारों के शोषण की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

धरना-प्रदर्शन का संचालन करते हुए रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने कहा कि झारखंड गठन के लगभग 36 वर्ष बाद भी चौकीदार-दफादारों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलना प्रशासनिक उदासीनता एवं लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सरकार से चौकीदार-दफादारों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से एतवा उरांव, राम किशुन गोप, शिबू पहाड़िया, सरयू यादव, मिथिलेश यादव, राजू कुमार, राम नारायण भोक्ता, भैया राम तुरी, कृष्ण महतो, सिकंदर यादव, परमेश्वर पासवान, धनराज प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में दफादार एवं चौकीदार शामिल हुए।

 


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