सोनाहातु । भकुवाडीह मोड़ में गुरुवार को वीर बुली महतो की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। कार्यक्रम में उनके वंशजों सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएँ और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। साथ ही स्थल पर स्थापित शिला पट्टिका के माध्यम से वीर बुली महतो के जीवन, संघर्ष और बलिदान का संक्षिप्त विवरण अंकित किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि वीर बुली महतो 1831 के कोल विद्रोह में अंग्रेजों के खिलाफ सक्रिय रूप से शामिल हुए थे। स्वतंत्रता संग्राम के प्रारंभिक चरण में उनके योगदान को आज भी गर्व के साथ याद किया जाता है। उनके साहस और संघर्ष से विचलित होकर अंग्रेज सरकार ने उन्हें 1834 में 'काला पानी' की कठोर सज़ा सुनाई थी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बुली महतो की प्रतिमा युवा पीढ़ी को अपनी विरासत, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनसे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।प्रतिमा अनावरण का यह आयोजन वीर बुली महतो के त्याग और देशप्रेम को याद करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।